- 7 hours ago
Kya India 2036 tak ek global sporting superpower ban sakta hai?
Is Independence Day Special Interview mein hum baat kar rahe hain Mayank Srivastava, IPS, Deputy Director General, Sports Authority of India (SAI) ke saath — Khelo India, grassroots talent, Fit India, tribal & remote India ke athletes aur India ke Olympic future par.
Khaki se Khelo India tak ki unki extraordinary journey ke saath, conversation mein hum samajhne ki koshish karte hain ki India apne next generation champions ko kaise identify, train aur support kar raha hai.
Conversation mein:
Khelo India ka next big mission
Grassroots se Team India tak athlete pathway
India's Olympic 2036 ambition
Remote & tribal India mein hidden sporting talent
SPANDAN — Sport for Peace & Development
Traditional Indian sports ka future
Women in Sport & ASMITA
Coaches aur sports infrastructure
Technology & AI in talent identification
Fit India & Sundays on Cycle
India beyond cricket
Aur… India ko sporting superpower banane ke liye kya badalna hoga?
From grassroots to global podium — this is the story of India's next sporting leap.
Also Read
खेलो इंडिया नई पीढ़ी के भविष्य के लिए बेहद जरूरी, भारतीय हॉकी कोच ने दी प्रतिक्रिया :: https://hindi.oneindia.com/news/sports/more-sports/khelo-india-is-crucial-for-the-future-of-the-new-generation-says-indian-hockey-coach-1625789.html?ref=DMDesc
Khelo India बीच गेम्स से भारतीय खेलों को मिली नई उड़ान, PM मोदी ने खिलाड़ियों के लिए बताया टैलेंट का मंच :: https://hindi.oneindia.com/news/sports/more-sports/khelo-india-beach-games-have-expanded-horizon-of-indian-sports-pm-narendra-modi-1465098.html?ref=DMDesc
खेलो इंडिया जल खेल महोत्सव में भारत का लक्ष्य खुद को वैश्विक खेल महाशक्ति के रूप में स्थापित करना :: https://hindi.oneindia.com/news/sports/want-to-make-india-global-sporting-powerhouse-khelo-india-water-sports-festival-011-1367951.html?ref=DMDesc
~HT.408~VG.HM~
Is Independence Day Special Interview mein hum baat kar rahe hain Mayank Srivastava, IPS, Deputy Director General, Sports Authority of India (SAI) ke saath — Khelo India, grassroots talent, Fit India, tribal & remote India ke athletes aur India ke Olympic future par.
Khaki se Khelo India tak ki unki extraordinary journey ke saath, conversation mein hum samajhne ki koshish karte hain ki India apne next generation champions ko kaise identify, train aur support kar raha hai.
Conversation mein:
Khelo India ka next big mission
Grassroots se Team India tak athlete pathway
India's Olympic 2036 ambition
Remote & tribal India mein hidden sporting talent
SPANDAN — Sport for Peace & Development
Traditional Indian sports ka future
Women in Sport & ASMITA
Coaches aur sports infrastructure
Technology & AI in talent identification
Fit India & Sundays on Cycle
India beyond cricket
Aur… India ko sporting superpower banane ke liye kya badalna hoga?
From grassroots to global podium — this is the story of India's next sporting leap.
Also Read
खेलो इंडिया नई पीढ़ी के भविष्य के लिए बेहद जरूरी, भारतीय हॉकी कोच ने दी प्रतिक्रिया :: https://hindi.oneindia.com/news/sports/more-sports/khelo-india-is-crucial-for-the-future-of-the-new-generation-says-indian-hockey-coach-1625789.html?ref=DMDesc
Khelo India बीच गेम्स से भारतीय खेलों को मिली नई उड़ान, PM मोदी ने खिलाड़ियों के लिए बताया टैलेंट का मंच :: https://hindi.oneindia.com/news/sports/more-sports/khelo-india-beach-games-have-expanded-horizon-of-indian-sports-pm-narendra-modi-1465098.html?ref=DMDesc
