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  • 11 months ago
Rickshawala, is a 1973 Indian Hindi-language film starring Randhir Kapoor, Neetu Singh and Mala Sinha and directed by K. Shankar and Produced by R M Veerappan under his noted Sathya Movies banner. It was Neetu Singh's first film in lead role. It was remake of the 1971 Tamil film Rickshawkaran.
Transcript
00:00फिल्म रिक्षावाला साल नंटारद सेविट्टी में बनी एक बहुत ही प्यारी और भावनात्मक हिंदी फिल्म है
00:10इस फिल्म में मुकी भूमिकाओं में रंधीर कपूर, नीटू सिंह और माला सिनहा नजर आते हैं
00:16फिल्म के निर्देशक है कि शंकर और इसे आर्ड एम वीरपन ने अपने प्रसिद सच्चे मूवीज बैनर के तहद बनाया था
00:25इस फिल्म की एक खास बात ये भी है कि ये नीटू सिनह की पहली फिल्म थी जिसमें उन्होंने लीड एक्ट्रेस का रोल निभाया था
00:33ये फिल्म वैंडीन्स विंडी बर्ड में बनी तमिल फिल्म रिक्षा करन का हिंदी रीमेक है
00:38कहानी एक ऐसे नौजवान की है जो इमानदारी से अपनी जिन्दगी गुजारना चाहता है
00:43वह एक रिक्षा चलाने वाला साधारन आदमी है जिसके दिल में बहुत दया और इंसानियत है
00:49वह अमीर नहीं है लेकिन दिल से बहुत अमीर है वह मेहनत से कमाता है और किसी का दिल दुखाना उसे पसंद नहीं
00:56फिल्म की शुरुआत शहर की सरकों से होती है जहां लोग अपनी अपनी जिन्दगी में व्यस्त है
01:01इस भीड में एक सीधा साधा रिक्षा वाला है जो लोगों को एक जगा से दूसरी जगा ले जाता है
01:08दिन भर वह सूर्ज की गर्मी में पसीना बहाता है लेकिन उसके चेहरे पर हमेशा मुस्कान रहती है
01:15उसे अपने काम से प्यार है क्योंकि वह जानता है कि मेहनत से कमाई हुई रोटी ही सच्ची खुशी देती है
01:21एक दिन उसकी मुलाकात एक अमीर घर की लड़की से होती है जिसका नाम है नीतू
01:26वह सुन्दर है लेकिन बहुत घमंडी भी उसे लगता है कि पैसे से सब कुछ खड़ीदा जा सकता है
01:33शुरू में वह उस रिक्षावाले से बहुत रूखी तरह से पेश आती है
01:37लेकिन वक्त के साथ जब वह उसके दिल की सचाई को समझती है तो उसका नजरिया बदल जाता है
01:43धीरे धीरे दोनों के बीच एक रिश्टा बनने लगता है
01:47नीतु को अब एहसास होता है कि असली इंसानियत अमीरी या गरीबी में नहीं बलकि दिल की अच्छाई में होती है
01:53वह देखती है कि ये रिक्षावाला भले ही गरीब है लेकिन हर जरूरतमंद की मदद करता है
01:59अगर किसी बच्चे को भूक लगी हो तो वह अपना खाना भी उसे दे देता है
02:04अगर किसी बूडे को सरक पार करने में दिक्कत हो तो वह रिक्षा रोक कर उसकी मदद करता है
02:10फिल्म में कई ऐसे भावनात्मक पल है जो दर्शकों के दिल को चू जाते है
02:15एक सीन में दिखाया गया है कि जब रिक्षा वाले पर जूटा इलजाम लगाया जाता है तब भी वह सत्स बोलने से पीछे नहीं हटता
02:23वह कहता है कि गरीब का दिल साफ होता है लेकिन दुनिया हमेशा शक करती है
02:28ये डायलॉग बहुत गहरा असर छोड़ता है
02:31कहानी में माला सिनहा का किरदार भी बहुत आहम है
02:34वह एक समझदार और दियालू औरत है जो नायक की जिंदगी में मां जैसी भूमेका निभाती है
02:40वह उसे हमेशा सही रास्ते पर चलने की सलाह देती है और कहती है कि जिंदगी में चाहे कितनी भी मुसीबतें आएं
02:48मेहनत और सच्चाई कभी नहीं छोडनी चाहिए
02:51धीरे धीरे कहानी आगे बढ़ती है
02:53और नायक को कई कठे नायों का सामना करना पड़ता है
02:56कुछ लोग उसकी इमानदारी से जलने लगते हैं
02:59वे साज़िश करते हैं ताकि वा बदनाम हो जाए
