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15 August 2026 :15 अगस्त 1947 की तारीख सिर्फ किसी कैलेंडर का पन्ना भर नहीं है, बल्कि यह उन अनगिनत स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग और लहू की कहानी है, जिन्होंने अपनी जवानी देश के नाम न्योछावर कर दी. जब भारत गुलामी की बेड़ियों में जकड़ा हुआ था, तब हर भारतीय की आंखों में आजादी का एक खूबसूरत सपना पलता था. लंबी पीड़ा और संघर्ष के बाद आखिरकार वह सुबह आई जिसने एक पूरे राष्ट्र को नई जिंदगी दी. लेकिन इतिहास के पन्नों में यह सवाल हमेशा आता है कि आखिर आजादी के लिए 15 अगस्त का ही दिन क्यों तय किया गया, जबकि पहले इसकी योजना कुछ और ही बनाई गई थी क्या? चलिए जानें.15 August 2026: 79th Ya 80th Independence Day Konsa Hai,15 August Ka Din Kyu Chuna Gya ?

79th Independence Day 2026: The date of August 15, 1947, isn't just a page on a calendar; it's the story of the sacrifice and blood of countless freedom fighters who sacrificed their youth for the nation. When India was shackled by slavery, every Indian cherished the beautiful dream of freedom. After much suffering and struggle, the dawn finally dawned, giving a new lease of life to an entire nation. But history always raises the question: why was August 15 chosen for independence, or was it originally planned differently? Let's find out.

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~HT.318~PR.111~ED.120~VG.HM~
Transcript
00:05पंद्र अगस 2026 को भारत अपना असीवा स्वतंत्र दिवस मनाने जा रहा है लेकिन अस मौके पर एक सवाल अक्सर
00:13लोगों को उल्जा देता है कि जब भारत का असीवा स्वतंत्रता दिवस है तो क्या देश आजादी के 80 साल
00:20पूरे कर चुका है इसका जबाब है नहीं
00:23पंद्र अगस 2026 को भारत को आजाद हुए 89 साल पूरे होंगे और असीवा स्वतंत्रता दिवस मनाय जाएगा आई ये
00:33आसान भाषा में समझते हैं कि 89 साल और असीवे स्वतंत्रता दिवस का ये गणत क्या है देखे सीधी बात
00:41है
00:412026 से अगर 1947 को माइनस कर दे तो 89 साल आएगा यानि 15 अगस 2026 को भारत अपनी स्वतंत्रता
00:50के 89 वर्ष पूरे करेगा लेकि निसे दिन देश असीवा स्वतंत्रता दिवस भी मनायगा ये ही वो अंतर है जिसे
00:59लेकर अक्सर विद्यारतियों और आम लोगों के मन में भरम रह
01:11लिया था 20 फरवरी 1947 को ब्रिटेन के ततकालीन प्रधान मंत्री क्लिमेंट एटली ने हाउस अफ कॉमन्स में एक एतिहासिक
01:20एलान किया उन्होंने आधिकारिक तोर पर कहा कि ब्रिटिश सरकार 30 जून 1948 तक सत्ता भारती हातों में सौप कर
01:29भारत से वापस लोट जाए यानि
01:31मूल योजना के मताबिक भारत को 1948 के मध्य में आजादी मिलने थी लेकिन देश के भीतर बनते बिगडते हालातों
01:39ने अंग्रेज़ों को अपनी योजना वक्त से लगभग 10 महीने पहले बदलने पर मजबूर कर दिया
01:44भारत में आजादी की लोट तेजी से धदक रही थी महत्मा गांधी जवाहलाल नहरू, सर्दार वल्लब भाई पटेल, मौलाना आजाद
01:53और सुभा शंद्र बोस जैसे नायकों के नितरत्व ने पूरे देश को एक सूत्र में पिरो दिया
01:591942 के भारत छोड़ो आंदोलन ने अंग्रेजी प्रशासन की कमर तोड़ दी थी, इसके बाद वितिय विश्वयुद के खत्म होते
02:06ही, नौसेना विद्रो, श्रमिक आंदोलन और भारतिय सैनिकों के भीतर बढ़ते असंतोश ने, ब्रिटिश सरकार को ये अच्छी तरह समझ
02:16कि अब भारत पर जादा दिन तक हुकूमत चलाना पूरी तरह से असंभव है, मैं 15 अगस का दिन चुनने
02:24का पूरा फैसला लौड माउंट बेटन को जाता है, इस तारीक के पीछे द्वितिय विश्वयुद से जुड़ी एक बड़ी घटना
02:31है, 15 अगस 1945 को ही जापान की सेन
02:45उपने का एलान किया था, इस जीत को दुनिया भर में विक्टरी ओवर जापान डे की रूप में मनाया जाता
02:50है, तो माउंट बेटन की सैन इस जिंदगी की ये सबसे बड़ी कामयाबी थी, माउंट बेटन द्वितिय विश्वयुद के दौरान
02:58दक्षन पूर्व एश्या म
02:59मित्र राष्टों के सुप्रीम कमांडर थे, जापान का आत्मसमरपड उनके करियर का सबसे यादगार और गौरोशाली पल था, और यही
03:08वज़य थी कि 15 अगस को अपने लिए बेहत भागिशाली मानते थे, और ये दिन उन्होंने अपने लकीडे के तोर
03:14पर चुना था, हा
03:18पान के कारण भारत आज़ाद हुआ
03:21फिलाल इस वीडियो में इतना ही, वीडियो को लाइक और शेयर करें, साथी चैनल को सब्सक्राइब करना ना भूलें
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