00:03जरा सोचिए अगर आपकी पूरे साल की महनत एक ऐसे सिस्टेम के भरोसे छोड़ दी जाए जो कौप्या बदल दे
00:09दूंडली आंशशीर दिखाए और जिसे लेकर हाकिंग तक के दावे होने लगे तो क्या आप उस रिजल्ट पर भरोसा कर
00:15पाएंगे
00:15सीबियसी के डिजिटल मार्किंग सिस्टम को लेकर अब यही सवाल देश भर के लाखों छात्रों और अभी भावकों के मन
00:22में उठा है
00:22सीबियसी का नया ओन स्क्रीन मार्किंग यानी ओएसम सिस्टम जिसे बोर्ड में इस साल इवैलिवेशन प्रोसेस में बड़ा बदलाव बताया
00:31था
00:31अब विवादों के गेरे में आ चुका है
00:33इस सिस्टम के जरिये पहली बार बोर्ड कॉप्यों को स्क्रीन करके ऑन लाइन जाचा गया
00:38याने टीचर्स को अब फिजिकल कॉपी नहीं बलकि स्क्रीन पर आनसर शीट्स दिखाई गई
00:42सीबियसी का दावा था कि इससे एवालुईशन तेज, ट्रांस्पेरेंट और एरर फ्री होगा
00:47लेकिन अब यही सिस्टम सवालों के घेरे में है
00:50सोशल मीडिया पर कई छात्रों ने आरोप लगाया कि उन्हें री एवालुईशन के दौरान दुद्नली स्कैन कॉपीज दिखाई गई
00:57कुछ छात्रों ने तो यह तक दावा किया कि उनकी आंसर शीट किसी दूसरे स्टूडिन्स की कॉपी से बदल गई
01:02इसके अलावा पोर्टल क्रेश होना भारी फीस लेने और वेरिफ्रिकेशन प्रोसेस में कन्फीजन के शिकायते भी सामने आई
01:10विवाद तब और बढ़ गया जब एक साइबर सेक्योर्टी रिसर्चर ने वीडियो जारी करके OSM सिस्टम हैक करने का दावा
01:17किया
01:18हाला कि CBS से ने इन दावों को पूरी तरह गलत बताते हुए कहा कि सोशल मीडिया पर फैलाया जारा
01:23कंटेंट प्रहमात्मक है
01:25सिस्टम पूरी तरह सरक्षित है लेकिन मामलिया यहीं खतम नहीं हुआ
01:29अब इस पूरे विवाद में राजनिती की भी एंट्री हो चुकी है
01:32कॉंग्रस नेता राहूल गांधी ने सवाल उठाया कि CBS से के इस डिजिटल इवालुवेशन सिस्टम का जिम्मा जिस कंपनी को
01:39दिया गया
01:55इसी कंपनी का नाम सामने आया था
01:57उस वक्त तेलंगाना में लाको चात्रों ने माक्स में गरबड़ी के शिकायत की थी
02:01जाच में दावा किया गया कि सिस्टम को बिना प्रॉपर टेस्टिंग के लागू किया था
02:06जिसके बाद कंपनी का कांट्रेक्ट तक रख कर दिया गया
02:09अब आरोपिया भी लग रहा है कि उसी कंपनी ने नाम बदल कर दोबारा बोली लगाई
02:14और CBSC का कांट्रेक्ट हासल कर लिया
02:16हाला कि कंपनी के CEO VSN राजू ने इन आरोपो को खारिच करते हुए कहा
02:22कि कंपनी ने सभी टेक्निकल और फाइनार्शल स्टेंडर्स पूरे किये थे और पूरी प्रक्रिया नीमो के तहत हुई थी
02:28कंपनी का दावा है कि उसे एक्जाम आटोमेशन और डिजिटल एवालुएशन में पच्छिल साल से जादा का अनुभव है
02:35को एम्ट के मताबिक उन्होंने सेफ सीबियसी ही नहीं बलकि कई एजिकेशनल इंस्टिट्यूट के साथ भी काम किया है
02:42वहीं सीबियसी ने भी राहूल गांधी के आरपो को प्रणमात्मक पताते हुए कहा कि ओएसम सिस्टम को लेकर फैलाई जा
02:49रही कई बाते तथ्यात्मक रूप से गलत है
02:52लेकिन सबसे बड़ा सवाल अब भी वही है क्या देश के लाखो छात्रों को आभ विश्य ऐसे सिस्टम के भरोसे
02:58छोड़ा जा सकता है जिस पर लगातार तकनीकी गरबढ़ियों के आरोप लग रहे हो
03:02और अगर इतने बड़े स्थर पर डिजिटल इवालुएशन लागू किया जा रहा है तो उसकी अकाउंटबिलिटी कौन तै करेगा
03:08फिलहाल सीबियसी लगातार सिफाई दे रहा है लेकिन छात्रों और अभी भावकों के बीच पैदा हुए भरोसे का संकट अभी
03:15खतम होता नहीं दिख रहा
03:17आपका इस बारे में क्या सोचना है हमें कमेंस करकर जरूर बताएं
03:21और इसी तरह देश और दुनिया की तमाम खबरों के लिए बने रहे हमारे साथ वन इंडिया हिंदी पर
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