00:00वोटर लिश्ट के SIR को लेकर चल रही बहस के बीच सुप्रीम कोट के जज जस्टिस वो जुल भुईया की
00:05टिपड़ी सामने आई है।
00:06हैदराबाद में कायकर्म के दोरान उन्होंने कहा कि समविधान के अनुच्छे 326 के तहट मिले मद्दान के अधिकार से किसी
00:13भी तरह की छेड़ छाड़ नहीं की जा सकती।
00:15उन्होंने यह भी कहा कि अगर किसी प्रक्रिया के कारण बड़ी संख्या में भारतिय नागरिक अपने वोट देने के अधिकार
00:21से वंचित रह जाते हैं तो यह ऐसी प्रक्रिया समविधान के खिलाप होगी।
00:25उनकी टिपड़ी ऐसे वक्त में आई है जब SIR को लेकर सुप्रीम कोर्ट में कई आचकाएं लंबित हैं।
00:55326 के तहट मिले वोटिंग के अधिकार से कोई भी छेड़शार नहीं कर सकता।
01:01उन्होंने कहा कि एक नागरिक का वोटर होना और वोट डालना बेहत अहम है।
01:06यह सुतंत्र और निस्पक्ष चुनाओं की न्यू है।
01:09Representation of People Act 1950 की धारा 22 किसी वोटर का नाम वोटर लिस्ट हटाने की अनुमती देती है।
01:16लेकिन यह तभी हो सकता है जब उस वोटर को सुनवाई का मौका दिया जाए।
01:21अगर किसी शक्स का नाम एक बार वोटर लिस्ट में शामिल हो गया है तो बिना उसके मर गए उसका
01:27नाम बिना नोटिस और सुनवाई के वोटर लिस्ट से बाहर नहीं किया सकता।
01:31यूपी सुपरीम कोर्ट एक केस में 2013 में ऐसा फैसला सुनाया कि वोट देने का अधिकार प्रिविलेज नहीं है।
01:38भारत में भी इस्थिति अलग नहीं है। भारत में भी किसी के वोट देने के अधिकार चिनाने जा सकता।
01:44यह ऐसा होगा जैसे शरीर से आत्मा निकालनी गई हो।
01:48जशिश भुया ने मद्दान के अधिकार के महत्य को समझाने के लिए बहुत कड़ी उकमा का इस्तमाल किया।
01:53उन्होंने कहा कि किसी भारतिय नागरिक को उसके वोट देने के अधिकार से वन्चित करना सरीर से आत्मा निकालने जैसा
02:00होगा।
02:01उन्होंने सम्विधान के अनुचेद 325 का भी जिक्र किया, उनके मुताबिक इस अनुचेद में लोकसभा या भी किसी भी राज्य
02:08विधान सभा के चुनाओं के लिए हर छेत्रे निर्वाचन छेत्र में एक सामान मद्दान सूची की बात कही गई है,
02:15साथ ही किसी ब्यक्ति को
02:16कि सिर्फ धर्म, नस्त, जाती या लिंक के आधार पर उस मद्दान सूची में सामिल होने से आयोग नहीं ठहराया
02:23सकता, यानि जिस्टिस भुईया ने अपनी टिपड़ी में मद्दान सूची और मद्दान के समवैधानी के अधिकार के बीच के संबंध
02:30को रेखा अक्मित क
02:31लोगों का नाम वोटर लिस्ट से हटाये जाने को गलत बताते हुए जश्टिस भुईया ने कहा कि भारती समविधान नागरिकों
02:38को दो वर्ग बनाने की अनुमती नहीं देता है, एक वर्ग वोटिंग अधिकार वाला और दूसरा वर्ग बिना वोटिंग अधिकार
02:44वाला �
02:45नहीं हो सकता, कोई प्रक्रिया जो नागरिकों को बिना वोटिंग अधिकार वाला बताती है, वा मेरी राय में समविधान के
02:51अनुछे 14 और 226 का उलंगन होगा, अगर कोई प्रक्रिया ऐसा करती है और अपने ही देश में लोगों को
02:58सेकंड क्लास नागरिक बनाती है, तो व
03:14गौहार्टी में हुआ था, डॉन बॉसकों से हाई स्कूल की, गौहार्टी से स्कूली सिख्छा ली, क्रोडिमल कॉले से बीए की
03:20पढ़ाई की और गौहार्टी के गौहार्टी के गौहार्टी के गौहार्टी से ललम की डिगरी उन्होंने हासिल की, गौहार्टी हाई कोट
03:27में वकालाश शुरू की करीब 16 साल तक आयकर रुखा के अस्थाय वकील रहे
03:311905 में जूनियर स्टेंडिंग काउंसिल के रूप में काम शुरू किया
03:352011 में असम के अत्रिक्त एड़ोकेट जनरल बने
03:382023 में सुप्रीम कोर्ट जज के लिए सिफारिश हुई
03:41और 14 जुलाई 2023 को सुप्रीम कोर्ट के नयाइधिस नियुक्त हुए
03:46फिलहाल S.I.R. को लेकर सुप्रीम कोर्ट में कानू लिडाई जारी है
03:49और इस भी जश्टिस उजुल भुया ने मद्दान के समवैधानिक अथिकार की एहमियत पर जोड़ दिया है
03:55अब इस मामले में आगे होने वह नियाई कारवाई पर सभी की नजर रहेगी
03:59फिलहाल के लिए बस इतना ही बाकी अपडेट लिए बने रहे है वन इंडिया हिंदी के साथ