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#SwamiAbhishekBrahmachari #RahulGandhi #Avimukteshwaranand स्वामी अभिषेक ब्रह्मचारी के इस Exclusive Podcast में धर्म, राजनीति, सनातन और आज की युवा पीढ़ी से जुड़े कई अहम और बेबाक सवालों पर खुलकर बातचीत हुई।

इस बातचीत में अविमुक्तेश्वरानंद को शंकराचार्य मानने के सवाल, शंकराचार्य परंपरा, Rahul Gandhi के हिन्दू होने और जनेऊ को लेकर उठे सवाल, सनातन धर्म, राम मंदिर, काशी-मथुरा और Gen Z की सोच जैसे कई मुद्दों पर स्वामी अभिषेक ब्रह्मचारी ने अपनी स्पष्ट राय रखी।

Podcast में बातचीत के प्रमुख मुद्दे:

🔹 अविमुक्तेश्वरानंद शंकराचार्य हैं या नहीं?
🔹 शंकराचार्य पद और परंपरा को लेकर स्वामी अभिषेक ब्रह्मचारी की राय
🔹 Rahul Gandhi के हिन्दू होने और जनेऊ पर सवाल
🔹 Rahul Gandhi की धार्मिक पहचान और सनातन को लेकर उनका दृष्टिकोण
🔹 Gen Z और आज की युवा पीढ़ी की सोच
🔹 युवाओं में धर्म और सनातन को लेकर बदलता नजरिया
🔹 राम मंदिर के बाद काशी और मथुरा का सवाल
🔹 सनातन धर्म और राजनीति के बीच संबंध
🔹 गौ रक्षा और हिन्दू समाज से जुड़े मुद्दे
🔹 देश की राजनीति और बदलते सामाजिक समीकरण

क्या अविमुक्तेश्वरानंद को शंकराचार्य माना जाना चाहिए? राहुल गांधी की हिन्दू पहचान को लेकर उठाए गए सवाल कितने जायज़ हैं? और Gen Z सनातन तथा धर्म को किस नजरिए से देख रही है?

इन तमाम सवालों पर देखिए Swami Abhishek Brahmachari का बेबाक और Exclusive Podcast।

आपकी राय क्या है? Comment में जरूर बताइए।

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Transcript
00:00:02कुछ रोका है हम अगर नमाज पढने लगे तो कुछ रोकेगा तो उनका तो कोई स्टेंडे के लिए ने क्यों
00:00:10है क्या ब्रामार है कि क्रिस्टन है कि फिरोज गादी से नचलेगा
00:00:15समाज में रहने के लिए हम लोग एक गाना सुनते थे भोजपूरी में, चाहे आप भी सुने होंगे हिंदी में
00:00:21भी एक फिल्म में चलता था कि दुनिया में अगर आए हो तो जिना पड़ेगा, जिन्दगी जहर है तो पिना
00:00:28ही पड़ेगा
00:00:36आपको क्या लगता है साधू सरूप बनाने के बाद अगर बंदी कोई साधी नहीं किया है तो ब्रहमचर का पालन
00:00:44करता ही है
00:00:45सबसे बड़ा है कि क्रिश्नलला हम आएंगे और मंदिर वहीं बनाएंगे
00:00:50हाथ जोड़के आगरह करते हैं माननी अखिलेह जादों से कि आप यादों कुल के बंसज हैं और भगवान कृष्ण सुदर्संदारी
00:00:59यादों के साथ रहें आप पहल करिए कि कृष्ण मंदिर वहां बनना चाहिए
00:01:02आप का इसपे क्या मानना है कि एक योगी को एक सन्यासी को अगर सत्ता सवालनी पड़े तो इसमें गलत
00:01:10क्या है?
00:01:11दर्म के अपनी भावना होती है और समिधान की अपनी भावना होती है तो यह तो नहीं कहा गया कि
00:01:17समिधान Haben
00:01:19कि धर्म को हटा दिजिए वेद के अस्तित्य पहुना मत मानिये हम समीधान के खिलाप नहीं है
00:01:25परंतु सास्त्र के भी हमारे रगरग में बसा हुआ है
00:01:29और सास्त्र और समिधान के समन्वे से समाज की स्थापना होती है
00:01:32ऐसा तो है नहीं कि सास्त्र के अनुरूप हम बैठे हुए हैं
00:01:36और हम किसी को गोली मार देंगे तो समिधान हम को जेल में नहीं ले जाएगा
00:02:05और सबसे बड़ी बात है जो पीछे आप तस्वीर देख रहे है
00:02:13स्वामी करपात्री जी महराज इनके अनुवाई हैं तो यह पूछेंगे कि क्यों है
00:02:20और किस तरह से सक्या है और सनातन धर्म से और तमाम देश की समस्याओं पर बात करें
00:02:25यह मैंने आपका परचे थोड़ा सा दिया है क्या सही दिया है
00:02:28स्वामी करपात्री जी महराज आदी गुरु संकराशाज के परंपराओं पर चलना अपने आप में गौरों का छण होता है
00:02:36हम लोग उनके अनुआई क्या बन सकते हैं हम लोग में इतनी छमता नहीं है कि जिन महापुरुषों ने बिना
00:02:42साधन संपनता के इतना प्रयास किया उसका हजार हिस्सा भी हम लोग कर सके परंतु जो भी सनातन धर्म हिंदु
00:02:50धर्म में जन्मा व्यक्ति होगा उस संकराशाज का
00:02:53अनुआई जरूर होगा संकराशाज को जरूर मानेगा स्वामी करपात्री जी महराज के प्रति उनकी उनका दाईत जरूर होगा
00:03:01तो हमारा भी दाइत तो है कि स्वामी करपात्री जी महाराज जो देश के लिए, गव के लिए, समाज के
00:03:07लिए किया है तो उनके प्रति हम लोग भी अपनी स्रधाजली बेक्त करने का आउसर हमको मिले, यह हमारी भावना
00:03:13है.
00:03:15सबसे पहले आपको जो की दर्सक्त हमेशा आप जैसी महनुवत्यू के बारे में जानना चाहते हैं कि किस तरह आपकी
00:03:22दीख्चा हुई, कहां दीख्चा रही, कौन आपके गुरूर है, किस ने आपको दीख्चा दी और आप मूल रूप से कहां
00:03:27से आते हैं?
