00:07पाकिस्तान में पानी का संकट लगातार गहराता जा रहा है।
00:40पाकिस्तान की समस्या सिर्फ सीमा पार से आने वाले पानी या सिंधू जल संधी से जुड़ी नहीं है।
01:00के सबसे अधिक पानी पर निर्भर क्रिशी देशों में से एक है। देश में उपलब्ध पानी का बड़ा हिस्सा सिंचाई
01:06में इस्तिमाल होता है।
01:07लेकिन पानी पहुचाने वाली नहरों और सिंचाई व्यवस्था में भारी मात्रा में पानी बरबाद होने की समस्या लंबे समय से
01:15बनी हुई है।
01:16पुरानी नहरे, रिसाव और आधुनिक सिंचाई तकनीकों का सीमित इस्तिमाल इस संकट को और गंभीर बनाते हैं। इसके अलावा पाकिस्तान
01:24में भूजल का भी बड़े पैमाने पर दोहन हुआ है।
01:28कई इलाकों में किसान और शहरी आबादी भूजल पर निर्भर है। लेकिन उसके इस्तिमाल और संग्रक्षन के लिए प्रभावी व्यवस्था
01:35कमजोर रही है। नतीजा ये है कि कई क्षेत्रों में भूजल स्तर लगातार नीचे जा रहा है।
01:41अब आते हैं बांधों पर। पाकिस्तान लंबे समय से बड़े बांधों को जल और उर्जा संकट का समाधान बताता रहा
01:48है। लेकिन बांधों का निर्मान सिर्फ इंजिनेरिंग का सवाल नहीं है। इसके साथ पैसा, जमीन, पर्यावरन, विस्थापन और राजियों के
01:56ब
02:09भीतर, पंजाब, सिंध, बलोचिस्तान और खैबर पखतून ख्वा के बीच भी तनाव के खबरे सामने आती रही है। सिंध लंबे
02:17समय से आरोप लगाता रहा है कि उसे उसके हिस्से का पानी परियाप्त मात्रा में नहीं मिलता। ऐसे में ये
02:23सवाल उठता है कि अगर पाक
02:37क्रिशी और उद्योग दोनों को पानी और बिजली की जरूरत होती है। जल विध्युत परियोजनाओं और सिंचाई के बीच संतुलन
02:44बनाना आसान नहीं है। आलोचकों का कहना है कि उर्जा जरूरतों, क्रिशी प्रात्मिकताओं और प्रांतिय हितों के बीच बेहतर ता
03:05कि छे नदियों के पानी के उप्योग को लेकर दोनों देशों के अधिकार और जिम्मेदारियां तै की गई थी। भारत
03:11को पूर्वी नदियों, रावी, ब्यास और सतलुज पर अधिक अधिकार मिले जबकि पश्चमी नदियां, सिंधु, जेलम और चिनाब मुख्य रू�
03:20पाकिस्तान के लिए निर्धारत की गई, हाला कि भारत को कुछ सीमित उप्योग की अनुमती भी है।
03:50पाकिस्तान में प्रतिव्यक्ती पानी की उपलब्धता भी दशकों में तेजी से कम हुई है। आबादी बढ़ने के साथ वही जल
03:57संसाधन अब ज्यादा लोगों की जरूरत पूरी कर रहे हैं। ऐसे में अगर जल संग्रक्षन, आधनिक सिंचाई और शहरी जल
04:04प्रबंध
04:17अपनी जगा है लेकिन पाकिस्तान की घरेलू नीतियां और जल प्रबंधन भी उतने ही महत्वपून है। शहबाज शरीफ सरकार के
04:24सामने चुनौती सिर्फ भारत के खिलाफ बयान देने की नहीं है बलकि अपने देश के अंदर पानी के इस्तिमाल और
04:30वित्रण को सुधार
04:31नेकी है। सैन्य नेत्रित्व और राजनीतिक सरकार अगर वास्तव में जल संकट को राष्ट्रिय सुरक्षा का मुद्दा मानते हैं तो
04:39उन्हें पानी की बरबादी रोकने, सिंचाई व्यवस्था आधुनिक बनाने, भू जल संग्रक्षन, बांधों और जलाशेयों की क्
04:46और प्रांतों के बीच भरोसा कायम करने पर ध्यान देना होगा। क्योंकि पानी, किसी भी देश की अर्थ व्यवस्था, क्रिशी
04:53और सामाजिक स्थिर्ता की बुन्याद है। पाकिस्तान अगर हर बून की कमी का दोश भारत पर डालता रहेगा, लेकिन अपनी
05:00जल व्यवस्
05:14का ठीकरा भारत के सिर फोड़ेगा।
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