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दिल्ली के घायल पुलिसवालों की आपबीती कौन सुनेगा? देखें ब्लैक एंड व्हाइट
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00:00नमस्कार मैं हूँ अंजिनाउम कशिप और ब्लाक इन वाइट में आपका बहुत बहुत स्वागत है
00:04आज सबसे पहले हम आपको पुलिस वालों की तस्वीरे दिखाएंगे
00:08जिन पर आंदोलन के दौराद हमले किये गए
00:11उन्हें पीटा गया
00:13वर्दी का अपमान किया गया
00:15आज गाली बाजों के पक्ष में तो लोग खड़े है
00:17लेकिन जो पुलिस वाले सर्दी गर्मी, बरसाद, दिनराज, जन्ता की सुरक्षा करते है
00:23उनकी सुरक्षा और सम्मान की बात कौन करेगा
00:26ये सही है कि अगर बल प्रयोग जादा था
00:28तो उसकी जवाब देही ते होनी चाहिए
00:30और जो भी दोशी पुलिस कर्मी है
00:32उनके खिलाब कारवाई होनी चाहिए
00:35लेकिन क्या सिर्फ एक तरफा मामला होगा
00:38आज दिल्ली में जब खायल पुलिस कर्मियों के परिवार
00:41मीडिया के सामने आए तो पूरा देश सन रह गया
00:44धाई सौ से ज़ादा खायल जवान
00:46110 टूटे बैरिकेट्स
00:48सिर्फ पर लगते पत्थर और 4 घंटे तक
00:51अस्पताल में बेहोश पड़े सब इंस्पेक्टर
00:54आज हम पूछेंगे
00:55कि अगर पुलिस वाले वोट बैंक नहीं है
00:58तो क्या उन्हें पिटने देंगे
01:00क्या उनका मुद्दा
01:02कभी इस देश की संसद में उठेगा
01:04सवाल सीधा है और कड़वा भी है
01:06गाली बाजों और उपद्रवियों से
01:08तो पूरी हमदर्दी दिखाई जा रही है
01:10लेकिन ड्यूटी पर लहू लुहान
01:13लहू लुहान हुई वर्दी से
01:15इतनी बेदर्दी
01:16क्यों
01:17इसके बाद आपको बताएंगे
01:20कि जिस नीट पेपर लीक को
01:21लेकर देश भर में बवाल मचा
01:23उसमें कुछ टीचर ही
01:25चीटर निकले
01:26नीट पेपर लीक मामले में
01:28CBI की चार्ट शीट में खुलासा जो है
01:31वो बताएंगे क्योंकि इस बार पेपर
01:32किसी परिक्षा केंदर से चोरी नहीं हुआ
01:34बलकि जिन कंदों पर
01:36लाखो बच्चों का भवश्र सवारने की
01:38जिम्मेदारी थी
01:39वही पेपर चोर निकले
01:40पेपर सेट करने वाले
01:42और उसे अलग-अलग भाशाओं में
01:44ट्रांसलेट करने वाले टीचर्स ने
01:46सीक्रिट रूम से सवालों को रटा
01:50कैसे कि आप पूरा बताएंगे आपको
01:52बाहर जाकर अपने ट्यूशन के स्टूणन्स में बाट दिया
01:55आज आपको पेपर लीग के लिए
01:57जिम्मेदार इन चेहरों को जरूर देखना चाहिए
02:00और आखर में आपको बताएंगे
02:02कि एक समय हिंदू राश्र रहे नेपाल में
02:04हिंदू मुस्लिम दंगे कैसे भढ़क गए
02:06इसकी शुरुआत सावन में हिंदूों की बोलबम यात्रा से हुई
02:10जब शिव भक्त पवित्र जलने ने जा रहे थे
02:13उसी आत्रा के दौरान मुस्लिम पक्ष के लोगों ने
02:15धार्मिक जंडो डीजे की तेज आवाज को लेकर आपत्ती जताई
02:19विवाद इतना बढ़ा सामप्रदाइक दंगे
02:21वहाँ पर आज शुरू हो गए
02:26लेकिन आज की शुरूात हम उन लोगों की कहानी से करेंगे
02:29जिनके दर्द और जिनके साथ हुई हिंसा को कभी इंसाफ मिलेगा
02:34ये एक सवाल है
02:35जन्तर मंतर के आंदोलन के दौरान प्रदशनकारियों पर दिल्ली पुलिस की कारवाई को पूरे डेश ने देखा
02:41इस मुद्दे पर संसद में बहस हुई
02:43अदालतों में कई याचिकाएं दाखिल हुई
02:45सोशल मीडिया से लेकर टीवी स्टुडियो तक लगातार सवाल उठे
02:48और ये सवाल उठने भी चाहिए
02:50आखिर जिन प्रदशनकारियों पर हमले किये गए
02:54उसको कभी भी सही नहीं ठहराया जा सकता
02:56और जिन प्रदशनकारियों के खलाफ जबरदस पुलिसिया कारवाई हुई
03:01उस पर तो प्रश्ण उठेंगे और हम उठाते रहेंगे
03:03लेकिन जिन घटनाओं में प्रदशनकारियों पर पेलेट गन का इस्तमाल हुआ
03:07लाटी चार्ज किया गया
03:08कुछ महिला प्रदशनकारियों के साथ
03:10पुलिस के दुर्व्यवहार के आरोप सामने आए
03:13विडियो सामने आए
03:14वो घटनाए किसी भी रूप में सही नहीं थी
03:17और इन तमाम घटनाओं के लिए
03:19पुलिस की कारवाई की आलोचना होनी ही चाहिए
03:21लेकिन इसी कहानी का एक दूसरा पक्ष भी है
03:24वो पक्ष जिसके बारे में उतनी चर्चा नहीं हुई
03:28जितनी पहले पक्ष पर हुई
03:30वजा
03:32अज दिल्ली के कॉंस्टिटूशन क्लब में घायल पुलिस कर्मियों के परिवार मीडिया के सामने आए
03:36उन्होंने किसी राज़तिक पार्टी पर हमला नहीं किया
03:39उन्होंने किसी आंदोलन को गलत या सही नहीं ठहराया
03:42उन्होंने सिर्फ एक सवाल पूचा
03:45अगर पूरे देश में पुलिस की कारवाई पर वहस हो रही है
03:48तो उन्होंन पुलिस कर्मियों की बात कौन करेगा जो उसी आंदोलन के दोरान घायल हुए
03:55लेकिन उन्होंन प्रदर्शन कारियों ने
03:58और अभी तक किस तै भी नहीं है कि वो वाकई प्रदर्शन कारी थे चात्र थे
04:02या फिर ऐसे हुलर बाज गुर गयते ऐसे उपद्रवी तत उसमें गुज गयते जो भी थे
04:07उन लोगों ने पुलिस वालों के साथ क्या किया
04:09उन परिवारों का दर्द कौन सुनेगा जिनके घर का कमाने वाला सदस्य जूटी पर गया था और खायल होकर लोटा
04:16इन परिवारों का कहना है कि लोगतंत्र में हर पीडित की आवाज सुनी जानी चाहिए
