00:00देखें चम्पत राय का इस्तिफा जो कुछ हुआ है, इस्तिफा कहा है सबसे पहला सवाल तो वो है, अभी तक
00:06पब्लिक डोमिन में इस्तिफा नहीं है।
00:09दूसरी बात यह है कि जिस तरह से चम्पत राय को सपोर्ट किया जा रहा है, कुछ हिंदु धर्म गुरूओं
00:15की तरफ से, ऐसा लगता है कि चम्पत राय कहीं श्री कर्शन के ग्यारवे उतार तो नहीं है, कि उन
00:25पर कोई एलिगेशन लगे ही नहीं, इनसान है, गल्ती होती है
00:30हो जाती है, आदमी कर लेता है, इसका मतलब यह नहीं कि आप अपने आपको बिलकुर निर्दोश साबित कर सकेंगे,
00:36आलोग जी से यह पूछी है, कि जिस वक्त रतियातरा निकली थी, जो चौदा सो क्रोड आया थाराम मंदिर के
00:44नाम पर वो कहा है, उसका हिसाब कुन दे�
00:57लेना नहीं है, आपने अंदोलन शुरू किया, राम मंदिर बन गया, उसके बाद भी, चंपत राय कहां से निकल के
01:04आए, चंपत राय तो खुद वीच पी के आदमी है, चंपत राय कोई आस्मान से थोड़े टपके हैं, इसलिए यह
01:13कह देना कि साब ट्रस से हमारा कोई लेन
01:15देना नहीं है, और अपने आपको बिल्कुल पाकसाफ साबित कर लेना, तमाम राम बक्तों ने ये भी देखा है कि
01:21जो चौदा सो करोड आया था, उसका हिसाब किसी ने आज तक नहीं दिया, अगर आप इतने पाकसाफ हैं, आप
01:26पहले चौदा सो करोड का हिसाब दे तो फि
01:42मुझे नहीं लगता कि सही जो लोग हैं, वो पकड़ जाएंगी, बलके ऐसा होगा कि निर्दोश लोगों को फसाया जाएगा,
01:49और जो दोशी लोग हैं, उनको बचा लिया जाएगा, एक मिसाल है हमारे हैं कि छाज बोले सो बोले, छलनी
01:55बोले, जिसमें 72 छेत, सेफ़ई मे
02:09आज आप शर्म की बात करेंगे, ऐसी कौन सी अभिनेतरी है जो मुलाइम सिंग के यहां जाकर जिसने पहरना चुए
02:15हो, मुलाइम सिंग के यहां कर जिसने डांस ना किया हो, मुलाइम सिंग के यहां जाकर जिसने सब कुछ ना
02:22किया हो, यह सारी चीज़े कहने की हैं, दोसरे
02:38और करम और शरम, तीनों ही ऐसी चीज हैं, जो किसी भी स्यासी पार्टी के पास में नहीं है, हम्माम
02:46में सब नंगे हैं, ना कोई धरम को मानता, ना कोई करम को मानता, ना कोई शरम को मानता, कानून
02:53भी इनके यां कुछ नहीं है, सम्मिधान इनके नजदीक कुछ नहीं है, ये
03:06सब्सक्राइब करते हैं वोट नेता फिर उस वोट की वजह से याशी करता है इसके लावा कुछ भी नहीं संजे
03:11सिंग आमागी पार्टी के नितक प्रे रहें कि यह पैसे दिल्ली आए दिल्ली से नाकपूर नाकपूर के बाद जो है
03:19विदायतों की और एंपी एमलों की फ़ी
03:37पार्टी को नहीं तो नहीं किया किसी पार्टी को तोड़ने का कॉंग्रेस की तारीख रही है हिस्त्री रही है इस
03:44बात के लिए कि हर पार्टी को उसमें तोड़ा है आप देखते होंगे जब भी जंता पार्टी या किसी भी
03:49पार्टी की मुत्तहिदा हुकूमत बनती थी व
