00:00गोबर के उपलो की आग पर जब कच्चे जवार के गुच्छों को पकाया जाता है तब बनती है ये उंदा डिश
00:09ये डिश को खाने के लिए सड़क के किनारे लोगों की भीड उमरती है
00:13ठन के मौसम में महराष्ट के अहिल्या नगर में होट जुआर हुर्डा को बाजरा भाकरी, पिठला, प्याज, मौसमी सबजियों और चटनी के साथ परोसा जाता है
00:23देहाती हो या शहरी, बच्चे, बुजुर्क और जवान, हर वर्गी के लोग इसे खुब पसंद करते हैं
00:30बर्थिडे, फैमिली, गैदरिंग और पिकनिक जैसे मौकों पर तो लोग एक साथ यहां आकर खाना खाते हैं और इसे हुर्डा पाटी का नाम देते हैं
00:39कच्चे जवार को आग में पका कर बेचने का ख्याल शुरू-शुरू में नेवासा तालुके के किसान कुंडल लिकराव भांगे को आया
01:00उन्होंने एहमत नगर छत्रपती संभाजी नगर हाईवे की किनारे होट हुर्डा बेचना शुरू किया
01:06जब उन्हें अच्छा रिस्पॉंस मिला तो दूसरे किसान भी जवार की खेती करने लगे और खुद इसे बेचने लगे
01:13यहां कच्चा जवार 400 रुपे किलो तक बिक जाता है
01:16हुर्डा के साथ साथ मक्के का भुट्टा, गन्ने का जूस और बेरीज भी उगाए और बेचे जा रहे हैं
01:22लोग इसका जमकर आनन ले रहे हैं
01:26कई किसान अपने खेत में हुर्डा पार्टी का आयूजन कर रहे हैं
01:40अकसर सूरियास्त के बाद हुर्डा पार्टी शुरू होती है
01:4425 नवंबर से फरवरी के आखरी तक इसका आयूजन होता है
01:48एक अनुमान के मुताविक इन पार्टियों से 12-13 लाकी कमाई होती है
01:53यहां ग्रामीन परेटन को बढ़ावा मिल रहा है
01:56एटीवी भारत के लिए महराष्ट के आहिल्या नगर से रविंद्र महिल्या की रिपोर्ट
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