खेलो इंडिया जल खेल महोत्सव में भारत का लक्ष्य खुद को वैश्विक खेल महाशक्ति के रूप में स्थापित करना :: https://hindi.oneindia.com/news/sports/want-to-make-india-global-sporting-powerhouse-khelo-india-water-sports-festival-011-1367951.html?ref=DMDesc
~HT.408~VG.HM~
Category
🗞
NewsTranscript
00:05भारत के करीब 750-780 डिस्ट्रिक्ट है, अब सारी जगों पे खेलो इलिया सेंटर है, तीन सो के करीब खेलो
00:12इलिया अक्रेटिटेड अकेडमी से, प्राइवेट अकेडमी, गोपी चंज जैसे लोगों की अंजू बबी जॉर्ज, पी टी उसा जैसे लोगों की
00:19नीरत चोपला,
00:20मनुभाकर जैसे लोगें सब इसमें टॉप्स जैसे स्कीम का भी मदद लिये, तो हर डिस्ट्रिक्ट में एक खेलो इंडिया सेंटर
00:27होगा, खेलाडी के पास एक जगह है जहां जा सकता है, खेल सकता है, और ट्रेनिंग ले सकता है, नया
00:34वाला जो खेलो इंडिया भी भारत स
00:35सकते हैं, इसको तो हम खेल जगत की करांती से कम कुछ नहीं समझ सकते हैं, आठ गुना ज्यादा बजट
00:42सपोर्ट है, ना अपार्ट फॉम दैट, तेंट टाइम्स मौर खेलो इंडिया अथलीट बना सकते हैं, यानि उनको पूरा सपोर्ट रहेगा,
00:49उनको एक पैसा भी नह
00:50खर्च करना होगा, भारत सरकार उनका सारा खर्च उठाएगी, साई के जो नैशनल सेंटर ऑफ एक्सलेंस है, NCOE, STC, नए
00:58वाले स्कीम में कोचेस के लिए एक प्रावधान है, कोच को हम न सिर्फ ट्रेन करेंगे, नए कोचेस बनाएंगे, कोचेस
01:04को हायर करनी की स्कीम र�
01:20तुद्धानमंत्री जी ने भारत सरकार का यही एक धेह था इसमें, कि हम Fit India एक मुहीम शुरू करें, कांदोलन
01:27शुरू करें, और लोगों को फिटनिस एक्टिविटी की ओर इंस्पायर करें, मन्नी डॉक्र मंसुक मंटविया जी की प्रेरना से की
01:34साइकलिंग एक्टिवि�
01:50प्रेंग का ही है, एन IPS officer, fitness enthusiast, two-time gallantry medal awardee, और अब mission है, इंडिया के
01:57next generation of champions को ready करना, मैंग sir, welcome to One India, thank you very much, I am really
02:03honoured, sir, policy पर बात करने से पहले, let's talk about your fitness, आपका daily routine क्या रहता है, और
02:09डिसिप्लीन आपको administrative decision लेने में कैसे help करता है, well daily routine मेरा मेरे उपर dependent नहीं है, मतलब
02:16वो depend करता है
02:17कि मेरा आज का schedule कैसा है, कितना काम है, मुझे ये भी पता है कि कम से कम मुझे
02:22सोने में भी थोड़ा सा आप वो रहना चाहिए, particular रहना चाहिए कि एक particular number of hours की sleep
02:30तो होनी चाहिए, nevertheless, whenever I get an opportunity, I certainly go to gym and fitness की दो जाधा गंटा
02:39रोज तो लही लेता हूँ अगर समय कम है तो भी
02:41IPS officer से sports administrator तक uniform में गुजारे सालों ने आज के administrator मयंग श्रिवास्तफ को कैसे shape किया
02:49है
02:49UPSC से qualify होने के बाद जब अपनी academy में जाते हैं तो हम लोग को leadership की एक training
02:56होती है, of course, leadership involves plenty of things, so you must know की ground level पर करना क्या होता
03:02है, कैसे करना होता है, सबसे बड़ी चीज है decision making, तो आप trained है decision making के लिए, और
03:11आप आपने निर्ले नेने होते हैं, तेज निर्ले नेने होते हैं, पुली
03:19ऐसे इलाकों में policing किया हूँ, जहां पर एक second में आपको निर्ले निर्ले होता है, कि गोली खानी है
03:28या गोली चलानी है, तो धीरे धीरे आपको बहुत सारे अनभा हो जाते हैं, निर्ले कैसे लिया जाता है, किन
03:34चीजों का ध्यान रखा जाता है, opportunity cost क्या है, और साथ ही साथ
03:39जब हमें हम लोग का जिस तरह का काम है, तो बहुत सारे ऐसे circumstances से दोचार होना पड़ता है,
03:47जहां पर हम लोगों को लगता है कि इस वाले case में बहुत sensitive मसले होते हैं, तो क्या ऐसा
03:54किया जाए कि ये out of hand ना जाए, और हम हर परिस्थिति को नियंतरित कर सकें, ये बहुत help
04:02करत
04:05हैं, तो आप उसमें fit हो सकते हैं. सबसे challenging assignment कौन सा रहा और सबसे satisfying कौन सा रहा
04:12आपके लिए?
