00:21केक चुने हुए जन प्रतिनिधी को अपनी जनता के भी जाने
00:25उनके समस्याओं को सुनने और प्रशाशनेक अधिकारों से सवाल करने का हग भी छीन लिया जा सकता है
00:32उत्तर प्रदेश के सहारनपूर से लेकर काईराना तक इस समय यही सबसे बड़ा सवाल सियासत के गलियारों में गूज़ा है
00:39मामला सहारनपूर कलेक्टोरेट परिसर में बनी एक मस्जित के रातो रात ध्वस्तिकरण और समाजवादी पार्टी की सांसत इकरा हसन के
00:49घर पर नजरबंदी यानि हाउस सरेश से जुड़ा है
00:53जिसने राज्य की राजनी तिक सरगर्मी को अच्चानक से चरम पर पहुँचा दिया है
00:58इस पूरे घटना करम की शुरुआत होती है साहरनपूर कलेक्टरिट परिसर के भी तरस्तित उस मस्जित से जिसे प्रशास्नेक और
01:05न्याएक प्रक्रिया के तहत सरकारी जमीन पर अतिक्रमन मानकर धा दिया गया
01:10दरसल पिछले साल मार्च 2025 में एक शिकायत के आधार पर सिटी मैजिस्ट्रेट की अदालत में मामला चला था जिसमें
01:18जुलाई 2026 में मस्जित को अवैद गोशित करते हुए बारी भरकम पेनल्टी का अदेश दिया गया था
01:24मुस्लिम पक्ष ने इस आदेश को डिस्ट्रिक जज की अदालत में चुनौती दी लेकिन 2 सिप्टेंबर को डिस्ट्रिक अदालत ने
01:31भी निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखते हुए याचिका खारिच कर देए
01:36अदालत का फैसला आते ही प्रशासन ने बिना वक्त कवाय रातो रात आक्शन लेते हुए भारी पुलिस बल और आरे
01:43एफ की तैनाती के बीच कलेक्टोरेट परिसर के सभी गेट सील कर दिये और बुल्डोजर से मस्जित का ध्वस्ती करण
01:51की कारवाही को अंजांग दे दि
02:05कि चूकी ये मामला उनके सांसर्दियों, सीमाओं और जनता से जुड़ा है इसलिए वे फोरन सहरनपुर जाकर हालात का जायजा
02:13लेना चाहती थी और प्रशासनिक अधिकारियों से मिलकर वास्तू स्थिती समझना चाहती थी
02:18लेकिन उनके इस कदम से पहले ही दे रात उनके कायराना स्थित अवास पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया
02:25गया
02:25जब सांसद ने घर से बाहर निकलने की कोशिश की तो पुलिस ने उन्हें साफ तोर पर रोग दिया जिसके
02:30बाद पुलिस अधिकारियों और इकराहसन के बीच तीकी नोगजोग भी देखने को मिली
02:35पहले तो आप देखिए कि जब इक्रा हसन ने घर से निकलने की कोशिश की तो पुलिस ओफिसर ने उनसे
02:40क्या कहा?
03:05मैं अब जाना ठीक नहीं? आपम हमस दो आदेगे अवर्ण रिखीक तो आपधा देखिए आप बचार ने यक्राबत जाएं किस
03:31वज़े से रोगा जाएं?
03:32आप नहीं खत्रा कुछ नहीं है जनमास्टमी का थयोहर है इसलिए रुक रहिए में हमको
03:38तो हम तो कही डरे लादनार को यह भी अहार बिल्कुल भी गन्य प्हलाएंगे लिगे हमरा आपसे निवेदन प्रक्ते दुक्त
03:44में अइन्याथ
03:44क्या पता हम किसी त्योहार नहीं शरीकों में जाए तो नहीं जाएगे हैं
03:54लिज्फ लिए तो कर सकते हैं अप छो कर सकते हैं अप लोग करते हो
04:30पुलिस ने देरात और त्योहार का हवाला दे कर भोला जन्माश्चमी का त्योहार है उन्हें आगे बढ़ने से रोका लेकिन
04:37सांसद ने इससे सीधे तौर पर उनके लोगतांत्रिक अधिकारों का हनन करार दिया
04:43नजर बंद किये जाने के बाद इकराहसन ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ तीखे तेवर अपनाए उनका सबसे बड़ा और
04:50गंभीर आरोप ये था कि प्रशासन ने उनकी कानूनी विकल्पों का इस्तमाल करने का मौका ही नहीं दिया
04:57उन्होंने सवाल उठाया कि गंभीर से गंभीर मामलों में भी अदालत का दर्वाजा खट-कटाना और हाई कोट या सुप्रीम
05:03कोट में अपील करने का अधिकार हर नागरिक और पक्ष को मिलता है।
05:07ऐसे में एक धार्मिक स्थल से जुड़े मामले में संभादित पक्ष को अपील करने या अपना पक्ष रखने का न्याय
05:14संगत अफसर क्यों नहीं दिया गया।
05:16उन्होंने लखनओं में पार्टी के वरिश ने तृत्व और स्पी प्रमो का खिले श्यादव से इस पूरे घटना करम पर
05:22विस्तार से चर्चा की और वकीलों के साथ मिलकर हाई कोट जाने की तैयारी कर रही थी।
05:28लेकिन उससे पहले ही उन्हें घर में कैद करतिया गया।
05:31इक्राहसन ने सीधे शब्दों में कहा कि एक जन प्रतिनिदी होने के नाते जनता के दर्द और उनकी अवास को
05:37उठाना उनका संविधानिक दायत्व है।
05:40और इस तरह पुलिस बल के जरिये उनकी अवास को तबाया नहीं जा सकता।
05:45इस पूरे कारवाही पर एस्पी प्रमुक अकिलेश आदव ने भी सरकार को केरते हुए कहा कि सोहाद बनाए रखना सरकार
05:52की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।
05:53महीं बीएस्पी प्रमुक मायावती ने भी इस तरहां की जल्दबाजी में किये गए बुल्डोजर कारवाहियों पर सवाल उठाए है।
06:23को इस पूरे मामले पर आपकी क्या राय है हमें कॉमेंन सेक्शन में जरूर बताइएगा।
06:28अब देख रहे हैं One India मैं हुआ कर्श कॉशेक।
Comments