04:20चाहे वो प्रदर्शन कारी है या फिर पुलिस करने
04:23इन परिवारों ने दावा किया कि 20 से 22 जुलाई के बीच हुई हिंसर घटनाओं में दिल्ली पुलिस के 200
04:29से ज़ादा जवान खायल हुए
04:31110 से ज़ादा बैरिकेट तोड़े गए 300 से ज़ादा बोडी प्रोटेक्टर्स को नुकसान पहुचा
04:37सारे 300 से ज़ादा हेलमेट तूटे 25 से ज़ादा सरकारी गाणियों में तोड़ फोड़ की गई
04:42इन परिवारों को ये भी उनका आरोप है कि कई जगा पुलिस पर पत्थर बाजी की गई
04:48इन आकडों के साथ इन सभी परिवारों का एक ही सवाल है
04:52और ये उचा उन्होंने कि क्या देश में खाकी वर्दी पर हुए हमलों की भी उतनी ही चर्चा हो रही
04:58है
04:58जितनी पुलिस की कारवाई की हुई
05:01ये सवाल इसलिए भी महतवपूर्ण है क्योंकि लोकतंत्र में किसी भी हिंसा को सही नहीं ठहरा आजा सकता
05:07अगर पुलिस ने जरूरत से ज़्यादा बलप्रयोग किया तो उसकी भी जाच होनी चाहिए
05:12जवाब देही तेह होनी चाहिए दोशियों के खलाफ कारवाई भी होनी चाहिए
05:16लेकिन अगर किसी प्रदर्शन के दौरान पुलिस कर्मियों पर जान बूच कर हमला हुआ
05:37उनके माता, पिता, अलग-अलग जो लोग पहुँचे अपनी अपनी ड्यूटी पर
05:41वो बता रहे हैं कि कैसे उनके पिता के साथ क्या बर्बता हुआ
05:44देखिया आज जिल्ली पुलिस में तैना थे के एसीपी की पतनी सामने आई
05:51उनके पती जब ड्यूटी से घर लोटे तो वो गंभी रूप से खायल थे
05:55उनके कहा कि उनकी दो साल की बेटी उस दिन अपने पिता को उस हालत में देखकर डर गई थी
06:01लेकिन उनका ये दर्ड ना किसी ने जाना, ना किसी ने पूछा
06:04मेरा नाम उपनीत कौर है और मेरे पती दिल्ली पुलिस में
06:09एसीपी के पदपे सेवाय निभा रहे हैं
06:1320 जुलाई की राद देर राद जब वो घर पहुंचे चोटिल हालत में
06:19वो शन मेरी और मेरी बेटी, दो साल की बेटी के लिए बहुत ही दर्दनाख, बहुत ही ट्रॉमेटिक था
06:26मेरे साथ अभी दिल्ली पुलिस के परिवार के मेंबर्स हैं, दिल्ली पुलिस कर्मियों के परिवार के मेंबर्स
06:33और हम अपनी आप बिटी आप लोगों के सामने रखना चाहते हैं
06:37एक यूनिफॉर्म के पीछे सिरफ एक पुलिस कर्मी नहीं होता
06:43उसके पीछे होते हैं उसकी माँ, पिता, पत्नी, बच्चे और पूरा परिवार
06:50जो देर रहा तक वेट करता है कि वो सुकुषर घर लोट आए
06:55दिल्ली पुलिस के एक सब इंस्पेक्टर की बेटी कुंजल ने भी अपनी बात रखी
06:59उन्होंने बताया कि उनके पिता जंतर मंतर पर बैरिकेट के पास तैनाथ थे
07:03और अकसर घर आकर कहते थे कि आंदोलन में अब सिर्फ छात्र नहीं है
07:07बलकि कई बाहरी लोग भी शामल हो चुके हैं ये वो परिवार से डिसकस करते थे
07:12ये भी आरोप है कि 25 जुलाई को भीर ने उनके पिता को घेर लिया
07:16उन्हें खीचकर मंच के पास ले गई उनकी बुरी तरह पिटाई की गई
07:21उनके मुताबिक उनके पिता करीब चार घंटे तक अस्पताल में बेहोश रहे
07:25और उनके सिर में चार टाके लगाने पड़े
07:29इसी तरह दिल्ली पुलिस के एक A.S.I. की पत्मी सीमा
07:32जिनोंने अपनी आप बीती सुनाई और ये बताया
07:36कि उनके पती पिश्रे 33 सालों से पुलिस सेवा में है
07:39और आंदोलन के दौरान उनकी ड्यूटी भी जंतरमंतर पर लगी थी
07:43जिन पर भीड में मौजूद कुछ लोगों ने गमले, पत्थर, चपल, जूते, सब फेके
07:50और इसी प्रेस कांटरेंस में लक्षी नाम के एक छात्री ने भी अपने पिता के बारे में बताया
07:55और ये कहा कि कुछ उपद्रव्यों ने अचानक उनके पिता पर ड्यूटी के दौरान पत्थर बाजी शुरू कर दे
08:03और जब वो अपने साथी पुलिस कर्मियों और वरिष्ट अधिकारियों को सुरक्षत स्थान पर ले जाने की कोशश कर रहे
08:09थे
08:37तभी उनके सिर्फ पर पत्थर लगा था
08:41मेरे पती को भी जो जूटी के दोरान हेलमेट दिया जाता है उनका हेलमेट भी पूरी तरह से तूड़ गया
08:49था और यदि कोई पफर का टुकड़ा हेलमेट टूदने के बाद उनके सर पर लगता तो शायद वो आज इस
08:57दुनिया में नहीं रहते
09:00इस सौचकर और इस फोराद यूदर गांने पर मैं इस्के बाद मेरे परिवाल का क्या होता है
09:11मैं पता चला कि मेरे पादर को उनके हेड पे इंजिरी आ रखी है उनके फिंट के तू जब मैंने
09:18फोटो देखी तो उनके हेड को शेफ कर रखा था और उनके हेड पे स्टिचेस लग रहे थे फोल उसको
09:26देखके I was like really frustrated आए ना बहुता दरा हुआ था
09:30जब मेरे पापा घर आए तो उन्होंने मुझे बताया कि जो स्टुरेंट्स की जो प्रोटेशन से नहीं है उसमें डावडी
09:42उसमें एकरेसर जैं जो like इस ऑपरचिनिटी का यूज कर रहे हैं जिस्टू क्रियेट के और इसा बहुत कम देखने
09:50को मिलता है कि पुलिस कर्मियों
09:52के परिवार खुद सामने आकर मीडिया से बात करें आम तोर पर पुलिस में अनुशासन के कारण परिवार सावजनिक रूप
09:58से इस तरह प्रेस कांफरेंस नहीं करते हैं लेकिन इस बार उन्होंने अपनी आप बीती इसलिए सामने हाकर रखी क्योंकि
10:04उनका मानना है कि इस �
10:05घटना क्रम में अब तक प्रदशनकारियों पर कारवाई की बात ही पूरे देश के सामने अच्छे से आई यानि इस