04:16आपकोर्स जो बाहर से देख रहा है, उसके लिए लगेगा कि नक्सल एरिया बहुत challenging रही होगी, क्योंकि निश्यतरूप से
04:22उसमें जान ना सिर्क मेरी involved थी, बलकि और लोगों के भी involved रहती है, और आपके निर्ड़ेयों पर बहुत
04:29कुछ निर्भर करता है, और साथी साथ
04:32ये भी रहता है कि एक ऐसी रूटीन, एक ऐसी एक्टिविटी में आपको इंगेज रहना पड़ता है, जो कि बहुत
04:39टफ होती है, गेरिला वार्फेर था वो, और गेरिला वार्फेर दुनिया के सबसे कठेन लड़ाई है, आपने सुना होगा कि
04:46वियतनाम, वियतनाम जैसा �
04:48शोटू सा देश, उसने अमेरिका बहुत ज्यादा उसका पसीना बहा दिया था, और सही बाइने में बोलें, तो अमेरिका वो
04:56लड़ाई हार गया था वियतनाम की, और गेरिला वार्फेर ऐसी लड़ाई है, जो बहुत मुश्किल होती है, उसको जज़ करना,
05:02उसमें एक ये
05:16तफ है, आप अगर देखें कि हम कहां से शुरुआत कर रहे हैं, जो स्पोर्टिंग, हमारा कल्चर भारत का, हमारे
05:23पास बहुत सारी जिम्मदारिया है, भारत में एक खेल, संस्कृति का निर्वान करना, वो सबसे बड़ा चैलेंज है, अभी भी
05:31मध्यमवर्गी लोगों को
05:33ये लगता है कि शायद खेल में करियर नहीं है, बहुत सारे लोगों को लगता है, यार उदर मज जाओ,
05:38क्योंकि करियर नहीं है, पढ़ लोगे, एक अच्छा करियर बनेगा, तो हम लोगों के पास वो निर्मान करना वो बहुत
05:46बड़ा एक पुरा एक कहने कि परसिप्शन म
06:02और भारत जिनके सहारे खेल महाशक्ती बनने का सुपन देख रहा है, वो चीज जो है करने में हमें बहुत
06:09मेहनत करनी पड़ती है, तो चैलेंजिंग ये भी है, नॉर्मल ला एन ओर भी बहुत चैलेंजिंग होता है, आपने बहुत
06:15बहुत सुना होगा कि छोटी-छोटी च
06:31है कि वो स्नोबाल न करें, वो बहुत बड़ा न बन जाए, तो मतब हर चीज का अपना एक चैलेंज
06:39है, और ये कहना है कि हर चीज का अपना एक मजा है,
06:41सर, चतिसगड के नकसल अफेक्टेड ट्राइबल एरियास में काम करते हुए आपने यूद को बहुत क्लोजली देखा है, उनके एस्पिरेशन
06:49और फ्रस्टेशन को लेकर आपने क्या सीखा?
06:51मुझे नहीं लगता कि उनके एस्पिरेशन और फ्रस्टेशन हमसे बहुत ज्यादा अलग है,
06:58CPI मावेस्ट आपने सुना होगा, Communist Party of India मावेस्ट, तो ये आधी पलिटिकल है, आधी मिलिटरी है, और शुरुवात
07:05में ये 90% मिलिटरी होती है, 10% पलिटिकल होती है,
07:09और साथी साथ इस 90% मिलिटरी और 10% पलिटिकल के साथ एक प्रोपगेंडा एक्टिविटी चलते रहती है, जो
07:19कि सबसे ज्यादा होती है, मतलब उसका अलगी एक कहने कि उसकी अलगी एक रिजीम है, उसका अलगी एक तरीका
07:26है, तो वो इन सबसे जब पूरी उस जगह की ज
07:39यह कुछ और चीज है, यह वो चीज नहीं है जो यह लोग क्लेम करते हैं, जिसका दावाय करते हैं,
07:44बिल्कुल वो नहीं है, तो वहाँ पर जो यूद था ना, उसकी सबसे बड़ी जो यर्निंग थी कहलें, सबसे बड़ी
07:52इच्छा थी, वो थी शान थी, कि वो कैसे मिलेग
07:55यार हम क्यों मजबूर हैं कि हम मावादी आते हैं और हमें हमारे साथ प्रपगेंडा करते हैं, हमें मजबूर करते
08:04हैं, maximum recruitment उनके forced recruitment है, कोई अपनी मर्जी से नहीं जाता, अब वो system उन्होंने ऐसा बना लिया
08:11था गाउंस्तर पे, उनका व्यक्ति हर जगाए, एक एक गाउं
08:19से शहर आया है, मैं पर एक्जामपल नरायनपूर में था, अगर कोई गहां का व्यक्ति शहर आया है, तो नकसलियों
08:27के पासे खबर रहती थी कि ये शहर गया है, अगर वो 24 घंटे के अंदर नहीं लोटा, तो उसके
08:32साथ एक तथा कथित जन अदालत होती थी, जिसमें जन त
08:49वो सब सबस्ट नहीं होगा, तो एक व्यक्ति आया था, उसकी जो वाइप है वो बिमार पड़ गई, तो उसको
08:57हॉस्पिटल में रहना पड़ गया, जब वो वापस गया गाउं में, तो उसमें जो गाउं का जो नकसलियों व्यक्ति था,
09:04अपने बहुत लोगों को उसने ख�
