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  • 6 weeks ago
क्या भारत और पाकिस्तान के बीच फिर से बातचीत शुरू होनी चाहिए ? यह सवाल पिछले कई दिनों से लगातार पूछा जा रहा है ? इस चर्चा को उस समय बल मिला, जब मीडिया में ट्रैक टू डिप्लोमेसी को लेकर कुछ खबरें आईं. हालांकि, भारत सरकार ने इस तरह की किसी भी बातचीत के होने से इनकार किया है. इसके बावजूद भारत और पाकिस्तान के करीब 117 प्रमुख लोगों ने एक पत्र लिखकर दोनों देशों के बीच स्थिति को सामान्य करने का आग्रह किया है. जिन लोगों ने पत्र लिखे हैं, उनमें 61 भारत की ओर से और 56 पाकिस्तान की ओर से हैं. इन प्रमुख हस्तियों में भारत की ओर से पूर्व केंद्रीय मंत्री मणिशंकर अय्यर, जम्मू कश्मीर के पूर्व सीएम फारूख अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती, राजद नेता मनोज झा, प.बंगाल के हुमायू कबीर प्रमुख रूप से शामिल हैं. इन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शाहबाज शरीफ को चिट्ठी लिखी है. उन्होंने अपील करते हुए कहा है कि दोनों के बीच जारी दुश्मनी की वजह से लाखों युवाओं को अवसर, समृद्धि और सुरक्षित भविष्य नहीं मिल पा रहा है.

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Transcript
00:03भारत और पाकिस्तान के 117 प्रमुख लोगों ने पीएम मूदी और पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ को पत्र रिखा है
00:11दोनों देशों के बीच स्थिती को सामान्य करने की अपील की गई है
00:17भारत की तरफ से पूर्व केंद्रिया मंत्री मनिशंकर अयर जम्मु कश्मीर के पूर्व सीम फारुक अब्दुल्ला और महबुबा मुफ्ती राजद
00:26नेता मनूज जहा सहित 61 लोगों ने इस पर हस्ताक्षर किये हैं
00:30पाकिस्तान की ओर से वहां के पूर्व विदेश मंत्री खुर्शिद महमूद कसूरी सहित 56 लोगों ने समर्थन किया है
01:04जमो कश्मीर बीजेपी नेता रविंदर रहना ने इसको लेकर क्या कुछ कहा
01:08सुनिए डॉक्टर फारुक अब्दुल्ला साहब और मैडम महबूबा मुफ्ती साहिभा को अगर चिठी लिखनी भी है
01:16तो उन्हें पतर लिखना चाहिए जो पाकिस्तान के कब्से वाले जमो कश्मीर में बेगुना लोगों का जो कतल हो रहा
01:27है
01:27जो मानवाधिकारूं का हनन, human rights violation पाकिस्तान के कब्से वाले जमो कश्मीर में हो रहा है
01:35दो महीने से पूरे पियोके के अंदर राशन, पानी, भिजली और दवाईयां सब सप्लाई ठप कर दी गई है
01:49हाहा कार मचा हुआ है
01:52उस जगहने अपराद, उस मानवाधिकारूं के हनन को लेकर डॉक्टर फारूक अब्दूला चिठी क्यों नहीं लिखते हैं
01:58वही राज़त सांसद, मनुच जाने कहा कि महात्मा गांधिका हमेशा से ये मानना था और मेरा भी मानना है कि
02:06देश और उसके नागरिकों के बीच फर्क किया जाना चाहिए
02:09सरकार के सामने कई जटल चुनोतियां होती हैं जैसे पाने के विवात और आतगवात हम कई विरोधाभास भी देख रहे
02:17हैं
02:17हम सब कई ऐसी भी संगतियों को भी देख रहे हैं पहलगाम के ठीक बात आप क्रिकेट खिल रहे हैं
02:26दुबाई में क्या हाथ नहीं मिलाएंगे मतलब यह पाखंड है कि नहीं इस तरह के पाखंड से बचने का एक
02:34मात रूपाए है कि आप
02:37एक तरफ आप ट्रैक्टू डिप्लम ऐसी में लगे हुए हैं राम माधव जी का नाम आ रहा है अभी कभी
02:43आ करके हलका डिनायल होता है तीन महिने से अगर मैं RSS के टॉप लीडर्शिप के बयानों को पड़ूं तो
02:49यह बिलकुल इस पस्ट है कि किसके इशारे पे यह चीज
03:04तो यह जो एक पाटिशन के वक्त से जो चीज थी उसको अगर हम थोड़ा इज करें बाहल करें इसकी
03:12हमने उम्मीद की है दोनों सदर से
03:16इस लेडर में अटारी वागा बॉर्डर को फिर से खोलने श्री नगर मुजफराबाद बस सेवा को दुबारा शुरू करने
03:23सीमा पाल संपर्क बढ़ाने वाली दूसरी पहलों करतार पुर्साहिप कोरिडोर को फिर से खोलने पाकिस्तान की नीलम घाटी में शारदा
03:32पिट तक पहुँचने और सीमा के दोनों ओर धार्मिक और सांस्टिदिक धरोहर स्थलों की यात्रा को आसान बनाने जैसी प्रमु
03:43TV भारत
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