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सुप्रीम कोर्ट में ED बनाम ममता बनर्जी मामले की सुनवाई के बाद राजनीतिक और कानूनी हलकों में हलचल तेज़ हो गई है।
इस वीडियो में Oneindia Hindi के लिए वरिष्ठ पत्रकार Shivendra Gaur ने सुप्रीम कोर्ट परिसर में Subhajit Datta से विस्तार से बातचीत की है।

Subhajit Datta ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के बाद वह क्यों मानते हैं कि पश्चिम बंगाल में हालात गंभीर हैं और किस आधार पर वह वर्षों से राष्ट्रपति शासन की मांग करते आ रहे हैं।
उन्होंने अदालत में हुई बहस, ED की भूमिका, कथित हस्तक्षेप और सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी नोटिस व निर्देशों को लेकर अपनी समझ साझा की।

इस बातचीत में Datta ने यह भी स्पष्ट किया कि ये सभी बातें उनकी कानूनी व्याख्या और व्यक्तिगत दावे हैं।
वीडियो में सुप्रीम कोर्ट की कार्यवाही के बाद उभरे सवालों को walkthrough format में समझाया गया है, ताकि दर्शक पूरे मामले को आसानी से समझ सकें।

यह वीडियो किसी निर्णय का दावा नहीं करता, बल्कि अदालत के बाद सामने आए कानूनी और राजनीतिक तर्कों को प्रस्तुत करता है।

देखिए पूरा वीडियो — केवल Oneindia Hindi पर।


After the Supreme Court hearing in the ED vs Mamata Banerjee case, legal and political discussions have intensified.
In this video, senior journalist Shivendra Gaur speaks exclusively to Subhajit Datta at the Supreme Court premises for Oneindia Hindi.

Subhajit Datta explains why he believes the situation in West Bengal is serious and on what grounds he has been raising the issue of President’s Rule for several years.
He shares his understanding of the court proceedings, the role of the Enforcement Directorate, alleged interference, and the directions and notice issued by the Supreme Court.

Datta clearly states that these are his legal interpretations and claims, presented after the Supreme Court hearing.
This video offers a detailed walkthrough to help viewers understand the legal and political dimensions of the case.

This video does not pronounce any verdict; it presents perspectives and arguments emerging after the Supreme Court hearing.

Watch the full analysis only on Oneindia Hindi.

