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  • 5 weeks ago
नालंदा के चंडी प्रखंड स्थित स्कूल में कमरों की कमी और डबल शिफ्ट के विरोध में ताला लगने से बच्चों को बरामदे में पढ़ना पड़ा.

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Transcript
00:03बरामदे में बैठे इन बच्चों को उस घलती की सजा मिली है जो इन्होंने की भी नहीं है
00:08जी हाँ, प्रदेश के विभिन हिस्तों से बदहाल शिक्षा व्यवस्था की तस्वीरें गाहे बगाहे सामने आती ही रहती है
00:16इस बार कुछ ऐसी ही तस्वीर बिहार के नालंदा जिले में स्थित चंडी प्रखंड के उतक्रमित माध्यमिक विद्याले बढ़ोना से
00:24सामने आई है
00:25यहाँ पढ़ने की उम्मीद लेकर सुभह सुभह विद्याले पहुँचे कक्षा एक से आठ तक के छात्र छात्राओं का स्वागत बंद
00:33कमरों और लटके तालों ने किया
00:35और मजबूरन उन्हें बरामदे में बैठ कर पढ़ाई करनी पड़ी
00:55अच्छे बज़ आना चाते हैं क्योंकि सामने खेल हम लोपन नहीं तरह अच्छे लगता है
01:03कितने में साय हो छोवजे से स्कूल आई हाई हाड़े छोप अच्छा तो एसकूल का रूम बंध हाई हारूम बंध
01:10हाई हारूम बंध है ताला लगा हुआ है
01:27विद्याले में एक से बारवी तक के कुल 809 चात्र चात्राय ना मांकित हैं और इसमें पढ़ाई के लिए महस
01:3411 कमरे ही उपलब्ध है इसी कमे के कारण विद्याले में दो शिफ्ट्स में पढ़ाई कराई जा रही है
01:41पूरे मामले में विद्याले के शिक्षक श्रवन कुमार का क्या कुछ कहना है सुनिए
02:17विदंबना ये है कि राज्य सरकार पढ़ेगा बिहार बढ़ेगा बिहार के नारे तो लगाती है लेकिन इसे सुनिश्चित करने के
02:24दिशा में कोई ठोस कदम उठाती नहीं दिखती
02:26ऐसे में सवाल ये है कि साहब अगर ऐसे ही पढ़ेगा बिहार तो कैसे बढ़ेगा बिहार
02:32EGV भारत के लिए नालंदा से महमूद आलम की रिपोर्ट
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