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पश्चिम एशिया में तनाव के बीच भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इज़राइल यात्रा ने अंतरराष्ट्रीय और देश के भीतर बहस को जन्म दिया है। गाज़ा में लड़ाई तो रुकी है, लेकिन सुरक्षा कारणों और क्षेत्रीय तनाव के चलते कई देश इज़राइल से दूरी बना रहे हैं। इस यात्रा के समय और उद्देश्य पर कई सवाल उठ रहे हैं। यह प्रधानमंत्री मोदी की दूसरी इज़राइल यात्रा है — पहली 2017 में हुई थी। इस बार उनका एजेंडा सिर्फ औपचारिक नहीं है बल्कि रणनीतिक है

विपक्ष सवाल उठा रहा है — क्या यह यात्रा संतुलित कूटनीति है या भारत के मुस्लिम देशों के साथ संबंधों को प्रभावित कर सकती है।

सरकार का कहना है — यह रणनीतिक स्वायत्तता का मामला है। भारत अपने हितों के आधार पर निर्णय लेगा और किसी पक्ष का नहीं।

आने वाले 48 घंटे बहुत महत्वपूर्ण हैं क्योंकि कूटनीति केवल बंद कमरे में नहीं होती; संकेतों में भी होती है।

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~ED.348~HT.408~GR.508~

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00:18जब पूरा पश्चिम एशिया तनाव में है ऐसे समय में भारत के प्रधान मंत्री नरेंदर मोदी की इसराइल यात्रा ने
00:25देश की भीतर, बहस और अंतराश्य सर पर हलचल पैदा कर दी है
00:30गाजा में जंग ओफिशली रुक तो गई है लेकिन सैन कारवाई अभी भी जा रही है और इसी के कारण
00:35दुनिया के कई देश इसराइल से आज भी दूरी बना रहे हैं
00:39ऐसे मैं इस यात्रा का समय सवालों के घेरे में विपक्ष पूछ रहा है क्या ये संतुलिट डिप्लोमसी है क्या
00:46ये बैलन्स डिप्लोमसी है या फिर एक ऐसा कदम जो भारत के मुस्लिम देशों के साथ सम्मंदों को प्रभावित कर
00:52सकता है
00:53मेरा नाम अब है और आप देख रहे है वन इंडिया न्यूज हिंदी
01:01ये प्रदानमंत्री मोदी की इसराइल की दूसरी यात्रा है पहली यात्रा दोहदार सत्रा में हुई थी
01:06वो कई माईनों में एतियासिक भी थी क्योंकि वो इसराइल जाने वाले पहले भारती प्रदान मंत्री बने।
01:11करीब 9 साल बाद प्यम मोधी फिरेक बार इसराइल लोट रहे हैं।
01:15आज मोधी इसराइल पहुचे अधिकांज कारेक्रम जेरूसलम में हुए।
01:20इस यातरा का अजंडा बहत मेत पूर्ण है।
01:23सबसे पहले इसराइल के प्रदान मंत्री बेंजमन नेतन न्याहों के साथ दिउपक्षे वारता।
01:28डिफेंस डील्स, सुरक्षा, टेक, व्यापार, आर्टिफिशल इंटिलिजन्स, क्वांटम कॉंपिटिंग और कई एहम चीज़े।
01:36ये केवल औपचारिक यातरा नहीं है। ये एक रननीतिक यातरा है।
01:40आज भारत और इसराइल के बीच लगबग 6 पुर्नांग 5 अरब डॉलर का व्यापार होता है।
01:45इसराइल भारत के प्रमुग डिफेंस साथियों में से एक है।
01:48ड्रोन से लेकर मिसाइल सिस्टम तक हम इसराइल की मदद लेते हैं।
01:51लेकिन इस यातरा का एक शन एहतियासिक बन सकता है।
01:54प्रदानमंत्री मोदी इसराइल की संसद कनेसेट को संबोधित करने वाले है।
01:58ऐसा पहली बार होगा जब कोई भारत के प्रदानमंत्री वहाँ भाशन देगा।
02:03ये केवल एक भाशन नहीं होगा।
