00:00फिल्म बनफूल एक पुरानी लेकिन बहुत ही खुबसूरत हिंदी रोमांटिक फिल्म है जो नाइंसी इंसी इड में रिलीज हुई थी
00:07इसे हरीश उपातियाए और सीडी शाह ने बनाया था और निर्देशन किया था मशूर डायरेक्टर विजय भट ने
00:14इस फिल्म में उस दौर के लौक्ष्मी कांत प्यारेलाल ने तयार किया था और इसमें एक बहुत मशूर गाना था
00:28आयनमभर थंडी थंडी गरम गरम चरा मेरी चाय पी ले जो आज भी लोगों को याद है
00:34कहानी एक सादे और दिल को छू लेने वाले गाव की पिष्ट भूमी में चलती है
00:38जहां हरिया नाम का एक सीधा सादा नौजवान अपनी बूरी दादी के साथ रहता है
00:43उसका घर चाय के बागान के पास है
00:48वहीं वह काम करता है
00:49उसका काम है हाथियों की देखभाल करना और उन्हें चलाना
00:53उसे महावत कहा जाता है
00:55हरिया का सबसे अच्छा दोस्त भी एक इनसान नहीं बलकि उसका प्यारा हाथी राजा है
00:59हरिया और राजा की दोस्ती बहुत गहरी है
01:03दोनों एक दूसरे को समझते हैं
01:05साथ खाते हैं, साथ काम करते हैं और साथ ही समय बिताते हैं
01:09हरिया की जिन्दगी शांत और साधी है
01:11वही मांदार है
01:12मेहनती है और अपने काम से प्यार करता है
01:15उसकी दादी उसके लिए सब कुछ है
01:17वह चाहती है कि हरिया किसी अच्छी लड़की से शादी करे और घर बसाए
01:21एक दिन बागान के पास एक घुमंतूप स्टोली आती है
01:25उसी टोली में होती है गुलाबी
01:27एक सुन्दर, चंचल और दिलक्ष लड़की
01:30उसकी आँखों में मासूमियत है और दिल में सच्चाई
01:34हरिया जब पहली बार उसे देखता है तो उसकी की दुनिया ही बदल जाती है
01:38धीरे धीरे दोनों के बीच दोस्ती होती है
01:41और वह दोस्ती प्यार में बदल जाती है
01:43गुलाबी भी हरिया की सादगी और नेकदिल स्वभाव से प्रभावित होती है
01:48दोनों के बीच बहुत प्यारे पल गुजड़ते है
01:51हरिया उसे हाथी राजा से मिलवाता है
01:54उसे जंगल की सैर कराता है
01:56और दोनों एक साथ भविशे के सपने देखते है
01:58गुलाबी भी उसे कहती है कि एक दिन वह सिर्फ उसी की बनेगी
02:03लेकिन इस प्यार की कहानी में एक तीसरा व्यक्ति आ जाता है
02:06अजय अजय उस चायबागान के मालिक का बेटा है
02:10अमीर घर का, खमंडी और स्वार्थी
02:12अजय को जब गुलाबी दिखती है तो वह भी उसकी खूबसूरती पर मोईद हो जाता है
02:17पर उसका प्यार सच्चा नहीं होता
02:18वह बस उसे पाने की जिद करता है
02:21धीरे धीरे अजय को पता चलता है कि गुलाबी पहले से ही हरिया से प्यार करती है
02:27यही बात उसे बहुत खटकती है
02:29वह सोचता है कि कैसे एक गरीब मजदूर उसकी चाहत को छीन सकता है
02:34गुसे और अहिंकार में अजे एक शर्यंतर रचता है
02:37वह तै करता है कि किसी भी तरह से हरिया को रास्ते से हटा देगा
02:41एक दिन अजे गुलाबी का अपहरन करने की कोशिश करता है
02:45लेकिन जैसे ही हरिया को ये बात पता चलती है
02:48वह अपने हाथी राजा के साथ वहां पहुँच जाता है
02:50गुलाबी डर के मारे रोती है और अजे जबरदस्ती करने की कोशिश करता है
02:56तभी हरिया और अजय के बीच भैंकर जगरा शुरू हो जाता है
02:59राजा हाथी भी हरिया की मदद करने के लिए दौड पड़ता है
03:03वह अजय को रोकने की कोशिश करता है
03:05लेकिन अजय अपनी बंदूक निकाल लेता है
03:08गुलाबी चिलाती है
03:10हरिया उसे बचाने की कोशिश करता है
03:12और तभी गोली चलती है
03:14गोली हाथी राजा को लगती है
03:16राजा जमीन पर गिर जाता है
03:18और कुछ ही पलों में उसकी जान चली जाती है
03:21हरिया अपने प्यारे दोस्त को खो देता है
03:24उसके लिए ये किसी इनसान की मौत से कम नहीं था
03:28वह टूट जाता है
