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ईरान पर हमले की 'वो' वजह, वारदात में देखिए जंग का पूरा खेल
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00:06आप देख रहे हैं वारदाद अमरीकी नेताओं के लगातार आ रहे है बियान के बात अब ये साफ हो गया
00:12है कि अमरीका ने एरान पर हमला इसराईल के कहने पर किया था
00:17वरना जो अमेरिका हमले से दो दिन पहले तक जिनेवा में अरान से बात चीट कर रहा था, वो अरान
00:23पर हमले नहीं करता है
00:25दरसल इसराइल अमेरिका के कान भर रहा था, कि अरान अपने निूकलियर प्रोग्राम को रोकने की बजाए उसे आगे बढ़ा
00:33रहा है
00:33लेकिन असल में सच्चाई क्या है तो इसे समझने के लिए दो चीज़ें जाननी ज़रूरी है
00:39एक नुकलियर डेटोरेंस और दूसरा नुकलियर इन्रिच्मेंट
00:51एक बार फेर पूरी दुनिया को जंग की आग में जोग देने की ये लड़ाई सिर्फ एक बात के लिए
00:57हो रही है
00:57और वो ये कि बकॉल अमेरिका और इसराइब इरान प्रमाणू बम नहीं रख सकता
01:06अब नहीं रख सकता का मतलब साफ है कि एरान प्रमानू बम नहीं बना सकता
01:12पर सवाल यह है कि एरान के न्यूक्रियर प्रोग्राम को ले कर दो परसों से विवाद चला आ रहा है
01:17फिर अचानक ऐसा क्या हुआ कि 28 फर्वरी की सुबह सुबह इसराईल ने एरान उसके सैन ने ठेकानों और प्रमानू
01:25ठेकानों पर बंबारी कर जंग को हवा दे लिए
01:29क्या इरान प्रमानूबं बना चुका बनाने के खरीब था या फिर वज़ा कुछ और है तो असली वज़ा को जानने
01:36के लिए दो शब्दों को समझना ज़रूरी है
01:41पहला शब्द है नियूक्लियर डेटोरेंस और दूसरा शब्द है नियूक्लियर एंडिच्मेंट
01:50बस यूँ समझ लीजे कि इसराइल अमेरिका का अचानक इरान पर किया गया ये हमला इनी दो शब्दों के इर्द
01:57गिर्द खूंग रहा है
01:58तो शुरुवात नियूक्लियर डेटोरेंस यानि पर्वानू निवारत से थांग से
02:12हिरोशीमा और नागासाखी पर गिराए गए एटर पप और उसकी तबाही को देखते हुए कोल वॉर के दौरां पहली बार
02:19नियूक्लियर डेटोरेंस शप्त सुनाई तो असल में प्रमाणू हत्यारों की होड के बीच तब ये सहमती बनी थी कि दो
02:28प्रमाणू संपन्य दे
02:33कि वो दोनों देशों को ड्रोके ताकि लाखों लोगों की जान बचाई जा सके अब अगर इरान प्रमाणू संपन्य देश
02:45बन गया तो जाहिर है पूरी दुनिया इसराइल और इरान के बीच की जंग को रोकने के लिए मजबूर हो
02:51जाएगी
02:52जाने इसराइल और इरान से एक साथ बात होगी जबकि अभी की कहानिया लगए अभी अकेला इसराइल प्रमाणू संपन्य देश
03:00होने की वजह से पूरे मिडल इस्ट में इसराइल का अभी तबदबा है
03:21पर जैसे ही इरान प्रमाणू बंब बना लेता है इसराइल का मिडल इस्ट में भी दबदबा कम हो जाएगा
03:29बस इसी वजह से इससे पहले के इरान प्रमाणू बंब बना ले इसराइल ने उस पर हमला कर दिया
03:35पर सवाल ये है कि क्या सचमुच एरान प्रमाणू हत्यार बनाने के इतने अरीब बहुत चुका है कि इसराइल को
03:42उसे रोपने के लिए यह हमला करना पढ़ा है
03:46तो इसे समझने के लिए अब दूसरे शब्द को समझना जरूरी है और वो है न्यूपिनियर इन्रिच्मेंट
03:53असल में प्रमाणू हत्यार बनाने के लिए जो सबसे जरूरी चीज है वो है यूरेनियम
04:01दरसल यूरेनियम दुनिया का सबसे महंगा पतार थै
