पाकिस्तान, तुर्किये और सऊदी अरब के बीच हुए नए रक्षा समझौते ने भारत समेत पूरे क्षेत्र में नई चर्चा छेड़ दी है। क्या यह गठजोड़ भारत-पाकिस्तान तनाव की स्थिति में पाकिस्तान के लिए सुरक्षा कवच बन सकता है? क्या तुर्किये और सऊदी अरब वास्तव में पाकिस्तान के लिए भारत से टकराने को तैयार होंगे, या उनका समर्थन सिर्फ कूटनीतिक स्तर तक सीमित रहेगा? इस वीडियो में जानिए इस्लामिक NATO की चर्चा, मक्का डिफेंस पैक्ट, पाकिस्तान की रणनीति और भारत पर इसके संभावित असर की पूरी कहानी। साथ ही ईरान-अमेरिका संघर्ष और बदलते मध्य पूर्व के समीकरण को भी समझिए।
The rise of the Pakistan-Turkey-Saudi defence partnership has sparked a major debate over its possible impact on India and the wider region. Could the new security arrangement become a factor in a future India-Pakistan crisis? How much military and diplomatic support could Turkey and Saudi Arabia actually provide to Pakistan? In this video, we examine the Islamic NATO debate, the Mecca defence pact, Pakistan’s strategic position and the possible implications for India, Turkey, Saudi Arabia and the Middle East. We also look at the Iran-US conflict and changing regional alliances. What does this new power equation really mean? Watch the full analysis.
#IslamicNATO #Pakistan #India #Turkey #SaudiArabia #IndiaPakistan #MeccaPact #IranUSWar #MiddleEast #Geopolitics
~HT.410~PR.540~ED.104~GR.508~VG.HM~
The rise of the Pakistan-Turkey-Saudi defence partnership has sparked a major debate over its possible impact on India and the wider region. Could the new security arrangement become a factor in a future India-Pakistan crisis? How much military and diplomatic support could Turkey and Saudi Arabia actually provide to Pakistan? In this video, we examine the Islamic NATO debate, the Mecca defence pact, Pakistan’s strategic position and the possible implications for India, Turkey, Saudi Arabia and the Middle East. We also look at the Iran-US conflict and changing regional alliances. What does this new power equation really mean? Watch the full analysis.
#IslamicNATO #Pakistan #India #Turkey #SaudiArabia #IndiaPakistan #MeccaPact #IranUSWar #MiddleEast #Geopolitics
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00:01इस्लामिक नाटो एक मीडिया ड्रिवन नॉमन्क्लेचर है थिंकिंग ब्रेंज का यह ऑफिशल नहीं है अगर हमें इसी तरह का कोई
00:14नॉमन्क्लेचर यूज करना है तो हम इसको पर्सनली सुनी नाटो बोलना चाहेंगे
00:19क्योंकि इसमें all the three nations are majorly सुनी और शिया सुनी की का इतिहास है जो आपस में उनकी
00:29रिष्टे हैं गल्फ की अगर खास करके बात करें तो यह जग जाहिर है तो तो स्टार्टिंग पॉइंट से हम
