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  • 11 months ago
Zameen Aasmaan is a 1984 Indian film directed by Bharat Rangachary and produced by Uday Narayan Singh and Subhash Gupta. The movie stars Shashi Kapoor, Raakhee, Rekha, Sanjay Dutt and Anita Raj.
Transcript
00:00फिल्म जमीन आस्मान साल नगनाएंज़ एसरीस फोर में रिलीज हुई एक हिंदी फिल्म है
00:09इसका निर्देशन भारत रंगाचारी ने किया था और इसे उदे नारायन सिना और सुभाश गुपता ने मिलकर बनाया था
00:16इस फिल्म में शशी कपूर राकी रेखा संज्य दत्त और अनीता राज जैसे मशहूर कलाकार है
00:22ये फिल्म एक ऐसे आदमी की भावनात्मक कहानी है जिसने अपनी पत्नी को खो दिया है
00:28लेकिन किस्मत उसे फिर से एक नई राह दिखाती है
00:31पर वही राह उसे एक ऐसे मोड पर भी ले जाती है
00:34जहां सच्चाई और धोके के बीच का फर्क समझना बहुत मुश्किल हो जाता है
00:39कहानी की शुरुआत होती है एक शान्त और साधारन से इनसान से
00:43जिसका किरदार शशी कपूर निभा रहे है
00:45वह एक इमानदार और महनती व्यक्ती है
00:48अपनी पत्नी से वह बहुत प्यार करता था
00:51लेकिन एक हादसे में पत्नी की मौत हो जाती है
00:54उसके बाद उसकी जिन्दगी जैसे ठहर जाती है
00:57वह अकिलेपन में जी रहा होता है
00:59उसकी आँखों में हमेशा एक दर्द और दिल में एक खालीपन रहता है
01:04दिन गुजरते जाते हैं और वह आदमी बस अपने काम और यादों में खोया रहता है
01:09लोग उसे कहते हैं कि जिन्दगी चलती रहती है लेकिन उसके लिए जिन्दगी रुक चुकी लगती है
01:14उसके घर में सन्नाटा है, दिल में उदासी है
01:17और हर चीज में उसे अपनी बीवी की याद आती है
01:21फिर अचानक उसकी किस्मत बदलने लगती है
01:23उसे बिजनेस में फाइदा होता है, कुछ पैसे मिलते हैं
01:27और जीवन में फिर से उजाला दिखने लगता है
01:29वह सोचता है कि शायद उपर वाला अब उसे थोड़ा सुकून देना चाहता है
01:34इसी बीच उसकी मुलाकात एक नई औरत से होती है
01:37जिसका किरदार रेखा ने निभाया है
01:39जब वह पहली बार उसे देखता है तो हैरान रह जाता है
01:44क्योंकि उस औरत का चेहरा उसकी मरी हुई पत्नी से बहुत मिलता जुलता होता है
01:49उसे यकीन नहीं होता कि ऐसा भी हो सकता है
01:51धीरे धीरे वह उस औरत के करीब आने लगता है
01:54रेखा का किरदार बहुत आकरशक और रहस्यमेय है
01:58वह बहुत मीठे शब में बात करती है
02:00उसकी मुसकान में एक जादू है
02:02और उसकी मौजूदगी से शशी कपूर की जीवन में फिर से रंग आने लगते है
02:07वह सोचने लगता है कि शायद किसमत ने उसे दूसरी बार मौका दिया है
02:11उसके दिल में फिर से प्यार की भावना जागने लगती है
02:14उसके दोस्त और परिवार भी खुश होते हैं कि अब वह फिर से मुस्कुरा रहा है
02:19कुछ समय बाद वह रेखा से शादी कर लेता है
02:22शादी के बाद उसके जीवन में सब कुछ अच्छा दिखने लगता है
02:27वह खुश है उसे लगता है कि अब वहा केला नहीं रहा
02:30पर जैसे जैसे समय गुजरता है कुछ अजीब बातें सामने लगती है
02:35रेखा का व्यवहार धीरे धीरे बदलने लगता है
02:37वह कभी बहुत प्यार से पेश आती है
02:39तो कभी अचानक बहुत थंडी और दूर सी लगने लगती है
02:43शशी कपूर को लगता है कि शायद वह भी अपनी पुरानी बीवी की याद में डूबा हुआ है
02:49इसलिए उसे नई बीवी के साथ तालमेल बैठाने में मुश्किल हो रही है
02:54लेकिन धीरे धीरे उसे महसूस होता है कि बात कुछ और है
02:58कुछ चीजे ऐसी होती है जो सामान्य नहीं लगती
03:01रेखा कुछ चिपा रही है
03:02कभी वा फोन पर धीरे-धीरे किसी से बात करती है
03:05कभी देर रात घर से बाहर जाती है
03:07जब शर्शी कपूर पूछता है तो वा बहाने बना देती है
03:12अब कहानी में एक सस्पेंस और डर का माहौल बनने लगता है
03:15दर्शक भी सोचने लगते हैं कि आखिर ये औरत कौन है
03:19क्या ये वाकी उसकी किस्मत का तोहफा है या एक चाल
03:23इसी बीच कहानी में एंट्री होती है संजदत और अनीता राज की