00:03:27हमारे घर बलिया में था, हमारे पिता जी बलिया के थे, तो हमारी अपने परिवार के लोगों से अपने गाव
00:03:36में जब जाते था अपने नानी के घर में तो जाती ह्यार में तो उसका हमारे नानी का एक तै
00:03:40कि उ doen गंगाजी रोज जाती थी。
00:03:41सबर उठके तीन बजे उत चाहिए उन लोग भी बचपन में उनके साथ-साथ गंगाजी जाते थे तो जा गंगाजी
00:03:49जाने आने के करम में अपस में कथा कहानि
00:03:52और जो भी भगवान का स्थान होता था हुआ जलो गरा चढ़ाते रहते थे लोग तो हमारी भी प्रविर्ति उसल
00:03:59हुई धीरे-धीरे हम लोगों ने पढ़ाई किया उहां जाना आना थोड़ा कम हुआ पर अधर से हम लोगों कुछ
00:04:06जादा फील हुआ कि और बढ़ना चाहिए ह
00:04:10अऱमारे यहां बलिया में एक दाधरी मेला हुआ करता था हर साल लगता था तो हम अकले गाहों के झालते
00:04:16हैं सब्सक्राइब लुको साहिए उनके साथ हम जए घर, पार निंद्ल के उयद्साले मेला चो उसली प्यांत बढ़ना से disp
00:04:38Lloyd-क फॉट आघर पालिका के तरफ से
00:04:40भी रुख गए उसमें तो बहुत देर से स्वामी वेदांती जी महाराज आए जो स्वामी करपात्री जी महाराज के शिष्षित
00:04:47है तो जब अभा मंडल उनका था मैंने ठंडा के समय में
00:04:53अक्टूबर नवंबर नवंबर हो तिसंबर महिने में लगता है कार्तिक पूर्णी मां के बाद नवंबर दिशंबर होता है तो हलका
00:05:01गोधूली बेला हो गई थी स्वामी जी आया और तुरंत मंच पर गए जब उन पर लाइट जा रहा था
00:05:07तो लग रहा था कि उनके सरीर से ज
00:05:22लगे तो सुनतिने से स्वामी जी का जो स्वरूप था हम लोग को देखने के मिला फिर उनका प्रवचन था
00:05:30फिर हम नोट करने लगे ऐसे करते करते करते मन कब उधर चला गया कुछ पता नहीं चला जैसे नाम
00:05:39के आगे आपके जहां कोल रहे हैं तो ब्रहमचारी लिखा हु�
00:05:52अगर समाज के हितकी आपने सोचा हो या उनके आलोके जो उनका तेजस था उनसे आप परवावित हो गया तो
00:05:59मैं सोचता हूँ कि अगर मैं कुछ समाज सेबा करूंगा तो मैं और दूसरे रास्ते भी हो लेकिन हाँ पर
00:06:04आपने ब्रहमचार का भी पालन करते हुए क्यों दिम
00:06:21लोग समाज करना सुरू कर दिय वह अपने से नहीं लिए प्रमिचारी हमारा पूलटा हमारे जो पिता जी जब बचपन
00:06:28में हमारा दो नाम करता था जब हम छोटे थे तो हम लोग पिता수가 हमारे च्हाए संप छे भाए थी
00:06:35तो हम हमारे बड़े पिता जी क एक हमसे से एक दो मह
00:06:54तो अब समाज में जानने के बाद साधू समाज का अगर स्वरूप आप बनाएंगे तो उसका उप्मा उस टाइटिल से
00:07:04नहीं होता है उजाती वहिस्कृत कर दिया जाता है परन्तु यह नहीं है कि आप हो गये तो आप दूसरी
00:07:11जाती से संब्ध रख लिए परन्तु आपका ज
00:07:19किसी में स्वामी और सरस्वती होता है तो कई प्रकार का उसमें उपमा हो जाता है कहीं त्यागी लिखते कई
00:07:26प्रकार जो जैसी परंपरा करता है तो हम स्वामी जी को मानने लगे स्वामी जी में हमारी निष्ठा बन गई
00:07:32स्वामी बेदांती जी महाराज में और स्वामी बे
00:07:50स्वामी कर्पाति जी अपने सिस्षों को कुछ नहीं दिया सिवातृपाग कि उनकी कृपा हम जरूर मिली और अगर कृपा नहीं
00:08:03मिली होती तो फिर समाज में खड़ा नहीं होते क्योंकि जहां से हम निकल के चले हैं एक सिंटू से
00:08:10लेके स्वामी अभिशेक ब्रमचारी तक ल
00:08:19परन्तु जो इस्तुती का समग्र सुरूप होता है उसका लोग दर्सन नहीं करता है अगर निंदा कोई गली के चलने
00:08:28वाले लोफर करते हैं तो उसका एक बड़ा समूह खड़ा हो जाता है कि आपने किया अरे हमारी निंदा मिश्चित
00:08:35रूप से किसी ने की होगी और भगवान
00:08:37राम की निंदा करने वाले जब की भगवान में कोई अउगुन नहीं था तो उनका निंदक उनके घर में कौन
00:08:42बैठा था मंथरा बैठी और पूरे समाज को कलुसित कर दिया जद्ध प्रभू का कारण था परिणाम क्या हुआ भगवान
00:08:50को 14 बरस जंगल में जाना पड़ा त
00:09:07यह चैनल के एंकर ने यह किया है बस उसका प्रपगंड़ा समाज में चला जाता है उसके यह थार्थ का
00:09:14कोई विसलेशर नहीं करता है यह बड़ी बिडमना की बात होती है इसलिए समाज में रहने के लिए हम लोग
00:09:20एक गाना सुनते थे भोजपूरी में चाहें आब भी सुन
00:09:37है कि बालू है आफ कहा के रहनेवाद?
00:10:06सबेरे जाएंगे तो वही बालु इतना ठंडा हो जाता था जिसका कोई सीमा ने तो समाज में रहने के पर
00:10:12तरह तरह के लोगों को सहना पड़ता हो चुकि हम लोग समाजिक लोग हैं तो हम लोग को जादा सहना
00:10:19पड़ेगा बिल्कुल और आज कल का दौर कुछ ऐसा आगया है क
00:10:22कुछ अच्छा भी हुआ है लेकिन साथ-साथ जो आपने बात कई कि निंदा या अलोच ना कुछ भी कहलो
00:10:29वो सनातन पर भी काफी ज़्यादा होती है एक उसकी तरफ बढ़ेंगे लेकिन सबसे पहले जो नाम के पीछे आप
00:10:37बोल रहा है मैं आके बोला हूँ ब्रहमचारी ल
00:10:52बता ही है बिलकुल तो आके बरता सर आज की तारीक में स्वामी जी जिस तरीके से सनातन का जो
00:10:58भी शरूप है जो पिरके यह चल रही है आप देख रहे हो उसमें यह अलोचना तो होती होती है
00:11:04और कई जगह यह होता है कि अब जैसे अभी देखिए इसको मैं एक आप कैसे उस
00:11:21समय उसमें एक आपने देखा होगा चड़ावा चूरी का मामला सामने आया है सरकार ने कारवाई भी की है लेकिन
00:11:29आप आपकी निजरमी यह सब क्या है आप इसे कैसे देखते हैं और जो इस समय अगर राजनेतिक आप कोई
00:11:35टिपनी करना चाहें मैं आला कि पता नहीं आप करन
00:11:49होगा जाना चाहिए आज इस पर सभाल उठा रहे हैं उठाना चाहिए एगर चड़ावा चूरी हुआ है लेकिन आप इनकी
00:11:55मंसाओं को कैसे देखते हैं सकार्णकिक को इसमें कोई रोल है नहीं परन्तों सरकार के रोल को इसलिए हम ध्रने
00:12:05बात देते हैं कि कि- कि- sशंस्थ
00:12:19अगर स्वामी जी के और से कोई अनरगल कारिक्रम आपके संबंध में हो जाए, गाली स्वामी जी दे दे, चाहें
00:12:25आप स्वामी जी को गाली दे, तो दाइत तो फिर आपका न बनता है, आप उसके प्रतिनिधी हैं, परन्तु पनिस
00:12:31तो पहले आपको किया जाएगा, कि आपने क
00:12:47यक्ष्प्रश्णता, जिस ब्रतिन जिन लोगों कि राममंतर नहीं बना, आम का कि शितुरा नहीं है,
00:12:54कि राम का इस्तितु आंगे उसको बनाना चाहिए माननी प्रधान मंत्री जी ने इसी अगस्त महीने में घोसणा पांच को
00:13:02साइद कहा था कि कब याद नहीं घोसणा कि नहीं
