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  • 2 months ago
मध्य प्रदेश के डिंडोरी जिले का कपोटी गांव जल संरक्षण और सामुदायिक भागीदारी की अनोखी मिसाल बनकर उभरा है. कभी भीषण जल संकट से जूझने वाला यह बैगा जनजाति बहुल गांव आज बिना बिजली, मोटर या महंगी मशीनरी के हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुंचा रहा है. ग्रामीणों और एक स्वयंसेवी संस्था के सहयोग से प्राकृतिक जलस्रोत पर आधारित गुरुत्वाकर्षण (ग्रैविटी) प्रणाली विकसित की गई, जिससे पहाड़ी क्षेत्र का साफ पानी सीधे पाइपलाइन के जरिए घरों तक पहुंचता है. इस व्यवस्था से ग्रामीणों को सालभर स्वच्छ पानी मिल रहा है और जलजनित बीमारियों में भी कमी आई है. कपोटी मॉडल की सफलता को देखते हुए अब प्रशासन इसी प्राकृतिक स्रोत से आसपास के चकमी गांव तक भी पानी पहुंचाने की योजना पर काम कर रहा है.

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00:01चिल्चिलाती गर्मी के मौसम में जब मध्यप्रदेश के डिंडोरी जिले के कई गाउं पानी की किल्लत से जूज रहे हैं,
00:07तब भी 36 गर सीमा से लगे 1 ग्राम कपोची के नलों में पानी आता रहता है।
00:30एक अनोखी नलजल व्यवस्था तयार की, जो आज भी पूरे गाउं की प्यास बुझा रही है।
01:06कपोटी में बदलावे का असान लेकिन असरदार समाधान से आया।
01:10ये है गुरुत्वाकर शनाधारित पाइपलाइन सिस्टम, जो बिना किसे पंप, बिजली या महंगी मशीनरी के सीधे घरों तक प्राक्रतिक जल
01:18स्रोत का पानी पहुचाता है।
01:22इससे आठ साल पहले यहां पर ग्राम कपोटी में, ग्राम कपोटी में भेंकर जल संकट था, जिसको देखते हुए
01:31एंजीओ और गाओं के ग्रामिनों के सहियोग से आएँधर प्राक्रतिक जिसमें पाइपलाइन करके और फिल्टर टैंक बनाकरके और गाओं में
01:45घर घर में पानी ले जाया जा रहा है
01:47which people have a clean water and people have a clean water.
01:55Yes, the most important thing is that without light, without motor,
02:00there is no water water.
02:02Yes, it's a practical water.
02:05Kapoti Waddle's work is done.
02:09This is about 3 km away from Chakmi Gاؤں to go to PANI to reach out to PANI.
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02:53Samudaiya ke pahel aur eek thikaw model ne pani ki ki killat se jujnne wate gau ko pani ki suraqsha
02:59ke maamle me eek misal bana diya hai.
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