00:00फिल्म Lord Kirzan की हविली एक हिंदी भाषा की डार्क कॉमेडी ब्लैक कॉमेडी फिल्म है, जिसे अंशुमान जान ने डायरेक्ट किया है।
00:07इस फिल्म का निर्मान गोल्डन रेशियो फिल्म्स, विपन अग्रिहौतरी और फिर्स्ट रे फिल्म्स ने मिल कर किया है।
00:14किया है इस फिल्म में मुक्की भूमिकाइम, अरजुन माथूर, रसिका दुगल और जोहार रह्मान निभाई हैं ये फिल्म पहली बार इंडियन फिल्म फेस्टिवल अफ मेलबर्न में दिखाई गई थी और सिनिमा घरों में डैक्टूबर दोथास गुस्तिफ को रिलीज ह�
00:44ये हविली दिखने में बहुत भव्य है लेकिन इसके अंदर एक अजीब सी खामोशी और रहस्य चिपा है इस हविली में चार लोग एक डिनर के लिए आते हैं ये चारों एक दूसरे को पहले से जानते हैं लेकिन उस रात जो कुछ होता है वहां उनकी जिन्दगी पूरी �
01:14एक साधारन डिनर है लेकिन असल में ये रात डर, रहस्य और सस्पेंट से भरी होती है उन चारों में से एक व्यक्ति है रोहित जब वह हवेली में पहुचता है तो वह बाकी लोगों को हैरान कर देने वाली बात बताता है वह कहता है कि उसकी कार के ट्रेंक में एक लाश है
01:44लेकिन धीरे धीरे सबको एहसास होने लगता है कि ये कोई मजाक नहीं है रोहित का चेहरा, उसकी आवाज और उसकी बातों का तरीका सब कुछ बताता है कि वह सच कहरा है अब सबके मन में डर बैट जाता है हवेली का हर कोना जैसे किसी रहस्य को छुपा रहा हो बाकी तीन
02:14नहीं, ये कोई मजाक नहीं है.
02:17अब माहौल पूरी तरह बदल जाता है.
02:20जो डिनर एक मज़ेदार शाम बनना था,
02:23वह अब डर और शक से भर जाता है.
02:25अब सवाल उठता है कि ये लाश कौन है?
02:27क्या रोहित ने किसी को मारा है?
02:29या वा किसी बड़ी साजश में फुसा हुआ है?
02:32ये सोचते सोचते सबके चेहरों पर डर और बेचैनी बढ़ने लगती है.
02:36धीरे धीरे सबके बीच तनाव बढ़ता है.
02:38हर कोई रोहित से सवाल पूछने लगता है.
02:41कोई कहता है तुम ऐसा कैसे कर सकते हो?
02:43कोई चिलाता है आफ हमें यहां से तुरंट निकलना चाहिए.
02:46लेकिन हविली के दरवाजे बंद है, बाहर तूफान चल रहा है, वे चारों हविली के अंदर रफस जाते हैं.
02:51अब राद धीरे धीरे और गहरी होती जाती है हविली में लगती हैं, बाहर से अजीब आवाजे आती हैं.
02:58हविली जैसे खुद कोई रह से बतानी कुशिश कर रही हो, अब चारों के मन में ररके साथ साथ एक शक भी पैदा होता है.
03:03उनने लगता है कि शायद इन में से कोई और विगत चिपा रहा है, रोहित चुपचाप बैठा रहता है.
03:09वह बताता है कि उसने गलती से किसी कुमारा है और अब नहीं जानता कि क्या करें.
03:12वह खाता है कि वह सिर्फ अफ सच्चाई, बताना चाहता थाता कि उसका बोजह हलका हो जाए, लेकिन बाकी लोग नहीं जानते कि उस पर भरोसा करें या नहीं.
03:21धीरे धीरे सच्चाई सामने आने लगती है कि यह खानी सिर्फ एकलाश की नहीं है.
03:26हर व्यक्ति के पास कोई न कोई राज चिपा है, कोई अपने पुराने पाप से भागरा है, कोई जूटी जिन्दगी जी रहा है, और कोई किसी से बदला लेना चाहता है.
03:35हविली इन सब रहसियों का गवाह बन जाती है.
03:38फिल्म का माहौल धीरे-धीरे डर और रहसि से भर जाता है.
03:41कहीं बिजली चली जाती है, कहीं अचानक दर्वाजा अपने आप बंध हो जाता है, और कहीं से किसी की चीक सुनाई देती है.
03:48यह सब देखकर दरशक भी सोच में पढ़ जाते हैं कि असली सच क्या है.