04:04ये एक ऐसा भारी धातू है जो जमीन के अंदर और समंदर के तल में भी पाया जाता है
04:09यूरेनियम का सबसे ज़्यादा बंडा आस्ट्रेलिया, कैनेडा, रूस, नाइजेरिया, दक्षन अफरीका, नावीबिया, ब्राजी, कताकिस्तान और मंगोलिया में मौझूद है
04:19प्राकिर्टिक रूप से पाया जाने वाले यूरेनियम के तीन रूप होते हैं
04:23यूरेनियम 238, यूरेनियम 234, यूरेनियम 235 इन में से यूरेनियम 235 भी वो यूरेनियम है जो प्रावानू बंबनाने के काम
04:34आता है
04:35प्राकिर्टिक रूप से पाया जाने वाले यूरेनियम को पिरोफाई करने का तरीका इतना जटिल है
04:40कि अगर 100 किलो यरीनियम को पिरोफाइँ किया जाए
04:43तो उसमें से सिर्फ 700ations के लिए वो यरीनियम बनता है
04:46जिसे प्रवानू हतियारों के लिए इस्तिमाल किया जा सकता है
04:50यरीनियम को यलो केक भी कहते है
04:52प्यूरुफाई करने के बाद यूरेनियम को आम तोर पर लोहा या लोहे की छड़ी जैसा आकार दिया जाता है
04:58एक कलम या पैंसिल के आकार का यूरेनियम इतनी उर्जा दे सकता है जतनी एक सो साथ टन कोईला
05:08जिस यूरेनियम 2-3-5 का इस्तमाल पॉमानू हत्यार बनाने के लिए किया जाता है उस यू-2-3-5
05:15में प्राकिर्टिक यूरेनियम की मात्रा काफी कम होती है
05:19इसलिए U-235 को प्रमानू हत्यार बनाने के लिए उसे शुद्ध करने की प्रक्रिया से गुजरना होता है
05:26यूरेनियम को शुद्ध करने की इसी प्रक्रिया को यूरेनियम एंरिच्मेंट या न्यूक्लियर एंरिच्मेंट कहा जाता है
05:34अमूवन बिजली बनाने के लिए U-235 को तीन से पाँच फीसदी तक शुद्ध यानि एन्रिच किया जाता है
05:41इतने में ही बिजली बन करता है या हो जाती है
05:45लेकिन अगर प्रमाणू हत्यार बनाना है तो फिर उसी यूरेनियम यानि U-235 को 90 फीसदी तक इन्रिच या शुद्ध
05:54करना पड़ता है
05:56International Atomic Energy Agency यानि IAEA की एक रिपोर्ट के मताबिक
06:01इरान प्रमाणू हत्यार बनाने के लिए जरूरी 90 फीसदी न्यूक्लियर इन्रिच्मेंट में से करीब 80 फीसदी यूरेनियम शुद्ध यानि एन्रिच
06:11कर चुका है
06:11रिपोर्ट ये भी कहती है कि इसे साफसर एरान प्रमाणू हत्यार बनाने से बस कुछ हफ्तों की तूरी पर है
06:18और बस इसी न्यूक्लियर इन्रिच्मेंट की खबर मिलते हैं
06:21इसराइल ने इरान के न्यूप्लियर बंब बनाने से पहले 13 जून इरान और उसके न्यूप्लियर ठिकानों पर हमला कर दिया
06:31दरसल इरान ने 2003 में ही अपना प्रवाणों कारिकरम शुरू कर दिया था
06:35बारह साल बाद अंतरास्टिये दवाओ पढ़ने पर 2015 पर थोड़े वक्त कलियों उसने अपना ये कारिकरम रोग दिया
06:42दरसल तब इरान पर कई तरह की पादिया लगा दी गए थी
06:45इनी पादियों से पार पाने के लिए एरान प्रमाओं गतिविदियों पर रोक लगाने को तैयाद हो गया
06:51जिसे लेकर एक समझझधा भी हुआ
06:53ये समझधा बराक उबामा के कारिकाल में हुआ था
06:56लेकिन 2018 में रास्टपती बनने के बाद डोनेल्ड ट्रम्प ने इस समझहौते को तोड़ दिया
07:01समझहौता तूटते ही 2018 में ही इरान ने यूरेनियम बनाने और उसे जमा करने का काम फिर से तेजी से
07:09शुरू कर दिया
07:11यूरेनियम के खरीद फरोगत के लिए एक ग्लोबल संस्था है जिसका नाम है NSG यानि Nuclear Sharing Group