00:34इसको सुनी नाटो बोलेंगे इसलामिक नाटो नहीं बोलेंगे
00:40यह बहुत दिनों से सुखबुगाट थी कि ऐसा कुछ हो रहा है कई महीनों से तो हम ही सुन रहे
00:45थे इससे क्या इंडिया को अलाम होना चाहिए वेबाफ not at all क्योंकि साओधिया के साथ पाकिस्तान के पहली last
00:54year October में एक पैक्ट हुआ पड़ा है defense agreement बोलते है उसको जिसमें य
01:04देशों पर हमला माना जाएगा और required defensive actions लिए जाएंगे यह ध्यान रहेगी a defensive pact है साओधिया तुर्किये
01:12और पाकिस्तान का यह जो पैक्ट है सुनी नाटो जिसको हम कहना चाहेंगे वो एक defensive pact है in case
01:18of an attack on any of these three nations यह तीनों नेशन के उपर हमला माना जाएगा और उसी के
01:24हिसा�
01:29application है नाटो का नाटो के article 5 में भी इसी तरह की व्यवस्ताएं है जो इन्होंने अपने तीनों देशों
01:35के बीच में व्यवस्ता कर रखी है टेक्निकल इशूस क्या क्या है मेजट अगर तुर्किये पर हमला होता है तो
01:43उसको नाटो पर हमला माना जाएगा या सुनी नाटो प
01:58पाकिस्तान लेंगे ये चीज़ें अभी इस दील के बाद भी clarify नहीं हो रही है दूसरा इस दील के इस
02:06पैक्ट के इस agreement के होने के बाद इरान समर्थक येमन बेस्ट होतीज ने साओधिया पे direct हमले किये हैं
02:18उनके assets पे उनके ports पे और उनके ships पे
02:21thereby attacking their business interest and revenue इसके बावजूद ना तुर्किये ना पाकिस्तान ने कोई आदिकारिक stand लिया है कि
02:31इसके defense में वो
02:33होतीज पे हमला करेंगे इरान पे हमला करेंगे या नहीं करेंगे हाँ चुप चाप कल पाकिस्तान का एक delegation तहरान
02:43चला गया और ये खबर है कि शायद उन्होंने इस बात के लिए
02:47अमेरिका से भी कोई clearance नहीं ली थी ये बोलके कि ये हमारा और इरान का bilateral मुद्दा है कुछ
02:53बाते डिसकस करनी है इसलिए ये विजिट किया जा रहा है इस पे American Congress के कुछ लोगों ने नाराजगी
03:00जाहित की कि पाकिस्तान अगर एक middleman का role play कर रहा है इरान के साथ संभी कराने
03:06में तो ये अपने तौर पे bilateral इरान से क्या बात कर रहे है इसका अधिकार है अमेरिका को जानने
03:12के लिए एक चीज़ जो हमारे लिए थोड़ा सा alert रहने की होगी इस pact के बाद वो ये है
03:19कि पहलगाम हमले के बाद भारत सरकार ने कुछ changes किये है in the understanding and definition of act of
03:29war.
03:29act of war conventionally युद्ध तभी declare किया जाता है जब armed activities होती है किसी भी देश की आपके
03:39international border को आपकी sovereignty को threat करते हुए तो ये conventional definition में पुरा युद्ध जो होता है सेनाओं
03:47के द्वारत किया जाता है लेकिन पहलगाम हमला जिसमें पाकिस्तान की regular army ने पार्ट नहीं लिया exactly कार्मिल की
03:53तर
03:59कराया उसके बाद भारत सरकार ने ये introduce किया है अपने definition of war में कि इस तरह के आतनकवादी
