00:00इरान में बढ़ते तनाव के बीच जम्मू कश्मीर के भलेसा इलाके के चात्रों के परिवारों में चिंता का महौल है
00:09मध्यपुर्व में हालिया घटनाओं के कारण सुरक्षा इस्थिती को लेकर और निश्चितता बनी हुई है
00:17इसे बीच भारत के कई चात्र जो इरान में पढ़ाई कर रहे हैं उनके माता पिता ने भारत सरकार से
00:26सुरक्षित निकासी की अपील की है
00:28ये तस्वेरे हैं जम्मू कश्मीर के भलेसा की जहां एक चात्र के परिजन ने सरकार से मदद की अपील की
00:37है
00:37मेरा भाई जिसका नाम तस्लीम अलुदा है वो इस वकत एरान में हैं और वो हम पर फसे हुए हैं
00:42वह पर इस वकत बहुत हालात खराब हैं हम बस यही गुजारश करेंगे गौर्वर्मेंट से कि और उट अप इंडिया
00:47से और हमारी गौर्मेंट अफ जमौन कश्मीर से कि उनक
01:03तो बहुत जादा डिप्रेस्ट हैं हमें हमें भी यहां पर बहुत जादा थम यहां पर बहुत जादा परेशान हो रहे
01:10हैं उनके लिए बस हमारी यही है रिक्वेस्ट हैं गौर्मेंट आफ इंडिया से और फॉर्मनिस्टर आफ इंडिया से कि उनने
01:15बहुत जल से जल हम ब
01:33हुआ है कि वहां पर बराबर यूएस और इसराइल बराबर अटेक कर रहे हैं और सेंट्रल तहरान में सबसे ज्यादा
01:41इसका इंसिडेंस हैं हमारे बच्चे हमारे बच्चे इस वकद तहरान के अंदर तहरान के अंदर ही अपार्टमेट्स के अंदर मुझूद
01:48हैं और तहरान
01:50से ही इंटरनेशनल एरान यूरिस्ट्री आप मेडिकल साइंसी से
01:53MBS की डिगरी कर रहे हैं और उनका ये फाइनल येर का साल जा रहा था
01:57अभी उनके सिर्फ पाँच महीने बाकी थे लेकर बदकिस्मती से
02:02हालात खराब होने की वज़ा से इस से पहले जो अब हमारी
02:06हुकोमत ने अडवाइजरी जारी की थी लेकर वहां के यूरिस्ट्री के
02:09हुकाम ने उनको बोला कि अगर आज अब घर चले जाते हो तो आपके
02:13अबसेट मार की जाएगी और एक साल मजीद देना पड़ेगा बच्चे इस डर की
02:18वज़ा से वहां रुके रहे और हालात भी अठाइस तारी को जो खराब हैं तब से आज
02:22तक खराब हैं बच्चे वहां पर फसे हुए हैं बम मेजाईलों की वह गूंज वहां
02:27पर सुनाई दे रही है। बच्चे इस सकत परिषानी और डिपरेशन के हाला चाहत से घुजर रहे हैं
02:33परी रात गर में फोन करते रहते हैं कि हम सकत परिशान हैं और जहें तनाव के शिकार हो गई
02:41हैं
02:42और पेरेंट्स से ये गवार लगाते हैं कि किसी भी तरह से अपनी इंदुस्तान गौवर्मेंट को खास कर परदान मंतरी
02:48जी को जबुकश्मीर की हकोमत को LG साहब और अमर साहब की हकोमत से गवार लगाएं कि हमारे बारे में
02:55कुछ सोचा जाए जिस तरह पहले हमें यहां से �
02:58इसी तरह से आज की बार भी हम पर रहम किया जाए और हम यहां से सेफली वाक्वेट किया जाए
03:04और हमें शुक्रिया का मोका बख्षें ताकि हम भी अपने पैरेंट्स के साथ दोबारा मलाकात करके हम जहनी सुकून पास
03:12सके माता-पिता का कहना है कि वे लगातार अपने ब�
03:53बारत लाने की विवस्ता की जाए
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