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00:30उन्हें डर है कि एक बार जब वे यहां से चले जाएंगे तो उनकी कच्चे माल की आपोर्ती शरंखला और इस्थानिय बाजार दोनों तक पहुँच मुश्किल हो जाएगी
01:00इसे तरह से लोग काम करते रहे हैं और इसी तरह से चलता रहे हैं मैं कम से कम पचीस साल से हाँ पर हूं लेदर जैकिट का काम करता हूं
01:12चमडे की सामान बनाने वाली कमपनियों कुडर है कि दूसरी जगह जाने से उनके कामकाज और कारुबार में भारी किराब अटाएगी
01:40उनका ये भी दावा है कि पुनर्वास योजना के तहत अपलब्ध आवासी अस्थान उनके मौझूदा आवास से भी छोटा है
02:10कुछ व्यवसाय मालिकों का कहना है कि बहतर तरीका ये होता कि पुनर्वास को धिरे-धिरे कई चरणों में किया जाता
02:29कहीं भी बोल देना आप चले जाओ या ये हमारा बैरी डेवलेप्मेंट का प्रोजेक्ट है आप यहाँ पर साइट ही चले जाओ उससे अच्छा है कि मिल पाट पाट में डिवाट करके करें तो जादा अच्छा है ताकि कुछ लॉस ना हो सबसे बड़ा तो इंपेक्ट न
02:59जब यहाँ पर डेवलेप्मेंट का काम चालोगा तो सब को शिफ्ट हो जाएगा अब वो कैसे मैनेज होगा उसका कोई आडिया नहीं है
03:05महराष्ट्र सरकार ने बार-बार इस बात पर जोड़ दिया है कि सभी पात्र जुक्किवासियों का धारावी में ही पुनरवास किया जाएगा
03:13मुखिमंत्री देविंद फरणवीस ने हाली में महराष्ट्र विधानसभा में कहा था कि सक्षेत्र के मिट्टी के बरतन और चमडा कारीगरों को विशेश मामले के तोर पर पांच साल तक टैक्स छूट दी जाएगी
03:25उन्होंने ये भी कहा था कि जिन लोगों को धारावी में घर नहीं मिलेंगे उन्हें शेहर में कहीं और बसाये जाएगा
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