00:00Supreme Court में Kolkata में IPAC पर चापों से जुड़े मामले में पशिम बंगाल सरकार और मुख्य मंतरी मम्ता बनर्जी के खिलाफ ED की याचिका पर सुनुआई हुई
00:09याचिका में ED ने बंगाल सरकार और CM मम्ता बनर्जी पर चापे के दोरान बाधार डालने का आरोप लगाया है
00:16कोट ने कहा कि यह बहुत गंभीर मामला है हम नोटी जारी करेंगे हमें इसकी समिक्षा करनी होगी
00:21Supreme Court ने कहा कि High Court में सुनुआई के दोरान हंगामे पर व्यथित हैं
00:27ED की ओर से पेश सॉलिस्टर जनरल तुसार मेहता ने कोट से कहा कि ED की याचिका पर सुनुआई के दोरान बड़ी संख्या में वकील और अन्य लोग कलकत्ता उच न्याले में दाखिल हो गए थे
00:37जिसके बाद मामले की सुनुआई अस्थागित कर दी गई थी
00:40सॉलिस्टर जनरल तुसार मेहता ने कोट से कहा कि पहले भी जाच एजन्सियों के काम में बनर जी ने दखल अंदाजी की है
00:47पस्यम बंगाल सरकार की दखल अंदाजी और बाधा एक बेहत चुकाने वाले चलन को दरसाती है
00:53उन्होंने कहा कि राजियों को लगेगा कि वे दखल दे सकते हैं चोरी कर सकते हैं और फिर धरने पर बैट सकते हैं एक मिसाल कायम की जानी चाहिए
01:02वहीं बंगाल सरकार का पक्ष रखते हुए वरिष्ट वकील कपिल सिबल ने कहा पहले इस मामले की सुनवाई कलकत्ता उच न्याले में होनी चाहिए और उचित न्याईक पदानुकरम का पालन किया जाना चाहिए
01:13साथ ही उन्होंने च्छापे की वीडियो रिकॉर्डिंग का भी हवाला देते हुए कहा कि मुख्य मंतरी ममता बनरजी पर सभी डिजिटल उपकरन ले जाये जाने का आरोब जूटे हैं जिसकी पुष्टी ED के अपने पंचनामे से होती है
01:24उन्होंने कहा कोईला घोटाले में आखरी बयान फरवरी 2024 में दर्ज हुआ था तब से ED क्या कर रही थी चुनाओं के दोरान इतनी जल्दबाजी क्यों
01:33ED की ये एयाची का 8 जन्वरी को कुलकत्ता में आईपेक के आफिस और उसके प्रमुक्ष प्रतिक जैन के आवास पर छापो को लेकर दायर की गई है
01:41इस दोरान जाच एजेंसी के अधिकारियों को बाधाओं का सामना करना पड़ा था
01:45जाच एजेंसी ने आरोप लगाया है कि मुख्यमंतरी ममता बनर जी परिसर में दाखिल हुई और जाच से संबंधित महतपुन सबुत साक्ष अपने साथ ले गई
01:54ममता बनर जी ने केंद्री एजेंसी पर अधिकार छेतर से बाहर जाने का आरोप लगाया है
01:58और उनकी पार्टी त्रिनमुल कॉंग्रेस ने एडी की जाच में बाधा डालने के आरोप से इनकार किया है
02:04वहीं पश्चिम बंगाल पुलिस ने एडी अधिकारियों के खिलाप एक प्राथमी की दर्ज की है
02:08बिरो रिपोर्ट एटीवी भारत
Comments