00:00इरान ने अरब देशों की कमजोर कड़ी पर किया जोरदार प्रहार।
00:05बहरीम में एक डी सैलिनेशन प्लांट को ड्रोन हमले से पहुचाया नुकसान।
00:11क्या ये है वाटर वार के शुरुवात?
00:13जी हाँ, Middle East में जारी युद्ध के बीच अब एक नया और बेहत खतरनाक मोचा खुलता हुआ दिखाई दे
00:19रहा है।
00:20इस बार निशाने पर सैने ठिकाने या तेल के ढाचे नहीं, बलकि पानी की सप्लाई से जुड़ा एहम इंफ्रस्ट्रक्चर है।
00:26बहरीन के ग्रह मंत्राले के मुताबिक एक इरानी ड्रोन हमले में देश के एक डी सैलिनेशन प्लैंट यानि समुदरी पानी
00:33को पीने लाइक बनाने वाले सहिंद्र को नुकसान पहुचा है।
01:25दरसल इस इलाके की सबसे बड़ी कमजोरी ही पानी की कमी है।
01:27यानि अगर इन प्लांट्स को बड़ा नुकसान होता है तो कुछ ही दिनों में बड़े शहरों में पानी का संकट
01:32पैदा हो सकता है।
01:33लेकिन इरान का कहना है कि ये टकराव पहले शुरू हुआ।
01:37कि हाल ही में अमेरिका ने बहरीन के जुफैर नेविल बेस से हमला किया था।
01:42जिसमें इरान के केश्म द्वीप पर मौझूद एक डी सैलिनेशन प्लांट को नुकसान पहुँचा।
01:47इरान के विदेश मंतरी अब्बास अरागची ने इस कथित हमले को खुला अपराद बताते हुए कहा कि इससे कई गावों
01:53की पानी सप्लाई प्रभावित हुई है।
01:55अब विशेशग्यों का कहना है कि अगर सच में पानी के ढाचे को निशाना बनाया जाने लगा तो ये युद्ध
02:00का बेहत खतरनाक चरण साबित हो सकता है।
02:26अगर आज किसी बड़े प्लांट पर गंभीर हमला हुआ तो शेहरों में पानी की भारी कमी, बड़े पैमाने पर पलायन
02:32और मानविय संकट पैदा हो सकता है।
02:55हिंदी के साथ।
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