04:06हमले भले ही वो non state players के द्वारा किये जा रहा हो regular army पाकिस्तान की नहीं है फिर
04:13भी हम इसको act of war मानेंगे पाकिस्तान की खिला और हम इस war के act का माकूल जवाब देंगे
04:20मतलब armed response किया ज
04:24जिसको कि फिर पाकिस्तान ये बोल सकता है international forums में कि इंडिया ने हम पे हमला किया है और
04:31वो activate कर सकता है ये सुनी NATO को कि आप लोग साओधिया हमें पैसे दे तर्किया हमें F-16
04:37दे क्योंकि पाकिस्तान को जो F-16 अमारिका ने दे रखे हैं उनके साथ एक caveat लगा हुआ है कि
04:43वो
04:53इंडिया को बहुत ज़्यादा alarm होने की जरूत नहीं कि अभी ये pact शुरू होने से पहले ही खतम होने
04:58के चांसे था बहुत कोशिश की गए थी इसमें Syria को भी include करने के लिए लेकिन अभी तक तो
05:03ऐसा हुआ नहीं है और ये तीनों countries के पास अपने उपने challenges है अमेरिका का pressure है क
05:09साथिया और पाकिस्तान और तुर्किये ये Abraham Accord को sign करें अगर तुर्किये को F-35 चाहिए तो रशा से
05:18खड़ी दे गए S-400 को वापस करें deactivate करें disuse करें फिरी F-35 मिलेंगे क्योंकि इस पे इसराइल
05:26ने भी अपनी एक नाराज़गी जाहिए ती तो अमेरिका ने retract किया है ट
05:38तुर्किये को पास पैसे हैं और इनका बिजनेस इंट्रेस्ट अमेरिका के इन हाड़वेर्स को बेचने में लेकिन उनके यहां अपना
05:44एक पैक्ट है एक्ट है कॉंग्रिस का कि अगर किसी दुश्मन देश के हथियार किसी देश ने खरीद रखें तो
05:53उनको F-35 नहीं बे�
06:05कर दी थी विदिन 48 आज उसको भी विड्रॉ किया यह तभी हम बनाएंगे जब साओधी अरेबिया अबरहाम एक्ट को
06:14साइन करेगा तो एज आफ नौ यह लेटिस्ट जो डेवलप्मेंट है रिगार्डिंग सुन्नी नाटो जी वह बाद बलकुल डॉक्टर रिस्ताब
06:24जी
06:35अपने में ही कुछ अंतरदों हैं बहुत जादा कि जैसे की आहूती विद्रोही जब लगातार हमला कर रहे हैं साओधी
06:41एरब पर तो पाकिस्तान क्या बचाने आ रहा है कोई गड़बंधन के हिसाब से उससे जाना चाहिए और पुराना इतिहास
06:47भी देखें तो यमन पर ज
06:50देना बेजने से इंकार कर दिया था बकाइदा पाकिस्तानी संसद में उसको लेकर प्रस्ताओ भी लाया गया था इसके लावाँ
06:56तुर्किये को किससे खत्रा हो सकता है एक तो पहले से वो नेटों का सदस है दूसरी बात अमेरिका ने
07:02बहुत सारे खुद हत्यार वहां पर �
07:06वो खुद उसकी सहायता के लिए आएगा रही बात पाकिस्तान की तो पाकिस्तान तो खत्रों से जूजी रहा है क्या
07:13उसे आर्थिक मदद मिल सकते है इसी बहाने
07:17देखिए बहुत अच्छा अपने क्रेशन पूछा है वैवब जी सबसे पहले तो ये कोई एक कॉमन गोल या कॉमन ऑप्जेक्टिव
07:25जो मक्का कह लिजे एक और्ड बना है या मक्का त्रिगूट बना है इसका कोई ऐसा कॉमन ऑप्जेक्टिव तो है
07:34नहीं हर किसी के अपन
07:35अपने इंट्रेस्ट हैं तो कोई भी ऐसी संस्था खास कर के defense Deal जब बनता है जब उसमें कोई common
07:42strategy होती है या objective होता है तो जादा effective होता यहां तीनों के अपने अपने इंट्रेस्ट है और कई