03:27संजदत एक जोशीले नौजवान का किरदार निभा रहे हैं जो सच की तलाश में है
03:32उसे इस घर की कुछ बातें अजीब लगती है
03:35वह जांच पर ताल शुरू करता है
03:38धीरे धीरे सच्चाए सामने आने लगती है कि रेखा का किरदार वैसा नहीं है जैसा दिखता है
03:43वह इस परिवार के करीब आने का एक मकसद लेकर आई है
03:47उसका किसी रहसे में व्यक्ती से रिष्टा है जो उसकी हर हरकत को कंट्रोल करता है
03:52वह आदमी चाहता है कि शशी कपूर की संपत्ती पर कबजा किया जाए
03:56रेखा को अपने काम में सफलता मिलती दिखती है
03:59लेकिन उसके अंदर कहीं एक संगर्ष भी शुरू होता है
04:17शशी कपूर को पता चलता है कि जिस औरत से वह प्यार कर रहा है
04:20वह उसकी पत्नी जैसी दिखने वाली एक ठग है
04:23उसके दिल पर गहरा आहात लगता है
04:25वह तूट जाता है
04:27लेकिन फिल्म यहीं खत्म नहीं होती
04:29क्योंकि आगे कहानी में एक मोड आता है
04:32रेखा का गे दिल बदल जाता है
04:34वह उस बुरे आदमी के खिलाफ खड़ी हो जाती है
04:37जिसने उसे इस धोके में फंसाया था
04:39वह मानती है उसने गलती की
04:41लेकिन अब वह सच्चाई के साथ खड़ी होना चाहती है
04:45अंत में एक बड़ा टकराव होता है
04:47जहां सच और जूट आमने सामने आते है
04:49शशी कपूर, रेखा और संजेदत मिलकर उस साज़िश को खत्म करते है
04:54एक संघर्ष और एमोशनल क्लाइमेक्स के बाद आखिरकार न्याय होता है
04:59रेखा अपने पापों का प्राइश चित करती है
05:02और मानती है कि सचा प्यार कभी धोके पर नहीं टिक सकता
05:05शशी कपूर उसे माफ कर देता है
05:08क्योंकि उसके दिल में अभी भी इंसानियत बाकी है
05:10वा कहता है कि जिन्दगी में हर कोई गलती करता है
05:13लेकि जो उसे सुधार ले वही असली इंसान है
05:16फिल्म का नाम जमीन आस्मान इसलिए रखा गया है
05:19क्योंकि यह कहानी दो अलग दुनियाओं की है
05:22एक सच्चाई और इंसानियत की दुनिया
05:25और दूसरी लालच और जूट की दुनिया
05:28एक तरफ जमीन की सच्चाई है
05:30दूसरी तर फासमान किसमने फिल्म के हर किरदार ने इसमेग हराई दी है
05:34शेशिकपूर का बहुत प्रभावशाली है
05:36उनकी आंखों में दर्द और साइड दोनों दिखाई देते हैं
05:39रेखान अपने किरदार में रहसी औरभाना का बेहतरीन मेला दिखाया है
05:42राकी का किरदार छोटा होने के बावजूद खानी को मजबूती देता है
05:46संजी ददत का जोशी रदाज और अनिता राज का सरलभिने फिल्म को संतुन देते हैं
05:50फिल्म में कुछ भावनात्म का गाने भी हैं जो दिल को चूजाते है
05:53एक गाना है जिसमें शेशिकपूर अपनी खोई बीवी को याद करता है
05:58उसकी आवाज मंदर्द और प्यार दोनों महसूस होते हैं
06:02यह गाना दर्शकों की आंखों में आनसूला देता है
06:05फिल्म के समवाद भी बहुत गरे हैं
06:08जैसे एक सीन में रेखा कि कभी कभी इनसान को खुद को खोना पड़ता है किसी और को पाने के लिए
06:13और शेशी कपूर जवाब देते हैं लेकिन अगर खुद ही खो जाए तो क्या बाकी रह जाता है
06:18ऐसे समवाद फिल्म को और गहराई देते है
06:21अंत में फिल्म एक संदेश छोड़ती है कि जिन्दगी में सचचाई और प्यार सबसे बड़ी ताकत है
06:26जूट और लालच चाहे जितना भी मजबूत क्यों न लगे आखिर में जीत हमेशा अच्छाई की ही होती है
06:33जमीन आस्मान एक ऐसी फिल्म है जो दर्शकों को सोचने पर मजबूर कर देती है
06:38यह सिर्फ एक ढोके और रहसी की कहानी नहीं है
06:41बलकि यह इनसानी भावनाओं, भरोसे और माफी की भी कहानी है
06:45ये फिल्म ये दिखाती है कि किस्मत कभी-कभी हमें वहीं वापस ले आती है
06:50जहां से हमने सब कुछ खोया था
06:52ताकि हमें ये सिखा सके कि जिन्दगी में प्यार और सचाई ही असली ताकत है
06:56अंत में दर्शक ये महसूस करते हैं कि इन्सान की असली पहचान उसके कामों से होती है
07:01नन की उसकी किस्मत से
07:03यही फिल्म का सचा संदेश है
07:05जमीन हो या आस्मान सचाई हर जगा एक जैसी रहती है

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