00:00केनिया के मसाई मारा में आपका स्वागत है
00:06यहाँ नसुलाई कंजर्वेसी में इनसान और जंगली जानवर साथ रहते हैं
00:10और एक दूसरे का खयाल रखते हैं
00:13नसुलाई का मतलब है सह अस्तित
00:15इसे 2016 में बनाया गया था
00:21मकसद था करीब 6,000 लोग अपनी जमीन और जानवरों के साथ सुरक्षित रहें
00:27मसाई समुदाई ने शेर, जिराफ, जेब्रा जैसे जानवरों के साथ रहना सीख लिया
00:32पहले जंगली जानवरों को बचाने के लिए बाहरी लोग जमीन लेकर घेराबंदी करते थे
00:38लोग पैसा कमाने के लिए अपनी जमीन टूरिजम कमपनियों को देते थे
00:43लेकिन मसाई समुदाई अपनी जमीन और संस्क्रिती को बचाना चाहता है
00:47नसुलाई माडल का मतलब लोगों, पालतू और जंगली पच्छूँ का मिरजुल कर रहना है
00:56इसमें कोई बाहरी नहीं आना चाहिए, ये अनोखा माडल है
01:03नसुलाई में कॉलिज भी है, यहां युवा, रेंजर और टूरिस्ट गाइड बनते हैं
01:10कंजरवेशी के कमाई यहीं से होती है
01:12नसुलाई मॉडल को दुनिया ने भी सरह, 2020 में उसे UNDP का Equator Prize और हाल ही में Collective Action Award मिला
01:22ये मॉडल अच्छा है क्योंके हम कंजरवेशी, रेफ्यूजी पैदा नहीं करते
01:29हम कंजरवेशी, रेफ्यूजी को ना पसंद करते हैं क्योंके हम कहां जाएं
01:35यहां मौसम बदल रहा है, कभी चारा नहीं मिलता, कभी सूखा पड़ता है
01:47लेकिन मसाई समुदा है, पोधा रोपन और सरक्षन के नए तरीके अपना कर चुनोतियों का सामना करता है
01:53यह सच है कि जमीन से सांस्कृतिक जुडाओ खत्म होने का खत्रा है
02:02हमारे जीने का जो जरिया है, उस जमीन को खोने का गंभीर खत्रा है
02:07इस जमीन में हमारे पुरवजों की हड़ियां गड़ी है
02:13नसुलाई में कोई कमर्शल टूरिजम इन्वस्टमेंट नहीं है
02:18इसलिए ये फंडिंग के लिए काफी हद तक डोनेशन पर निर्भर है
02:22और कई चुनोतियों का सामना कर रहा है
02:24नसुलाई को देश भर के अमी टूरिजम ऑपरेटर से भी खत्रा है
02:28लेकिन मसाई समुदाय की लोग हर चुनोति का मिल कर सामना कर रहे है
02:33Bureau Report, ETV भारत
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