10:12प्रेस कांफरेंस को आप दिल्ली पुलिस का अपना पक्ष रखने की कोशिश कह सकते हैं और लोगतंत्र में हर पक्ष
10:18को अपनी बात रखने का अधिकार ह
10:22आपको मोहिस्सा भी जरूर सुनना चाहिए जिसमें ये बेटी बता रही कि एक तो पता को चोटे लगी उपर से
10:28सोशल मीडिया में उन्हें ही विलन बनाया जा रहा था तब उसके सबर का बान तूटा लेकिन यहां हम आपसे
10:33ये भी कहना चाहते हैं कि इस पूरी घटना को स
10:35सिर्फ एक नजरीय से देखने की घल्ती नहीं करनी चाहिए एक तरफ वो प्रदर्शनकारी है जो आरूप लगाते हैं कि
10:41पुलिस की कारवाई में पैसर लोग घायल हुए उनमें कम से कम तीन प्रदर्शनकारियों ने पैलेट गन से घायल होने
10:47का दावा किया है दूसी तर�
11:01आप इस आंदोलन के वीडियो को देखें तो कोशिश कीजिए कि किसी एक नारेटिव का हिस्सा बनने के बजाए पूरी
11:09तस्वीर देखें क्योंकि सचाई अकसर किसी एक वीडियो एक बयान या एक हैश्टाग में नहीं मिलती
11:18आजकल सोशल मीडिया पर फैसले कर दिये जाते हैं सिर्फ किसी हैश्टाग किसी वीडियो किसी के एक बयान के आधार
11:25पर
11:25लेकिन पूरा सच आप तभी जान पाएंगे जब आप दोनों तरफ के वीडियो को तमाम वीडियो को देखेंगे
11:32सचाई तब सामने आती है जब हम हर पक्ष को सुनते हैं तत्यों को परकते हैं फिर अपनी रायर बनाते
11:38हैं आप खुद तै कीजिए देखें
12:08चरब सामने Il alltid आता हैं
12:15कर दो अप्रक्रा बनाते हैं
12:17कर रे तम हो दोगे
12:39यह प्रेस कॉंफरेंस ऐसे समय में हुई है जब दिल्ली सरकार ने जंतर मंतर के विरोध प्रदर्शन में शामिल आम
12:44प्रदर्शन कारियों
12:45और चात्रों को बड़ी रहा देते हुए उनके खिलाफ दर्च मुकदमों को बंद करने और आगे कोई कानूनी कारवाई ना
12:52करने का आदेश जारी कर दिया है
12:54इस सादेश के बाद दिल्ली पुलिस ने 29 जुलाई 2026 तक जो कुल 13 F.I.R. दर्च की थी
13:00उन्हें अब बंद माना जाएगा और भविश्य में इस साधार पर कोई नई कारवाई नहीं होगी
13:06हलाकि इस सादेश में एक बहुत बड़ा कैच भीच शिपा है
13:09कैच यह है कि यह छूट सिर्फ उन्छात्रों और प्रदर्शन कारियों को मिलेगी जो सिर्फ शांती पूर्ण प्रदर्शन में शामिल
13:15होने आये थे
13:16और जिनका कोई भी पुराना आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है
13:20सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहट जिन लोगों ने हिंसा और तोड़फोर की जिनका आपराधिक बैक्ग्राउंड है उनके खलाफ कानूनी
13:28कारवाई जारी रहेगी और अभी कॉक्रो जन्ता पार्टी इसी पर सवाल उठा रही है
13:33कॉक्रो जन्ता पार्टी के संस्थापक अभी जीद दीपके ने एक बार फिर ये कहा है कि अगर प्रदर्शन कारियों पर
13:38इस तरह कारवाई जारी रही तो भविश्य में फिर से आंदोलन शिरू होगा
13:42मुझे लगता है कि ये सरकार को इस मिसंडरस्टैनिंग या डिलूजन में बिल्कूल भी नहीं रहना चाहिए कि एक मंतरी
13:49के इस्तिफिक के बाद गुस्सा ठंडा हो चुका है
13:51इस डिलूजन में नार है सरकार, लोगों में अभी भी बहुत घुसा है
13:54और वो घुसा सरिफ एक मंत्री के खिलाफ नहीं था, पूरी सरकार के खिलाफ था
13:58तो अगर ये लोग अभी भी नहीं सुद रहेंगे
14:02अभी भी नहीं स्टूडन्स को ऐसी परिशान करते रहेंगे
14:06या हरास करते रहेंगे और जो ब्रूटालिटी करी उसके बाद ये गुसा और बड़ा है
14:10तो ये गुसा शांत नहीं हुए
14:11तो अगर ये लोग जो स्टूडन्स है जो पीसफुल प्रोटेस्टर्स थे
14:22कोक्रो जनता पार्टी के साथ विपक्षी पार्टियां भी इन मामलों में कानूनी कारवाई का विरोध कर रही है
14:27जबकि सरकार का तर्किय है कि वो आम छात्रो और जो इमानदारी से प्रोटेस्टर्शन कारी वहाँ पर पहुँचे थे
14:33उन पर कोई कारवाई नहीं कर रही वो सिर्फ उन लोगों को छूट नहीं देना चाहती जिन पर आंदोलन के
14:39दौरान हिंसा तोडफोर करने कारों
14:44साल 2011 में जब यूपिय सरकार के खलाब दिल्ली के जनतरमंतर पर अन्ना आंदोलन हुआ था
14:49तब उस अन्दोलन में हिंसा और उपद्रफ की एक भी घटना नहीं हुई थी
14:53लेकिर इसके बावजूद उस वक्त की सरकार में कई प्रदशनकारियों पर अलग-अलग एफायार दर्ज हुई थी
14:59इसके बाद जब 26 अगस 2012 को कोईला गोटाले के खलाफ प्रदशनकारियों ने पूर प्रदशनकारियों ने पूर प्रदान मंतरी डॉक्टर
15:06बन मोहन सिंग के आवास तक मार्च निकालने की कोशश की तब भी उस मार्च में शामिल लोगों के खलाफ
15:11एफायार दर्ज हुई
15:26और बड़ी बात ये है कि साल 2011 के अन्ना अंदोलन के बाद चितनी भी एफायार उस जमाने में दर्ज
15:32हुई उनका निप्टारा होने में कई साल लगे इनमें एक एफायार का निप्टारा तो इसी साल फरवरी महीने में हुआ
15:39है और इसी बात को आधार बनाकर बीजेपी के क
15:43कुछनेत आप ये पूछ रहें कि कॉंग्रस ने अपनी सरकारों में सिर्फ आंदोलन करने के लिए प्रदर्शनकारियों पर इफायार दर्ज
15:49की जिन पर दस-दस सालों तक जाँच चलती रहें और अब जब इस आंदोलन में सरकार सिर्फ हिंसा करने
15:55वाले लोगों के खला�
