00:14ुट्रखन के पौडी गढ़वाल जिले की सानिया राना की
00:20ुट्रखन के पौडी गढ़वाल जिले की सानिया के पिता टैक्सी चालक थे
00:24अचानक बेमार हुए और चल बसे इससे परिवार पर दुख के साथ आर्थिक संकट भी आपड़ा
00:32सानिया ने हिम्मत नहीं हारी पिता टैक्सी चलाना सिखा गए थे
00:37सानिया ने पिता की टैक्सी की स्टेरिंग थामी और सवारियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाना शुरू कर दिया
00:48डाई पहले तो बहुत-बहुत धन्यवाद आपका और आज यहां तक मैं पहुक्छी हूँ तो अपने भाई और परिवार की
00:55वज़े से और जब घर वालों का सबुगत होता तो उसके बाद तो सब सबुगते ही हैं तो मैं आप
01:00सब का बहुत-बहुत धन्यवाद करते हूँ
01:15So, I will put my hand with my brother and my father didn't say that you can do this with
01:21my brother.
01:21So, I started driving a car.
01:23I think it's going to be 1 year old.
01:25It's going to be good.
01:27Yes, it's really good.
01:30Because in the mountains, people are not normal.
01:33So, people are scared.
01:35But now, everything is normal.
01:37Everything is good.
01:37I love that.
01:39I feel like I am very productive.
01:46Also, I feel like this.
01:51Today, I live with my brother.
01:56ुपूरूसों के एकाधिकार वाले शेत्र वाहन्चालन में स्वरोजगार कर सानिया ने अन्य महिलाओं और यूतियों के लिए भी स्वावलंबन के
02:06रास्ते खोल दिये हैं।
02:08पौडी गडवाल से ETV भारत की रिपोर्ट
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