09:17मुखिर है, अगर पुलीस को उनके मुवमिंट पता चलते रहेंगे, तो वो जल्दी खत्म हो जाएंगे, तो इसलिए वो बहुत
09:22उसका हिसाब किता बहुत रखते हो, बहुत दर्दनाक मोत देते हैं, तथाकतित मुखिर का, ये अलग बात है कि आज
09:29तक उन्होंने जितनों
09:30मुखिर, so-called मुखिर मारे होंगे, उनमें से शायद ही कोई actual मुखिर रहा हो, nevertheless, तो उसको गाउं से
09:38निकाल दिये, कि तू देर से आया, तेरे उपर शक है, तू यहां नहीं रह सकता, तो अब उस यूथ
09:44का यहां पर परिप्रेक्ष में देखो, इस background में देखो, तो उसका �
09:50यह था कि यार, शांती कैसे मिलेगी, हम कैसे गाउं में रह सकते हैं, नक्सली हमें जो बरदस्ती भरती करते
09:55हैं, उनके हिसाब से चलना पड़ता है, तो वो क्या करता था, वो बाहर चला जाता था, वो तमिनाडू चला
10:02जाता था, करनाटक चला जाता था, तेलंगाना, वह
10:04काम करता था और फिर खेती के टाइम में वापस आता था बरसात होती ते उसमें ज्यादा कुछ वह नहीं
10:11होती थी नक्सली भी ट्रेइनिंग करते थे उसमें पर करके फिर चला जाता था तो वहां पर उनके सबसे बड़ी
10:17आकांशा थी कि शांती कैसे मिले और हम प्रोग्रेस क
10:40तो वहां पर सबसे बड़ा उनको एक सुरक्षा का भाव देना और उस सुरक्षा के साथ पैदा होता था उनको
10:49विकास की मुख्य धारा में ले आना तो वह कारे हम लोगों ने करने का प्रयास किया काफी हद तक
10:56सफल रहे अब तो आप जानती है निग्रे मंत्री जी ने जिस �
11:02पुलीस ने जिस तरह से इसमें कारे किया आज चेटिसगड़ से हम कह सकते हैं कि ने इसलिए खत्म हो
11:10चुका है
11:10सरब बात करते हैं खेलो इंडिया की खेलो इंडिया का नया इनिशेटिव सपंधन पोर्ट पॉर पीस और डेवलोपमेंट इसके जबरुद
11:17क्यों पड़ी और इसका लार्जर विजिन क्या है देखिए सबसे पहले तो यह लगा भारत सरकार को कि सभी जगह
11:24पे खेलों का को
11:25अबिए एक एस्रिटूशन सपॉर्ट नहीं एस्रिटूशन सपॉर्ट नहीं है तो खेलो इंडिया सेंटर केलो इंडिया स्टेट सेंटर एक्सलेंश इसकी योजना
11:35उन्होंने इसमें डालीमर कंसे कम एक से कमसे कर अँआ यहदिविर होगा आप
11:53अब सारी जगहें पे खेलोडिया सेंटर है खेलाडी के पास एक जगह है जहां जा सकता है खेल सकता और
11:59ट्रेंग ले सकता है दूसरा सुर्द उन्होंने हैं कि उसका पैसा दे दिया हमने कि समानुमान खरीद लिए बस उनोंने
12:08उनको पता था कि
12:10कोच के समस्य है पुरे देश में तो कोच कैसे आएंगे इतने सेंटर होंगे तो तो जो पुराने खिलाडी है
12:17वो उनको हम पास्ट चैंपियन एथलीट बोले उनको हम ऑन बोर्ड करें एज़ कोच और उनको उनका पैसा भारत सरकार
12:26देगी तो हर जगा इस्टिटूशनल सपो
12:44सब्सक्राइब को सारी चीजों का पैसा भारत सरकार देगी हर राजी को बोला गया कि आप एक खेलो इंडिया सेंटर
12:51स्टेट सेंटर पर एक्सिलेंस बना लो तो यह एक इस्टिटूशनल सपोर्ट का सिस्टम उन्होंने खड़ा किया अब यहां सा जो
12:58खेल रहे हैं उनको �
13:00कि ऐसा प्लाटफॉर्म चाहिए जहां वो अपनी प्रतभा को निखार सके जहां वो अपनी खेल के जो स्किल है उसको
13:08होन कर सके तो खेलो इंडिया गेम्स का वो शुरू हुआ हम पहले खेलो इंडिया पैरा युनिवर्सिटी यूथ और विंटर
13:17गेमी चार गेम कराते थे ह
13:19दॉट्र मंसुक मांडविया जी की प्रेणा से अब हम 11 तरक खेल कराते हैं डॉक्टर मंसुक मांडविया की यह उजना
13:27थी कि खेलों को हम सिर्फ करा रहे हैं लेकिन वहां से निकाल करके हम ऐसी मार्जिनलाइज कम्यूनिटी को हम
13:36समुधायों की ओर ले जाये जिनको अब �
13:38तक ऐसे उसर नहीं प्राप्त होते हैं हम ऐसे भागोलिक शेत्रों में ले जाएं जहां पर खेल नहीं पहुच पा
13:45रहा था एक का और ली ढंग से एक
13:50इंटरनेशनल लेवल का जो एक खेल आयोजन है वैसा नहीं पहुंच पा रहा था तो हमने इंस्टिटूशनल सपोर्ट दिया उनको
13:57कॉंपटिशन सपोर्ट दिया यहां पर खेलाड़ी खेलते हैं उनकी प्रतिभान करती है