16:09का इस्तिमाल हुआ और इन मामलों में सबसे बड़ी ख़बर हाइदरबाद से आ रही है हाइदरबाद की साइबर क्राइम पुलिस
16:17ने प्रधानमंती मोधी के डीप फेक वीडियो मामले में मेटा इंडिया के प्रमुक अरुन श्रिनिवास और कुछ सोशल मीडिया यूजर
16:24के खलाफ F.I.R. दर्ज की है ये इसलिए एहम है क्योंकि पहली बार इस तरह के मामले में
16:29जाच एजन्सियों ने सीधे सोशल मीडिया कमपनीज की जिम्मेदारी तेह करने की कोशिश की है और सवाल यही है कि
16:35जब कोई ऐसा कॉंटेंट किसी सोशल मीडिया प्लाटफॉर्म �
16:38पर आता है जो फर्जी हो सकता है जिसे AI की मदद से बनाया गया हो और जो किसी की
16:43छवी को नुकसान पहुंचाता हो तो उसे रोकनी की जिम्मेदारी किसकी है क्या यह जिम्मेदारी सिर्फ वीडियो बनाने वाले की
16:50है जैफिर उस प्लाटफॉर्म की भी है जहां से वो वी�
16:56जो हटा दिये जाते हैं लेकिन डीप फेक वीडियो फेस्बूक इंस्टाग्राम सब जगात तेर रहे हैं मेटा के प्लाटफॉर्म पर
17:05प्रधानमंत्री मोदी के ऐसे वीडियो सामने आये जिनके बारे में जाच एजिंसियों को शक है कि उन्हें AI की मदद
17:10से बदला गया य
17:14सहिता और IT Act की धाराओं के तहत ये मामला दर्च किया जानते हैं इस मामले में पुलिस किन बातों
17:21की जाच कर रही है पुलिस ये देख रही है कि प्रधानमंत्री मोदी के इन दी फेक वीडियो को सबसे
17:27पहले किसने बनाया इन्हें सोशल मीडिया पर किसने वाइरल किया क्य
17:44हमने पूछा था कि जब प्रधानमत्री मोदी का वीडियो फेस्बुक से हट सकता है तो फेक न्यूस फैलाने वाले ये
17:51डीप फेक वीडियो क्यों नहीं हटाए जाते यहां कुछ लोग ये सवाल भी पूछ रहे हैं कि क्या पुलिस किसी
17:58सोशल मीडिया कंपनी के अधिकारी
18:12विडियो पड़े स्थार पर फैला तो उसकी भूमिका की जाच हो सकती है यूरोप के देशों में इन कंपनियों की
18:18जिम्मदारी तै हुई है और अब इसी आधार पर मेटा इंडिया के प्रमोक अरुण श्रिनवास का नाम इस एफ आयार
18:24में शामिल किया गया है हलाकि इस प
18:42जिसमें आरोप है कि जंतर मंतर के आंदोलन के दोरां एक लड़की ने प्रधानवंत्य मोदी और इटली की प्रधानवंत्य जॉर्जिया
18:48मिलोनी के खिलाब अब शब्दों का इस्तमाल किया
18:51इस मामले में नौडा में जीरो एफ आयार दर्ज की गई थी जिसे अब जाच के लिए दिल्ली के संसद
18:57मार्क ठाने में ट्रांसफर कर दिया गया है
18:59यहां हमें सापत्ती जनक वीडियो को बनाने वाले लड़की की तस्वीर आपको नहीं दिखा रहे हैं क्योंकि दिल्ली पुलिस ने
19:04अपील की है कि जाच पूरी होने और कोई ठोस कारवाई होने तक उसकी पहचान सारचरिंग ना की जाए
19:09हलाकि इस F.I.R. के बाद सोशल मीरिया पर एक नई बहस शुरू हो गई है
19:15एक तरफ ऐसे लोग हैं जो कहते हैं कि प्रधानवंत्री या किसी भी व्यक्ति के खलाफ अभध्र अपमान जरग भाषा
19:22का इस्तमाल गलत है और कानूनी कारवाई होनी चाहिए
19:26वही दूसी तरफ कुछ लोग इसे अभी व्यक्ति की आजादी का सवाल बता रहे हैं
19:30F.I.R. का विरोध करने वालों में कॉक्ट्रो जन्ता पार्टी के प्रवक्ता सौरवदास है
19:34उनका कहना है कि सिर्फ अभध्र भाषा का इस्तमाल करने से किसी को अपराधी नहीं बनाया जा सकता
19:39अगर सरकार और पुलिस को कारवाई करनी है तो उन्हें उन लोगों पर ध्यान देना चाहिए जिन पर कमभीर अपराधिक
19:45मामले तर्ज है
19:46हाला कि इसके बाद इस बयान के बाद ये बहस और जादा बढ़ गई है और बहुत सारे लोग ये
19:51भी पूछ रहे हैं कि क्या अभिव्यक्ती की आजादी पूरी तरह असीमित हो सकती है
19:56सम्विधान का अनुचेद 19 हरनागरिक को अभिव्यक्ती की स्वतंत्रता देता है
20:01लेकिन अनुचेद 19 दो ये भी कहता है कि इस अधिकार पर कुछ उचित प्रदिबंध लगाए जा सकते है
20:09यारी भारत में अभिवक्ती की आजादी महत्रपूर्ण अधिकार है लेकिन ये अधिकार पूरी तरह अपसिल्यूट यानि असीमित नहीं है
20:17अगर किसी बयान से हिंसा भड़कने या फिर सार्जनिक व्यवस्था बिगड़ने मानहानी होने या कानून का उलंगन होने की स्तिती
20:26बनती है तो उस पर कानूनी कारवाई का प्रावधान है
20:30और इन माबलों में भी जिन लोगों ने प्रधान मंत्री मोदी के लिए गालियों का इस्तमाल किया उनके खलाव कानूनी
20:36कारवाई का समर्थन हो रहा है और ये बहस आज देश के यवाओं के बीच चल रही है
20:41खासकर जैन्जी युवाओं के बीच जो सोशल मीडिया पर अपनी राय खुल कर रखते हैं कई प्रधर्शनकारी युवाओं ने अब
20:47अपने कुछ व्यवहार के लिए माफी भी मांगी है
20:50जैसे जिस शात्रा ने आरे एफ के जवान के साथ मजाक उडाते वे विडियो बनाया था
20:55उसने एक नया विडियो जारी कर अपने व्यवहार के लिए माफी मांगी हाला कि इस शात्रा का ये भी आरोप
21:01है
21:01कि माफी मागने के बावजूद उसे सोशल मीडिया पर डराय जा रहा है धमकिया दी जा रही है
21:06और अगर ऐसा है तो ये भी उतना ही गंभीर मामला बनता है
21:10कि किसी बच्ची को रेप या फिर किसी भी तरह की धमकी दी जाए
21:14लेकिन सवाल है कि जाच होनी चाहिए और जो भी कारवाई हो कानून के मताबिक होनी चाहिए
21:21लेकिन इस तरह किसी लड़की को जान से बारनी की धमकिया या रेप की धमकिया देना गंभीर अपराद है
