00:00।
00:30वही निपॉन एसेट मैनेजमेंट के शेर भी करीब 2.8% नीचे बंद हुए।
01:00वही निपॉन एसेट मैनेजमेंट कंपनियों को पहले से चार्ज किये जाने वाले 5 basis points यानि BPS के अतिरिक्ट खर्च को हटाने का प्लान बनाया है।
01:29वही निपॉन एसेट मैनेजमेंट कंपनियों पर असर कम करने के लिए ओपन एंडट अक्टिव स्खीम्स के लिए एक्सपेंस तो रेशो के पहले दो स्लेप में 5 BPS तक की बढूतरी का प्रस्ताव भी दिया गया है।
01:39सेबी ने ब्रोकरेज चार्जिस में भी बदलाव का सुझाब दिया है।
01:43नए प्रपोजल के तहट कैश मार्केट ट्रांसेक्शन के लिए ब्रोकरेज चार्ज 12 BPS से गटाकर 2 BPS और डेरिवेटिव ट्रांसेक्शन के लिए 5 BPS से गटाकर 1 BPS किया जाएगा।
01:54इसका मकसद है डबल चार्जिंग को रोकना और इंवेस्टर्स के लिए प्रोसेस को ट्रांस्पेरेंट बनाना।
02:00पहले का नियम क्या था।
02:021996 के सेबी म्यूचल फंड के रेगुलेशन के तहट फंड्स को डेली नेट असेट्स पर 0.20% यानि 20 BPS तक का एक्स्टरा खर्च चार्ज करने की इजासत थी।
02:152018 में इस लिमिट को गटाकर 5 BPS कर दिया गया था।
02:19अब सेबी ने पाया कि Average Exit Load Credit सिर्फ 5 BPS के आसपास था, फिर भी फंड्स 18-20 BPS तक एक्स्टरा खर्च चार्ज कर रहे थी।
02:28निवेशकों के लिए क्या मतलब है ये बदलाव।
02:30ये बदलाव सिधे तोर पर निवेशकों के पक्ष में हैं, अब उन्हें कम Exchange Ratio यानी कम Charges देने होंगे, इससे Mutual Funds में निवेश थोड़ा सस्ता और ज्यादा Transparent हो जाएगा।
02:41हालनकि Asset Management कंपनियों की Profitability पर हलका असर पढ़ सकता है।
Comments