00:00Hindi film Robert's book
00:02In the middle of The film
00:05We are each starting to see
00:07By our own he-man, Dhrmendra
00:10We are the 80 years old in Mumbai
00:13We are the only one who left a star
00:14A story of the film industry
00:16We are the 100's 100's
00:19We are the 100's
00:21Bolivut's big face
00:23We are the longer saying
00:24Պտպժթպըը հջյիզվ քք
00:25Աըկ հծէխը իացղ նեղկ
00:26Կ՞տժթյթՅ գըղըըը, տյտկ Շշտըը
00:27और उनके पुराने साथी अमिताब बच्चन भी बेटे अभिशिक के साथ अंतिम यात्रा में शामिल हुए
00:331935 में पंजाब की मिट्टी मिजन में धर्मेंद्र का असली नाम था धरम सिंग देवल
00:40साल 1960 में फिल्म दिल भी तेरा हम भी तेरे से उन्होंने बड़े परदे पर पहला कदम रखा
00:47और इसके बाद तुमानो जैसे इंडस्ट्री को एक ऐसा हीरो मिल गया जिसे लोग देखने को तरस्ते थे
00:53उनका व्यक्तित्व, उनकी मुस्कान, उनका दमदार अंदाज
01:02इन सब ने उन्हें लाखो दिलो का हीरो बना दिया
01:06रोमान्स हो, कॉमेडी हो, ड्रामा हो या फिर एक्षन
01:09हर तरह के किरदार में उन्होंने ऐसा रंग भरा के दर्शक बरसो तक भूल नहीं पाए
01:14करीब साट साल तक वो भारती सिनेमा की धरकन बने रहे
01:18आई मिलन की बेला, आए दिन बहार के, फूल और पत्थर से लेकर शोले, सीता और गीता, चुपके-चुपके, जुगनो, प्रतिग्या, धरमवीर जैसी फिल्मों ने उन्हें एक ऐसा सितारा बना दिया
01:35जो पीडियां बदलने के बाद भी याद रहेगा
01:38और शोले का वीरू, वो तो आज भी हर किसी की जुबान पर है
01:45टंकी पर चड़कर किया गया उनका मशूर सीन, हिंदी सिनेमा की यादों में हमेशा जिन्दा रहेगा
01:55धरमिंद्र ने अपने शांदार सफर में 300 से ज़्यादा फिल्मों में काम किया
01:59साल 2012 में उनके योगदान के लिए उन्हें पद्मे विभुशन से सम्मानित किया गया
02:04बढ़ती उम्र के बावजूद, उन्होंने कैमरा छोड़ना मन्जूर नहीं किया
02:12लेकिन कुजदें पहले तबियत खराब होने पर उन्हें अस्पताल में भरती कराना पड़ा
02:16हालत सुधरी तो घर लोट आये थे, पर सोमवार को उन्होंने दुनिया को हमेशा के लिए अल्विदा कह दिया
02:26धर्मेंद्र ऐसे कलाकार थे, जिनकी मौजूदगी सिर्फ परदेर तक सीमित नहीं थी
02:31उन लोगों के यादों, मुस्कानों और दिलों का हिस्सा थे
02:35आज वे नहीं हैं, लेकिन उनकी आवाज, उनके डायलोग और उनकी फिल्में
02:41हमें हमेशा ये एसास कराती रहेंगी कि असली हिरो कभी नहीं जाते
02:45बस अपने कहानियों में अमर हो जाते हैं
02:49ब्यूरो रिपूर्ट, ETV भारत
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