21:27और पुलिस को इसे रोपना चाहिए
21:29देखिए अगर किसे ने गाली दिया है प्रोटेस्ट में वो कितना सही है नहीं है उसका आप किसे निंदा कर
21:36सकते हो
21:37लेकिन ऐसे करके आप क्रिमिनल मशीनरी यूज करोगे उनको पुलीस के थरू टार्गेटिंग करोगे हरास्मेंट करोगे वो बिल्कुल सही बात
21:46नहीं है
21:46इस देश में गाली देना कब से क्रिमिनल ओफेंस बन चुका है मतलब कि रोज चलते फिरते लोग यहां पे
21:53गाली देते आपने बीजेपी MPs जो 50% लोकसभा में MPs बैठे हुए उनके खिलाफ तो क्रिमिनल चार्जर्जर्जर्जर्जर्जर्जर्जर्जर्जर्जर्जर्�
22:14यह लोग क्या करें ना जो फनी पॉस्टरस बन रहे थे PM के ऊपर वो समचों की उपर भी हराईस
22:20करने चाहिए है
22:26तो विश्वगुरु को बच्चों की जोक से तुम ने डरना चाहिए और दूसरा जेंजी का अपना एक वेव एक्सप्रेशन है
22:34मैंने यह किरा कि गाली गुलुष का मैं समर्थन करता हूँ और वो होना भी नहीं चाहिए
22:38जब पुलिस ये कारवाई कर रही है तब प्रदान्मती मोदी ने सोशल मीडिया पर जेंजी उवाओं से अपना संबाद जारी
22:44रखा है
22:44प्रदान्मती मोदी ने अपने एक नए विजियो में ये भरोसा दिलाने की कोशश की है कि सरकार पेपर लीग माफिया
22:50के खिलाफ कड़े कदम उठा रही है
22:52सुने
22:53पिछले कई दसकों से हर राज्य और केंदर सरकार इस प्रकार की पेपर लीग की परिशानी जेल रहा है
23:07बच्चों के भविशकों भी इसके कारण संकट परदा हो रहा है
23:12इन सब को ध्यान में रखते हुई है देश व्यापी सभी राज्यों में भी और केंदर में भी सिक्षा पद्धती
23:23में सुधार अनिवार्य हो गया है
23:26टेक्नोलोजी के भरपूर उप्योगी आवश्चता हो गई है
23:29और साथ साथ फिर से कोई पेपर माफिया पेपर लीक करने वाली गैंग देश के बच्चों के भविश्य के साथ
23:40खिलवार करने वाली गैंग उनको बक्सा नहीं जाएगा
23:43अच्छे कठोर कानूनों की भी जुरूत है हम संसद में बिल लेकर के गए थे और जैसा मैंने आपको वादा
23:53किया था
23:53गदो दिन संसद के दोनों सदनों ने अधिक्तम मान्य संसदों ने विस्तार परवग उससे चर्चा की है
24:06और आज दोनों सदनों ने इस कठोर कानूनों वाले प्रावधानों वाले इस बिल को पास कर दिया है
24:18खैर भारत में इस साल का सबसे बड़ा मुद्दा शायद यही नीट पेपर लीग का रहा है
24:23लेकिन क्या आप चानते हैं कि ये पेपर लीग हुआ कैसे
24:26इस मामले में CBI ने अपनी चार्ट शीर डाखल की
24:29इस में पेपर लीग की जो कहानी सामने आए वो इस देश के हर नागरिक को सुननी चाहिए
24:33CBI की जाच में सामने आया है कि इस साल नीट का जो पेपर लीग हुआ
24:37वो 2024 वाले पेपर लीग से बिलकुल अलग था
24:412024 में आरोप था कि परीक्षा केंदर पर पेपर चोरी करके उसे लीग किया गया था
24:46लेकिन इस बार जाच एजिंसियों को शक है कि समस्या पेपर बाहर जाने से पहले शुरू हो गया है
24:52और ये हुआ कैसे था वो समझे
24:55असल में किसी भी बड़ी परीक्षा का जो क्वेशन पेपर तयार करना है वो एक बहुत ही गोपनिय प्रक्रिया होती
25:01है
25:01इसमें अलग-अलग स्तर पर लोगों की जिम्मेदारी तै की जाती है ताकि किसी एक व्यक्ति के पास पूरी जानकारी
25:09ना हो
25:09लेकिन इस बार की नीट परीक्षा में कुछ लोग ऐसे थे जो क्वेशन पेपर तयार करने की प्रक्रिया में भी
25:15शामिल थे
25:15और उन्हीं क्वेशन पेपर के अनुवाद का काम भी कर रहे थे
25:20यानि उन्हें final question paper देखने का ज़्यादा समय और ज़्यादा पहुच मिली हुई थी जिसके कारण ये paper लीख
25:27हुआ
25:28CBI के मुताबिक इसी का फाइदा उठा कर कुछ सवाल पहले याद किये गए और फिर उन्हें छात्रों तक पहुचाया
25:34गया
25:34इनमें भी NTA के panel में शामिल तीन teachers पर आरोप है कि question paper तयार करने और मराथी अनुवाद
25:40की प्रक्रिया के दौरान अंतिम सवालों को देखा था
25:44इनमें chemistry के teacher PV कुलकरणी, physics की teacher मनीशा गुरुनात मंधारे और biology की teacher मनीशा संजय हवलदार शामिल
25:53थी
25:53अब या आरोप है CBI का और CBI का आरोप है कि इन तीनों teachers ने final question paper के
26:00सवालों को याद कर लिया
26:01और पूरे में अपनी निजी tuition class से जुड़े कुछ छात्रों को ये सवाल बहुत महत पूर्ण बताकर उन्हें तयार
26:10करने के लिए दे दिए
26:12CBI की जार्च में ये भी सामने आया कि ये teachers question paper तयार करने की प्रक्रिया के दौरान एक
26:17सुरक्षत माहौल में रखे गए थे
26:19लेकिन जार्च एजेंसियों का आरोप है कि वो उस प्रक्रिया के बीच अपने घर जाते थे
26:23tuition पढ़ाते थे फिर अगले दिन वापस अपनी duty पढ़ाते थे और यही से सुरक्षा विवस्था पर सवाल खड़े हुए
26:32यानि ये teachers जब paper set करने या उसके अनुवाद करने का काम कर रहे थे तभी उन्हें बाकी जगों
26:39पर भी जाने की उजासत मिली
26:40और इसी वज़े से जो सवाल इन्हें याद होते थे इन्हें ये छात्रों को लिखवा देते थे जिसके कारण ये
26:46paper leak हुआ