03:02एक बार उसका रिक्षा चोड़ी का बताकर पुलिस पकड़ लेती है
03:05लेकिन बाद में सच्चाई सामने आती है कि असली चोड कोई और था
03:09तब सब को पता चलता है कि वा रिक्षावाला कितना नेक दिल और सच्चा इंसान है
03:14फिल्म में रोमांस, एस, इमोशन और सामाजिक संदेश सब कुछ है
03:20ये फिल्म ये दिखाती है कि समाज में गरीब को अक्सर नीचा दिखाया जाता है
03:24लेकिन असली इज़त इनसान के कर्मों से मिलती है, पैसों से नहीं
03:28नीटू का किरदार धीरे-धीरे एक अमीर लड़की से बदल कर एक देयालू और समझदार इनसान बन जाता है
03:34एक और सुन्दर पलता बाता है जब अनायक से कहती है कि तुम्हारा दिल सबसे अमीर है क्योंकि उसमें दूसरों के लिए जगा है
03:41ये डायलूग बहुत भावुक है और फिल्म की असली सोच को दिखाता है
03:47फिल्म के गाने भी बहुत मधुर है
03:49एक गाना है जिसमें रिक्षावाला अपनी जिन्दगी के दर्द और खुशी को गाता है
03:55वह गाता है कि चलता रहूं मैं राहो पे चाहे मंजल मिले ना मिले
03:59इस गाने के बोल बताते हैं कि जिन्दगी में हार नहीं माननी चाहिए
04:03फिल्म के अंत में जब सभी सच चायां सामने आती हैं
04:07तो जो लोग पहले उसे तुच समझते थे
04:10वही अब उसकी तारीफ करते हैं
04:13नीतू उसके प्यार को स्विकार करती है और दोनों का मिलन होता है
04:16अंत में ये दिखाया जाता है कि सच्चा प्यार और सची मेहनत कभी व्यर्थ नहीं जाती
04:22निर्देशक के शंकर ने इस फिल्म में बहुत ही सादगी से बड़े भावनात मकदिश्य दिखाया है
04:29उन्होंने दिखाया है कि समाज में हर आदमी का सम्मान होना चाहिए
04:33चाहिवा किसी भी पेशे में हो
04:35रंधीर कपूर ने अपने किरदार को बहुत खुबसूरती से निभाया है
04:39उनकी आँखों में मासूमित और चेहरे पर सच्चाई नजर आती है
04:43नीतू से ने भी अपनी पहली लीड रोल फिल्म में बहुत अच्छा भिना किया है
04:47उनकी भावनाएं और अभी व्यक्ति दर्शकों को जोड़ कर रखती है
04:51माला सिनहा का रोल भले ही सहायक है लेकिन उनकी उपस्थिती कहानी को मजबूती देती है
04:57फिल्म का संदेश बहुत साफ है
05:00जिन्दगी में अमीरी या गरीबी माइने नहीं रखती
05:04बलकि इनसान का दिल और कर्म ही असली पहचान है
05:08ये फिल्म दर्शकों को सिखाती है कि किसी को उसकी हालत से नहीं
05:12बलकि उसके स्वभाव और सच्चाई से पहचानना चाहिए
05:15अंत में जब फिल्म खत्म होती है
05:18तो दर्शक के मन में एक सुकून और प्रेरना दोनों रहती है
05:21हमें ऐसास होता है कि दुनिया में अगर हम सच्चाई और इनसानियत के रास्ते पर चले
05:26तो चाहे कितनी भी मुश्किलें आएं
05:29जीत हमेशा अच्चाई की ही होती है
05:31फिल्म रिक्षावाला अपने समय की उन फिल्मों में से है
05:35जो साधारन कहानियों में भी गहरी सीख छोड़ जाती है
05:38इस फिल्म की सादगी, भावनाएं और सच्चे किरदार आज भी लोगों के दिलों में जिन्दा है
05:43ये सिर्फ एक गरीब रिक्षावाले की कहानी नहीं
05:47बलकि हर उस इंसान की कहानी है जो मेहनत, इमानदारी और प्यार से अपनी जिन्दगी जीता है
05:53इस फिल्म ने नीतू सिना की करियर की शुरुआत को एक शानदार पहचान दी
05:58लोगों ने उनके और रंधीर कपूर की जोड़ी को बहुत पसंद किया
06:02इस तरह रिक्षावाला सिर्फ एक फिल्म नहीं
06:05बलकि इंसानियत, प्यार और सच्चाई का संदेश देने वाली सुन्दर कहानी है
06:10जो हर दर्शक के दिल में एक गर्माहट छोड़ जाती है
06:14ये फिल्म हमें याद दिलाती है कि दुनिया में अगर कुछ सबसे बड़ा है
06:18तो वह एक अच्छा दिल और सच्चे एराद है

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