14:01कंपेटिटिव स्किल बढ़ती है अब यह होता है कि इन में से कुछ ऐसे खेलाड़ी होंगे जो आगे जा सकते
14:07हैं तो खेलो इंडिया टैलेंट इंटिफिकेशन डिवेलपमेंट था जहां से टैलेंट इंटिफिकेशन डिवेलपमेंट कमिटी थी इन इलाकों में जाती थी
14:16�
14:16खेलों में जाती थी, वहां से प्रतिभाष्षाली खिलाडियों का चायन करती थी,
14:20और उनको खेलों इंडिया एथलीट बनाती थी,
14:22खेलों इंडिया एथलीट को भारत सरकार 10,000 रुपय प्रती ध�ाह का एक तरसे चाटरबित्रे कहले,
14:29या खेल उड़ती कहले वो देती थी और जहां पे भी वह प्रैक्टिस करते थे वहां के लिए उसको
14:35competition support, nutrition support उसके लिए पैसा उस institution को देती थी इसी sense में उनको ये भी लगा कि
14:43हम सारा हम लोग तो करनी पाएंगे
14:45जो private sector के लोग हैं को भी support करना चाहिए तो खेलो इंडिया accredited academy शुरू की गई
14:50300 के करीब खेलो इंडिया accredited academies है, private academy, गोपी चन जैसे लोगों की, अन्जू बबी जॉर्ज, पी टी
14:57उसा जैसे लोगों की
14:58तो इन लोगों की academies को अगर यहाँ पे खेलो इंडिया अध्ली प्रैक्टिस करते हैं तो उनको support देंगे
15:04अब ये खिलाडी जो बन गए हैं तो वो elite level पे आगे जाएंगे तो tops जैसे scheme थी भारत
15:11सरकार के पास
15:12जो एक तरह से जो भी मांगेगा खिराडी वो मिल जाता है नीरत चोपड़ा, मनुभाकर जैसे लोगे सब इसमें tops
15:19जैसे scheme का भी मदद लिए
15:21तो ये 360 degree support आप में देखा कि starting from the grassroot level उनको पूरा elite level तक पहुँचाने
15:28का और हर चीच का ध्यान रखने की scheme थी
15:30अब इसी में जो हमने बात कही कि आपको ऐसे भागोलिक शेत्रों में ले जाते हैं जहां पर खेल बहुत
15:36ही नियमित रूप से और ये बहुत ही संतुलित रूप से और ये बहुत ही संगठित रूप से नहीं पहुँचा
15:44है
15:44तो स्पंदन का एक उसमें स्कीम में थी, इसको हम कह सकते हैं कि एक वर्टिकल था, इंक्लूजिविटी का, तो
15:54इंक्लूजिविटी में बॉर्डर एरियास को चैन किया गया, हम लोग जानते हैं कि बॉर्डर एरियास में बहुत सारी चीजें नहीं
16:00पहुंच पाती हैं, भारत
16:01के जो सीमान्त प्रदेश हैं सीमान्त क्षेत्र हैं ये एक विशेष स्कीम थी कि हम वहां के लिए हम
16:08competition support दे सकते हैं तो हम उसकी funding करते हैं CAPF जो हैं Central
16:13Armed Police Force वो लोग इसके लिए ready भी हैं और उन लोगों ने बहुत सारे
16:17खेलों का आयोजन भी किया हम उनके बहुत ताभारी हैं और साथी साथ अभी भारत सरकार के एक
16:23scheme है जिसको हम लोग vibrant village कहते हैं तो वही सीमान्त भारत के जो
16:28international border है वहां से जो पिछले गाओं का chain करके उनको vibrant
16:31villages बनाया गया है वहां पर हम खेल का आयोजन कर रहे हैं तो जनता न सिर्क खेल करके
16:38constructive गतिविदियों में लिप्त हो रही है बल्कि वहां से प्रतिभाव का एक कहने की chain होने की
16:44संभावना भी बन रही है साथी साथ इस पंदन ऐसे इलाकों में भी support कर सकता है जहां
16:50पर अभी थोड़े से कानून की समस्या है थोड़ा आतंगवाद की समस्या है तो अगर मावदी आतंगवाद
16:58से जूज रहे शेत्र हैं वहां पर भी हम ऐसे आयोजन कर सकते हैं और जनता को एक मौका दे
17:04सकते हैं कि वह
17:06टेंशन वाले महौल से निकरके थोड़े रोमांच वाले महौल में रिमोट इंडिया में कोई future
17:12olympic champion हो सकता है जिसके पास ना coach है ना academy स्पंदन उस talent को कैसे identify और कैसे
17:19support करेगा नया वाला जो खेलो इंडिया भी भारत सरकार ने
17:22स्विकरत किया है इसको तो हम खेल जगत की क्रांती से कम कुछ नहीं समझ सकते बिकॉस आठ गुना ज्यादा
17:29budget support है