26:47एक लाइम में कहें तो जो teachers इस paper को set कर रहे थे उन्ही teachers ने इसे leak किया
26:53ये भी आरोप है कि मनीशा वागमारे नाम की एक beautician जो इन्हें टीचर्स को जानती थी उसे कुछ छात्रों
27:00के जरीए ये सवाल मिले
27:01इसके बाद आरोप है कि उसने इन सवालों को question paper के रूप में पाकाता तयार किया
27:06और धननजे लोखंडे नाम के व्यक्ति तक पहुँचाया
27:10इसके बाद ये सवाल कई लोगों कई राज्यों तक पहुँचाये गए
27:14यानि एक ऐसा नेटवर्क तयार हुआ जिसमें सवाल तयार करने वालों से लेकर
27:18उसे चात्रों तक पहुचाने वाले लोगों की भूमिका सामने आई
27:22अब CPI के मताबिक अगर ये ब्यूटिशन इस नेटवर्क में शामिल नहीं होती
27:40उनकी मांगे सही थी परिक्षा विवस्ता में कमिया है और जवाब दे ही कोई नहीं लेता
27:46और जानते हैं ये गंभीर क्यों है एक चात्र जो सालों साल महनत करता है
27:52वो सिर्फ इसी question paper पर भरोसा करता है उसका पूरा जीवन जैसे इसी पर टिका हो
27:57उसे भरोसा होता है कि परिक्षा में सभी को बराबर मौका मिलेगा
28:02लेकिन जब paper लीख हो जाता है तो नुकसान सिर्फ उन छात्रों का नहीं होता जो परिक्षा देते है
28:09नुकसान पूरे system के भरोसे का होता है
28:13और यही वज़ा है कि अब सवाल सिर्फ ये नहीं है कि आरोपी कौन है सवाल ये भी है कि
28:20ऐसी व्यवस्ता कैसे बनाई जाए जिसमें कोई भी व्यक्ति चाहे वो अंदर का हो बाहर का हो टीचर हो तुशन
28:26पढ़ाने वाला हो कोई भी हो लाखों छात्रों के भविश्य के साथ
28:29कोई भी खिलवार ना कर सके इस पूरे घटना करम के बीच लगातार हाई लेवल बैटके हो रही है और
28:36ऐसा माना जा रहा है कि सरकार कई मुद्दों पर अंदर खाने चर्चा कर रही है जैसे आग संसत भवन
28:42में दोपए डेड़ बजे प्रधानमंतुी मोधी के अध्यक्ष
28:58केंद्रे मंत्री पियोश कोईल लोगसभा स्पीकर ओम बिल्ला से जाकर मुलाकात की और इन बैटकों के बाद ऐसा माना जा
29:08रहा है कि सरकार विपक्ष की घेराबंदी और जेंजी आंदोलन के बाद आक्शन मोड में देखिए
29:27आज यहां पारित किया गया है लोगसभा के समन में लेकिन विपक्ष के साथियों ने किसी ने भी इस बिल
29:35के चर्चा में भाग नहीं लिया यह धूबाग यह पूर है
29:38अपना सीट में आप बेठिये अगर सदन नहीं सलना साहते हैं सबा की करवाई सुंबार दिनंग तीन आगस्ट दोज़ार सबीस
29:49को प्रता गरह वज़त तक के लिए स्तगित की जाती है
29:55हम इनकी गोर निंदा करते हैं माननी सबापती होता है हर आतना हंडाना करना भुलन भादाना चारग्षाप राजवीती करना और
30:05सदन की करिमा को तार-तार करना यह थे इंका उस्तभाव हागे आए
30:23आज पपू यादव की इन तस्वीरों को लेकर भी खूब विवाद हुआ है
30:26राम मंदिर में चंदा चोरी की जो घटना हुई उसके खलाब पपू यादव साधू के भेश में संसत पहुँचे
30:32वहाँ विवपक्षी सांसदों ने दान लेने के बाद उन्होंने प्रतिकात्मक रूप से यह दिखाया कि कैसे राम मंदिर के चंदे
30:39को कुछ लोगों ने चुरा लिया
30:40हलाकि कई लोग इस घटना पर आपती भी जता रहें देखिए
31:04तो जब हो रहे हैं सादो जी पकड़ा किसने हैं
31:51किसी समाज को समझना हो तो उसके आकड़े नहीं उसकी कहानिया पढ़िये
31:56और भारत के समाज की सबसे गहरी कहानिया अगर किसी लेखक ने लिखी है
32:00तो उनमें सबसे बड़ा नाम है मुन्शी प्रेम चंद जी का
32:04वही मुन्शी प्रेम चंद जी जिनकी आज 146 वी जैनती है
32:08मुन्शी प्रेम चंद जी सिर्फ कहानिकार नहीं थे
32:11वो उस भारत की आवाज थे जहां किसान घरीबी से जूज रहा था जहां शिक्षा और अफसर सब के लिए
32:18बराबर नहीं थे और जहां जाती वर्ग आर्थिक असमानता लोगों की जिन्दगी तै करती थी
32:25उनकी कहानिया अपने समय की समस्याओं को दिखाती थी लेकिन उनके सवाल आज भी जिन्दा है आज जब देश में
32:31शिक्षा, रोजगार, असमानता, युवाओं के भविश्य को लेकर बैस हो रही है तो हमें लगता है कि मुझी प्रेमचन जी
32:37के विचार आज के भारत का मार्
32:52जिबकि हमारी सरकारों, हमारे समाज ने कभी इस मूल विचार को समझा ही नहीं
32:58आज शिक्षा को अक्सर नौकरी पाने का रास्ता माना जाता है, कितने नंबर आए, कौन सी डिग्री मिली, कितनी सालरी
33:06मिलेगी
33:07यही सवाल पूछे जाते हैं जिबकि सरकारों की कोशिश ये होनी चाहिए कि शिक्षा लोगों का ऐसा विकास करें कि
33:13वो भी योग गिवने देश की जिम्मेदारी के साथ आर्तिक तरक्की के रास्ते पर ले कर जाएं
33:19और उनके लिए इस शिक्षा के जरिये रोजगार का साधन बने
33:22मुझी प्रेमजन की दूसी सीख ये थी कि जिस शिक्षा से असमानता कम ना हो वो शिक्षा धूरी है उनका
33:31पूरा साहित गरीब कमजोर वर्गों की पीड़ा के सामने लाता था
33:37उनकी कहानी गोदान का हीरो सिर्फ एक किसान नहीं था बलकि वो उस भारत का चेहरा था जहां मेहनत करने
33:44वाला व्यक्ति भी व्यवस्था की कमजोरियों में फश जाता है अटक जाता है
33:48प्रेमचन जी जानते थे कि समाज की असली तरक्की तभी होगी जब अंतिम व्यक्ति तक अवसर पहुँचेगा