00:13:06में कुे सके चाई नहीं नहीं, मंदिर बन गया, फिर मंदिर के जो हो रहा था, मंदिर का सिल senza
00:13:18हो रहा था, उस समय एक समूम ने का महीं हो नहीं नहीं दर जाइए, पर जी हो रहा हो
00:13:24gimn
00:13:24होना चाहिए उस समय भी विरोध हुआ मंदिर की जब प्राण प्रतिष्ठा होने लगी बड़े बड़े आचारी निकल के और
00:13:31कहें कि इसा नहीं होना चाहिए गलत है उसमें प्रेत आएगा फलना डेमका होता रहता है वह तो हो गई
00:13:37उभी फेज पार किया गया अब मंदिर के �
00:13:40कि जरखना सैज रहावा चोरी पर जोग चरचा करते हैं कि आपका उसका हिसाब लेते है घर में आपका लड़का
00:13:48हो जाए हमारा भाई हो और और कोई हो चाहिए रहे हैं ह 확 net. दूदू कि
00:14:02पर दीसमाल को उसी को बेधन देखना हैं।
00:14:17के अलावा भी हमारे पास मुद्धा जिन लोगों ने बात कहा है कि चंदा चोरी का जिनको बहुत ज्यादा भय
00:14:23है जब चंदा चोरी के बिसे में जो ज्यादा चिंतित हैं उन लोगों से आपके चैनल के माध्यम से आपके
00:14:29माध्यम से हम हाथ जोड के प्रार्थना करते हैं प्र
00:14:45जार्थना करते हैं कि जिन लोगों को इस विशे की चिंता है कि चंदा चोरी हुआ है तो यह गलत
00:14:50काम हुआ है परन्तु चंदा चोरी एक छोटा भी से बड़ा यक्ष्छ भी से हमारे और आपके बिश में जो
00:14:55राहू और केतु के भात ही हमारे मार्क औरुद किया हुआ है सबस
00:15:14कि इसके पुर्व मुक्मंत्री है बिपक्ष के नेता है संसद में भी बड़े विपक्षी पाटी हुआ है संसद में भी
00:15:21अवाज है बड़े सांसुदों का एक समूह उनके पास है उनसे हम हाथ जोड के आगर करते हैं इस बात
00:15:27को कौट करिए गा हम कहते हैं इसका कार्शाट �
00:15:30नहीं होना चाहिए हाथ जोड़के आगरह करते हैं माननी अखिलेश जादों से कि आप यादों कुल के बंसज हैं और
00:15:37भगवान कृष्ण सुदर्संदारी यादों के साथ रहें आप पहल करिए कि कृष्ण
00:15:42मंदिर आए करते हैं उनके माते पर केश्दं लगाने आएंगे अगर करना चाहिए कि याम आप चंदाचोरी पर निषल्टित है
00:16:02अधयलर होना भी चाहिए क्यों कि भार्त पासे हमारे पासे नहीं है कि कृष्ण लपार मंदिर यह की वरिगा क।
00:16:17प्रतिक्षा कर रहे हैं और भगवान का दिवाल खड़ा कर गया मंदिर के निव पर मस्जीद का दिवाल खड़ा हुआ
00:16:24है और जो हमारे आधिविश्य से उस पर एक बर्ग के द्वारा अजू बनाया जा रहा था खूला किया जाता
00:16:30था उठा पानी गिराया जाता था उस भग�
00:16:42का दास बनने को तैयार है अगर पूरा सनातन धर्म काम प्रतिनिधी तो नहीं कर सकते हैं परन्तु हम अपने
00:16:49और से हम आपका चरण धोके पिएंगे अगर आप यह बात उठाएंगे तो लिए बात आपने अकले से आदर जी
00:16:55जो सपा सुप्रीमों कह सकता हूं है और आपने �
00:17:00कासी का जो है उसके वज़े से आपने का जहां वो बुजू वगेरा करते थे तो यह बात उसकी थी
00:17:06एक चीज और हम देखते हैं कि जब हम आप लोगों से कभी-कभी राजनितिक प्रशन पूछते हैं उससे भी
00:17:13बड़ी बात यह आती है कि कई बार लोग वो खास तोर से जो �
00:17:17यूपी के मुखमंत्री हैं योगी आधितनाथ जी उनको देखकर कहा जाता है कि एक भगबादारी को राजनिती में नहीं उतरना
00:17:25चाहिए एक सन्यासी को राजनिती में नहीं उतरना चाहिए एक योगी को राजनिती में नहीं उतरना चाहिए लेकिन इस प्रवेस
00:17:32की जनता क
00:17:46इससे भी कई तरह की एकनोमी अर्थविवस्ता बेहतर हुई है सिर्फ एउध्या की बात नहीं दूसी जगे उन्होंने काफी ऐसा
00:17:53किया है आपका इस पर क्या मानना है कि एक योगी को एक सन्यासी को अगर सक्ता सवालनी पड़े तो
00:18:01इसमें गलत क्या है देखिए ये भी से तो
00:18:04जो कहने वाले हो तो तह नहीं न करेंगे कि हमको क्या करना है हमारे बादे में भी लोग करते
00:18:09होंगे कि आपको इंटर्व्यू क्यों देना है तो दूसरा नहीं करेंगे तो हम नहीं करेंगे कि हमको क्या करना है
00:18:16और हमारे घुरुजन करेंगे आदेश देंगे सास्त्र क्या क
00:18:32ल्ग रवगे पुरवज थे भगवान राम को ट्रेनिंग कौन दिया जाद लगे लगे न चुधा अफिपासा अतुलित बलतंथ स्वापि प्रक्षौ
00:18:40मित्र क्या थे उच्छ ते साधु नहीं थेखेश शौड़ते साधू नहीं थे जावाली क्या थे
00:18:46जोड़ते साधू नहीं थे अगस्त मुनी क्या थे बताइए दधीची क्या थे दधीची ने अपने सरीर के मांस मज़ा और
00:18:55रत का परित्याग करके और जो वृत्ता
00:19:01तक राजनीती और धर्मनीती दोनों एक दूसरे के के पूरक है नीठी धर्म के चरण सुहाए जैसे धर्म अगर पती
00:19:12वासी उसकी पतणी है पती और पत पति ऑर पत्नी को बिछोग कर के संटानोगत पत्त की प्रे लेना दी
00:19:18तो फिर एक ऐसा संभव होता है राजणीती जो है धर्म की पत्नी और धर्म अनुरूप अगर राजणीती चले तो
00:19:26उसमें कहीं बुराई नहीं है बड़े-बड़े जो रिशी महरसित्थे वो राजणीती में जोगी आधितिनात जी अगर जनता के पसंद
00:19:34नहीं होते तो फिर �
00:19:35उनको जनता इतने बहुमत से जिताती क्यों तो राजनिती होनी चाहिए धर्म नियंत्रित राजनिती में अगर कोई करता है तो
00:19:43इसमें बुराई क्या है और कहने वाले तो कहते रहते हैं कि इसके किसके बात का भेलुत है इस पर
00:19:48काफी ज्यादा हमला होता है कि धर्म को राजनि
00:20:04या योगी जब से आने या भार्दीयांता प्राइटी को कह लिजिए उसको वो कहते हैं कि आईए धर्म को राजनीती
00:20:12से जोड़ रहे हैं धर्मान्थवा बढ़ा रहे हैं ऐसा आपको लगता है क्या यह किस तरह कीचीज है उनका कहना
00:20:19पुस्तक किि चर्चा कहां से आते
00:20:31आपने समिधान की पुष्टक देखा है मुलब्रति उस पर भगवान पुष्पकार उड़ भगवान राम विराज माने तो कहां से आ
00:20:38गया समिधान के अर्थ को निरर्थक रूप में अगर प्रस्तूत किया जाए तो कौन मना किया हुआ है धर्म की
00:20:45अपनी भावना होती है और स
00:21:04समीधान के समाज की इस थापना होती है ऐसा तो है नई कि सास्तर के अनरूप हम बैठे हुए हैं
00:21:17और हम किसी को गोली मार देंगे तो समीधान हमको जेल में नहीं ले जाएगा ऐसा तो नहीं है परणतु
00:21:24सास्त्र समीधान के मिसरन से समाज चलता हम
00:21:34दर्साया गया और करने की सोतमतता दिजाते जो ठरस्ट का एक अपना बाहिलाज नहीं होता है जिसको हम चीटपन में
00:21:40जाकर कराते हैं कि हम यह काम अपने स्था के अपने संस्था के माधियम से करेंगे तो इसमें कोई भुराई