17:30eight times now apart from that 10 times more खेलो इंडिया अथलीट बना सकते हैं पहले जो आपको खेलो इंडिया
17:38अथलीट मैंने बताया था जिनको सरकार वजीफा देती है
17:41वो 3000 के संख्यादी maximum अब हम 30,000 खेलो इंडिया अथलीट बना सकते हैं यानि उनको पूरा support रहेगा
17:49उनको एक रती एक पैसा भी नहीं खर्च करना होगा भारत सरकार उनका सारा वो खर्च उठाएगी साही के जो
17:56national center of excellence
17:58NCOE, STC, अभी तो नए वाले scheme में आप देखेंगी कि हर जिले पर हमने खेलो इसेंटर की बात की
18:05थी ना district level sports school भी बनाएंगे ताकि residential school रहे बच्चे खेल भी सके और पढ़ भी सके
18:13और उनहीं में से प्रदवाशाली खिलाडियों का चेहन होगा भारत सरकार उनको पैसा दे�
18:21कोच रहेगा उनको आगे प्रिशिक्षर देने के लिए तो अब ये पूरा जो खेलों का ecosystem है ये और व्यापफ
18:28हो गया मैं इसको 720 डिगरी का support बोलता हूं उसकी वज़य क्या है अब पहले तो हमने coach पे
18:34ध्यान नहीं दिया था आपको याद है coach के लिए कोई अलग scheme नहीं थ
18:47रखेंगे state को support देंगे कि NSF को support National Sports Federation को support देंगे को coach hire कर सके
18:53तो वो coach का एक पूरा system खड़ा होगा सिर्पोष तक की बात नहीं
18:57sports science staff पूरा sports science staff जिसमें by or mechanics पूरी modern sports science आती और mind you आज
19:06कल का खेल ऐसा है कि बिना sports science के आप excel नहीं कर पाएंगे
19:10तो पूरा sports science का system हम खड़ा करेंगे उनको train करेंगे नेने sports scientist पैदा करेंगे और उनको इन
19:17NCOE और यह जो खेलों के
19:18अभी जगह पे डिप्यूट करने का काम भी करेंगे इंफ्रास्ट्रक्चर का काम होई रहा है पहले वाले स्कीम से 300
19:25से ज्यादा इंफ्रास्ट्रक्चर बने थे अभी वाली स्कीम उससे कई गुना ज्यादा बढ़ी है तो coming back to specific question
19:33जो आपने पूछा था कि
19:34स्पंदन कैसे talent identify करेगा तो जो नहीं वाली स्कीम है उसमें हमारी TIDC जो है वो तो लिमिटेट होगी
19:41मान लोग है अभी हम कम्यूनिटी कोचेज भी नहीं वाले स्कीम में उनको भी train करेंगे हायर करेंगे और उनके
19:49मादिम से काम करेंगे
19:50टैलेंट आइटिफिकेशन के लिए जोनल कमेटी वह ज्यादा ग्राउंड पर ज्यादा सक्षम होगी जाने के लिए तो ऐसी कमेटी जैंगे
20:05टैलेंट स्काउट्स गहां गहां तक उनकी पहुंच होगी और वहां से यह जो खिलाडी है उनका देखा जाएगा कि हां
20:12उसमें
20:12उसकी बॉड़ी इस प्रकार की है कि इस खेल के लायक है और दूसरे खेल के लायक है और ये
20:17इसके अंदर ये ये चीजे हैं एक टेस्ट होता है वैसी चीजे हैं तो वो उसको आइडेंटिफाई करके हम उसको
20:25मेन स्ट्रीम एको सिस्टम में लेते हैं इस प्रकार से उनका च
20:41पिर मादे लेकों आर � weezन था कि खेलों को ऐसे एक शेत्रों में ले जाना और खेलों को ऐसे
20:58समुदायों में ले जाना ओरनाइजड और अब तक वनचित
21:03रहे हैं या उनको एक्सपोजर कम हुआ है उसी प्रेणा से हम लोगों ने हेलो इंडिया ट्राइबल गेम को शुरू
21:10किया एक ऐसा समुदाय है जो ऐसे ऐसे एक्षेत्रों में रहता है जहां
21:15पहुंच महींता है बहुत आसान नहीं एक्सेसिबिलिटी तो साथ ही साथ अभी जो सोशल इंडिकेटर से अभी वह उतने अडवांस
21:25नहीं है कई ऐसे अक्षेत्रा पाएंगी कि जहां पर लिट्रिसी लेवल या एजुकेशन लेवल अभी उतना अच्छा नहीं हो पाया
21:34है त
21:34तो हम लोगों ने इसलिए खेल इंडिया ट्राइबल गेम की शुरुआत की चैन किया गया वहां पर जो जो हमारे
21:43जंजाती समाज है उनकी आबादी पूरे आबादी का 32 परसंट है और पूरा नौर्ट चैन जंजाती है लोगों से ही
21:53भरा पड़ा है और वही लोग वहां प
