00:00गोबर से बन रहे 10 रुपए के तिरंगा बैच और तुलसी वाली राख्यां
00:03साहरनपुर की माश आकम मरी काना गौशाला में गोबर से तिरंगा चेस्ट बैच और राख्या तयार की जा रही है
00:1015 अगस्त और रक्षा बंधन को देखते हुए इस बार 5000 बैच और राख्या बनाने का लक्ष रखा गया है
00:16दोनों प्रोडक्स की कीमत दसुर पर रखी गई है और इन्हें ऑनलाइन वे ओफलाइन बेचा जा रहा है
00:21नगर निगम की पशु कल्याण अधिकारी डॉक्टर संदीप कुमार मिश्वा के मुताबिक गूबर से बने तिरंगा बैच बायो डीग्रेडबल है
00:28इस्तमाल के बाद इन्हें गमले में डालने पर खाद की तरह इस्तमाल किया जा सकता है
00:33इससे प्लास्टिक के इस्तमाल को कम करने और परियावरेट संग्रक्षड का संदेश देने की कोशिश है
00:39वही खास तिरंगा डिजाइन वाली राखियों में तुल्सी के बीज डाले गए है
00:43राखि का अस्तमाल करने के बाद इसे मिट्टी या गमले में लगाया जा सकता है
00:48जिससे तुल्सी का पौधा उगाया जा सके
00:51अधिकारी के मुताबिक गोशाला में गूबर से प्रोडक्स बनाने की कई प्रयोग किये जा रही है
00:55और इसके लिए विभिन समान भी मिले है
Comments