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~HT.410~

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Transcript
00:00पहले यह पे ब्रेकडाउन अब कॉंस्टिटूशनल मेसिनरी का हमने सबूत पेस किया था और संग्विधान का जो क्राइटेरिया है उसमें फुल्फिल कर गया था
00:10करवाई करने के आता उसके उपर अलटवार कर दिया है यह प्रेजुडिस्ट एक्षन का डेफिनेशन में आता है यह सारे सबूत उस टाइम भी था प्रेसिडेंट्स रूल लगाने का यह स्थीती पैदा हो चुका है
00:21आज कई बार ये बात हुई जब एडी वर्सेस ममता बनर जी का मामला सुप्रीम कोर्ट में सुनबाई किया गया सुनबाई चल रही थी पश्चिम मंगाल में राश्पति साशंग भी लग सकता है हमारे साथ सुबाजी दता है उनी समझेंगे वो इस मुहिम में कब से लगे
00:51भारत का संग्विधन का एक पोस्ट है जो सुप्रीम कोट का और राश्ट्रपति भवन का यूनियन गौब्मेंट का और दो तिन स्टेट गौब्मेंट का रेकॉर्ड में आ चुका है इवेंट स्टेट पोलिस का सिक्यूर्टी देके और सारे पब्लिक सर्वेंट का जो प
01:21है कि आपके मन में यह सब प्रेम और यह सब चीज कैसे मैं ही इसका जो है पायोनियर कह सकते हो इस जो पोस्ट के ऊपर जो प्रेसिडेंट्स रूल लगाने का रिपोर्ट्स पैरलली किया जा सकता है आदद्दन गवर्नर्स रिपोर्ट अर्टिकल 356 क्लॉज 1 में है और आ�
01:51यह सब मिला के जो है मैं 2020 में ही सेप्टेंबर में 757 पेजेस का टोटल दो पांड में हमने डौसियर राष्ट्रपती के पास भेजे थे उस टाइम रामनात कोबिन जी थे राष्ट्रपती महा महीं तो उन्होंने प्रेसिडेंट्स रूल पस्चिमागल के ऊपर लगाने के �
02:21आटिकल 53 के तहत खुद अपना एक्जिक्यूटिव एक्सेंस नहीं भी ले सकते हैं खुद भी ले सकते हैं सब उन्हें करा सकते हैं तो सब में समझ यार दो सवाल है एक तो 2020 में किया था च्छे साल क्यों लगे इसके पीछे क्या क्यों पॉलिटिकल रीजन था दूसरी बा
02:51यहां पे breakdown of constitutional machinery का हमने सबूत पेस किया था और संग्विधान का जो criteria है उसमें fulfilled कर गया था तो इसलिए
02:59सबूत हमने 757 पेस का डासियर के अंदर breakdown of constitutional machinery का सबूत पेस किया था जिसमें
03:07जो constitution का एकदम language है कि the governance of the state cannot be run in accordance with the constitution of India
03:15इनने situation horizon उस टाइम जो situation arise किया था उसके हमने अप्रूब कर दिया था जैसे
03:23प्रेसिदेंस रूल का report बनता है उसी तरीके से जो governor's का report बनता है
03:28मेरा भी report same criteria में साध में failure to comply by the state government with the executive directions given by the union of India
03:38अगर center ने कोई कारियव आई direction जारी करता है state के उपर state को वो मनना परता है
03:45article 256-257 में वो सब है अगर नहीं मनेंगे या prejudice action लेंगे जैसे अभी prejudice action हुआ है
03:53पुर्व संदय के साथ ये center का executive action ED जो करवाई करने के आता उसके उपर पलड़वार कर दिया है
04:00ये prejudice action का definition में आता है ये सारे सबूत उस टाइम भी था प्लस जो general law and order का एनर्की और public जो administration का एक घुगलापन ये सारे हमने सभीत कर दिया था
04:15साथ में जो संग्विधानिक अचलावस्ता उसका अलाग अलाग से हमने evidence based based करके जो total एक dossier पूरा पुर्णांग एक प्रमान पत्र गया था
04:24साथ सो सतावन पेज का उसके अंदर हमने ये सबित कर दिया था और आपका पहला सवाल जो था चे साल क्यों लगे अभी तक मैं तो इसके उपर पहले ही बोलता हूँ है इसमें political over ambition हम तो constitutional functionary neutral बोलते है और डॉक्टर का जो सार्जरी करना परता है ओपीडी में भेजना परत
04:54operation theater में भेजते हैं तो इसमें जो है union government ने मेरा process जो 2020 का था उसको पहले entertain किया था union home minister अमिच्चा ने इसके उपर बयान भी दिया थे कि पस्ची मंगल में राष्ट्रपती ससन लगाने का सरानिय कदम जो कई सारे news channel में भी आये थे और मेरा उपर भी news हुआ था मेरा भी interview हु
05:24करके उनको पता नहीं कैसे लगा था कि 200 सीट जीतेंगे यह बोलके 294 सीट है वेस्ट मेंगल का assembly में तो 200 सीट उसमें कैसे जीतेंगे 77 सीट में उन लोग ने खतम हो गये थे तो इसलिए नहीं लगा थे और 77 से भी कम करके यह वेस्ट मेंगल सीम का जो political party है उन्होंने 70 से कम
05:54करता है कैसे दोनों party इसको दिखाते है आज भी यह जो सुप्रीम कोट में सुनबाई हुआ इसमें यह बात आया तो इसके लिए अगला hearing में जो स्टेट को notice दिया गया स्टेट रिप्लाई देंगे अगर दिखाना है तो कोट में दिखाऊ साबित करके दिखाऊ मीडिया के
06:24मेरा बड़े में पूझ रहें मेरा इस मामले में अलग से कोई स्टेब नहीं है इसमें इसमें सुप्रीम कोट में matter चल रहा है इसमें सुप्रीम कोट जो एड़ जुके करके फार्दा इंवेस्टिकेशन देंगे तो देंगे लेकिन मैं यह कहुंगा मैं इस पर कोई नया report �
06:54रेड विट अटिकल 356 यह सब आ चुका है गवनर इसके थूर सेंटर स्ट्रेड रिलेशन्सिप का पर्सपेक्टिब से भी एक इंसिदेंट से भी प्रेसिडेंट सूल का रिपोर्ट फाइल कर सकते हैं और सेंटर चाहे पॉलिटिकल विल पार रहे तो प्रेसिडेंट सूल ल
07:24आपको इस वीडियो में दत्ता सापकी राय कैसे लगी आप कमेंड में बता सकते हैं फिलाल इस वीडियो में इतना ही कैमरा परसन आशी स्थाख रहे था श्रिवेंद गौर्ड वान इंडिया सुप्रेम कोट दिल्ली
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