22:04अर्गनाइस्ट खेल उनके बीच ले जाए और वहां से वाकई बहुत सारे प्रतिवाशाली एथलीट इडेंटिफाई हुए एक तरफ ओलंपिक मैडल
22:13सा टार्गेट है और दूसरी तरफ मलाखंब जैसे इंडिजीने स्पोर्ट तो खेलो इंडिया दोनों को कैसे बैलन्स
22:19करेगा खेलो इंडिया के अंतरगत एक प्यार आईटीजी स्कीम भी थी प्रमोशन अब रूरल इंडिजिनेस और ट्राइबल गेम्स तो मलाखंब
22:28वह इंडिजिनेस खेल यानि स्वदेशी खेल में आता है और हमारी एक सूस्थापित सूविचारित और यह कहलें कि बहुत
22:39ही सॉलिड स्ट्राइडिजी है कि सारे स्वदेशी खेलों काम उन्ययन करेंगे उनको प्रमोट करेंगे उनको फिनांशल सपोर्ट देंगे और उनके
22:49लिए कंपेटिटिव माहौल बनाएंगे तो मनलखंब उसी तरह का खेल है यह कई जगह बहुत बहुत ही लोगपरी है औ
23:01अबी तो हम खेलों इंडिया स्वदेशी खेल भी शुरू करने वाले हैं जो अगले साल होगा तो उसमें भी एक
23:06हिस्सा रहे गा साती साथ हमारा जो खेलों यूथ साल होता है उन्डर 18 उसमें भी एट नियमित हिस्सा है
23:15सिर्थ मलका मीन ही नहीं योगासन भी है ठांक्ता भ
23:29जो कमला हसन जिस जो मार्शल आर्ट दिखाते हैं वो कलरी पयक्तु थी जो केरला का मूल आर्ट है तो
23:37यह सारे हैं साथ ही साथ अभी हम लोगों ने नगल एंड की एक कुष्टी है वहां की रेस्लिंग है
23:43लोकल कुष्टी उसको भी आयोजित कर रहे हैं नगल एंड सरकार का �
23:47उसमें परस्ताव भी आया है तो इस प्रकार से हम सारे सोदेशी खेलों को बढ़ावा दे रहे हैं खेलों इंडिया
23:53से निकले एथलीट्स जब इंटरनेशनल पोडियम पर मैडल्स जीते हैं क्या आपको लगता है कि ग्रास रूट्स टू ग्लोबल पाइपलाइन
23:59अब रि�
24:03परणानेशनल दे रही है 2018 से माननें कि घैलों इंडिया की विध्वत प्रारम हुआ उसका विध्वत प्रारम हुआ माने प्रदानमंत्री
24:11जाहिने खेलों पार इस्पूल गेम पहला हुआ था उसको बाद में लोगों ना क्यलों इव यूद गेम कर दिया खेलों
24:16इंडिया �
24:17शुरुवात हुई थी और आज स्थिती ये हमारा पिछला
24:21ओलम्पिक, Page仏 उलम्पिक, हमारे जितने मेडिलिस्ट थे,
24:24उसमें सरे तीन मेडिलिस्ट खेलो एंडिया का assim का हिस्सा
24:27रह चुके हैं या थे उस समें तो उनोंने जो शुरुवात की
24:31मनु भाकर स्वायम खेल उंडिया एथलीट रह चुकी है और तोटल तीन लोग जो थे उसमें खेल उंडिया एथलीट थे
24:41उनके साथी निशाने बाज जिन्होंने वह मेडल दीता था मनु के साथ वह भी कहला रहे चुके है कि लाड़ी
24:47ते जो नहीं मेडल जीता ब्राउंस मे
25:00का था और भारत के जो स्ट्रेंथ वाले के लेना शूटिंग नहीं था रेस्लिंग नहीं था उसके बावजूद भारत ने
25:07आशातीत प्रदर्शन किया बियांड एक्स्पेक्टेशन यूनों हम लोगों का वह अनुमान था कि शायद 25 जीत सकेंगे क्योंकि बहुत ही
25:15कम खेल
25:17लेकिन भारत ने सो फर आई मेबल तो रिकॉल 39 मेडल्स जीते हैं और उन 39 मेडल्स में से 16
25:25मेडल हमारे खेलोंडीया अथलीट हैं
25:42सब्सक्राइब करेंगे और दस साल बाद एक फिल्टर इंडिया कैसे दिखना चाहिए मैं पहले बताना चाहता हूं कि प्रधान मंत्री
25:50जी ने
25:512019 में इसके शुरुवात की और इसका धेग क्या था धेग से ज्यादा इसका एक कहने के प्रिष्टभू में क्या
25:59थी बैक्ग्राउंड क्या था भारत सरकार को यह इल्म है यह ज्यान है कि अभी जिस तरह का जीवनशैली आम
26:07भारतिय की है जिसको हम सेडेंटरी लाइफस्ट
26:16तो लाइफस्टाइल बॉर्ण डिजीजर बड़ी कॉमन अभी क्या सड़क चलते आप किसी भी बंदे को रोक लें कि भाई तिरे
26:23को शूगर तो नहीं है आप पूछोगी तो तीन में से एक बंदा जुदू बोलेगा कि शूगर की प्रॉलम है
26:28ब्लट प्रेशर की प्रॉलम
26:29में उबेसिटी की प्रॉलम में एट्सेटरा सो लाइफस्टाइल बॉर्ण डिजीज़ बहुत हो गई है भारत सरकार का यही एक धेह
26:36था इसमें कि हम फिट इंडिया एक मुहीम शुरू करें कांदोलन शुरू करें और लोगों को फिटनिस एक्टिविटी की और
26:43इंस्पा�
