00:00मामी, अरी चंदा, तुम कैसे आईगो, मामी, वह हार जो हम तुमें दे गए थे ना, वह हमें वापस कर दो, का है, उस हार के बिना हमारा संसार उज़र जा रहा है मामी, हम इस मुसीबत से बचा लो, तुम तो ऐसे कह रही हो, जैसे हमने जबरतची तुम से वह हार चीन लिया
00:30और ना ही कभी ये बताया के वह तुमारे घर गया था, सिर्फ क्या ही नहीं था, हमारी खुछे में आग भी लगाया है, मैं जाने क्या क्या है इंसे, उनको विश्वाय से नहीं होता कि हार तुमारे पास है, वह हार हमें दे दो मामी, नीतो, हमारी तु कुछ सबज में नही
01:00अरे भावी, तुम अचानक आमें बिला ख़वर दिये हुए, क्या बात है, अरे दीपा, वो हार कहा है, हमें का मालूँ, अरे तो कहां गया, ऐसा मत को मामी, वो हार हमें दे दो, पर ना हम घर वापस क्या सजाएंगे, अरे हार गया कहा, ठीक से देखो, लेकिं बेटी, तुम
01:30और हमें भी हो जाएगा इसलिए, जगदंबा, पर मारे ख़वराट के वो हार हम ने इनको दे दिया था, कि ये किसी से कुछ न बताएं, हमने बंजी के हाथ रुपे भी बिजवाए थे, पर वो ना जाने इनके मन में क्या शक डाला है, वो, वो समझते हैं, उन्हाने कहा है
02:00तुम्हार तुम्हार तुम्हार तुम्हार तुम्हार तुम्हार तुम्हार तुम्हार तुम्हार तुम्हार तुम्हार तुम्हार तुम्हार तुम्हार तुम्हार तुम्हार तुम्हार तुम्हार तुम्हार तुम्हार तुम्हार तुम्हार तुम्हार तुम्हार तुम
02:30पापुजी की बात सुनने को तयार नहीं हो रहे हम ने चाते तुम्हारा अपमाल हमारा
02:35अरे यह तो बेउश हो गई यह तो बेउश हो गई कोई पाइंदाओ
02:39चंदा अगर वैसी लड़की होती भया तो हम उसके शादी तुम्हार साथ करवाते यह बात तुम कैसे भूल गया वो बंसी तो है है बदमाश शुरू से चंदा की पीछे पड़ा हुआ था तो फिर चंदा उससे मिली क्यों उससे रुपए क्यों दिये रुपए तो उसने माम
03:09हमतान को किय चंदा की मा को कोड़ था तो क्या इसलिए और हुए लेकिन चंदा की माँ घ्राम को कोड़ तो था नहीं उन्हों ने य сист है तल्क को कुछ मालूम है किसे बारे में हां अurा है रहम सहाय जीने शादी टैड़ करने से पहले हमें सब कुछ बता दिया था आर उन्ह
03:39था शायद देवकी बेचारिक कम उम्र में ही विद्वा हो गई थी उसी गाउ में बंसी जैसे एक लंपट ने देवकी को अपने जाल में फास लिया और उसे लेकर भाग गया लगबग दो साल के बाद उसने चिठी भेज कर राम साहेजी को गाउ के बाहर वाले मंदिर में मिल
04:09में तुम्हारी याद आई क्यों वो कहा है मनोहर जिसके साथ तुम माबाप के इज़्जत समाज के मान मर्यादा ठुकरा कर चली गई थी अब क्या हुआ तुम्हें कैसे बताए मिया बस इस नर्फ से अभी तुम ही छुटकारा दिला सकते हो तुम वापस चली जाओ देवक
04:39मेरी बच्ची को अपने शरण में ले लो बस क्या बच्ची को भी शरण में ले लो नहीं देवकी यह कैसे हो सकता है क्यों भाईया तुमने तो हमेशा हमें अपनी बेहन की तरह समझा है ना अपनी बेहन की बच्ची को नहीं पाल सकते एक दफा इसकी तरफ देखो हम पाप
05:09मरने की बाद चोड़ो चलो मेरे साथ पहले हम तुम्हारा इलाज कराएंगे उसके राफ्टेन का लिए अपना इलाज तो मैं साथ लेके आई हो देवकी यह तुमने क्या किया देवकी मजब चंदो चंदो को समा लोगे बहिए वही बच्ची चंदा राम सहय जी ने ये बात क
05:39इसे अंजान शक के वज़ाए से शायद वह भी इस बच्ची को प्यार नहीं दे सकी कैसी कछो राव्रत है वह जो एक अनाथ और भोली लड़की को सताने से नहीं चुकी थोड़े सा प्यार नहीं दे सकी दया नहीं आई उसे निर्भला चलो हार वापस मिले ना मिले हम चं�
06:09तुम्हारे लिए ही बैठी थी हमारे लिए का है तुम नरेंदर जी जासे कह कर आये हो तुम्हें कैसे मालूम
06:19चंदा आई है उसका वो हार वापस देदो बंसी नहीं तो वह ससुराल नहीं जा सकेगी अच्छा तो हमारे आ जाए उसमें का है