03:51चारों की बीच अब एक दूसरे परशक बढ़ने लगता है.
03:55वे सोचते हैं कि शायद रोहित के अलावा भी कोई जू.
03:58सबके मनमेंडर और गुसाभर गुसाभर जाता है.
04:01हवेली के अंदर का हरपल अब खतरे से भरा होता है.
04:03धीरे धीरे यहादिनर एक मनोवैजयानी खेल में बदल जाता है.
04:07हर वेक्ती अपने डर और सच्चाई से जूजरा है.
04:09कोई अपने अपराद को छिपाने की कोशिश करता.
04:11कोई अपने गुनाह का बोज सा नहीं पाता.
04:15फिल्म के बीच बीच में ऐसे पल आते हैं
04:17जहां दर्शक सोचते हैं कि अब सब कुछ खत्म हो गया.
04:20लेकिन तभी कुछ नया मोड आ जाता है.
04:23हविली के अंदर कई अंधेरे कोने हैं जहां सच्चाई धीरे धीरे उजागर होती है.
04:28आखिर में जब सच्चाई सामने आती है तो सब के चेहरों पर हैरानी चा जाती है.
04:32जो बात मजाकी तरह शुरू हुई थी वह अब एक गहरी और दर्दनाक हकीकत बन जाती है.
04:39यह रात उन चारों की जिन्दगी को हमेशा के लिए बदल देती है.
04:42यह फिल्म दिखाती है कि इनसान जब अपने अंदर के डर और गुना से भागने की कोशिश करता है तो वह और गहराई में डूप जाता है.
04:50यह सिर्फ एक डिनर की कहानी नहीं बलकि इनसान के मन की अंधेरी सच्चाई को दिखाती है.
04:55लॉर्ड कर्जन की हविली में रहसी, डर और काले हासी का अद्भुत मेल है.
05:03फिल्म ये भी दिखाती है कि किस तरह दिखने में सप्य लोग भी भीतर से कितने डरे हुए और स्वार्थी हो सकते हैं.
05:09हर किरदार के पास एक रहसे है और हविली उन सब रहसियों की गवाह बन जाती है.
05:16फिल्म के दिख ये दर्शक को लगातार सोचने पर मजबूर करते हैं कि असली अपरादी कौन है.
05:21और क्यास्टमेंग को इलाश है यह सब किसी बड़े खेल का हिस्सा है.
05:24हर सीन में सस्पेंस इतना बढ़ता है कि अंततक दर्शक सीच सेंजरे नहीं हटा पाते.
05:30अरजुन मातुर ने रोहित किरदार को बहुत गहराई से निभाया है.
05:32उनके चेहरे के भाव और समवादों से पता चलता है कि वह एक परेशान इंसान है जो अपने अंदर केडर से जूजर है.
05:39रसिका दुगल और जोहार जोहार हमानने भी अपने किरदारों को बखुबी निभाया है.
05:43फिल्म का निर्देशन बहुत ही प्रभावे से इस तरह बनाया है कि हर पलर हस्य और डर बना रहता है.
05:49हविली का वातावरन संगीत और कैमरा वर्क मिलकर फिल्म को और भी दिलचस्प बना देते हैं.
05:55आकिरी सीन में जब पूरी सच्चाई सामने आती है तो दरशक हैरान रह जाते हैं.
06:02जो शुरुआत में एक डार्क जोग था वही अंत में एक खतरनाक सच्चाई बन जाता है.
06:06ये फिल्म बताती है कि इनसान का डर, जूट और अपराद किस तरह उसकी जिन्दगी बरबाद कर सकता है.
06:12लॉर्ड कर्जन की हविली सिर्फ एक हॉरर या रहस्य नहीं, बलकि एक मनोवैजानिक कहानी है जो दिखाती है कि जब इनसान अपने जूट में उलज जाता है, तो सच्चाई उससे दर्दनाक तरीके से सामने लाती आती है.
06:24फिल्म का अंत ऐसा है जो दर्शकों को सोचने पर मजबूर कर देता है. हविली का सन्नाटा, अंधेरा और रहस्य ये सब मिलकर एक ऐसा अनुभव देते हैं जो डराने के साथ-साथ गहराई से सोचने पर मजबूर करता है.
06:38इसलिए लौर्ड करजन की हविली सिर्फ एक फिल्म नहीं, बलकि एक ऐसी कहानी है जो दिखाती है कि इनसान का असली डर बाहर नहीं, बलकि उसके अंदर छिपा होता है.
06:48ये डर, रहसी और अपराज से भरी कहानी दर्शकों के दिल और दिमाग में लंबे समय तक बस जाती है.