00:02अगर आप अपनी मेहनत की कमाई को सुरक्षित जगह निवेश करना चाहते हैं और साथी बहतर रिटर्ण के साथ टैक्स
00:09बचत का फायदा भी लेना चाहते हैं तो सरकार की छोटी बचत योजनाएं आपके लिए एक अच्छा विकल्प हो सकती
00:16हैं
00:16खास तोर पर Public Provident Fund यानि PPA for National Saving Certificate यानि की NST निवेश को के लिए काफी
00:24लोग प्रिये हैं दोनों योजनाओं में सरकारी गैरंटी होती हैं लेकिन ब्याजदर निवेश की योधी, टैक्स नियम और पैसे निकालने
00:31की सुबिधा में बड़ा अंतर हैं ऐसे में निवेश करने
00:34से पहले यह समझना बेहर जरूरी है कि आपके वितिये लक्ष क्या है, आपके वितिये लक्ष के लिए PPF उप्योगी
00:41है या फिर NST, तो चलिए एके करके दोनों योजनाओं को समझने की कोशिश करते हैं, जिससे आपको पता चल
00:47सके कि आपको निवेश कहा करना है, तो फिल
01:04व्याजदर के मामले में NST, PPF से आगे हैं, लेकिन सिर्फ व्याजदर देखकर निवेश का फैसला करना सही नहीं होगा,
01:11क्योंकि दोनों योजनाओं का टैक्स, ट्रीटमेंट और निवेश की ओधी अलग-अलग है, PPF यानी पबलिक प्रोविडेंट फंड को खास
01:18तोर पर
01:18लंबे समय के निवेश के लिए बनाया गया है, इसकी शुरुवाती मैचुरिटी ओधी 15 साल होती है, और जरूरत के
01:25हिसाब से इसे 5-5 साल के बलॉक में आगे बढ़ाया जा सकता है, इसका मतलब है कि अगर आपका
01:31लक्ष रिटार्मेंट के लिए पैसा तयार करना, बच्च
01:47नहीं होती, आप पूरे वित्यवर्ष के दवरान किस्तों में भी निवेश कर सकते हैं, लंबी योधी के दवरान मिलने वाले
01:54चक्रवर्धी व्याज की वज़ा से छोटी छोटी रकम भी समय के साथ बड़ा फंड बना सकती है, पीपीएफ की सबसे
02:01बड़ी खासियत इसका �
02:02टैक्स ट्रीटमेंट है, इसे EEE कैटेगेरी में रखा जाता है, ओल्ड टैक्स रिजिम में पीपीएफ में किये गए निवेश पर
02:09आयकर कानून की धारा एटी सी के तहत कुल डेड़ लाख रुपए तक की पात्र टैक्स छूट मिल सकती है,
02:15इसके अलावा पीपीएफ पर म
02:16मिलने वाला ब्याज और मेचुरेटी के समय मिलने वाली पूरी रखम भी टैक्स फ्री होती है, यही वचा है कि
02:22लंबे समय के लिए सुरक्षित और टैक्स फ्री रिटर्न की तलास करने वाले निवेश को के बीच पीपीएफ काफी लोग
02:28प्री हैं, वहीं NSE यानि नेशनल स
02:37अक्ष है, NSE की मेचुरेटी ओधी 5 सल होती है और फिलहाल इस पर 7.7% सलाना ब्याज मिल
02:44रहा है, इसकी खास बात या है कि जिस ब्याज दर पर आप NSE खरीदते हैं, वहीं दर उसके 5
02:49साल के पूरे कारेकाल के लिए लागू रहती है, यानि वाजार में ब्याज दरों में उ
03:06लिकल्प हो सकता है, हाला कि NSE में टैक्स का गनीत PPF से अलग है, ओल्ड टैक्स रिजीम में NSE
03:12में किये गए निवेश की धारा ATC के तहद कूल 1.5 लाग रुपए तक की पातर टैक्स छूट मिलती
03:18है, NSE पर मिलने वाला ब्याज सामानने तोर पर टैक्स सेबल होता है, हाला क
03:22शुरुआती चार बर्षों का ब्याज दुबारा निवेश माना जाता है, और नियमों के तहद उस पर ATC का लाव लिया
03:29जा सकता है, लेकिन पांचवे और अंतिम बर्ष का ब्याज दुबारा निवेश नहीं माना जाता, और वा टैक्स के दाएरे
03:35में आता है, इसलिए NSE की
03:377.750 ब्याज दर को PPF की 7.150 दर से सीधे तूलना करके यह मान लेना कि NSE हर
03:44स्थिती में बहतर है सही नहीं होगा, अब बात आती है पैसों की जरूरत पढ़ने पर लिक्विडिटी की, दोनों योजनाओं
03:51में पैसा लॉकिन रहता है, लेकिन PPF में कुछ परिस्थितियों की आ
04:07दूसरी तरफ NSE में समाने परिस्थितियों में 5 साल की मैचुरेटी से पहले पैसा निकालना काफी मुश्किल है, असाधारन परिस्थितियों
04:16जैसे खाता धारक की मिर्थियों या आदालत की आदेश जैसी स्थिती में ही समय से पहले भुनाने की अनुमती मिल
04:23सकती है, ऐसे
04:37tax free
04:38everyday
04:39life
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04:41life
04:42If you have 5 years old and you have a minimum of 7.7% of your income and you
04:48want to invest in your income, then you can think about it.
04:52However, if you do not want to invest in your income, your income will be the best for you.
04:58Your income will be the best for your income, tax regime, and payso's rights.
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05:33Good Returns this Talke Saath.
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