00:05उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनों के विकासनगर सेक्टर 3 में स्थित जुग्यों में एक भीशन आग लगने से लगभग 40
00:13घर जल कर राख हो गए हैं।
00:16इस भीशन अगनिकांड में गरीब परिवारों का सारा सामान और जमा पूजी नश्ट हो गई है।
00:23दमकल की छे गाड़ियों ने घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
00:28हलांकि इस हादसे में किसी चनहानी की सूचना नहीं है, लेकिन शौट सर्किट और गैस सिलिंडरों में हुए धमाकों ने
00:35आग को अत्यंत विक्राल बना दिया था, जिससे लाखों का नुकसान हुआ है।
00:40वर्तमान में पुलिस और प्रशासन मौके पर मौजूद रहकर स्थिती का जायजा ले रहे हैं।
00:45इस घटना की विस्त्रित जानकारी देते हुए चश्मदीदों ने बताया कि आग की शुरुआत दोपहर के वक्त अचानक हुई जब
00:52लोग अपने रोजमर्या के कामों में व्यस्त थे।
00:55बिजली के तारों में हुए शौट सर्किट की एक छोटी सी चिंगारी ने पास ही पड़ी सूखी खास और प्लास्टिक
01:01के कबार को पकड़ लिया। देखते ही देखते आग की लपटे इतनी उची उठने लगी कि दूर दरास के इलाकों
01:08से भी आसमान में गहरा काला धुआ
01:10साफ देखा जा सकता था। जुग्यां एक दूसरे से सटी होने और वहां ज्वलनशील सामगरी की अधिकता होने के कारण
01:18आग को पहलने में कुछ ही मिंटों का समय लगा। इस दौरान स्थिती तब और भी भयावे हो गई जब
01:25जुग्यों के भीतर रखे छोटे रसुई ग
01:38जैसे ही अगनिशमन विभाग को इस घटना की सूचना मिली मुख्य अगनिशमन अधिकारी के नेत्रत्व में दमकल की छै गाडियां
01:46तुरंत रवाना की गई।
02:07पानी की बौचारे शुरू की। लगभग दो से तीन घंटे के निरंतर प्रहासों के बाद आग के प्रसार को रोका
02:14जा सका और धीरे-धीरे लपटे शान्त हुई।
02:16हालाकि जब तक आग बुझती तब तक वहां रहने वाले दरजनों परिवारों की दुनिया पूरी तरह उजड़ चुकी थी।
02:23इस अगनिकान का सबसे दुखत पहलू उन गरीब मजदूरों और उनके परिवारों की स्थिती है जिनके पास अब केवल शरीर
02:30पर पहने हुए कपड़ों के अलावा कुछ नहीं बचा है।
02:33कई परिवारों ने अपनी बेटियों की शादी के लिए या घर की मरम्मत के लिए जो थोड़े बहुत पैसे जोड़
02:38कर रखे थे वे सब आग की भेंट चड़ गए।
02:41अनाज के डिब्बे, बच्चों की स्कूल की किताबें और जरूरी पहचान पत्र भी इस तबाही में खाक हो गए।
03:11स्थानी ये स्वयम सेवी संगठन भी प्रभावितों को भोजन और पानी उपलब्ध कराने के लिए आगे आए हैं ताकि इस
03:17कठिन समय में उन्हें कुछ राहत मिल सके।
03:41लिए प्रक्ट के लिए ओूम्हें बाहत मैं ये।
03:45क्यों का लिए जाए हैं ताकि उन्हें न सकुछ प्रभावितों कर दो जाहत गए।
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