07:49इंट्रेस्ट इनके जो हैं वो class कर रहे हैं For example Saudi Arab क्या वो India के against में आइगा
07:56बिलक�
08:05भी दिये तो सावुदी अरब नहीं आएगा तुर्किये भी हमारे से व्यापार बहुत करता है वो निश्ची तुरुप से पाकिस्तान
08:14को उसने सपोर्ट किया ओपरेशन सिंदूर में हजार से उपर ड्रोन्स दिये हैं टेकलोजी दिये हैं वो सारे इन्फरमेशन हैं
08:22लेकिन
08:23खुल के तुर्किये क्या इंडिया के अगेंस्ट में आएगा ऐसी संभावना नहीं है मुझे लगता है ये पाकिस्तान की गिरगिराहट
08:30एक तरह से कह लीजिए और उसके यहाँ जो अभी कटोड़ा लेके मैंनों पैसे मांगने की जो वहाँ एक तरह
08:37से कह लीजिए भुकम
08:52पिछले सेप्टेंबर में साओधी अरव के साथ पाकिस्तान ने किया हुआ था उस समय तो तुर्की नहीं आया और उसके
09:00बाद अभी 6-8 महीने इनको लग गए तुर्की को ऑन बोर्डिंग करने में जबकि जिप्ट जो मिसर है मिसर
09:07की बाचीत इनको उसी समय से चल रही थी
09:10लेकिन मिसर अभी तक नहीं आया है मिन्स उसके और जो अबजेक्टिव एक त्रीगुट के हैं वो मेल नहीं खाते
09:18इसलिए मिसर ने लास्ट मोमेंट में कह लिजिए इसमें जोईन करने से नकाड दिया
09:24दूसरी तरफ और भी जो गल्फ के या अरब के देश हैं इसको कुछ लोग अरब नाटो कहते हैं सुनी
09:31नाटो जैसा सहाई सर ने कहा मुझे तो लगता है ये कुछ भी नहीं है उसमें से ये अपने अपने
09:37इंट्रेस साधने की कोशिस है निश्चित रूप से पाकिस्तान �
09:41देखिए एक पॉपलस कंट्री है उसके पास पॉपलेशन है उसके पास सेना है धेर सारे पड़े हुए है ऐसे भी
09:48वो साउदी को अपनी सेना अभी उसने अपने सैनिक दिये है और उसके वज़ में अच्छे खासे वो पैसे ले
09:54रहा है तो वो भाड़े का टट्टू एक त
10:07सपोर्ट देने की स्थिति में है दूसरी तरफ तुर्की के पास टेकलोजी है तुर्की के पास और भी बहुत सारे
10:13ऐसे इनो सीप बिल्डिंग का उसका बहुत बड़ा है सैनिक उसके पास है और एक स्टेटिक लोकेशन है निश्ची तुरूप
10:20से लेकिन तुर्की को जरु
10:37कई ऐसे इतिहास में कई है पाकिस्तान और मिडिलिस्ट के देश कई ऐसे संस्थाएं संगठन डिफेंस को लेके बनी है
10:44जैसे सियटो है सेंटो है इस तरह के कई संस्था बने और बनके खतम भी हो गए कोई उसका हासिल
10:52वैसा नहीं हुआ तो मुझे इसमें बहुत ज्यादा
10:55वैसा नहीं दिखता है कि ये हैविनेश होगा लेकिन कहीं न कहीं राष्टपती ट्रंप की सहमती होगी क्योंकि उनकी बॉखलाहट
11:04छटपटाहट उनको एगजीट करना है यहां से तो ये वो हो सकता है कि बैलेंसिंग एक्ट की कोसिस करें कि
11:11ये संगठन बाबल मंदेव मे
11:14होतियों को बैलेंस करने की कोसिस करें जहां जबकि अमेरिका साइद हॉर्मूज में ज़्यादा फोकस कर पाए तो इस तरह
11:21के कुछ एजेंडा हो सकते हैं लेकिन मुझे लगता है बिना अमेरिका की सहमती के ये संगठन नहीं बना होगा
11:29बिल्कुल आपने बिल्कुल सही बात कही कि पहले से बहुत सारे संगठन बने थे और उनकी कोश्चे भी हुई थी
11:34लेकिन कुछ सफल नहीं हो सका
11:36सहाय सर बहुत सारे नाम है OIC पहले से ही इसलामी दुनिया का सबसे बड़ा संगठन है 17 मुलक उसके