07:18इस ग्रूप से जुड़े देश उन देशों को यूरेनियम नहीं बेचते हैं जिनके पास प्रमानू हत्यार होते हैं
07:24यह उनी देशों को यूरेनियम बेचते हैं जो इसका इस्तमाल बिजडी बनाने या Medical की फील में करते हैं
07:30जैसे NSG भारत को यूरेनियम नहीं बेचता जोकि भारत एक प्रमानू संपन्य देश है
07:35ऐसे में ये देश महेंगी क्तविमतों पर ब्लैक मार्केट से यूरेनियम खरीगते हैं
07:43सूतरों के मताबिक रूस और कुछ मित्र देशों की मदद से इरान ने भी अच्छी खासी मात्रा में यूरेनियम का
07:49भंडा जमा कर रखा है
07:51वशिंकन पोस्ट की एक रिपोर्ट के मताबिक एरान के पास हाइली इंडिच्ट यूरेनियम की इतनी मात्रा मौजूद है
07:57जिससे वो कम से कम तीन प्रमानू बंब बना सकता है
08:01अखबार की रिपोर्ट के मताबिक एरान को प्रमानू टेकनलोजी रूस ने दी है
08:05इतना ही नहीं रूस नहीं इरान को हाइपरसोनिक मीजाईल और बैलेस्टिक मीजाईल भी दे रखे हैं।
08:11इन मीजाईल के जरीए इरान आसानी से प्रवान उबं को अपने दुश्मन देश में लॉंच कर सकता है।
08:17और बस इसी बात ने दुनिया को डरा रखा है।
08:19हाला कि इसराईल और इरान अब तक आमने सामने की जंग में नहीं कूदे लेकिन कहीं दोनों जंग में कूद
08:26गए तो क्या होगा।
08:27असल में इरान के अंदर कुल नो ऐसे प्रवान उठेकाने हैं जिनको लेकर ये कहा जा रहा है की इसराईल
08:33उन पर हमले कर उने तबाह कर सकता है।
08:36सबसे पहले आई ए इरान के इन नो प्रवान उठेकانों के बारे में जान लेते हैं।
08:48इरान की राजधानी तहरान से करीब 300 किलो मिटर दूर दक्षण में इस फ़हान राजज में नतांज इस्थित है
08:55दरसल नतांज यूरेनियम को शुद्ध करने वाला इरान का सबसे बड़ा प्रमानू सेंटर है
09:00यह प्रमानू सेंटर समीन के अंदर बंकरों में बनाया गया है
09:03नतांज के इस प्रमानू ठिकाने को पहले भी निशाना बनाने की कोशिश की जा चुकी है
09:16फोड़ो एक पहाड़ी अलाका है
09:18कहते हैं कि यहाँ पहारी को काट कर उसके बीच एरान ने अपना परवान ठिकाना बनाया
09:22ताके इसराइल की बंबारी से इस ठिकाने को कोई नुकसान नहीं
09:34तहरान के बाद इस वहान एरान का दूसरा सबसे बड़ा शहर है
09:38इस शहर के बाहरी इलाके में भी एरान का एक प्रमानू ठिकाना है जहां यूरेनियम पे रुफाई करने के अलावा
09:44यूरेनियम मिटल बनाने की मशीने भी है जो प्रमानू बम के कोर को बनाने में इस्तिमाल होता है
09:57इराम के पास एक छोटा वाटर रिसर्च रियक्टर भी है जिसे पहले अराक कहा जाता था और अब इसे खोनदाप
10:04के नाम से जाना जाता है
10:05वोटर रियक्टर्स प्रमानू परसार के लिए काम मिला जाते हैं
10:09इससे प्लोटेनियम का उत्पादन भी होता है
10:11जिसका इस्तमाल प्रमानू बं के कोर को बनाने में किया जा सकता है
10:22तेरान रीसर्च सेंटर में भी एक रीसर्च रियक्टर है
10:25हालकि इस सेंटर के बारे में इरान यही बताता रहा है कि यहाँ पर कैंसर जैसी बीमारीयों के इलाज के
10:31लिए प्रवाणू चिकित्सा सम्बंदित काम होता है
10:34इस सेंटर में भी यूरेनियम का इस्तिमाल होता है
10:44खारी तर्टपर मौजूद ये इरान का इकलोता प्रवाणू उर्जा सन्यंत्र है
10:49जिसका इस्तेमाल बिजली बनाने के लिए किया जाता है
10:52ये सन्यंत्र रूसी वदद और रूसी इंधन से चलता है
