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  • 4 months ago

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00:00बहु ने खाली हसने वाली दवा
00:02किशनगट गाउं में किर्ती अपने बेटे दिवा कर
00:05और बहु अंशु के साथ रहा करते थी
00:07तीनों बहुत हसी खुशी अपना जीवन व्यतीत कर रहे होते हैं
00:12अरे बहु आज खाना मैं बना देती हूँ
00:28सब कुछ ठीक चल रहा होता है
00:30कि एक दिन गलती से अंशु हसने वाली दवा खा लेती है
00:34बस उस दिन से सब कुछ बदल जाता है
00:38अरे बहु मेरे घुटनों में बहुत दर्थ हो रहा है
00:43जरा बाम तो दे दे
00:45अरे बाम लगा कर क्या करोगी माजी
00:49मैं पाउं दबा देती हूँ
00:54अरे एक तो मुझे पाउं दर्थ हो रहा है
00:57उपर से तुम हस रही हो
01:00I'm sorry माजी
01:05अरे फिर से हस रही है
01:07जा तू मेरे कमरे से
01:09मुझे तिन से बात नहीं करनी
01:12ये बगवाल ये क्या हो गया
01:16माजी क्या सो जगी
01:19दो दिन बात किर्ती घर में किटी पार्टी रखती है
01:22उसकी सभी सहलिया घर आने वाली होती है
01:26अरे बहु मेरी कुछ सहलिया आज दो पैर को घर आने वाली है
01:30आज कुछ खाने में अच्छा सा बनाना
01:34सहलिया
01:37क्यों?
01:38मेरी सहलिया नहीं हो सकती क्या?
01:40तुम फिर से हस रही हो
01:44नहीं माजी
01:45मैं हस नहीं रही हू
01:49अरे फिर से हस रही हो
01:51और बोल रही हो के हस नहीं रही
01:54नहीं माजी
01:56मैं दो वो
02:01तुम जाओ मेरे सामने से
02:02और किचन का काम दर लो जाओ
02:05दोपैर को किर्टी की सभी दोस्त
02:07खाने पर आ जाती है
02:09अरे वाह
02:10घर तो बहुत सुन्दर सजाया है किर्टी
02:13अरे मैंने कहा, ये सब तो मेरी बहु का कमाल है
02:18अरे वा, बड़ी गुनी है तुमारी बहु तो
02:22हाँ हाँ, खाना भी अच्छा बनाया है
02:26हाँ, बहुती गुनी है
02:28तो हमको नहीं मिलवाओगी क्या
02:31या छुपा कर रखोगी अपनी हीरे जैसी बहु को
02:35अरे नहीं नहीं, अभी बुलाती हूँ
02:38अंशु, ओ अंशु, बहु रानी
02:44अंशु बहार आती है
02:47जी माजी
02:49बहु, ये सब मेरी सहेलिया है, मिलो सबसे
02:55नमस्ते अंटी
02:57नमस्ते बेटा, बहु तो बहुत अच्छी मिली है तुमको
03:01किस्मत वाली हो तुम
03:06किस्मत वाली
03:09अरे क्या हुआ
03:10हस क्यों रही हो
03:12नहीं नहीं, मैं हस दे रही हूँ
03:18तभी अचानक सांची की हाथ से चम्मच छूट जाता है
03:22और उसका कुर्ता गंदा हो जाता है
03:24अंशु, फिर से हसने लगती है
03:31इदर सब सहलियां गुस्सा होकर चली जाती है
03:34किर्ती भी नाराज होकर अपने कमरे में चली जाती है
03:42इस तरह से तो माजी और उनकी सहलियां नाराज हो गई
03:49अगले दे
03:50बहू, ओ बहू, किदर हो
03:54जी माजी
03:55जल्दी से मेरे साथ चलो
03:57पड़ोस वाले शर्माजी की हाथ अटक से मौत हो गई है
04:00उनके घर बैठक के लिए जाना है
04:03अंशुर तयार होकर आ जाती है
04:05थोड़ी देर में दोनों शर्माजी के घर पहुँच जाती है
04:08वहाँ पर सब रो रहे होते हैं
04:10किर्ती शर्माजी की बीवी के पास बैठकर
04:13उन्हें सांत्वना देने लगती है
04:16बढ़े अच्छे इंसान दे मेरे बदी
04:21अच्छा
04:25तुम हस क्यों रही हो
04:27वह अच्छे थे
04:29हाँ हाँ बहुत अच्छे थे अंकल
04:33अरे अंशु हस मत
04:37माजी मैं हस दे रही
04:39मैं तो अंटी जी को बस दिलासा दे रही थी
04:44सब औरते अंशु की इस हरकत से हैरान हो जाती है
04:47किर्दी भी बहुत शर्मिंदा होती है
04:50और वो अंशु को लेकर फटा फट घर लोटाती है
04:54अंशु क्या हो गया है तुझे
04:56हस क्यों रही थी तु वहाँ पर
04:58नहीं माजी मैं तो बस
05:03अरे तु फिर से हस दी
05:05जा तो अपने कमरे में
05:06मुझे तो तुझसे बात ही नहीं करनी
05:09मेरा बेटा ही तुझसे बात करेगा अब
05:11रात को जब दिवाकर घर लोटाता है
05:13तो किर्दी दिवाकर को सब कुछ बताती है
05:17ठीक है मा अब फिक्र मत करो
05:19मैं अंशु से बात करता हूँ
05:22। । । । ।
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