00:21:47तो है नहीं और लोग अपना करता रहेगा तो �
00:21:54सभांट प्रह्त कर।
00:21:55किसी समिदान का पूरा-पूरा क्या होता है
00:21:59सेकुलर की परिभासा क्या होती है और इक कमिनल की परिभासा के य koş were
00:22:13कड़िया तो कोई जाने गा नहीं प करने में क्यों ज生
00:22:20करोग देना ठीक है अभी हम तजिया का था हम जा रहे थे मुझभफरपूर से उहां देवगर जाना था रास्ते
00:22:28में इतना उत्पात किया था सब यहां से कटके उहां जाए हर जगर डाइवर्जन था क्या तो निकल रहा था
00:22:34जिया कल हम आ रहे थे उहां से भोपाल से नलखेरा
00:22:40से आये थे उजये रास्ते में जब माता है निकल रही थी कावर यात्रा चल रहा था तो देखा तो
00:22:46उसाफ साइट दे दिया पर तो उसाफ तो रस्तवे रोक दिया था नहीं जाएंगे हम लोग भी लाल पियर पहने
00:22:51थे हम कहें कि जाएंगे तो जगड़ा जंजट कर लेगा
00:22:53रास्ता चोड़ दिये थे तो 26 जून का था 26 जून था जिस जन ताजिया निकला था तो हमारे सुभाव
00:23:01में किसी को भी छेप नहीं करना है हम अपना पक्छ रखेंगे उस पक्छ से आप घबड़ा के चले जाते
00:23:06हूं अलग बात है परंतु हम किसी का पथ रोकेंगे नहीं हम
00:23:11अपना पक्छ कहेंगे आप उसमें नहीं बैठते हैं आपकी मर्जी है परंतु हम अपना बात कहेंगे कई बार मैंने कई
00:23:18नेताओं को देखा है जो इस तरह की भाइशा कहते हैं कि धर्म क्या रोटी देगा एक बात यह कहते
00:23:24हैं साथ-साथ यह जबरदस वीडियो आता है और
00:23:41देख्या में कामरती आते हैं परास्ते बदल दिये जाते हैं उसकी वज़े से लोगों को परिसानी होती है ऐसा कहना
00:23:49है और उनका कहना तेज अब आज में बजाते हैं और यह इस तरह कि उनकी टिपणी होती हैं बलकि
00:23:55वो तो कई लोग तो हुड़दंग भी इसको नाम दे द
00:24:00कह मोहर्रम की बात कहीं तजी की साहड बो इस पर वी टिप्णी करें तो धर्म क्या रूटी देगा यह
00:24:07सवाल है इसको कहने के पीछे क्या मक्सद है और इस पर आपका क्या जवाल है देख questa कट अरब
00:24:15क्या बैने onे को के की लिए वाग में माता को करने में क्या लाइख है
00:24:19कुतर्क का कोई उतर नहीं है और जिसको हुड़दंग लोग करते हैं यह हुड़दंग नहीं देखते हैं कि अपने क्या
00:24:28क्या कर लेते हैं जो निकालते हैं और सब उसके लिए क्या होता है उसको हुड़दंग नहीं दिखाए देगे एक
00:24:34बर्ग विशेज का टार्गट करना
00:24:36तो आज़ार चौदा के पहले लोगों की नियती बन गई थी उड़दंग कर रहें यह कर रहें वह कर रहें
00:24:42दूद सीवलिंग पर चढ़ाने से क्या लाब होता है वह दूद गरीबों में बाट देते यह करने से क्या लाब
00:24:47यह तरक का मतलब है एक फिल्म भी बनी थी इस तरह क
00:24:51कि वह कर रहें दूद देखेंगे लोगों में चमा सीलता जादा है इसलिए जिसको जो मन है बोलता रहता है
00:25:11जिसका जो मन करता है जाए देखिए हमारे हां चमतकार
00:25:15मदीरा चड़ाया जाता है काल भैरो मंदीर में और भगवान पीते हैं देखेंगे नहीं अभी महापत उज्याग में अभी चले
00:25:23जाए यहां उत्तर प्रदेश में कोई हनुमान जी का मंदीर है पिलकुआ महाराज की कौन करते हैं लड़ू जाते हैं
00:25:29हनुमान जी लड़ू �
00:25:31इस पर तो जो इसके टीमसी की सांजद है महुआ मोत्रा नोंने भी काली मा को लेकर कियो इस तरह
00:25:38के मदरा चड़ाने को लेकर कापी ब्यंग वान और टिपड़ी की थी कि वह ऐसा था नशेग महुआ जी पर
00:25:45भूलना नहीं हम चाहते हैं वह पूजनी है हमारी बहान है बिलक�
00:26:00कि गया हमें सिखाता है लोग कह दे कि हम सनातनी है हम चुझा की हिंदू धरब में हैं पैदा
00:26:07हुए है इस्वेन
00:26:08लेकिन संथन हमें क्या जिम्मेदारी देता है हर लेकि हimm maa के गोद में जाता है तो सबसे बड़ी जिम्मेदारी
00:26:21उसकी होती है कि
00:26:22जिस मान ने आपको कपड़ा पहना सिखाया आप तो नंगे आये थे उसका अंतिम तक भरन पुषण उसका देख रह
00:26:29करना हमारा परम करतब है यहां मा और पिता के प्रति उसका दाइत हुआ भाई बहन और पईवार के पति
00:26:35अभी अभी देखें सावन का महीना चला यूपी बि
00:26:52लगता है कि अगर उसका फून आया तो करेंट लग गया चार्सव चालिस वोल्ट का तुरंट पहुंचेंगे इस सब के
00:26:57साथ होता है हमारे साथ भी होता होगा पहुंचते हैं यह अभी एक सानातन का दाइट है दूसरा दाइत होता
00:27:03है धर्म जिस देश जाती में जनम लिया �
00:27:07वलिदान उसी पर हो जाए वह सक्ति हमें दो दयानिदे करता विमार्ग पर डट जाए करता विमार्ग धर्म क्या होता
00:27:15है धर्म का मतलब आर्थी उठाली और त्रिपुन्द मार लिए चाहें उर्दुपुन्द मांडिया राम जी के मंदिर में जाके किरतन
00:27:21कर दिए धर्म थ
00:27:34जगड़ा करते गाली भी सुनते होंगे थपड़ और लपड़ भी खाये होंगे तो आपको बुरा लगा वहार हम दूसरे के
00:27:40प्रति नहीं धर्म का परिभासा यह है कि आत्मना प्रतिकूलान परेशान असमाचरित जो अपने को बुरा लगे दूसरे के प्रति
00:27:50नहीं और द�
00:28:03जाना स्वधर्मो निधनास्रेया पर धर्मो भयावा दूसरे को दे के लोलुपता जैसे किसी कोई बड़ा धनाध्य वेक्ति हो आपके घर
00:28:12में रोटी डाल कपड़ा मकान इसे इसी तक सीमित हो तो क्या उसका लूट के ले लेंगे
00:28:17कमणिष्ट बादी तो होंगे नहीं कि उसके धन को हम बराबर बराबर बाट के समको समतूले बना दिना है अपने
00:28:23परिश्रम से यह करना है कि उससे आगे निकले, चाहें हम जिस पर है, उसस पर संतुष्ठ रहें, संतुष्ठी की
00:28:28का तबलेट खाना ही बड़ा जरूरी होता
00:28:31यही धर्म सिखाता है और धर्मक में उनबाद की कहीं परिभासा नहीं आती है
00:28:36एक और आशकल बातसी चल रही है कई लोग ऐसे हैं जो कहते हैं कुछ मुसलिम भी है कुछ और
00:28:42अनलोग भी हैं
00:28:43कहते हम सनातनी हैं क्योंकि हम भारतिय संस्कृति की परंप्रा करते हैं
00:28:48पई जेका ऐसा मैंने देखा है अपने अपने सनातनी मुस्लिम तो यह सनातनी मुसलिम सनातनी बौध सनातनी यह हो सकता
00:28:57है संभव है उनका कहना यह ठीक है
00:28:59सुनिये जिस आपने बड़ा सुन्दर परश्ण पहारे मन में भी था कि अगर पूछते तो अच्छा रहता बच्चा जैब पैदा
00:29:08होता है तो सनातनी पैदा
00:29:30करता है उसके घर कटिंग नहीं किया जाएगा तो मुस्लिम नहीं होगा और लोगों का तो बच्चा पैदा तो सनातनी
00:29:37ही होता है
