00:00परिश्टिती ऐसी उत्पन होती है जहां मानिय अद्धक जी की अपनी कारे हैं उस चनुरूप चीजों का आगे बढ़ा जाता
00:14है
00:16हम लोगों ने तो हरकेस परियास किया इती सदन चले इन किस तरीके से आपने देखा सदन में
00:29नोट उढ़ा जा रहे हैं नोट दिखाये जा रहे हैं
00:36और यही नोट के बल पर तो आज यह यहां खड़े हैं और इसी नोट के बदिल्लव है तो ये
00:42राजनीत करने
00:47पार्ति जन्ता पार्टी के सरकार में आने के बाद
00:53जरीब बुर्वा लोगों
00:57और आप जैसे नौजवानों के
01:01जेबों से कैसे पैसे निकल रहे हैं
01:03वो आप सबको पता है
01:06और वो पैसे कहा जा रहे हैं
01:08वो भी आज दिखा
01:12और आपने देख लिया
01:17वो कहावत है कि सच को
01:21क्या पुणता है
01:22क्या आएना
01:26सच को आज किया
01:29तो चीज़ें जो सच है वो
01:33कहीं से न कहीं
01:35चाहे उसो कितने
01:37मजबूत दिवारों के अंदर
01:39आप बांग के रखो
01:42उस सारी
01:45बंदिशियों को तोड़ कर
01:46सामने आ जाते हैं
01:54और वरत्वान में यहीं सच्चाई है
02:02आज
02:05नौजवानों के भौईश को लेकर
02:06जिस टत्पत्ता के साथ
02:08राजसरकार
02:12अपनी इक्छा सक्ती को
02:15आगे बढ़ा रही है
02:16जो आप लोग के सामने भी है
02:22और किस तरीके से
02:27केंदर सरकार के द्वारा बनाई जारे नीतियों के वज़े से
02:32करोडों करोडों छात्रों की रोजगारे भी जा रही है
02:35नौकरियां जा रही है
02:39छोटे बड़े परतिस्थाने
02:41मज़ोले परतिस्थाने बंद हो जा रही है
02:45तो रुज़वार कहां से बोगा आज इतने सारे घटना करम के बीच में
03:11थोड़ा सा एक कड़ी अगर हम जोड़ेंगे तो भी हाल के दिनों में
03:22कई सारे निफ्तियाएं हुई हैं छोटी बड़ी
03:30सवाल भी खड़े हुए उन सवालों का समधान भी करने का प्रयास है
03:36लेकिन आप देखेंगे कि उन सभी प्रिक्षाओं में लगभन
03:4675 परतिसत से लेकर के 100 परतिसत तक जो चैनित अभी आरती होते थे
03:53सभी यहां के मुलवासित हैं कई सारे प्रिक्षाओं को अगर मैं
04:04कागज देखके बताओं तो बैय कुछ उधारन भी दे सकता हुए और उसी जगह पर बड़े पैमाने पर अलग-अलग
04:18राज्यों से यहां पर लोगों ने नियुक्तियां पाई हैं भारतिय जन्ता पार्टिशाशित काल में यह भी किसी से चुपा नहीं
04:30है
04:33हर सवाल का जवाब हमारे पास है लेकिन इनका
04:44जो मातुकांचाएं हैं इतनी बड़ी हैं
04:56और इसकदर है
05:05कि इनको
05:11सच से सामना करना बहुत कठीन हो रहा है
05:19उसी का ये पिडा का ये असर है कि आज सदन समय से तहले समाथ की गई
05:31कि आपको है जो का ये निए जाल कुड़को गटी तो
05:36थो ये जाल की ये जिदकर्वण
05:37कर दोत्याव जें त booking
05:40अज़्स
05:41झालोग उणलोग ट्निद्ट आप माल
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