00:05जार्खंड की जमीन के नीचे दौलत का भंडार है।
00:47जार्खंड सरकार की सबसे बड़ी आपती है प्रस्ताविट सेक्शन 9D को लेकर।
01:00सेस या दूसरी लीफ पर केंदर की शर्ते और प्रतिपंध लागू हो सकते हैं।
01:04सरकार ने अपने तर्क के लिए 25 जुलाई 2024 के सुप्रीम कोर्ट के एतिहासिक फैसले का हवाला दिया।
01:11मिनरल एरिया डवलप्मेंट अथॉरिटी बनाम स्टील अथॉरिटी ओफ इंडिया मामले में 9 जजों की समविधान पीठ ने राजियों के खनीज
01:19युक्त जमीन पर टैक्स लगाने के अधिकार को लेकर एहम फैसला दिया था।
01:23जारखन का कहना है कि इसी समविधानिक आधार पर राजिय ने अपना मिनरल बेरिंग लैंड सेस आक्ट दोहजार चॉबिस बनाया।
01:31दोहजार चॉबिस में विधान सभा ने कानून पास किया और इसके बाद 15 अक्टूबर दोहजार चॉबिस को नियम भी अधिसूचित
01:38किये गए।
01:39इस विवस्था के तहट खनीज युक्त जमीन से सेस जोटा कर उस फंड का इस्तमाल, इंफ्रस्ट्रक्चर, स्वास्त, सिक्षा, सडक, ग्रामीर
01:48विकास, आजीवी का और सामाजिक सुरक्षा जैसे योजनाओं में इस्तमाल होता है।
01:54ऐसे में सरकार का दावा है कि राजस्व में बड़ी कमी आई तो विकास योजनाओं से लेकर सामाजिक स्थिर्ता तक
02:01पर असर पड़ सकता है।
02:24राज्य की ये आई प्रभावित होती है तो इसका असर सिर्फ सरकारी खनीजों पर ही नहीं पड़ेगा, बल्कि कई चीजों
02:31पर असर डालेगा।
02:33जारखंड सरकार ये भी कह रही है कि राज्य में खनन का बड़ा हिसा सारवजनिक शेत्रे की कमपनियों के जरिये
02:40होता है।
02:42प्राकृतिक संसाधन जारखंड की जमीन से निकलते हैं तो उससे पैदा होने वाली आर्थिक ताकत का उचित हिसा राज्य और
02:52स्थानिय लोगों के विकास पर क्यों न खर्चों।
02:55यही वज़ा है कि हेमंत सोरेन ने इस मामले को सिर्फ राजस्वक नहीं बलकि केंद्र राज्य के समयधानिक संतुलन का
03:03मुद्दा बताया है।
03:05ब्यूरो रिपोर्ट, ETV भारत