11:42हिस्सा है
11:43अरब लीग है GCC है D8 है तमाम इसे संगठन पहले से बने हुए है लेकिन उनाम मात्र के संगठन
11:49है बैठक होती है सलाना बैठक होती है उसमें 2-3 बड़े बयान दे याते हैं बाकी कुछ खास इससे
11:55हासिल हो रहा है किसी देश को वो तो नहीं है क्या ये जो नया संगठन ब
12:13इस्लामिक देश जो है वो इसका हिस्सा बनना चाहते हैं धीरे धीरे और विस्तार लेगा और ये नेटों को भी
12:20पचार देगा ऐसा दावा कर रहे हैं वो लोग
12:25देखें वैब इस तरह के किसी भी दावे को एक परस्पेक्टिफ में देखना पड़ता है हमें मालूम है कि पिछले
12:35कई दश्चकों से पाकिस्तान जिसको मैं परसनली एक फेल्ड एकॉनमी और उसकी वज़े से फेल्ड नेशन मानता हूं जिस तरह
12:45का उनका डेट ट्रैप ह
12:46कि IMF से, World Bank से, America से, Saudiya से, UAE से लोन लेकर और previous existing loans को उसमेरी
12:54interest को pay करते हैं इसको debt trap होते हैं उसमें है ये nation अभी भी 10-10 billion के
12:59दो इन्होंने मांग रखे हैं Saudiya से, America से for various purposes कि हमें UAE के तीन billion डालर वापस
13:04करने पड़े तो पाकिस्तान आज से कुछ दश्कों पहले से एक उन्हो
13:12bomb का कि हम परमाणो bomb बनाएंगे और पूरे Islamic world को उसके cover देंगे काफी दिनों तक चला और
13:21उसके एक दो scientist को eliminate किया गया फिर उसमें international pressure बहा Islamic bomb did not go anywhere पाकिस्तान
13:28ने कुछ छोटे मोटे low potency bombs बना के रखे हूँ है nuclear की बात कर रहो इसी तरह जब
13:34ये phobia खतम हो गया तो इन्होंने
13:40एक गजबाय हिंद करके था कुछ न कुछ fantasy जिनकी रहती है इसमें कितना depth है उनके पत्रकार कितना इसमें
13:47deep research करते हैं कुछ ऐसी agencies जो इस तरह की topics पे fellowship देती हैं पाकिस्तानी scientists को पाकिस्तानी
13:56international affairs के experts को पाकिस्तानी media को इन मुद्दों को जिलाय रखने के लिए इस वज़े
14:10countries आ जाएंगे तो इनको यह अच्छे से पता है हमें पता है open source information है कि चार का
14:16plan था एक ने withdraw कर लिया तीन के हैं और उसके साथ ही साथ overlap कर दिया नाटो के
14:22साथ कि नाटो में भी वही articles हैं इन में भी वही articles हैं इसलिए मैंने अपने opening में बताया
14:27कि इसमें से कौन सा active करेगा तु
14:39यह कैसे हो decide करेंगे या दोनों को बोलेंगे सारे ही आ जाओ मतलब it's a very funny kind of
14:44a very shallow kind of understanding क्योंकि आपको clarification देना पड़ता है इस तरह के major steps अगर आप कोई
14:51लेते हैं तो जैसा कि अजिताब सर ने भी बोला कि यह personal interest, personal leadership crisis, it is as
15:00bad as that कि जनरल मुनीर को अपनी एक औकात बढ़ानी है, �
15:06अपना status stretcher बढ़ाना है international arena में तो उसके लिए वो maneuver करके यह दिखाना चारें कि जब हम