04:05अपने आम में बताए जिसने अपनी सरकार रहते हुए 17 महीने तक इमामों की तंखा नहीं दी जो एक मामूली
04:1318,000 रुपए है आज वो बात करेंगे चंदा किसी ने चोरी किया पैसा किसी ने काया उस वक्त ये
04:20जान बोज कर सारे अपने काम कराते थे और इल्जाम रखते थे �
04:24गवर्नर के उपर और जब हमने धरना परदर्शन किया दो दिन में तंखा मिल गई ना किसी गवर्नर ने रोका
04:31ना किसी भारजिंदा पाटी ने रोका तो ये जितने भी सियासी लोग हैं जब सत्ता में होते हैं सत्ता के
04:38नशे में भूल जाते हैं कि कल जिस दिन कुरसी से ब
04:56कि अभी जो आप देख रहे हैं वो छोटे लोगों पर कारवाई की जा रही है।
05:02यह जो डोनेशन आया है उसकी संख्या काफी मिलियन्स में हैं और मिलियन्स अब बहुत सारे लोग अरगों-परगों में
05:11लोग जो हैं लोगों ने पैसे जमा किया।
05:13यह भारत के लोगों के आत्मा पर ठेस है, उनकी भावनाओं पर ठेस है, उनकी आस्था पर ठेस है, हम
05:22इंतजार कर रहे हैं कि आगे जाच में क्या है।
05:24मैंने आपको बोला पहले ही कि बड़ी मचलियों को बचाने के लिए छोटी मचलियों को फिसाय जा रहा है इसमें
05:30कुई दोराइन ही और याद होगा परस्व तरसू हमारी बात ही थे मैंने ये भी कहा था कि मामला चंदा
05:38चोरी का नहीं है ये सैंकडो करोड हिंदू की आस्था
05:54की चोरी है चंदा चोरी नहीं है सिर्फ चंदा चोरी पर क्यों बात करते हैं लोग ये तो आस्था को
05:59ठग लिया गया लोगों के आस्थाओं के उपर डाका है ये जो भी राम भक्त हैं जो भी राम जी
06:07को भगवान मनते हैं उन्होंने जिस आस्था के साथ दिया उस आस्था के
06:22की मंग कैसे करेंगे जिन लोगों नहीं ये काम किया है लेकिन आज भी कुछ अन्दभक्त ऐसे हैं जो चंपत
06:31राय को बचाने की कोईश्च कर रहे हैं साधवी रितंब्रा है एक
06:35बड़ा फाइर बरान नेतरी बोला जाता है उनको आज कह रहे हैं चंदन के पेड़ पर साप लग जाते हैं
06:43यानि आज भी चंपत राय को चंदन का पेड़ कहा जा रहा है क्या कहीं आप उन लोगों को जो
06:50भगवा धारन करके आस्था की ठगी और आस्था के नाम पर जो ठगी
06:55कर रहे हैं उनको बचाना क्या कहीं है आप उनको यह सब भगवा चोले में आस्थाओं के साथ खिलवार कर
07:03रहे हैं लोगों के साथ खेल रहे हैं इन तमाम बातों को समझना चाहिए लोगों को वो लोग जो करोड़ा
07:09करोड़ रूपया चंदने डोनीशन के नाम पर देदेत
07:25सब जगह करोडों में खेलते हैं लोगों के पैसे कोई पूछने वाला नहीं है मसलमानों में क्यों नहीं है अईसा
07:33मस्जिदों में चंदा सिरिफ इतना होता है
07:36कि एक हफ़ते का मस्जिद का देख रेका काम चल सके
07:40यहां करोड हा करोड रुपे इखटे होते हैं
07:42मशीने लगती हैं गिनने के लिए
07:44महीनों लग जाता है पैसा गिनने के लिए
07:46तो यह सब जो अंदविश्वास करते हुए लोग इस तरह का दान करते हैं