00:29:38और सब के सब धर्मों का है 14 सो बरस पहले मुस्लिम धर्म आया दो हजार पर से इसा का
00:29:44जनम हुआ तब से यहा नाम है यहूदी सब का एक लिमिट है पर तु सनातन धर्म कब से है
00:29:51कोई पता बता दे तारीक किस दिन से है सनातन धर्म में भगवान आते हैं यह नहीं है कि राम
00:29:58के �
00:30:04सबते हैं इसनातन धर्म से निकलते से हम लोग बहुत भर्म को ले लिजए जो किल वस्तु के सिधार्थ
00:30:25और बहुत करते क्या है ठीक उसके भी परीद करते तो उन्होंने मांस खाया मरे हुए जानवर का मांस का
00:30:33लिए
00:30:36परन्तु अब के जो दलाई लामा आते हैं वो क्या करते हैं बकरा कटता है वो मुर्गा कटता है
00:30:43लुग क्के होटना क्या नहीं है जितनी रामा घूंते हैं मरे हुए बकरे की मांस तो नहीं खाते हैं वेज़िटरियन
00:30:53तो है तो
00:31:13यह जो लोग है जैनी पूरा मानते हैं हिंदु धर्म का पाट उसमें अहिंसा का मतलब पूरत आहिंसा होता है
00:31:20तो उन लोग उसे हम लोगा कोई नहीं और लोगों को देखिए सिधांद से हमको लगता है कोशो दूर भठका
00:31:27आवा गया सिधांद पर कोई रह नहीं गया
00:31:30एक अभंग थोड़ा सा समाजना चाहेंगे देश की विवस्ता पर खास तोर से और इधर हम देखते हैं अगर उत्तर
00:31:39भारत और दक्षिन भारत में जो सनातनी पर्मप्रा हैं उनमें दोनों में आप क्या अंतर देखते हैं क्या बहाँ पर
00:31:47किस तरह से पालन होता है यहां पर कि
00:31:52और भीतर तरीके से कर पा रहा है जो सनातन धर्म का मूल सुरूप देखना है तो दच्छिन भारत में
00:31:58जाई जिस तरह से लोग परंपरा का पालन करती है जो भी हम देखते हैं एक जगा गये थे तो
00:32:05महिला थी अमेरिका आदिक में कोई बड़े पोश्ट करती और जब यहां आ�
00:32:22साथ देखे हम लोग बारत 13 सितंबर को हमने किया था एक कारिक्रम बीजय बाड़ा में माता कनक दुरगा के
00:32:33मंदिर से 10 किलोमेटर पल जब हम लोग कारिक्रम के तो तो इतना ज्यादा उसमें लोग आये थे इतना ज्यादा
00:32:41लोग आये और पूरा धूप अपने चरम पर थी �
00:32:44वार का धूप था और माताय बाहर बैटके कुमकु मर्चना के लिए परसान थी कि हमको भी एंट्री दिया जाए
00:32:50करने के लिए इस तरह का धूम होता है उत्तर भारत की जो सबेताल लोग मंचों से सनातन धर्म की
00:32:56बात तो करते हैं परन्तु करतब में पालन करने में थोड़ा
00:33:02दिक्कत परंपराओं का बिछेप नहीं हुआ है अभी परंपरा वहां बची हुए हमारे हां उत्तर भारत में परंपराओं को बचाने
00:33:10का उतना प्रयास नहीं हुआ है स्वामी करपातरी जी महराज के बाद बड़े-बड़े लोग मठ मंदिर आदिक तो बनाए
00:33:17परंतु जो
00:33:18परंपरा थी उसका बड़ा ज्यादा लोप हो गया हम लोग देखते हैं पंजाब आदिक में जो भी है सादू संतों
00:33:25का डेरा तो बहुत है परंतु जो परंपरा होनी चाहिए जो सिधांत की बात हम लोग करते हैं वह सिधांत
00:33:31का घोर आभाव है सनातन का स्वरूब जैसे हम स
00:33:48चाहिए अभी देखिए बैदिक ब्रामारू बनेंगे क्या कहते हैं अचला लगाते हैं मैं उस भेश में बैठते हैं अचला लगाने
00:33:57के बाद भी आज मैं चलूँगा उस तरफ लेकिन सबसे पहले चलूँगा क्योंकि आपने स्वामी करपाति जी महराज का नाम
00:34:03लिया और ह
00:34:15जाता है कि इस सरकार में गाएज ज्यादा अवारा घूम रही है किसानों का नुकसान कर रही है इन दोनों
00:34:23चीजों को हलाकि मुझे इसका जवाब मेरे पास है मैं दे चुका हूं करी लोगों को लेकिन मैं आपकी तरीके
00:34:30समझने शातों मैं अपने आपको और सुद्ध करू�
00:34:42पूरा जख जोर देने वाली है जैसे जलिया वाला भाग घटना क्रम को भुलाया नहीं जा सकता है उसी तरह
00:34:48साथ नवमर के घटना को नहीं बुलाया जा सकता है कारण क्या है क्या कारण उसका कारण यही है कि
00:34:54पूरा जो स्वरूप था विभशनकारी था लोग मांग कर रहे
00:35:02कि बाबरी मस्जिद अमने लोग जा रहा है कि मंदिर बनाला चाहिए मुलायन सिंग्यादों गोली चलवा रहा है यह घटना
00:35:10भुलाया जा सकता है सनातन धर्म पर प्रहार किया जा रहा है सनातन के माल विंदू को खंडन करने का
00:35:15प्रयास किया जा रहा है और दूसरी वरे आप �
00:35:17जब गाय बचेगी तो क्या सड़के पना घुमेंगी अगर हमारे नेताओं को इससे कहीं हु है
00:35:23तो बड़े-बड़े गऊसालाओं का निरमाण करके उन गायों को रख सकते हैं जैसे अपने पार्टी के लोगों को क्यैर
00:35:29करते हैं
00:35:30पार्टी चलाने के लिए खर्चा करते हैं तो उस तरह एक बड़ी गोसाला खड़ा कर दे जो पसू हमको लगता
00:35:36है सो नहीं पचास नहीं पांसो नहीं हजार घुम रहे हैं दस अजार घुम रहे हैसा तो हमारे नेताओं में
00:35:41कि बड़ा फंडिंग और बड़ी रैली कर सकते हैं
00:35:59गाय रखने के लिए यह आरोब भी लगाते हैं कि इस सरकार के बावजूद देश में बीफ एक्सपोर्ट बड़ा है
00:36:07इसे आप कैसे देखते हो क्या कि बड़ा जूट है और कहने वाले तो बहुत करने वाले दोनों बात करें
00:36:14दो अर्थी बात कैसे निकली गेक और तो कर रह
00:36:22है तो यह दोनों का समन में कैसे होगा है दोनों क्यूश्चन में थोड़ा थोड़ा अंतर दिखाई दे रहा है
00:36:27तो यह सम बातों का कुछ भैलू नहीं हम लोग संतुष्ट है कि गाय की रख्षा एक सीमा तक सरकार
00:36:34करने का प्रयास करें उसमें सुधार जरूरिया कि पुनति
00:36:51हमारी मां संचाचट से चल रहे है स्वामि कर पात्री जी महाराज की मांग है उससे पीछे थोड़े है आज
00:36:58माने जिसे चैनल के मादम से मांग करते है कि गोरक्षा पुर प्रतिबंद होना चाहिए इसके लिए कठोर्थम कानून बनना
00:37:07चाहिए कि सजो गाय की हत्या करने का �
00:37:09पराज करें उसको फासी पर लटका दिया ज़ए क्यों नीं बना पार रहे सरकार सरकार की अपनी एक पॉलिसी यह
00:37:15उसमें लगा है करेगा सरकार हम को आसा है कि मोधी जी इसको करें अच्छा एक चीज हमने मैं आपके
00:37:20बारे में थोड़ा सा सोध कर रहा था चुकिया आपका ब�
00:37:37बीजकी अब आप जो है उनके साथ खड़े दिखाई हैं उनके स्पर्वक्तार से
00:37:43काम में बदलाव कि वजय से I recall kimi कामों कि वजय से आपके
00:37:47मंगा निया वात है कि इनका सव्म्रT Imagine स
00:37:50लगा ब्ला के सरकार के 500 हिर्चना का सकरूट कर ना हमारा काम थोड़े हैं कोई
00:37:53सरकार के प्रवक्ता तो है नहीं कि मोधी जी जो कहे हुए उसी
00:37:57लगे हैं १ुदिनाला करें me यु इस ये गलت है उसको सरकार की एक रूभिस के लिए