11:04इरान के हिसाब से सेंटर का इस्तेमाल किर्शियो और चिकित्सा की लिए किया जाता है
11:09और ये एक तरह का रिसर्च सेंटर है
11:11लेकिन एक्सपर्ट Score की माने तो इस दगा के इस्तेमाल योरेंियम को पिरॉफाई करने के लिए
11:16सेंट्री फ्यूज के उत्पादन के तौर पर भी मुम्किन है
11:28रगंद इरान का वो इलाका है जहां यूरेनियम के ख़दान होने की बात कही जाती है
11:332013 में इरान ने यहां से कम गुड़वत्ता वाले यूरेनियम आयस को निकालने का काम शुरू किया था
11:39हाला कि एक्सपर्ट्स की माने तो इसे पेरुफाई कर शुद्ध यूरेनियम में बदला जा सकता है
11:53ये इरान का एक सैंड ने अड़ा है जहां आम हत्यारों और मीजायलों का टेस्ट किया जाता है
11:58हाला कि ये शक भी जड़ाय जाता रहा है कि एरान ने पारचीन में प्रवानू हत्यारों में इस्तिमाल होने वाले
12:04विस्पोटक ट्रिगर्स का भी परीच छुड़ किया है
12:07नेतनियाहू टरंप को लगतार ये भी समझाने की कोशिश कर रहे थे
12:11कि जब तक आयतल्ला खामिनी एरान की सक्ता पर काबिज रहेंगे एरान का नेटनियाहू प्रोग्राम रुकने वाला ने
12:18असल में नेतनियाहू खामिनी को भी मारना चाहते थे
12:21पिछले साल जून में जब अमरिका और इसराहिल के साथ एरान की बारा दिन के जंग ही
12:26तब पहली बार नेतनियाहू ने टरम्प को खामिनी को मारने की अजाज़त मागी थी
12:31हाला कि तब खुद टरम्प इसके लिए तैयार नहीं थे
12:39इतफाक से इसी दौरान दिसंबर के आखरी हफते में एरान में सरकार विरोधी प्रदर्शन शुरू हो चुके थे
12:45इरानी अवाम डॉलर के मुकाबले गिरते इरानी करिंसी और महंगाई को लेकर सड़कों पर उतराई थी
12:51इरान के कई शेहरों में आंदोलन तेजी पकड़ चुका था
12:55सरकार और खामने दोनों ही जनता के निशाने पर थी
12:58कई जगों पर प्रदर्शन कारियों को काबू करने के लिए इरानी फोर्सेज ने ताकत का इस्तमाल किया
13:05दरजन और लोगों की मौत हुई इरान के अंदर खामनी के खलाब इरानी अवाम के इस तरह सड़कों पर आने
13:12से
13:12फिर से नेतनियाहू और ट्रम्प को एक मौका दिखाई दिया
13:15आंदोलन को कुचलने के नाम पर ट्रम्प ने इरानी हुकूमत को धंकी दे डाले
13:20कि वो जरूरत पढ़ने पर इरानी जनता की मदद के लिए आगे आ सकते हैं
13:24इस मौके का फायदा उठाने के लिए नेतनियाहू ने फिर से ट्रम्प को एरान पर हमले के लिए उकसाना शुरू
13:30कर दिया
13:31मगर ये मौका धीरे धीरे इसलिए हाथ से निकल गया
13:34क्योंकि सरकार विरोधी प्रदर्शन आहिस्ता आहिस्ता कम होता गया
13:39जैसा नेतनियाहू टिया ट्रम्प को मीद थी कि शायद इरानी अवाम के दबाओं में सरकार पलड़ जाए वैसा हुआ नहीं
13:52नेतनियाहू के बहकावे और अपने कुछ करीबी सलाहकारों की सलाह को अंदेखी कर ट्रम्प ने इसराइल के साथ मिलकर 28
14:00फरवरी को इरान पर हमला कर दे
14:07आज तक बिरूँ
14:15एक पतला सा समुदरी रास्ता है जिसकी चौड़ाई सिर्फ 35 किलो मीटर है
14:20लेकिन इसे एक पतले से रास्ते ने पूरी दुनिया में तेल में आग लगा दी है
14:25इसे एक रास्ते की वज़ा से महंगाई आस्मान छू सकती है
14:30जानते हैं ये रास्ता कौन सा है
14:32वो रास्ता जिसे एरान ने मौजूदा जंग के बाद अचानक बंद कर दिया
14:42दुनिया के नक्षे पर जमीन के दो टुकड़ों के बीच मौजूद