03:29उसकी आँखों में आंसू और दिल में सिर्फ एक आग रह जाती है
03:32बदला लेने की आग
03:33हरिया अब सिर्फ यही सोचता है
03:36कि वह अजय को उसकी कर्तूत की सजा देगा
03:38लेकिन जब वह गुसे में अजय के पीछे जाता है
03:42तब ही बीच में अजय का पिता आ जाता है
03:44वही बागान का मालिक
03:45वह हरिया को रोकता है और समझाने की कोशिश करता है
03:49अजय का पिता एक समझदार इनसान है
03:51उसे अपने बेटे के बुरे रास्ते पर जाने का इहसास होता है
03:55उसे लगता है कि उसने अपने बेटे को बहुत बिगार दिया है
03:58लेकिन अब सब कुछ बदल चुका होता है
04:01कहानी यहीं से एक और बड़ा मूड लेती है
04:04अजय का पिता एक दिन एक गुप्त सचाई जानता है
04:08एक ऐसा राज जो उसकी जिन्दगी को बदल देता है
04:11उसे पता चलता है कि अजय असल में उसका असली बेटा नहीं है
04:16यह सच उसके लिए एक बहुत बड़ा जटका होता है
04:20वह अपने पुराने पापों को सुधारने का फैसला करता है
04:23वह अपनी वसीयत बदलने का निर्ना लेता है
04:26ताकि उसके पैसे और जमीन किसी सही व्यक्ति को मिले
04:29नकी लाल ची अजय को
04:30लेकिन ये बात अजय को पता चल जाती है
04:33जब उसे समझ आता है कि उसका पिता उसकी विरासत चीनने वाला है
04:37तो उसका गुसा फूट पढ़ता है
04:40अब उसमें किसी इंसानियत की जलक नहीं बचती
04:43एक रात अजे अपने पिता के कमरे में बंदूक लेकर पहुचता है
04:46वाच चलाता है अगर तुमने अपनी वसीयत बदली तो मैं तुम्हें भी नहीं चोड़ूँगा
04:52उसके चेहरे पर पागलपन और लालत साफ चलकता है
04:55उसका मन अब पूरी तरह कालेपन में डूब चुका होता है
04:59वह अपने पिताप निशाना साथता है
05:01उस समय घर में डर का माहौल फैल जाता है
05:04गुलावी और हरिया भी वहां पहुँचते है
05:07अजे अब किसी को नहीं सुनता
05:08वह कहता है कि जो भी उसके रास्ते में आएगा उसे वह गोली से उड़ा देगा
05:12कहानी का अंत बहुत भावनात्मक और नाटकी होता है
05:17यहां से फिल्म दिखाती है कि लालच, अहिंकार और जूट कैसे इनसान की जिन्दगी को तबाह कर देते है
05:23हरिया जिसने हमेशा सच्चाई और प्यार का रास्ता चुना अंत में सही साबित होता है
05:28और अजय जो सब कुछ पाना चाहता था अंत में सब कुछ खो देता है
05:32अपने पिता का प्यार, अपनी इज़त और अपनी आत्मा की शांती
05:36फिल्म बनफूल में सिर्फ एक प्रेम कहानी नहीं है
05:40बलकि एक गहरा संदेश भी है
05:42सच्चा प्यार कभी हरता नहीं
05:44और अहिंकार हमेशा विनाश की ओर ले जाता है
05:47हरिया और गुलाबी का रिष्टा मासूम और सच्चा था
05:51वा गाव की मिट्टी जैसी खुश्बू वाला प्यार था
05:56वहीं अजय का प्यार सिर्फ लालच और स्वार्ट से भरा हुआ था
05:59फिल्म के अंत में जब सब सच्चाई सामने आती है
06:03तो दर्शक ये महसूस करते हैं कि इनसान ये कितना भी बड़ा क्यों न हो जाए
06:07अगर उसके दिल में इनसानियत नहीं है तो उसका अंत बुरा ही होता है
06:12फिल्म का संगीत और भावनाएं कहानी को और मजबूत बनाते हैं
06:16गरम गरम चाय पी ले जैसे गाने में भी उस दौर की सादगी चलकती है
06:21बनफूल एक ऐसी फिल्म है जो सच्चे प्रेम, बदले, पाप और क्षमा के बीच की कहानी बताती है
06:26यह हमें याद दिलाती है कि सादगी और नेक दिल इनसान ही अंत में जीते हैं
06:31हरिया की मासूमियत, गुलाबी की पवित्रता, राजा हाथी की दोस्ती और अजय की बुराई
06:36सब मिलकर इस फिल्म को एक भावनात्मक सफर बना देते हैं
06:40अंत में ये फिल्म दर्शको को यही सोचने पर मजबूर कर देती है
06:44पैसे और ताकत से इनसान बड़ा नहीं होता, दिल की अच्छाई से होता है