00:38:04जाएंगा सरकार को सीख़ हैं रेकुदनीर 6 कि सब्सक्राइब ह doctrine कई ho
00:38:08सकते हैं और मंदिर बनाना की तो उसक्राम कैसे कर सकते है
00:38:13और हमारे द्रिष्टी में लगा
00:38:15कि ये काम ठीक नहीं है, तो उसकी प्रसंसा
00:38:17हम कैसे कर सकते हैं, तो दोनो
00:38:19समनार् mammals सब्द होते हैं, जो हमको
00:38:21द्रिष्टी में लगेगा, जिसे आपको हमारे
00:38:23बेठने का तरीका आच्छा नहीं लगेगा
00:38:25तो आपने कहा कि नहीं उनका बश्चने का तरीका नहीं लगा परंतु थोड़े दिर में कहें कि नहीं आप भी
00:38:30ना कहें कि नहीं उनको उनमें भी नम्रता है बहुत है खाना खिलाना चाहते हैं तो दोनों सब को आप
00:38:35देखेंगे और भी से लेसर करना होगा तो दोनों भी से प
00:38:55है साधु बनना बहुत कथ़िन होता है कि स नहीं कि मुखी करूपर में कि सकता है कि अब
00:39:02से ले करब कर्म क्या क्या हो सकता ही हम नहीं जाटेए कल का पता नहीं कि हम को किस
00:39:07पुसर करना पड़े पर Not
00:39:11साधू वेश में रह है कर दॉछा किरतन करें कि सरकार जो कह रहuna है कि सरकार गलत कर यहां
00:39:19वाग मुखर आलोचक हम रहं
00:39:20सरकार के खाल रहें और दो मुखर प्रसंशक के रूप में उनके साथ खड़ें एक और स Yummy
00:39:26जी है स्वामी अभी मुक्तिष्रा नंद जी जो पिछले काफी समय से सरकार के एक मैं कहा हूं घोर-ालो
00:39:34-चक के रूप में इस समय देखे जा रहे हैं और ऐसी स्थिति में जो विप्रक्षी दल है सरकार के
00:39:40वह उनको उनकी प्रसंसा में लगे हैं तो इस समय जो स्वामी अभी म
00:39:54उन्हेर नजरियंत्य को आप कैसे देखते में, उनको तालम को और हम आपकी तिप्पनी या कि आप मोजमने।
00:40:00कि questoوع上 भी मुक्तिेसृराननंत हम लों सोय और मुक्तिक इस्वारान चाहिए समाज के लिए काम करते हैं इस सबसे बड़ा
00:40:11पक्ष है कि सॉमीजी को
00:40:13हम सीखतेने के इस्थिती में नहीं है कि सोमी जी को क्या करना चाहिए रिटू हम को रिचा your country
00:40:21funded
00:40:31प्रफिए नहीं हो रही है कि विश चुछ राजी जहां नहीं हो रहे हैं बंगाल में दरी जो बीव का
00:40:50कैंड्रियों
00:40:52दच्छिड के राजियों में कोई सनातन पर खुल के बोल सकता है अगर हमारे यहां लोग तंत्र की कोई परिभासा
00:40:59नहीं होती तो स्वामी अभी मुक्तिश्वरान महाराज घूम रहे होते हैं आपको याद होगा कि जैंदर सरोसती को रात में
00:41:05घसीटते हुए पुलिस दिपा�
00:41:24जला जाता है उसको हम लोग कहते हैं दारुणा वह महा पूजा कर रहते हैं उस पीठ के आचारे उनकी
00:41:31बड़ी प्रतिष्टा और जाता है पुलिस जूता पहन के उनके पूजन कक्ष में जहां कोई नहीं जाता हम भी लोग
00:41:36देखते हैं बड़ी सम्माने घसीटते हुए उन
00:41:47हम धन्यबाद देते हैं मोदी जी और योगी जी को मुक्तेश्वरान जी महाराज सणक पर घूम रहे हैं और मुखर
00:41:52आलोचक के रूप में अपनी बात कर रहे हैं सरकार को सीख दे रहे हैं परन्तु अगर हमको और आपको
00:41:57पुणते अगर कि इस विसे में कार करना होगा तो �
00:42:00दचिर के राजियों में जहां प्रतिबंद नहीं है उस पर चलके सबसे पहले प्रयास करना होगा कि पुणते प्रतिबंद कोई
00:42:06भी जा के बंगाल में नहीं का कि बंध होनी चाहिए ममताब एनर्जी के राज में हम अपरेशन शिंदूर के
00:42:14दिन जो जीज दिन हुआ था मैं
00:42:16शर्टी में में पाम चे हुश दिन हमारा ऊंधर काधा हमने सिंदूर की यह किया था उसके आदे घंटे बाद
00:42:34सिंदूर ऑप्रेशन का नियू जारने लगा उस पर बंगा तीव के सिंधोर के पर कि सर्कार ने सिंदूर ऑप्रेशन चे
00:42:40और मार के गिरा दिया बहित
00:42:42बहिन माताओं का जो सिंदूर हुजा रहा था, उसको मार दिया गया.
00:42:45आप पहले से उसको कर रहे थे या?
00:42:47आप पूरा आप देखिए, रिकार्ड हमारा सिंदूर या कुमकुम महायगयम करते है,
00:42:51सिंदूर या का उसके बाद लोगों ने कहना सुरी के,
00:42:53देखिए उस दिन पांड चार पाच मारे उसी तरह उसी में हुए था आप कोई अपने और से लिए हमारे
00:43:12पास बाबा आये चले गए तो रामर
00:43:16तंतर देदेगे हम यह नहीं कर रहे हम जो भी बोलेंगे जाचा पर्खा बनेगे अंदर इकार्ड बोलेंगे आप देख लिए
00:43:22हमने नहीं के आज आईए देखिया दचिल के राजियों में जब हमारा हमने जाके कुम-कुम यह हजारो हजार महिलाओं
00:43:30के बीच में सनातन धर्म �
00:43:31सनातन धर्म की प्रतिष्ठा है तूप रियाश कि हमने चिला चिलाकर के कहा कि गुवत्य पूर्ण प्रतिबंदे उन-के सरकार
00:43:37के नुमायंदों से आग रखिया कि यहां कि गुवत्या बंद होनी चाहिए हमने अपना पक्षी रखा तू क्या हम उत्तर
00:43:43प्रदेश में गु�
00:43:55कवर को सुप्रीम कोट तक कवर किया था चुकि उन पर यह पत्ति किसी ने की थी कि वो आज
00:44:02संक्राचार है ही नहीं तो इसको लेकर करके हां की बहला कि वो विवाद अलग है आप चुकि भेहतर स्वामी
00:44:10करपात्री महाराज और ऐसे आपको पूरी परंपरा का ज्यान है तो इस
00:44:33सुप्रीम कोट आप इंडिया जोती समथ पर कोई संक्राचार नहीं हो सकता है तो उसको कहना हमारे लिए तो सविद्धान
00:44:40के अगेंस में बोलना है
00:44:41सुप्रीम कोट की अवहलना होती है
00:44:43तो हम कैसे कर सकते हैं कि अभी मुक्तेश्वार नंजी
00:44:46संकराचाज है
00:44:46हम तो यही कहेंगे कि सुप्रीम कोट आप इंडिया
00:44:49जब तक यह नहीं कहता है कि वह संकराचाज है
00:44:51तब तक हमारे दृष्टी में
00:44:53वह पूझनी है महात्मा है
00:44:55जगत गुरु है जो भी है
00:44:56संकराचाज हमारे दृष्टी में नहीं
00:44:58और आपके दृष्टी में भी नहीं है
00:45:00आप भी नहीं कह सकते हैं
00:45:02मैं तो आप दोगों के साफ से चलूगा
00:45:05दोनों ग्यान नहीं मुझे तना
00:45:12मैं आपको निरिया समझना चाहरा था कि आप उस परदिनी है इस दिन स्प्रीम कोट करेगा सबसे पहले हम संकर्णा
00:45:23शाज के वी को प्रणाम करेगा हमारे प्रणर没有 दोर आने मेरे अबाचीस से प्रशन में आया अब ही हम बात
00:45:32कर
00:45:32रहे थे कि दक्षण भारत में सरांतन की परंपराओं को पूर्ण रूप से लोग उसका अनुपालन करते हैं उत्तर भारत
00:45:40में भी कर रहे हैं लेकिन आपको लगा कि बहुत और बहुतर तरीके से कर रहा है जागरू कि यहां
00:45:46भी है साथ अनुपालन ना कर रहा हूं लेकिन यहा
