00:00जूम जूम बादल बादल बस उस कारा की सुनाता था
00:05उस बालक के कदमों को परवत भी रोक नबाता था
00:12नेवार की धर्ती का हरकर जिसे अपना लाल बुलाता था
00:18वो महावली वो महावीर वो महावारा कहलाता था
00:22मा के चरण कमल में वो अपना सीश जुगाता था
00:28अब लिविदा की आग्या को इश्वर की वाणी बताता था
00:35जिसकी तरवार की जलक से सुष्मन का दिल खबराता था
00:41ओ मजर अमर ओ शूर दिल तो महारा आगे राता था
00:51हारत का फीर पुत्र महाराणा प्रता 27 मैं से सुमा से गुरुपार राद 10 बजे सिर्फ सोनी पर