14:45इस पतले से समुदरी रास्ते पर इस वक्त सब की निगाहें टिकी है
14:49क्योंकि इसराइल और अमेरिका के साथ जंग के बीच
14:52इरान ने इस समुदरी रास्ते को दुनिया के लिए बंद कर दिया है
14:56सिवाए चीन के
14:59सवाल ये है कि सिर्फ 39 किलोमीटर के इस रास्ते को बंद कर देने से
15:03क्यों और कैसे पूरी दुनिया के तेल में आग लग जाईगी
15:07ये छोटा सा समुदरी रास्ता आखिर इतना एहम क्यों है
15:14होर्मूज स्ट्रेट यानि होर्मूज का जलडमरु मत है
15:18जी हाँ यही नाम है इस संक्रे समुदरी रास्ते का
15:22जो फारस की खाड़ी को उमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है
15:26इसके किनारों की बात करें तो इसमें एक तरफ सौधी अरब है और दूसरी तरफ इराब
15:31देखा जाए तो होर्मूज का जलडमरु मत्य महस 33 किलोमीटर चोड़ा है
15:36लेकिन इसी 33 किलोमीटर के छोटे से हिस्से से होकर
15:40दुनिया के करीब 25 फीसदी कच्छे तेल का और 25 फीसदी ही नाचुरल गैस का कारुबार होता है
15:47यहां तक की सौधी अरब, इराग, कुवेत और कतर जैसे देश भी अपना कच्छा तेल
15:52इसी रास्ते से दुनिया के बाकी हिस्सों में भेजते हैं
15:56अगर भारत की बात करें, तो भारत में 40 फीसदी से ज्यादा तेल इसी रास्ते से होकर आता है
16:02इन हालात में अगर इरान होर्मूज स्ट्रेट को बंद करने का फैसला करी लेता है
16:07तो फिर भारत की जरुट के हिसाब से तेल की आवग कम होने लगीगी
16:12और इससे पेटरोल और डीजल की कीमतों का बढ़ना तै हो जाएगा
16:20कच्छे तेल की कीमतों के बढ़ने का मतलब सिर्फ पेटरोल और डीजल की कीमतों का बढ़ना ही नहीं होता
16:26बलकि इसका मतलब महंगाई का बढ़ना भी होता है
16:29अभी इरान ने सिर्फ होर्मूज स्ट्रेट को बंद करने की ही धुंकी भी
16:33और दुनिया में क्रूड ओयल की किमतیں 80 डॉलर प्रती बैरल तक पहुँच गई है
16:38जानकर बताते हैं कि अगर इसे वाकई बंद कर दिया गया
16:42तो इसकी कीमत 120 से 150 डॉलर प्रती बैरल तक जा सकती है
16:51इरान इसराइल जंग की वज़े से ही सोमवार को क्रूड ओयल की कीमतों में 2 फिसदी का उच्छाल आ गया
16:58अमेरिका ने इरान पर शनिवार को हमला किया था और इसके फौरण बाद रविवार को क्रूड ओयल की कीमतों में
17:043 फिसदी का उच्छाल आया था
17:11दुनिया भर में तेल के कारोबार के लिए एहम होर्मूज स्ट्रेट के साथ कुछ कुदरती मजबूरियां भी है
17:17जो इसकी खासियत को और बढ़ा देती है
17:20असल में होर्मूज जलडमरु मध्य की कुल चोड़ाई बेशक 29 किलो मीटर हो
17:25लेकिन समंदर के बीच जिस रास्ते से होकर जहाजों की आवजाही होती है
17:30वो बमुश्किल 3 किलो मीटर ही चोड़ा है
17:33दरसल इस जगह पर समंदर की गहराई एक दम कम है
17:37अधिकतम गहराई की बात करें तो वो 90 मीटर है जबकि नियूंतम गहराई 50 मीटर
17:42और इतने कम गहरे समंदर से बड़े बड़े जहाजों का गुजरना कोई आसान काम नहीं है
17:48इसलिए तमाम मालवाग जहाज समंदर के सबसे गहरे 90 मीटर वाले हिस्से का ही इस्तेमाल करते हैं
17:55और ये रास्ता करीब 2 मील यानि करीब 3 किलो मीटर चोड़ा है
18:00ऐसे में यहाँ जहाजों की एंट्री भी वन बाई वन होती है
18:08होर्मूज स्टेट के बारे में और जाने इससे पहले आईए जान लेते हैं कि भारत को उसकी जरुवत का कच्छा