07:51उनको भी सोचना चाहिए क्यूं दे अपने पुडोस में को गरीब लड़की है उसकी शादी करा दे
07:56अपने पुडोस में कोई भुका आदमी रह रहा है उसको खाने का लालन पोशन का अंदाम करा दे
08:00कोई बच्चा फीस न होनी की वज़े से पढ़ नहीं पा रहा है उसको फीस अदा कर दे
08:04बहुत सारे काम है भगवान को अल्ला को राजी करने के लिए
08:07लेकिन नहीं महा देंगे जहां मंदिनों के पुजारी उस पैसे से फिर अयाशी करेंगे
08:14इसमें दो पक्ष हैं एक पक्ष तो मेरा है बहस्यत मुसल्मान होने के एक पक्ष हिंदू धर्मगुरू भी रख रहे
08:20हैं
08:20हिंदु धर्म गुरु ये कह रहे हैं कि हमने कहा था कि ये सही समय नहीं मौरत का
08:26और बड़े-बड़े धर्माचारी ये कह रहे हैं
08:28और इन्हों ने सरकार ने नहीं मानी
08:31अपनी मर्जी से उसकी बुनियाद रखी
08:32और आज उसका नतिया भुगत रहे हैं
08:34मेरा पक्ष यह है 1949 में जो मूर्ती रखी गए थी जगापर और उसको कहा गया था कि राम लला
08:42परकट हो गए और उसको बताया गया था कि गरभ गरे है
08:46राम जी के पैदाइश की असल जगा है
08:49मैं A.N.I. के माद्यम से
08:51तमाम चैनलों के माद्यम से
08:53एक सवाल करना चाहता हूं तमाम लोगों से
08:55वो गरब गरह की जगा पर
08:57मंदिर क्यों नहीं बना
08:59क्यों नहीं बना
09:00वहां तो हैं नहीं मंदिर
09:02मंदिर तो महा बना है जो नर्सिमराओ के वक्त में
09:0560-60 एकड़ जमीन एक्वाइर कर ली गई थी
09:08मंदिर महा बना है
09:09और कुछ सुतरों से ये भी पता चला है
09:11कि उस जगा पर जब मंदिर की बुनियाद खोदी गई
09:13तो महाँ पानी निकलाया
09:17इंजिनियर ने कहा कि यहाँ बुनियाद टिकी नहीं पाएगी
09:20इसलिए उस जगा को छोड़कर महा मंदिर बना
09:22ये चीज़े क्यों नहीं आती लोगों के सामने
09:24क्यों नहीं लाते ये लोग सामने
09:27जब सुपरिम कोट ने फैसला दिया
09:29कि एक गरब गरे है, मंदिर की जगा है
09:32और आपकी आस्था भी थी
09:33रामलला परकट भी हुए थे
09:35तो क्यों नहीं बनाया माँ
09:37ये सेकडो करोड हिंदू की आस्था के साथ
09:40खिलवाड नहीं है
09:41या उन लोगों की जानों के साथ खिलवाड नहीं
09:43जो राम मंदिर के नाम पर जिनके आहुती दे दी गई
09:46जो दुनिया से चले गए
09:48क्या कहें आप उनको
09:49वो जो कहते थे कि हम
09:51कार सेवक हैं और उनकी जान
09:54चली गई और आम मंदिर दूसरी जगा
09:55बना रहे हैं ये सब क्या है
09:58देश में ये जो खेल चल रहा है
10:00इस खेल को
10:01अंध भक्ती के अलावा हटकर
10:03सोचना और समझना पड़ेगा
10:05और इसको हिंदुरी समझेगा
10:07मुसलमान की दो समझ में पहले साया हुआ है
10:09कि ये खेल क्या चल रहा है
10:11राम के नाम पर
10:13सरकारे बंती भी हैं
10:14और सरकारे गिरती भी हैं
10:17ये सब सियासत का खेल है, आस्थास इसका पूई लेना देना नहीं.
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