00:00अज सुबह पहली खबार आई मेरो बहुत करीब दोस्त नाना बाटे कर गोवा में
00:13उनको काटे कर रस्ठाया और वो बशनीब है उसी गोवा में उन्होंने अपने हाथ से मुझे बोजन करवाया था
00:22मेरे अच्य मित्र मैं उनका बहुत बड़ा फैन हम क्या बुरा देश उनका फैन रंगमंच मराठी रंगमंच नाटक नटसम्राट से
00:33लेके अंकुष उनक, मैं अंकुष से उनका फैन हुआ था
00:40प्रहार उन्होंने ड्रेट की, परिंदा की परफार्मंस कोई भूल नहीं सकता
00:48अंगिनत फिल्म है उनके, अंगिनत नाटक, मराठी सिनमा, हिंदी सिनमा
00:55इंसान बहुत कमाल थे, एक दोस्त थे, दुख में खड़े रहते थे
01:00फोन आता था, मुंबई के चकाशाओं में भी सादगी उन्होंने अपना देशी पन, अपना भारती था, अपनी संस्कृती संसकार को
01:08छोड़ा नहीं था
01:11पुना में से दूर एक फाम बना के वहां रहते थे, गोवा में बहुत सुन्दर घर था
01:18मराठी कल्चर, मराठा कल्चर को उन्होंने कैसे जिवित रखा था, अपने अंदर एक मराठा था, अपने अंदर महराष्ट्रा था, अपने
01:26अंदर एक कलाकार, एक नट, इसको नट कहते हैं, नट समराट थे
01:30आज हमने एक nut समराट खोया है
01:34ऐसा nut समराट जो कभी नहीं मिल सकता है
01:37ऐसा कलाकार जो अब कभी नाना पाटे कर नहीं हो सकता
01:42हिंदुस्तानी धर्दी पर, सिनमा की धर्दी पर, रंगमंच की धर्दी पर
01:47nut, एक बहुत बड़ा nut चला गया आज
01:53मेरी बहुत पसने चती हुई है
01:59महादेव उनको अपने श्री चर्णों में स्थान दे
02:01मलहार को ताकत दे जोंका
02:03उनके पुत्र मलहार से बहुत प्रेम करते था
02:06अपने बेटे से
02:07बहुत ज़्यादा प्रेम
02:08मलहार उनका मित्र था
02:09उनका सखा था
02:14शोकिंग
02:21नाना चले गया आप बोले थे तेरा गोरकपुर देखना है मेरे गोरवी
02:25पिछले मैंने तो बात हुई थी
02:28ब्हुपाल मैं कहीं करमी में स्चूटिंग कर रहे थे बोले थे हालत खराग清 मैं भौथ करमी एदर
02:38गोरकपुर आप आते आते रहे गया नाना
02:48पढ़ाम आपको
02:51महादेव उनको अपने श्री जड़नों में स्थान दे
02:54मलहार को ताकत देज उनके पुत्र मलहार से बहुत प्रेम करते थे अपने बेटे से
02:59बहुत ज़्यादा प्रेम मलहार उनका मित्र था उनका सखाधा