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  • 11 months ago
Banphool is a 1971 Indian Hindi-language romance film, produced by Harish Upadyaya and C.D. Shah under the Filmlands banner and directed by Vijay Bhatt. Starring Jeetendra, Babita, Shatrughan Sinha and music composed by Laxmikant Pyarelal. It has a hit dance song "Aahein na bhar thandi thandi, garam garam chai pee le, zara meri chai pee le".
Transcript
00:00फिल्म बनफूल एक पुरानी लेकिन बहुत ही खुबसूरत हिंदी रोमांटिक फिल्म है जो नाइंसी इंसी इड में रिलीज हुई थी
00:07इसे हरीश उपातियाए और सीडी शाह ने बनाया था और निर्देशन किया था मशूर डायरेक्टर विजय भट ने
00:14इस फिल्म में उस दौर के लौक्ष्मी कांत प्यारेलाल ने तयार किया था और इसमें एक बहुत मशूर गाना था
00:28आयनमभर थंडी थंडी गरम गरम चरा मेरी चाय पी ले जो आज भी लोगों को याद है
00:34कहानी एक सादे और दिल को छू लेने वाले गाव की पिष्ट भूमी में चलती है
00:38जहां हरिया नाम का एक सीधा सादा नौजवान अपनी बूरी दादी के साथ रहता है
00:43उसका घर चाय के बागान के पास है
00:48वहीं वह काम करता है
00:49उसका काम है हाथियों की देखभाल करना और उन्हें चलाना
00:53उसे महावत कहा जाता है
00:55हरिया का सबसे अच्छा दोस्त भी एक इनसान नहीं बलकि उसका प्यारा हाथी राजा है
00:59हरिया और राजा की दोस्ती बहुत गहरी है
01:03दोनों एक दूसरे को समझते हैं
01:05साथ खाते हैं, साथ काम करते हैं और साथ ही समय बिताते हैं
01:09हरिया की जिन्दगी शांत और साधी है
01:11वही मांदार है
01:12मेहनती है और अपने काम से प्यार करता है
01:15उसकी दादी उसके लिए सब कुछ है
01:17वह चाहती है कि हरिया किसी अच्छी लड़की से शादी करे और घर बसाए
01:21एक दिन बागान के पास एक घुमंतूप स्टोली आती है
01:25उसी टोली में होती है गुलाबी
01:27एक सुन्दर, चंचल और दिलक्ष लड़की
01:30उसकी आँखों में मासूमियत है और दिल में सच्चाई
01:34हरिया जब पहली बार उसे देखता है तो उसकी की दुनिया ही बदल जाती है
01:38धीरे धीरे दोनों के बीच दोस्ती होती है
01:41और वह दोस्ती प्यार में बदल जाती है
01:43गुलाबी भी हरिया की सादगी और नेकदिल स्वभाव से प्रभावित होती है
01:48दोनों के बीच बहुत प्यारे पल गुजड़ते है
01:51हरिया उसे हाथी राजा से मिलवाता है
01:54उसे जंगल की सैर कराता है
01:56और दोनों एक साथ भविशे के सपने देखते है
01:58गुलाबी भी उसे कहती है कि एक दिन वह सिर्फ उसी की बनेगी
02:03लेकिन इस प्यार की कहानी में एक तीसरा व्यक्ति आ जाता है
02:06अजय अजय उस चायबागान के मालिक का बेटा है
02:10अमीर घर का, खमंडी और स्वार्थी
02:12अजय को जब गुलाबी दिखती है तो वह भी उसकी खूबसूरती पर मोईद हो जाता है
02:17पर उसका प्यार सच्चा नहीं होता
02:18वह बस उसे पाने की जिद करता है
02:21धीरे धीरे अजय को पता चलता है कि गुलाबी पहले से ही हरिया से प्यार करती है
02:27यही बात उसे बहुत खटकती है
02:29वह सोचता है कि कैसे एक गरीब मजदूर उसकी चाहत को छीन सकता है
02:34गुसे और अहिंकार में अजे एक शर्यंतर रचता है
02:37वह तै करता है कि किसी भी तरह से हरिया को रास्ते से हटा देगा
02:41एक दिन अजे गुलाबी का अपहरन करने की कोशिश करता है
02:45लेकिन जैसे ही हरिया को ये बात पता चलती है
02:48वह अपने हाथी राजा के साथ वहां पहुँच जाता है
02:50गुलाबी डर के मारे रोती है और अजे जबरदस्ती करने की कोशिश करता है
02:56तभी हरिया और अजय के बीच भैंकर जगरा शुरू हो जाता है
02:59राजा हाथी भी हरिया की मदद करने के लिए दौड पड़ता है
03:03वह अजय को रोकने की कोशिश करता है
03:05लेकिन अजय अपनी बंदूक निकाल लेता है
03:08गुलाबी चिलाती है
03:10हरिया उसे बचाने की कोशिश करता है
03:12और तभी गोली चलती है
03:14गोली हाथी राजा को लगती है