15:12Islamic countries के लिए हम एक alliance बना रहे हैं, अंदर ही अंदर उनको यह पता है कि यह alliance
15:17सिर्फ Israel focused है primarily और हो सकता है कि पाकिस्तान उसमें इंडिया को भी रखता हो कि ऐसे future
15:23developments में हमको साओधिया से प
15:36हो रहा है साओधिया और इरान के बीच की लड़ाई में और उसमें fail करता हो दिख रहा है और
15:40इसी लिए यह दोड़के इरान गया है कि कूटीज को रुकिए साओधिया पे नहीं मारें क्योंकि हमारा यह pact है
15:46और इससे और भी मतलब दो नावों पे चड़ने वाली बात है foreign policy
15:52analyst इसको एक minute में बता देंगे कि इसमें कोई ऐसी depth नहीं है mutual एक दूसरे का patting the
15:59back कर रहे है अपना structure बढ़ाना चाह रहे है और basically इसराइल को यह बताना चाह रहे हैं कि
16:05जी हम आपके खिलाफ इकठा होते जा रहे हैं क्योंकि इरान और GCC के बीच के conflict के बाद इसराइल
16:11का domination इस
16:16proxies की read टूटी हुई है military hardware में, military supply lines में, उनके economic support systems में इसलिए इनको
16:23ये डर लगा कि इसके बाद unilaterally इसराइल इन सारों को dominate ना कर दे तो इन्होंने उस panic में
16:29ये बनाया है साथ के साथ इंडिया को पाकिस्तान cover करना चाहेगा वो दशकों पुरानी बात है तो ये this
16:34is as far as ये
16:46तरफ से कुछ drones भेजे गए थे या कुछ और तक्निकी सहायता भी दी गई थी पाकिस्तान को, अगर मान
16:53लीजे भविश्च में हमारा पाकिस्तान के साथ कोई और योद्ध होता है, तो तुर्किये सहायता दे देगा, पिछली बार दिया
17:00था, इस बार भी दे देगा, साओ�
17:15चाहे पीस टाइम में या वार टाइम में, गल्फ कंट्री से ज़्यादा एक्सपैंड करके वेनेजुला और रश्या की तरफ नहीं
17:23ले गए, या सेल्फ डिपेंडेंसी नहीं बढ़ाई, चाहे वो E20 से बढ़े, E30 से बढ़े, अंडमा निकोबार में नए तेल्प
17:29के बं�
17:45हो दिया के हो या इरान के हो, उस वक्त इंडिया के प्रती उनका रुख क्या होगा, ये मैं किसी
17:52भी कॉमन सेंस वाले इंसान के विवेक पर छोड़ना चाहूँगा, लेकिन अगर तो ये कभी ऐसा डिसाइड होता है कि
18:00ये एक इसलाम वर्सेस भी रिस्ट का वार है, तो इस
18:15काफी दर्शकों को पता नहीं है, ये मालूम है कि तुर्किया इस नौन इसलामिक कंट्री, और फिर भी पी ओ
18:21के पर, पाकिस्तान अड्मिनिस्टर्ट कश्मीर पर, और इंडिया के कश्मीर पर, उनका जो स्टैंड रहा है, वो जग जाहिर है,
18:29बात बात पर, इंटरनेशनल
18:42होता है पाकिस्तान पर, तो इंटेलिजन्स शेरिंग से लेके कुछ टेक्निकल सपोर्ट इन दे मिसाल सिस्टम्स, कुछ रॉकेट सिस्टम्स में,
18:49कुछ आर्मर जो हमारे आमर्ड ब्रिगेड्स होते हैं, तो खानों में इसरेल थोड़े मोड़े हेल्प करता रहा है, तुर
19:07तुर्किये डेफिनेटली पाकिस्तान की तरफ होगा, साओधी अरेबिया कुछ वक्त के लिए चुप रह सकता है, लेकिन अगर ये स्केलेट
19:13होगा, तो अब दो पैक्ट्स जो साओधी ने पाकिस्तान से किये हैं, एक बाइलेटरल और एक ट्राइलेटरल तुर्किये के सा