33:55आज शिक्षा व्यवस्ता के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है
33:59कि क्या एक गरीब बच्चे और एक अमीर बच्चे को समान अवसर मिल रहा है
34:03क्या गाओं के बच्चे शेहरों के बच्चे एक जैसी सुवदा है
34:07क्या भाशा पैसा संसादन किसी बच्चे के भविश्य तै कर रहे है
34:11अगर शिक्षा समाज की खाई को कम करने के बजाए उसे बढ़ा दे
34:16तो शिक्षा व्यवस्ता पर सवाल उठना स्वाभाविक है
34:33सबसे कमजोर शिक्षा है तो मुझी प्रेमचन जी के समय भी शिक्षा को लेकर सवाल थे
34:40वह ऐसी शिक्षा के पक्ष में थे जो सोचने की शमता पैदा करें आज भी अमारी शिक्षा
34:45सबसे बड़ी चुनातियां यहीं है याद करिए और फिर जाकर लिखिए मुझी प्रेमचन जी की सोच हमें याद दलाती है
34:54कि
34:54शिक्षा का मकसद सिर्फ परीश पास करना नहीं होना चाहिए शिक्षा का मकसद होना चाहिए सोचने वाला इंसान बनाना ऐसा
35:01युवा जो
35:02सवाल पूछ सके तर्क कर सके समाच को बहतर बनाने में योगदान दे सके चौती सीख उन्होंने ये दीती कि
35:08सत्ता और विपक्ष दोनों को जनता के दर्द को समझना होगा प्रेम जी ने अपनी कहानियों में आम आदमी को
35:14केंद्र में रखा उनके पात्र राजा महराजाओं स
35:17से जाधा किसान मजदूर महिलाएं घरीब लोग होते थे उनका संदेश साफ़ था कि कि सीभी व्यक्ति में अगर आप
35:25देखें किसी भी जगा पर कोई विवस्ता
35:27देखिए तो किसी भी विवस्था की सफलता इस बात से तै होती है कि उसमें सबसे कमजोर व्यक्ति की स्थती
35:35कैसी है
35:36आज सरकारों के लिए सीख है कि विकास सिर्फ आंकडों में नहीं देखना चाहिए
35:40बलकि लोगों की जिंदगी में महसूस होना चाहिए
35:42और विवक्ष के लिए सीख है कि सिर्फ विरोध करना काफी नहीं
35:46उसे भी जनता के असली मुद्दों को समझना होगा
35:49समाधान में योगदान देना होगा
35:51और पांचवी और आखरी सीख उनसे ये भी ली जा सकती है कि युवाबदलाओ की असली ताकत है
35:57मुद्शी प्रेमचन जी ने युवाओं को हमेशा जागरुक और जिम्मधार नागरिक के रूप में देखा
36:01आज की जन्जी के पास पहले से जादा जानकारी है
36:04सोशल मीडिया है अपनी बात रखने की ताकत है
36:07लेकिन मुद्शी प्रेमचन जी की सीख कहती है कि आवाज के साथ जिम्मधारी भी जरूरी है
36:11सवाल पूछे व्यवस्ता से जवाब मांगे लेकिन हम सब को मिलकर इस समाज को बहतर बनाना है
36:19और बदलाओ तब आएगा पूरी व्यवस्ता में जब सवालों के साथ हम समाधान की भी कोशिश में जुट जाएंगे
36:27मुद्शी प्रेमचन जी ने एक बार कहा था कि साहित राजनीती के पीछे चलने वाली सच्चाई नहीं
36:33बलकि उसके आगे मशाल दिखाने वाली सच्चाई है
36:36और हमें लगता है कि मुद्शी प्रेमचन जी की जैनती पर उनके विचारों के टिप्स जो है
36:40हमारे सरकारे, हमारे नेता, हमारे समाज को जरूर लेनी चाहिए
36:44खरागे बढ़ते हैं और आपको यह बताते हैं कि नेपाल इस वक्त हिंदू-मुस्लिम दंगो की आग में क्यों जल
36:49रहा है
36:49यह हिंसा 26 जुलाई को शुरू हुई थी
36:52जब नेपाल के सुनसरी जिले के कप्तान गंज इलाके में हिंदूओ द्वारा सावन महीने की बोलबं व्यात्रा निकाली जा रही
37:00थी
37:01दावाहे की स्यात्रा में जब हिंदू-पक्ष कोसी बराज की तरफ पवित्र जल लेने जा रहे था
37:07क्यात्रा के दोरान डीजे और तेज आवाज में धार्मिक संगीत बज रहा था
37:11तभी कुछ जो मुस्लिम समुदाई के लोग थे उन्होंने धार्मिक जंडो और डीजे की तेज आवाज को लेकर आपत्ती जता
37:17है
37:18यही से शुरुआत हुए आपत्ती के बाद विवाद इतना बड़ा कि हिंदू और जो मुस्लिम समाज है उनके बीच सामप्रदाईक
37:24दंगे शुरू हो गए है
37:25सिती को समालने के लिए नेपाल पुलिस और सुरक्षाबल की टीम मौके पर पहुँची लेकिन तब हालात और बिगड़ गए
37:31जब पुलिस ने वहाँ भीड को खदेरने के लिए हवाई फाइरिंग शुरू कर दी और वहाँ आसु गैस के गोलों
37:36का इस्तमाल किया गया
37:37दावा है कि पुलिस की ये वही कारवाई थी जिसमें 30 साल के ओम प्रकाश महता और जैप्रकाश महता की
37:44मौत हो गई और इन मौतों से नेपाल के हिंदू पुरी तरह भड़क गए
37:48आरोप लगाया उन्होंने कि पुलिस ने मुस्लिम समुदाय पर कारवाई ना करके जानबूच कर दो हिंदू की हत्या की है
37:55और उनके तिवहार में रुकावट डाली इन आरोपों के बाद महात तेजी से हालात बिगड़ने लगे अगले दिन 27 जुलाई
38:01को पुलिस ने कर्�
38:16इन सक जड़ पे शुरू हो गए यह वही इन सक जड़ पे थी जिनमें गड़े शियादव नाम के एक
38:20लड़की की मौत हुई और इस मौत से हिंदूों का अक्रोश और बढ़ गया है बाजार बंद हो गए है
38:26सरकारी बसे रुख गई है स्कूल्स और कॉलेजिस को बंद किया
38:29गया है और ऐसा लगने लगा है कि नेपाल में हालात फिर कापू से बाहर है नौबत यह आ गई
38:35है कि नेपाल के इन जिरों में सेना उतारनी पड़ी और नेपाल के प्रधानमित्वी बाले इंद शाह को राश्रक के
38:41नाम संबोधन में यह कहना पड़ा कि इस हिंसा को तुरं
38:59जबकि जो मुस्लिम आबादी है वो है 13.8 प्रतिशत अगर सुनसरी जिले की बात करें तो वहां भी मुसल्मानों