18:14तेल कहां से मिलता है
18:15और इसमें भारत का आयात कितना है और इसमें भी कितना आयात होर्मूज स्टेट से होकर होता है
18:23तो भारत में हर रोज तक्रीबं साथे 5 मिलियन बैरल तेल का इस्तिमाल होता है
18:28जिसमें टेड़ से 2 मिलियन बैरल स्टेट अफ होर्मूज से होकर आता है
18:33जबकि बाकी करीब 4 मिलियन बेरल तेल, रूस, अमेरिका, ब्राजील और पश्ची में अफरीका जैसे देशों से आता है
18:40भारत में वक्त के साथ अलग-अलग जगहों से तेल के आयात का सिलसिला शुरू किया है
18:45फिलहाल इरान से तेल का आयात लगभग बंद हो चुका है
18:50अब सवाल यह है कि होर्मुज स्ट्रेट के बंद होने के बाद भारत क्या करेगा
18:56इसका भारत के तेल कारोबार और लोगों की जिन्दगी पर क्या असर होगा
18:59तो जवाब है भारत को लगभग 40 फिसदी तेल की कमी को पूरा करने के लिए दूसरे रास्तों का सहारा
19:06लेना पड़ेगा
19:07बहुत मुम्किन है कि इसके लिए केप आफ गुड होग के रास्ते का चुनाओ करना पड़े
19:25इससे न सिर्फ इंतजार लंबा होगा बलकि इतने लंबे रास्ते से होकर आने की वज़े से तेल की कीमतों का
19:32बढ़ना भी तैव हो जाएगा
19:34एक अनुमान के मुताबिक औसतन हर ट्रिप पर एक मिलियन डॉलर यानि आठ करोड रुपए से भी ज्यादा का खर
19:41जाएगा
19:45समंदर के इस इलाके में करीब दो-दो मील के दो शिपिंग लेन से जिन से होकर जहाजों की आवाजाही
19:52होती है
19:53इसे लंबे वक्त तक बंद करने के लिए इरान को इस जगह पर सैन्य टैंकरों को टारगेट कर उन्हें धराशाई
20:00करना होगा
20:01ताकि रास्ता ही जाम हो जाएगा
20:03और समंदर में इस पूरे रूट को बंद करना कोई आसान काम नहीं है
20:08ऐसा भी नहीं है कि होर्मूज स्ट्रेट के बंद हो जाने का असर सिर्फ तेल का आयात करने वाले देशों
20:14को ही होगा
20:14बलकि तेल की सप्लाई करने वाले कई देश जो अब तक तठस्त हैं उनकी अर्थव्योस्था पर भी इसका खास असर
20:22पड़ेगा
20:22खास कर अरब, कुवेट और कतर जैसे देश ऐसे में वो इरान के इस कदम का विरोध करेंगे और एक
20:29साथ इतने फ्रंट पर अलग-अलग देशों से मोर्चा खोलना भी इरान के लिए मुश्किल हो सकता है
20:37वैसे भी अमेरिका की पांचवी नौसेना फ्लीट बहरीन में सिर्फ इसी चेकपॉइंट की रखवाली के लिए तैनात रहती है
20:43ऐसे में अगर यहां इरान कोई बंबारी या विद्ध्वनसक कारवाई करता है तो फिर बहुत मुम्किन है कि यहां भी
20:49उसे अमेरिका से सीधा टकराव मोलना पड़े
20:52जो की युद को और बढ़ा सकता है
20:55ऐसा भी नहीं है कि होर्मूज स्टेट के बंद हो जाने का असर सिर्फ अमेरिका या उसके मित्रत देशों पर
21:01ही पड़ेगा
21:01बलकि चीन, जापान और साउथ कोरिया जैसे देश भी इससे प्रभावित होंगे
21:06क्योंकि इन देशों में भी कच्छे तेल का आयाद इन्ही रास्तों से होकर होता है
21:13वैसे भारत ने होर्मूज संकट से निपटने के लिए अपनी तैयारियां कर रखी
21:17भारत के पास करीब 5 मिलियन मिट्रिक टन का ओयल रिजर्फ पहले से मौजूद है
21:22जिससे करीब तीन हफ़तों का काम चल सकता है
21:27आज तक ग्योग
21:30तो वारदात में फिलाल इतना ही
21:32मगर देश और दुनिया की बाके खबरों के लिए आप देखते रही आज तक
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