03:16राजा जमीन पर गिर जाता है
03:18और कुछ ही पलों में उसकी जान चली जाती है
03:21हरिया अपने प्यारे दोस्त को खो देता है
03:24उसके लिए ये किसी इनसान की मौत से कम नहीं था
03:28वह टूट जाता है
03:29उसकी आँखों में आंसू और दिल में सिर्फ एक आग रह जाती है
03:32बदला लेने की आग
03:33हरिया अब सिर्फ यही सोचता है
03:36कि वह अजय को उसकी कर्तूत की सजा देगा
03:38लेकिन जब वह गुसे में अजय के पीछे जाता है
03:42तब ही बीच में अजय का पिता आ जाता है
03:44वही बागान का मालिक
03:45वह हरिया को रोकता है और समझाने की कोशिश करता है
03:49अजय का पिता एक समझदार इनसान है
03:51उसे अपने बेटे के बुरे रास्ते पर जाने का इहसास होता है
03:55उसे लगता है कि उसने अपने बेटे को बहुत बिगार दिया है
03:58लेकिन अब सब कुछ बदल चुका होता है
04:01कहानी यहीं से एक और बड़ा मूड लेती है
04:04अजय का पिता एक दिन एक गुप्त सचाई जानता है
04:08एक ऐसा राज जो उसकी जिन्दगी को बदल देता है
04:11उसे पता चलता है कि अजय असल में उसका असली बेटा नहीं है
04:16यह सच उसके लिए एक बहुत बड़ा जटका होता है
04:20वह अपने पुराने पापों को सुधारने का फैसला करता है
04:23वह अपनी वसीयत बदलने का निर्ना लेता है
04:26ताकि उसके पैसे और जमीन किसी सही व्यक्ति को मिले
04:29नकी लाल ची अजय को
04:30लेकिन ये बात अजय को पता चल जाती है
04:33जब उसे समझ आता है कि उसका पिता उसकी विरासत चीनने वाला है
04:37तो उसका गुसा फूट पढ़ता है
04:40अब उसमें किसी इंसानियत की जलक नहीं बचती
04:43एक रात अजे अपने पिता के कमरे में बंदूक लेकर पहुचता है
04:46वाच चलाता है अगर तुमने अपनी वसीयत बदली तो मैं तुम्हें भी नहीं चोड़ूँगा
04:52उसके चेहरे पर पागलपन और लालत साफ चलकता है
04:55उसका मन अब पूरी तरह कालेपन में डूब चुका होता है
04:59वह अपने पिताप निशाना साथता है
05:01उस समय घर में डर का माहौल फैल जाता है
05:04गुलावी और हरिया भी वहां पहुँचते है
05:07अजे अब किसी को नहीं सुनता
05:08वह कहता है कि जो भी उसके रास्ते में आएगा उसे वह गोली से उड़ा देगा
05:12कहानी का अंत बहुत भावनात्मक और नाटकी होता है
05:17यहां से फिल्म दिखाती है कि लालच, अहिंकार और जूट कैसे इनसान की जिन्दगी को तबाह कर देते है
05:23हरिया जिसने हमेशा सच्चाई और प्यार का रास्ता चुना अंत में सही साबित होता है
05:28और अजय जो सब कुछ पाना चाहता था अंत में सब कुछ खो देता है
05:32अपने पिता का प्यार, अपनी इज़त और अपनी आत्मा की शांती
05:36फिल्म बनफूल में सिर्फ एक प्रेम कहानी नहीं है
05:40बलकि एक गहरा संदेश भी है
05:42सच्चा प्यार कभी हरता नहीं
05:44और अहिंकार हमेशा विनाश की ओर ले जाता है
05:47हरिया और गुलाबी का रिष्टा मासूम और सच्चा था
05:51वा गाव की मिट्टी जैसी खुश्बू वाला प्यार था
05:56वहीं अजय का प्यार सिर्फ लालच और स्वार्ट से भरा हुआ था
05:59फिल्म के अंत में जब सब सच्चाई सामने आती है
06:03तो दर्शक ये महसूस करते हैं कि इनसान ये कितना भी बड़ा क्यों न हो जाए
06:07अगर उसके दिल में इनसानियत नहीं है तो उसका अंत बुरा ही होता है
06:12फिल्म का संगीत और भावनाएं कहानी को और मजबूत बनाते हैं
06:16गरम गरम चाय पी ले जैसे गाने में भी उस दौर की सादगी चलकती है
06:21बनफूल एक ऐसी फिल्म है जो सच्चे प्रेम, बदले, पाप और क्षमा के बीच की कहानी बताती है
06:26यह हमें याद दिलाती है कि सादगी और नेक दिल इनसान ही अंत में जीते हैं
06:31हरिया की मासूमियत, गुलाबी की पवित्रता, राजा हाथी की दोस्ती और अजय की बुराई
06:36सब मिलकर इस फिल्म को एक भावनात्मक सफर बना देते हैं
06:40अंत में ये फिल्म दर्शको को यही सोचने पर मजबूर कर देती है
06:44पैसे और ताकत से इनसान बड़ा नहीं होता, दिल की अच्छाई से होता है

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