00:00बच्चे न हर रोज पैदल स्कूल जाते थे
00:02वेगनार हमने सेल कार दी थी न
00:05और गर्मी की वज़ा से रंग बच्चों के और भी बलैक ब्रोन हो जाते थे
00:09तो मैंने और दौा मुहम्मन ने प्लान बनाया कि चलो इनको एक और गाड़ी लेके देती हैं
00:14तो इसके लिए फिर हम स्याल कोट सुपर कारवाश पे चले गए
00:17पहले तो एक आदा गंटा हम गाड़ी पसंद करते रहे
00:21फिर आखिर कार दौा मुहम्मन को कुरोला जी एलाई पसंद आ गई
00:25फिर सुपर कारवाश की टीम में मठाई तक्सीम की गई
00:28और हम गाड़ी लेके गार आ गए