19:21उसे वो बात दे होंगे पाकिस्तान की साथ खड़े होने के लिए, क्योंकि अब उन्होंने लिखित में ये साइन करके
19:28दिया है, कि पाकिस्तान पे हमला, साओधीया पे हमला माना जाएगा, तो ये एक बहुत मेजर नया डवलप्मेंट है, जहां
19:34तक किताबों का सवाल है, �
19:35लेकिन इससे क्या उस वोर पे कुछ ज़्यादा फर्क पड़ेगा, not really, क्योंकि आज की तारीक में भी हम पाकिस्तान
19:41को उतना मीजर मिलिटरी थ्रेट नहीं मानते हैं, जब आमने सामने की लड़ाई हो, लेकिन पाकिस्तान का ठीक इरान की
19:48तरह है, ठीक लेबनान की तरह है
19:51जब इस सामने लड़ाई नहीं करते हैं, पीट में चाकू मारना, प्रोक्सी को भीजना, आतंकवादियों को ट्रेन करना पाकिस्तान में,
19:57और फिर जारे के समय में इंडिया में उनको ले आना, यहां पे स्लीपर सेल्स डवलप करना, आई एस आई
20:02का बंगला देश और ने�
20:16इसे से मैनेज कर लेती है, लेकिन पागिस्तान इस नाट अट मेजर मिलिटरी थ्रेट पर इस लिए इस पैट का
20:22बहुत डिरेक्ट इंपैक्ट इंडिया के उपर नहीं होना चाहिए, दो वी नीड तो बी कौशेस अबोंट इट, जी वैबा, बलकुल,
20:29अगले सवाल के और �
20:30हम इसलामिक दुनिया की बात कर रहे हैं, अब जासर के पास लते हैं, सर, इसलामिक दुनिया क्या आपको 2020
20:37के बात से ही बटी हुई नहीं दिख रही है, जैसे अभी हम इरान युद्ध के दौरान ही देख रहे
20:42थे, इसराइल और यूई के बीच रिश्टों में कुछ ज़्
20:47प्रगारता आ रही है, बहरीन भी उसी खेमे में जाता हुआ दिख रहा है, अब इन तीन देशों ने मिलकर
20:52अपना एक अलग गड़बंधन मना लिया है, इरान के अपने मसलें हैं, वो यूद्ध से जूज रहा है, उसके अलग
20:59कई सारे गुट संगठन हैं, जो उसके हिस्स
21:17सबसे पहले तो मैं बता दूँ, इस त्रिगुट की ही बात करें, तो ये तीनों के इंट्रेस्ट नहीं मिलते हैं,
21:24ये तो हमने पहले डिस्कस किया, लेकिन इनके इंट्रेस्ट क्लैस भी होते हैं और इनके बहुत सारे आपस में प्रॉब्लम्स
21:31हैं, जैसे मैं बताऊं अग
21:47अधनान खाशोगी उसका नाम था, तो ये बहुत बड़ा एक मुद्दा उठा था और तुर्की की काफी उसमें, कह लिजिए,
21:54साउदी अरब से छिछाले दर भी होई थी, बहुत ज़्यादा तना हुआ था, तो एक जस्ट एक्जामपल में दे रहा
22:01हूं कि ऐसे से कई हैं क
22:04इनके आपस में, जो इनको जोडने से अलग करने में भी टाइम नहीं लगाएंगे, एक छोटी सी चिंगारी और इनके
22:12अपने इंट्रेस्ट दिख जाएंगे, क्योंकि तुर्की चाहता है कि यो यूरोपिय बने, यूरोप से जुड़े, और इसी लिए नेटो और
22:19उससे ज
22:34जाने की आदत है, तो इसको देने के ही बात होगी, इससे कुछ मिलेगा इन देशों को, ये पहले भी
22:40नहीं हुआ है, और अभी भी दिखरा है, लेटेस्ट एक्जामपल है कि ये त्रीगुट बनने से चीक 48 गंटे के
22:48अंदर, साओधी अरब के सबसे बड़े दुनिया के इ
23:04इकोनामी में, तो सोचिए इतने बड़े गैस ठीकाने पे हुतियों ने अटेक किया, जबरदस्ट अटेक किया, दूसरी तरफ हुतियों ने
23:12यमन में जो साओधी बैक्ट सरकार है, उसके एक बहुत बड़े पोर्ट पे जो इस्टेजिकली बहुत इंपॉर्टेंट है, अल