00:45:49पर ऐसी सरकारों को लाने में जो गवरक्षा के लिए जो है उनने प्रण किया हुआ है उसकी तरफ काम
00:45:58कर रही है तो बहां पर दक्षिण भारत में आपने भी प्रियास किया आपने गवरक्षा की बात भी की लेकिन
00:46:05बहां पर उस तरह का समर्थन क्यों नहीं ऐसी सरकारों को मि
00:46:20परिवर्तन करते हैं तो एक और सनातन धर्म के मानने वाले भी हैं तो एक सनातन के विप्रित भी खड़े
00:46:37हमने यह कहा कि जो परंपराओं का निर्वहन करते हूं गाये थोड़े काटने जा रहा है और उनके अधिकार छेत्र
00:46:43में थोड़े है कि गाये रोक देंगे उन्हें तकलीप तो होती होगी वहान बेटी का अगर कोई जाके सनक का
00:46:52लखुआ कोई बोली बोलेगा तो उसको कश नह
00:46:58नहीं होगा तो ऐसे लोगों को सबर्थन क्यों कैसे हो जाता है विपक्ष में बोट पड़ता है कि नहीं पड़ता
00:47:06है अगर एक सांसत जीता है वहां की जनता पांच लाक होती है तो 40% जनता उनके खिलाप तो
00:47:1460% विधर्मी भी तो उनके साथ है इसका मतलब धीरे-धीरे जा
00:47:28आप काफी बहां पे बिद्या भव करते हैं यग करते हैं और एक और आपने तो उसके पीछे आपका क्या
00:47:37मक्सद रहता है वह यग आपके कई लगातार हो रहे हैं आपने सब्सक्राइब पचास से उपर उसको किये हैं 57
00:47:42वह आप आप से उसमें गया नहीं हूं लेकिन मैं सम�
00:48:05हमारे परंपराओं में स्रीविद्या की उपासना है आधिशंक्राचाजी उने संदर लहरी के माधियम से जगत जन्नी इत्रिपोरे संदरी परंबा आंबा
00:48:12evaluate ऑपासना की है तो उस उसे पासना में हम देखते हैं कि पूझा होता है इस पूझा में जो
00:48:20काम आचारी करते हैं व
00:48:28मैंने उन से गुरु दिख्षा लिया अगस्तमुनी ने लवपा मुद्रा से दिख्षा लिया उसमें एक क्रम आता है सुहासिनी नमा
00:48:36सुहासिनी की पूजा करते हैं तो संकराचाज अगर पूजा करेंगे स्रीविद्या की तो उसमें सुहासिनी की पूजा करेंगे सुहासिनी
00:48:55देना चाहते हैं कि हमारे सनातन धर्म में महिलाओं का जितना महत्व है कि संकराचा जी भी सुहासिनी की पूजा
00:49:01करते हैं उस क्रम में तो महिलाओं का अस्थान पूरुसों के अस्थान से बड़ा है एक बात यह हुआ दूसरी
00:49:07बात करते हैं कि हमारे महिलाओं को अधिकार नही
00:49:24का भी अधिकार महिलाओं को मिला है हमारे सास्त्रों ने यह निर्देश दिया है हमारे सास्त्रों ने उपदेश दिया है
00:49:30कि हमारे हैं महिला सरोपरी होती है त्रिपुरा जगजन्नी के रूप में पूजी जाती है सीता सावित्री गीता गायत्री के
00:49:39रूप में पूजी जाती ह
00:49:51तो हमारा जो पूजा था एक सुहासिनी महिला ने आके उनका उचारण किया जो स्रीविद्या का करम है हमने पूजा
00:49:57किया आप चुकि मैं आपके पास जब दिखाई दोंगा तो हो सकता है बहुत से लोग ऐसे हो जो एक
00:50:03चीज़ जानना चाहें और कई भ्रहम की इस्तिती होती ह
00:50:07है आपने महलाओं को बराबर के अधकार की बात की बिल्कुल तो कई वार ऐसी परिष्टिती हैं आज के दौर
00:50:13में जहां एक ही मतलब दो बच्चे ही हैं लोग पढ़ाई की दरश्टी से तो उसमें दो बेटिया भी हैं
00:50:20किसी की और पुराने समय से भी आज नई बात नहीं है
00:50:23दस साल भी साल पहले भी हैं तो ऐसी कई परिष्टिती आती है जहां पर एक तमाम संसकारों में से
00:50:29एक संसकार अंतिम संसकार भी है तो उस पर भी थोड़ा सा आपकी दरश्टी चाहूंगा खोंकि उस समय भी लोग
00:50:36बड़े भाबुक होते हैं और कहते हैं कि जो अंतिम यात्
00:50:41है आज़ुनी की वो कितनी सुब इसमें भी देखते है हमारे हाँ सब लोग
00:50:46देखते हैं तो उसमें कैला बेटिया मुखागनी देती है पतनी
00:50:49मुखागनी देती है और अभी पिरक्राण होई उसमें बहुत सारे तो
00:50:54तो कमेंट्स आ रहे थे पता कुछ नहीं था लोग कमेंट में जगर रहते जब अकले से आदब के भाई
00:51:00जो थे पिर्टी की आदब उनकी मुरत्यू हुई तो उनको उनके ससुर में मुखागनी दी तो यह जो मुखागनी है
00:51:06ससुर चुकि उनके पतनी से जुड़े इस घर के स�
00:51:10हरो दस हो गयर तो ऑते करिया को हमारा सनातन कैसे देश और ठीक है
00:51:40और दंडी पुत्र होता है, गिर के प्रणाम करता है किसको? माता को. तो उससे बढ़ान हो गया, तो बराबर
00:51:46का अधिकार कहां मांगे? बराबर का अधिकार मांग के आपने महिलाओं के अधिकार को कट चाउट कर दिया, एक बात.
00:51:54दूसरा मुखागनी की जो परंपरा है, तो स
00:51:58आस्त्र विधी को किसी विगे से समझना बड़ा ज़रूरी होता है. अब तो कोई आकर अगर अगनी दे तो कौन
00:52:04पूछ रहा है, जा कि भठी में नहीं आ रहा है, कौन सथी, उसमें लोग कर दे रहा है, उसमें
00:52:10अगनी क्यों सकता है, नहीं सरीर को जला देना है, गार देना ह
00:52:14करना बहुत लोग होता है कि तिन दिन में कर देता है, क्या करता है, तो अपनी अपनी परमपरा, अपनी
00:52:22अपनी सुविधा के अनुसार कोई कर रहा है, हमारा उसमें कोई पटा छेप नहीं है, परन्तु जहां अंतेष्ठी की बात
00:52:28आती है, और सास्त्र के विधान के अनुर�
00:52:43तो फिर अपने जो रिस्दार हमें आते हैं, रिस्दार में जैसे भाई है, भाई का लड़का में पीटा है, इसा
00:52:55कुछ चलता है, पिता पुत्र को अगनी नहीं दे सकता है,
00:53:06उसे करके रिस्टेदार कुछ न हो तो राजा भूप ही इसे चलता है,
00:53:12नहीं होता है कि नहीं चले तब फी राजा करेगा उसे नहीं हो तो प्रोहित करेगा उसे नहीं तो कहीं
00:53:18कोई विवेक्ति उसके निमित कर सकता है तो करना चाहिए पहले तो सास के विधान के अनुरूप ही करने का
00:53:25विधान है बिल्कुब चलिए हम यह तो हो गई सास की बात है लेकिन आज एक समाज में सबसे बड़ी
00:53:31चीज है हम आदेखें पैसे मैंने का अगर आपकी आपकी उम्र क
00:53:35अनुसार बहुत जड़ा पीडी का गैप नहीं है और आज बात होती है जैन जी की कि जैन जी क्या
00:53:41सोचता है देश में अभी एक बहुत बड़ा आंदोलन भी हुआ आपने जंतर मंतर पे देख रही होगा क्योंकि जैन
00:53:48जी के सामने दो तीन समस्या है सबसे बड़ी सिक्षा क
00:53:51समस्या दूसरी समस्या है रोजगार की समस्या अब ध्हारखंट में चल रहा है तो यह जो जैन जी के लिए
00:53:59आपकिया संदेश और अभी
00:54:11यह बहुत सारे नविवक्ष आपके सम्मुक आते होंगे तो उन सब में क्या अंतर देखते हैं और उनकी किस तरह
00:54:20की संस्किर्ती में उन्हें
00:54:22कि संदेश देते हैं क्या होना चाहिए और दिखिए जो यह होता है यह रहोग होता है वह समाज से