26:56लोगन है उसका आशे यही है कि फिटनिस एक्टिविटी कोई मुश्किल काम नहीं है आप सिर्फ आदा घंटा भी कर
27:02लोगे ना रोज तो आप रह सकते हो और आपको जो जीवन चर्या जनित रोग हैं वह आपको फिर पकड़ने
27:09वाले नहीं है तो आपने जो उसकी बात की क
27:13कि 10 साल बाद हम क्या देखते हैं मैं तो अगले मोमेंट का सोचता हूं मेरा अगला मोमेंट है कि
27:21हम सदे इस on cycle करते हैं मनी डॉक्तर मंसूप मंद्विया जी की प्रेरणा से की cycling activity को शुरू
27:27करें क्यूंकि ऐसी fitness activity है
27:29which is kind of easier to adopt you know it doesn't give any pain to your joints and all
27:34it's very simple for you and it's a fun also it's fun also
27:38so हमारा अगला मोमेंट है कि हम जो Sundays on cycle करते हैं
27:44सौ में से कम से कम पाँच लोग दस लोग इसको अडाप्ट करें
27:48वोई fitness activity अडाप्ट करें वहाँ पर हम Zumba कराते हैं
27:51जोगी fitness activity, जोग कराते है fitness activity है
27:55sports zone लगा होता है, kale zone, वो एक fitness activity है
27:59तो हम बहुत सारी fitness activities से उनको expose करते हैं
28:02और यह बहुत अच्छी चीज़ है कि लोग उसको प्रेरित होते हैं
28:06आज दिल्ली में लोग चाहते हैं कि हम Sundays on cycle पे आएं
28:10cycling करें, वो जो fun है, community, you know
28:14एक community, हम लोग community के साथ क्यों करते हैं, आप अकेले अगर हो, तो आपको कोई motivation नहीं है,
28:20कि आपको आप rationalize कर लोगे, कि अरे यार संडे है, अरे आज तो working day है, वहाना हर चीज़
28:27का एक rationalization आपको मिल लिएगा, आप
28:29ultimately, you're not going to go to gym, to any fitness activity, to do cycling, to running, whatever, but community
28:37activity में क्या होता है, एक दूसरा बंदा आपको प्रेणा देता रहता है, कि चल चल चलते हैं, तो आज
28:42दिली में एस्थिति है, कि हमारी Sundays on cycle पे, बहुत सारे लोग आते हैं, and many of them have
28:49actually actively adopted this cycling thing, running thing, walking thing, so हमारा जो विजन यही है, कि दस साल में
28:58तो,
28:59मतलब यह पूरे भारत के लोग, जो western में जैसा culture है, western countries में, वैसा culture आजाया और लोग
29:06fitness को पुरा समर्पित रहें, school ही बच्चों से शुरुआत होनी है, अभी हम school certification का program भी शुरू
29:13कर रहें, fit India के अंतरगत, उसमें क्या होगा, कि हम school को 3 star औ 5 star certificates देंगे,
29:19कि कौन सा स्कूल, �
29:21बच्चों के fitness का ध्यान रखता है, क्या स्कूल, खेलों का ध्यान रखता है, so that, you know, as a
29:26parent, my children, if they are fitter, of course I would like that, so it, parents के लिए, कहले कि
29:34source of information भी है, यह school अच्छा है, यह इसको 5 star मिला है, यह इसको 5 star मिला
29:39है, यह activity कराता है, my child will be healthier here, so healthier India, that's what we want, and we
29:46want it tomorrow, we want it, I mean, 10 साल तो तो तो �
29:50बारत में हर वेक्ति हो जाए, लेकिन हम चाहते हैं कि हर वेक्ति इसको अड़ाप्त करें, thank you so much
29:55Mayang sir, for your valuable time, आपने बहुत सारे इंसाइट्स दिये, और जो आप और आपकी team India के लिए
30:01काम कर रही है, उससे Indian sports का जो future है, वो काफी bright लग रहा है, और काफी bright
30:06होने भी वाला है, so
30:07we wish you all the very best for and team India also, thank you so much, thank you
30:14subscribe to one India and never miss an update, download the one India app now
Comments