23:34साओधी में ओलरेडी डिपलॉइड है, क्या कर लिया पाकिस्तान ने, तो ये दिखाता है कि पाकिस्तान की भी अपनी सिमाएं
23:42हैं, और वो बहुत ज़्यादा खुल के ऐसा नहीं कर पाएगा, टैसीट शुपचाप सपोर्ट तो पहले भी तुर्की ने पाकिस्तान
23:50को दिय
23:50है, ओपरिशन सिंदूर में जैसा हमने डिसकस किया, साओधी भी गाहे बेगा है, पैसे से मदद करता रहता है, लेकिन
23:58वो जब पाकिस्तान हमेशा उनके पास कटोड़ा लेके जाएगा, तो कितना देंगे, जब खुद उन पे बनाएगी, दूसरी तरफ आपने
24:06जो भारत क
24:07बात की, तो आप समझ लिजिए, कि ये एक मुस्लिम देश कभी भी इकटे नहीं होंगे, भारत के साब अगेंस्ट
24:14में तो कभी नहीं होंगे, आज आप देख लिजे, इरान भी तो एक मुस्लिम देश है, क्या इरान के साथ
24:20एक भी, जो OIC कहते हैं, और्गनाइशन ओफ इस
24:37मुस्लिम देश एक दूसरे को सपोर्ट नहीं करते हैं, बात बनाई होती है, गजा में क्या हो गया, गजा में
24:43कितने लोग आ गए इसराइल के अगेंस्ट में लड़ने के लिए, मुस्लिम अगर एकता की बात की जाए, उम्मा की
24:49बात की जाए, तो कितने लोग आए वहां प
25:07पाँच देसों का एलाइंस की भी बात हो रही है
25:10हाला कि वो भी कंक्रीट नहीं है
25:12लेकिन संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता
25:14क्योंकि भारत का इजराइल के साथ तो रिलेशन है ही है
25:18इसके अलावा जो युनान है ग्रीस जिसको हम कहते हैं
25:22साइपरस वहाँ पे है उसको भारत ने आगे बढ़के सपोर्ट किया है
25:26तो ग्रीक कह लिजे साइपरस कह लिजे इसराइल कह लिजे और युएई
25:32युएई तो हमारा बहुत बड़ा पार्टनर है
25:34आज वहाँ देख लिजे 50 लाग के लगवग हमारे इंडियन सी युएई में है
25:38तो युएई और भारत ये 5 देशों का संगठन अगर बन जाए
25:42तो ये किसी पे भी भाड़ी होने के लिए काफी है
25:46लेकिन इस संभावना मुझे नहीं देखती
25:48मुझे लगता है ये ज़्यादा ऑप्टिक्स है दिखावा है पुस्चरिंग है
25:52इससे ज़्यादा कुछ नहीं हो सकता
25:54इरान के अगेंस्ट में जब ये कुछ नहीं कर पा रहे हैं
25:57और कुछ नहीं करेंगे
25:59तो आगे की क्या चुक्कियों की देखिए
26:01इरान इतना मजबूत है
26:02उसने अपने प्रॉक्सीज हर जगह बिठा रखे है
26:05चारो गिसाओं में
26:06उसके प्रॉक्सीज चाहे आप वो
26:08पलिस्टाइन की बात कीजिए यमन की बात कीजिए
26:11शिरिया की बात कीजिए इराग की बात कीजिए एक तरफ तो खुद वो बैठा हुआ है तो इरान इतना काबिल
26:17है और इतना उसके पास इतनी छमता है कि पाकिस्तान को कभी भी वो कंट्रोल कर सकता है और ध्यान
26:23रखिये कि पाकिस्तान का 900 किलोमीटर का बॉर्डर इरान से मिल
26:27अगर पाकिस्तान ने कुछ भी ऐसी की इनों हरकत तो इरान उसको छोड़ने वाला नहीं है और इसलिए पाकिस्तान के
26:36लिए मुझे लगता है आगे जाके कहीं गले की हड़ी न बन जाए
26:42मुझे लगता है तो सुद्थ्चै कीषि लाट यंटा यंडड़ की डासी ब dirिए सुभंडट यंटर साद्न आपकिस्तान न मुझे खूस्रासी
26:51जाल पाकिस्तानी डम्हार जड़ीघ कीऊ march श़पे chi数ता है
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