00:54:33लड़ने के लिए उद्धत होता है समाज में अपना पक्ष करता है लड़ता है परन्तु विद्रो में हमको अफजल कसाब
00:54:43नहीं बनना है
00:54:44हमको अभी मन्यू की परिभासा को अपने अंदर परिभासित करना होगा हमको मुनि कोस्त का सिस्ट कोस्त बनना है हमको
00:54:54अगर उचाहता तो एकलब भी विद्रो कर सकता था कहता था कि आपने प्रतक्ष हमको सिच्छा नहीं दिया आपके मुर्ति
00:55:02के माध्यम से हमने सिच्छा ग
00:55:11कर रहे थे नर्मदा परिक्रमा तो एक जगह आया जहां एक आदिवाश्यों का मुहला
00:55:19के लोग अभी प्रयोग नहीं कर रहा था अब ही आभी वहां के लोग अभी जffentlich आधा
00:55:44लोग उस परंपना को फॉलो करते है अदिवासी समाज को परांतु हमारे यहां एक प्रपगंडा खड़ा हो जाएगा आप उसके
00:55:51प्रतिभा का खंडन कर रहे हैं तो तरक नहीं चला वहां समर्पन चला और कहा गया कि
00:55:57नहीं हमारे गुरु ने अगर आगया कर दिकी संग उठे का प्रयोग नहीं करना है तो उसने सहस्ट तयार कर
00:56:02दो उसको भी मानने वाले लोग अभी भी जीवित हैं तो करने से थोड़े हो जाएगा हम तो राम राज
00:56:21के अनुवाई हैं हम विचार परिवर्तन करेंगे हम सत्या �
00:56:25फूपरिवर्टन नृट छीन के थोड़े ह। हम कहते हैं कि आपका लूट थो हम राम नाराज में देखना है कि
00:56:31हो भगवान के राज में वो घेंदे के भाति रा inspiration मुझ फुट बाल से भाइए अंव टुम लों गैटाय
00:56:37करें कि तुम लो मैं कुस कुस संगा सथरी भगवान
00:57:12आए देता है कि राजा बनेगा हमारे तो लड़का वही करे लड़का करेगा के अपने लड़के का बद करा दिया
00:57:19है कोई चंपता किसी इतिहास में देखनेों को मिलता है बताइए न
00:57:23हमारे यहां बारे कीई एक महिला होती थी जिसका संक्राचार स्वा मि निरंजन
00:57:29दें कर्पात्री महाराज कामी आइब में हुझा नहीं सादी हो गया ठiसी कि
00:57:39पता नहीं मतलब क्या होता है जोध्कूर क्या थे तर्स 272 नहीं थे नहीं पानीदरियों
00:57:49तो उसने कआ कि नहीं नहीं पीला चाहिए कि नहीं पींगे उस दिन बचपन से और मरने के दिन तक
00:57:56पानी खाइब की लोग
00:57:58नंका दर्सन रोकार की हमारे देश में होती हैं उधारन हम दे दे दे और काये कि रोड़ पर हम
00:58:05आके
00:58:05निर्थ करने लगे तो इसका मतलब और सार्थक निकल्या निर्थ करके गोली आँ तत्काली शूल सकते हैं तो सार्थक और
00:58:15समच्थक और प्रषा प्रयास
00:58:16समाज को एकी कृध करना पड़ेगा और युवाहओं को बहका के रोड पर
00:58:20नचाने का काम हमारे लोग कर रहे हैं यहां कत्यी बर्दास से बाहर चीज है अगर इसको करते हैं तो
00:58:26यहां गलत परिणाम और गलत दिशा में देश को ले जाने का प्रयास करें हमारे योग सदा से सतर करने
00:58:32की जरूरत है जो कि देश और राष्ट समाज के लिए अभिमन्यू �
00:58:49सब्सक्राइब बॉल्डोजर चल गया होता आपको याद होगा सन्नावासी में बुल्डोजर चला दिया गया था पाकिस्तान आदी देशों में देखा
00:58:56गया हमारे ही वोगने थोड़ा सा बहग तो जरूर गये ते परन्तों सरकार ने उनको सुरक्शित रूप में बारतना �
00:59:02के माधम से इसफिसार्थक प्रियास कि जो हमारे और आपके बीच में बैटके बात कर रहे हैं और निश्ची तब
00:59:08से हमारे फारए यहों को बर्गला य आने वाले नहीं है एक नया आम खड़ा
00:59:16करने का प्रास करें लेकिन अलग अलग जगह सिक्षाओं में धान ली नौकरियों के अवसर ये तो कहीं ना कहीं
00:59:21उनकी पीड़ा है स्वामी जी पीड़ा का समाधान सरकार कर रही और करेंगे भी निश्चित रूप से उसका समाधान होगा
00:59:28गलती हुआ तो सरकार ने
00:59:29कि अमाले सिक्षा मंतरी ने इस्तिपात हो किया ही सब के सामें विकल आप से अंतिम सवाल की तरफ चलते
00:59:36हैं बिलकुल और वो सवाल ही है कि आज की तारीक में जिस तरह है कि जो राहुल गांदी की
00:59:41में एक थोला सा बात करना चाओंगा वो कभी-कभी वो भी जन्यू पहनते हैं
00:59:45उस तनातन परंपराग दिखाते दिखते हैं क्या लगता है वो केबल राजनेतिक रूप से ही उसका प्रियोग है या कुछ
00:59:52आपको ऐसा लगता है कि वास्तम में इसके अनुजाई भी है अब जन्यू पहनने से कौन उनको रोक सकता है
00:59:58बताइए ना इसाही अगर जन्यू पह
01:00:26कि अधिकार हैं और किसलिए पहन है कि ट्रह की कि आर्ट साफ को भी काफी बेहतर से देश में
01:00:41समझाया आज के आज आप लोग हैं
01:00:44मारदर्सक के रूप में तो जिस तरह से हमारे देश में अडानी, अमबानी, टाटा, बिल्ला, महंद्रा तमाम ऐसे उद्धोग पती
01:00:53हैं जो कुछ समय से बहतर तरक्की कर रहे हैं
01:00:56लेकिन उन्हें कई बार निसाना बनाया जाता है कि ये सरकार की मदद से कर रहे हैं
01:01:01क्या उद्धोग पतियों की मदद करना, ब्यापार को बढ़ाने में, सरकार का गलत लोकतंत में गलत, ये उद्धेस है, मनसा
01:01:09गलत मानेंगे आप इसे, या उद्धोग पती, पूंजी, ये नहीं बढ़ेंगे तो फिर रोजगार और धंसम पता, इसे मैं अमेरिका
01:01:16को देखता ह
01:01:28है, तो ये, क्या आप ऐसे कैसे देते हैं, कि या ये ठीक है, अमबानी, अडानी, टाटा, बिल्डा, महंद्रा, या
01:01:36ऐसे किसी लोगों को उद्धोगों में दिन-दूनी, कहते हैं, रात-चाउनी, लाव होना, ये सरकार की मदद से, ये
01:01:45ठीक है, गलत है?
01:01:46सरकार जो है, कोई भी ब्यवसाहिए, अगर नियूज को बढ़ावा नहीं देता, तो आज यूटूबर बजार में घूम कैसे होते
01:01:52हैं, जितना आमको लगता है, लोग नहीं होते हैं, यूटूबर घूम रहा हैं, तो सरकार कही नहीं मदद कर रहीं,
01:01:57तभी नहीं घूम रहे
01:02:15तो उस राज जी को उस देश को लाभी न हो रहा है तो हमारे हमारे मानक के अनुरूप कोई
01:02:36वेक्ति कार्य करता है तो उसको पुलिस नहीं पकड़ सकती है अगर मानक के प्रतिकूल वेक्ति कोई काम
01:02:41करता है तो उस पर तो कई तरह की धारा है लगती है अगर आप पत्रकार हो के मार्नक के
01:02:46अनुरूप पत्रकारिता नहीं करेंगे तीन पांच करेंगे तो आपको तो जेल जाना पड़ेगा उसी मार्नक के अनुरूप रहके अगर कोई
01:02:52व्यक्ति काम करता है और सरकार उसमें मद�
01:03:09तो हमारा सौबाग रहा कि स्वामी जी ने हमसे लूखे जिस पूरी तो स्वाली पी रहा है
01:03:39फिलान इस वीडियो में इतना ही, बीडियो जनलिस एंड कपूर के साथ, सिवेंगो, OneIndia.
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