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Nodia Engineer Car Accident: "पापा मैं डूब रहा हूं, मुझे आकर बचा लो..." नोएडा में एक पिता के सामने ही उसके इकलौते बेटे ने तड़पकर दम तोड़ दिया। जानिए कैसे सिस्टम की लाचारी और नोएडा अथॉरिटी की लापरवाही ने एक होनहार इंजीनियर को जिंदा दफन कर दिया।

A tragic incident took place in Sector 150, Noida, where a 27-year-old software engineer named Yuvraj Mehta died after his car plunged into a 30-foot deep water-filled basement of an under-construction mall. Despite being in contact with his father over the phone and pleading for help for four hours, the rescue teams failed to pull him out in time. The family has accused the Noida Authority of negligence as the site lacked proper safety barriers.

#Noida #NodiaCarAccident #YuvrajMehta #NoidaAuthority #OneindiaHindi

~HT.410~PR.250~ED.108~

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Transcript
00:00बेटे नहीं फोन किया था कि मैं नाले में गिर गया तो मैं पहुंच गिया था
00:06गाड़ी गिरने के बाद पानी में लड़का को एक घंटा 45 मिनट तक लड़के ने खुब अपने बचाने के गौहर लगाई है
00:13पापा मैं डूब रहा हूं मुझे आकर बचा लो मैं मरना नहीं चाहता पापा
00:17कल अपना कीजिये उस्पिदा के कलेजे पर क्या बीती होगी जसके मोबाईल पर आधी रात पोस के एकलादे बेटे ने ये आखरी चीक पहुचाई हो आखरी बार अपने पिता से मदद मांगी हो
00:30नॉड़ा की एक खौफनाक रात घना कोहरा और प्रिशाशन की जानले वाला परवाही ने एक हंस्ते खेलते परिवार की खुशियां हमेशा के लिए उजाड़ दी
00:38ये कोई सामाने हाथसा नहीं था बलकि साड़े चार गंटे तक कैमरी और वर्दी के सामने चली एक प्रिशाशनक हत्या थी
00:4627 साल का सौफ़वेर इंजिनियर योवराज महता गुरुगराम से अपने घर लाट रहा था
00:52लेकिन उसे क्या पता था कि जिस तड़क पर वो चल रहा है वहां मौत का एक गढठा है वो बिना ठका गढठा जो उसकी जिन्दगी ले लेगा
01:01पानी से लवाला भरे 30 फीट गहरे गढठे के रूप में एक मौत उसका इंदिजार कर रही थी
01:07सेक्टर 150 के पास कहरे की वचे से युवराज की कार एक निर्माना अधीन मौल के उस बेस्मेंट में जागिरी जिसे नौइडा उथारिटी ने अपने कबजे में ले रखा था
01:16लेकिन वहाँ सुरक्षा के नाम पर एक इट भी नहीं रखी गई जैसे ही कार पानी में समाई दर्वाजे लौक हो गए मौत का काउंट डाउन शुरू हो गया
01:24हिर्वराज ने किसी तरह से कार की छट पर चड़कर अपने पिता को फोन किया
01:28बधवास पिता जब मौके पर पहुँचे तो वहाँ का नजारा देखकर उनकी रूह काप गई
01:33अंधेरे और ठंडे पानी के बीज उनका बेटा हाथ में टॉर्च लेकर अपनी जिंदगी की फीक मांग रहा था
01:39वहाँ पुलिस खड़ी थी दंपल की गाड़ियां मौजूद थी और देखते ही देखते एंडी आरेफ एस्डी आरेफ की टीमें भी पहुँच गई लेकिन विडंबना देखिए विडंबना की पराकाश्टा देखिए कि साड़े चार गंटे तक पूरा सिस्टम सिर्फ त
02:09असा साहस नहीं किया कि पानी में जाकर विवराज की मदद की जाए उस डूपते हुए लड़के को बचा लिया जाए एक पिदा अपने बेटे को अपनी आँखों के सामने तिल-तिल कर मरते देख रहा था और हाथ जोड़कर गिडगड़ा रहा था कि कोई तो उसे बचा ल
02:39लूबने लगी तो यवराज की वो आकरी उमीद उसकी टौर्च की रौशनी धीरे-धीरे मदधम पढ़कर बुच गई वो चीप जोकी साड़े-चार घंटे से हवा में गूँच रही थी हमेशा के लिए शान्त हो गई जब तक क्रेन आई और कार को बाहर निकाला तो यव
03:09जरा भी फूरती दिखाई होती है तो एक होनहार नौजवान आज जिन्दा होता पुलिस और प्रिशोशन की ये बेरुखी चीक चीक कर कह रही है कि हमारे शहरों में आम आदमी की चान की कीमत पानी के बुलगुले से ज़्यादा कुछ भी नहीं है आज जिवराज के पिता
03:39उल्री प्रिशोटार के पुलिव नेपना ऊटार के लिवराज से टरिजले sap निवराझ के विल्या से ऑनली वराणी है कि लिवराज़ में, अब करू निवरादा है कि बकव हुख सक्या.
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