39:07के आबादी है 12.3 प्रतिशत और यह आकड़ा पूरे नेपाल में जो मुस्लिम्स की कुल आबादी है उससे लगवक
39:147 प्रतिशत जादा है
39:15यहां एक और एहम बात यह है कि नेपाल के जिन इलाकों में हिंदू मुस्लिम के दंगे हो रहे हैं
39:20वो इलाके बिहार के सीमान्चल से लगते है वही सीमान्चल जहां मुसलिम्स की आबादी सबसे जादा है और जिनकी सीमा
39:28पश्चम बंगाल के इन जिलों की यही सीमा बंग
39:45इन इलाकों को भी अब संविधन्चील माना जा रहा है
39:48वहां सीमा पार सुरक्षा कड़ी की गई है
39:51यहां ये भी देखना होगा कि नेपाल साल 2008 तक एक हिंदू राष्ट्र था
39:57उस वक्ट जब नेपाल में राजशाही का दौर खत्म हुआ
40:00तब नेपाल में धर्म निर्पेक्षता को अपना गया
40:02दावा किया जाता है कि कुछ हिंदू ने इसका समर्थन किया
40:06जबकि कुछ हिंदू आज भी इसका विरोध करते हैं
40:09और इस हिंसा के बाद भी कई हिंदू ने नेपाल को हिंदू राष्ट बनाने की मांग की
40:13हलाकि ये मांगे उस सोशल मीडिया से उच रही है जिसकी भूमिका अब हर हिंसा हर उपद्रव में संदिक्द होती
40:20है
40:20जब दिल्ली के जंतर मंतर पर आंदोलन हुआ तब सोशल मीडिया के जरीए कई फेक न्यूस फैलाई गई
40:25गलत जानकारिया फैलाई गई जिससे लोगों को भड़काने की कोशिश हुई
40:29और अब नेपाल में जब दंगे हो रहे है तब वहां भी सोशल मीडिया की भूमिका को संदिक्द माना जा
40:35रहा है
40:36नेपाल की जाच में ये सामने आया है कि इस हिंसा में सोशल मीडिया पर बड़ी संक्या में ऐसे विडियोस
40:41ऐसी तस्वीरे शेयर की गई
40:43जिन में से कई पुराने थे और इस घटना से कोई संबंधी नहीं था
40:47और पुरानी तस्वीरे दिखा दिखा कर लोगों को भड़का जा रहा था
40:51दूसरे देशों की घटनाओं की तस्वीरे पहलाई गई
40:54और ऐसी तस्वीरों को खूब वारल किया जिसकी वज़ा से लोगों का घुसा बढ़का और ये हिंसा और भयानक हो
41:01गए
41:02नेपाल की सरकार ऐसा मान रही है कि अगर सोशल मीडिया फेक न्यूज नहीं फैलाता तो वहाँ ये हिंसा कई
41:08जिलों को अपनी चपेट में नहीं लेती
41:10लेकिन सोचे जब नेपाल में तख्ता पलट हुआ था तब इसी सोशल मीडिया के जरीए कई फेक न्यूज और गलत
41:16सूचनाए पहली थी
41:17लेकिन क्योंकि तब सरकार गिर रही थी इसलिए सोशल मीडिया के खत्रों को नजर अंदास कर दिया कया
41:24और जो लोग आज सब्ता में बैठे हैं वो उस वक्त वहवाही कर रहे थे
41:28लेकिन आज वही सोशल मीडिया इनके लिए खत्रे की घंटी बच गया है
41:33और आज जब यही सोशल मीडिया इस हिंसा को फर्जी खबरों से और सुलगा रहा है
41:38तो अब वहाँ सोशल मीडिया के खत्रों की बात हो रही है
41:41हकीकत तो यह है कि आज के दौर में सोशल मीडिया कमपनीज की जिम्मदारी ते करना सबसे ज़ादा जरूरी है
41:48जिनके प्लाटफॉर्म से जूट फैलता है उसे रोकने में ये पूरी तरह नाकाम है
41:53अफ्रीका महाद्वीब के उतरी छोर पर बसा स्पेन का छोटा सा एक ऑटोनोमस शेत्र क्योटा एक बड़े प्रवासी और सुरक्षा
42:04संकट का सामना कर रहा है
42:06क्योटा मेलिला स्पेन का ऐसे शहर है जो यूरप नहीं बलकि अफ्रीका की जमीन पर बसे है और इनकी सीमा
42:14सीधे मुरोको से लगती है
42:15और अगर आप सक्षे को देखेंगे तो ये यूरोपेन यूनियोन और आफ्रिकन महाध्वीब के बीच सीधी जमीनी सीमा भी है
42:23लेकिन दावा है कि इनी इलाकों में करीब साथ हजार मुरोको और अफ्रीकी मूल के प्रवासी सीमा तोड़कर समुद्र के
42:30रास्ते स्पेन के इलाके में घुज गए है
42:33स्पेन का क्वेटा बॉर्डर पूरी तरह ध्वस्त हो चुका है
42:36हजारों लोग कटीली बाड़ों के गेट तोड़कर और सुरक्षा विवस्ता को चक्मा देते हुए क्वेटा में पहुच गए है
42:43सेक्रों लोग रबर के रिंग्स, बोट, छोटे टायर्स के सहारे उफनते समुद्र को पार करके स्पेन की धर्ती पर पहुच
42:53रहे है
42:53इस खतरना कोशश में करीब 34 लोगों के डूबने की खबर भी है और डूबने से उनकी मौत हो चुकी
43:00है
43:00स्थिती इस कदर बेकाबू हो चुकी है कि स्पेन के प्रधानवंत्वी पेडरो सांचेज ने क्योटा आम फोस्स और टैंक्स की
43:07तैनाती कर दी है
43:08देखे अब ये समझें कि ऐसा हुआ क्यों गरीबी भुकमरी बेरोजगारी इससे जूज रहे अफरीकी प्रवासियों के लिए क्वेटा घी
43:18योरोप में गुसने का सबसे सुलब दरवाजा माना जाता है
43:22और वहाँ पहले भी समुद्र के रास्ते कई प्रवासियों ने शरण ली है
43:25लेकिन इस बास पेन के क्वेटा में अचानक आई भीड के पीछे वहाँ के सुप्रीम कोट का एक हालिया फैसला
43:32है
43:32जो सबसे बड़ा ट्रिगर पॉइंट बन गया
43:34इस आदेश में कोट ने कहा था कि समुद्र या जमीन के रास्ते कवेटा या मेलेला पहुशने वाले किसी भी
43:40अप्रवासी को बिना किसी उचित गानूनी प्रक्रिया या जाच के सीधे मरोग को वापस नहीं भेजा जा सकता
43:47तो आज के लिए ब्लाक इन वाइट में इतना ही अब आपसे हमारी अगली मुलाकात होगी कल रात नौ बजे
43:51तब तक खुश रहिए स्वस रहिए सुरक्षत रहिए और अपनों के साथ चले या ना चले लेकिन अपनों के साथ
43:58चालना चले नमस्कार
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