02:05ये भारत और इसराइल की बढ़ती नजदीकी का एक प्रतीक बनेगा।
02:09हालाकि ये मंज भी राजनीती से अचूता नहीं है।
02:12यातरा के दोरान प्रदानमंत्री मोदी या दवाशेम भी जाएंगे।
02:16जो होलोकॉस मेमोरियल है।
02:18साथ ही एक विशेश कारेकरम में भाग लेंगे जहाँ स्टार्टप और भविशी के टेकनॉलिजी पर चर्चा होगी।
02:24लेकिन सबसे बड़ा सवाल ये विजट अभी क्यों।
02:28शेतर में तनाव है। इरान और यूएस का वार कभी भी शुरू हो सकता है।
02:33साथ अक्टूबर के हमले के बाद इसराइल गाजा संघर्ष आज भी जा रही है।
02:37गाजा में हजारों लोगों की जान जा चुकी है।
02:40हली में भारत ने सौ से अधिक देशों के साथ मिलकर वेस्ट बैंक में इसराइल की गतिविधियों पर चिंता जदाई
02:46थी।
02:47और कुछ ही दिन पहले भारत ने अपने नागरिकों को इरान छोडने की सला दी थी।
02:51यही मुद्दे सामने रखकर भारत का विपक्ष जिसमें संसद्यस ताहिद समिती के सदस भी शामिल है।
02:57वो सवाल उठा रहे हैं क्या ये डिप्लोमेटिकली उचित है।
03:00क्या इससे ये संदेश जाएगा कि भारत गाजा में इसराइल की जो भी कारवाई थी उसका समर्थन कर रहा है।
03:07क्या इससे फिलिस्तिनी मुद्दे पर भारत की पारंपर इस्तिती कमजोर पड़ीगी।
03:11और ग्लोबल साउथ में भारत की छवी पर इसका क्या प्रभा होगा।
03:15सरकार का कहना सपश्च है।
03:17ये रननितिक स्वायतत्ता मतलब ऑटोनोमी का मामला है।
03:20भारत सभी देशों से सवात करता है।
03:23भारत अपने हितों के आधार पर निरने लेगा।
03:26भारत किसी का पक्ष में नहीं, किसी के विपक्ष में नहीं तो अपने राष्टिय हितों को सबसे पहले रखेगा।
03:33नई दिल्ली का कहना है कि वो अब भी दो राष्ट समाधान का समर्थन करते है।
03:37टू स्टेट सोलूशन।
03:38फिलिस्तीन के साथ उनके संबन आज भी बने हुए है।
03:42खाडी देशों के साथ सहोग जारी है, जो उर्जा और प्रवासी भारतियों के लिए अत्यन्त महकपूर्न है।
03:48लेकिन इसराइल के साथ संबंदों को रोकना विकल्प नहीं है।
04:00अब बात इसराइल के आंतरिक राजनीती की भी।
04:22इस परकार ये यात्रा केवल द्विपक्षिय नहीं है।
04:26ये यात्रा शेत्रिय और घरेलू राजनीती में भी एक महतपूर्ण पहलू सामने रख रही है।
04:31प्रदान मंत्री नेतन्याओं के लिए ये एक अवसर है।
04:34ये दिखाने के लिए कि इसराइल अलग थलग नहीं है।
04:37और भारत जैसे बड़े और महतपूर्ण देश आज भी उसके साथ संबंद बनाए हुए है।
04:42प्रदान मंत्री मोदी के लिए ये संदेश है कि भारत एक वैश्विक शक्ती है जो किसी के दबाव में आकर
04:48अपने हित संबंद नहीं देखता।
04:50जो स्वतंत रूप से निरने लेता है और रक्षा और तकनीग तता सुरक्षाते मुद्दों पर खुल कर सवात करता है।
04:57आने वाले कुछ घंटे भेत मतपूर होने वाले हैं क्योंकि कूट नीती केवल बंद कमरों में होने वाली बाचीत नहीं
05:05होती।
05:06कई बार उन संकेतों के पीछे छुपी होती है जो मित्रों को, प्रती दुबंदियों को और पूरी दुनिया को भेजे
05:12जाते हैं।
05:14आप देखते रहे है One India News हिंदी देश और दुनिया की कई सारी खबरों के लिए।
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