06:30उसकी जिंदगी बरबाद करके तुम्हें का मिलेगा हार वापस देदो बंसी ठीक है देदेंगे खार के बदले में हमें का मिलेगा
06:43कोई चीज का कुछ तो इनाम मिलना चाहिए तुम्हे काम करो दीपा तुम चंदा को यहां बेच दो हम खुद है उससे बात कर लेंगे चंदा को नहीं मालूम बंसी के हार तुम्हारे पास है
06:54तो बता दो जाकर नहीं हार तुमने हमसे लिया था हमें ही वापस दो तो हमारा इनाम कौन देगा काई नाम चाहिए हम दे देंगे तुम
07:08ठीक है इस पर भी समझोता किया जा सकता है
07:14कर दो
07:15कर दो
07:17कर दो
07:24मगर देखे तो सही नाम देने ले का है तुम्हारे पास
07:29यह तो जीता की आवाज है
07:35कर दो
07:38कर दो
07:41कर दो
07:44कर दो
07:55कर दो
07:56कर दो
07:57कर दो
08:00कानून हाथ में मत लेगा इसके किये की सजा हम दिलवाएंगे तो में इसे छोड़ दो भाईया इसको तो मैं जा इसे पुलिस चौकी ले जाके बंद करवा दो और दरोगा जीसे कहना कि हम अभी आते चंदा का वार इसके पास है वो ले लेना
08:18अभे हार निकाल अभे हार निकाल ते था था यहां दो झाल था चंदा दीडी जीजे जी अर तुमारी सशुर आरे
08:27पार आप जाए जी अरे समझे जी बेटा नरेंद्र हम तो आप ही कहें आ रहे थे वो बापू
08:39बेटा दुखा, क्या हुआ?
08:42जी आप इसे घर ले चलिए, हम सब बताते हैं, चलिए
08:49जगदंबा
08:50अम्मा
08:51अरे दीपा
08:53दीपा
08:55ये तेरा क्या हाल हुआ है बेटी?
08:57अरे हाल तो उसका और भी बुरा हुआ होता
08:59अगर इन लोगों ने वक्त पहुंच करें से बंसी से इना बचा लिया होता
09:02बंसी?
09:03तु क्या करने गई थी वहां पर?
09:05चंदा का हार लेने गई थी, उसे कभी छील लिया था इससे
09:08क्या?
09:09यह सब तुम्हारी करने का नतीज़ा है
09:11पराई करने गई थी न, अब देख लो अपनी का क्या हो गया
09:14आखे पराई काम आये न, अगर यह लोग न पहुंचे होते तो तुम किसी को मुझ खाने काबिल न रहती
09:19राम सहय जी अब रहनी भी दीजी
09:21निर्मला बेटी देखो जरा, बहु को तो बुला
09:24उससे कहो, मैरे न उससे लेने आया है, जी
09:28भावी, भावी, ओ भावी
09:35वो तो यह नहीं है, तो कहा गए अभी तो थी, हमने उनने बताया भी था कि धीजी आ रहे
09:40अरे, हम उसे अभी ढूंग कर लाते हैं, यह लीजे
09:54अरे, हम उसे अभी तो यह लावी
10:04और गला
10:07झाल
10:08झाल
10:09झाल
10:11झाल
10:13झाल
10:15झाल
10:16झाल
10:17झाल
10:18झाल
10:20झाल
10:21झाल
10:46झाल
10:47कि झाल
10:48झाल
10:49झाल
10:50सासो चल रही है पानी तो नहीं गया अंदर नहीं ज्यादा नहीं गया होगा मैंने गरती देख लिया था शायद गिरने के साथ ही बहुश होगी
11:02चंदा अंदा चंदा चंदा अंदा चंदा
11:20मामी मामी इनको बता दो कि वहार हमने तुमी को दिया था हमें कोड हो जाए हमें मजूर है लेकिन यह हम पर शक करें
11:48चंदा हमें सारी बत मामु है तुम यह बहम अपने दिल से निकाल दो कि तुमें कोड हो जाएगा लेकिन हमारी मा को द vendo नहीं ना यह बिमारी तुम्हारी मा को थी और
11:58औरने तुम्हें लगीगे
12:00लेकिन ममी ने जो कहा था
12:01अरे अब तो बोल जो कहा था जूट कहा था
12:03नौबत यहां तक पहुंचे और तुम पर कोई असन नहीं हुआ
12:06पिट्या यह सच कह रहे हैं
12:09हम तुम्हारी मा के बारे में कुछ नहीं जानते
12:12वो नास पिटे बंशी ने हमारे मन में कुप उद्धी पैता कर दी थी
12:15अरे कोई तुमसे कहे कुवे में कुछ पड़ो तो तुम कुवे में कुछ जाओगी
12:18अब इस दरफ से यही सोचोगी क्या सही है क्या गलत
12:22पिट्या हम तुम्हारी गुनागार हैं
12:25हमने तुम पर बहुत जुलम किया हमें माव कर दो हमने अपने की एक नतीजा देख लिया
12:32अब हमें और सरापना थे ना ऐसा मत को मामी हम तो मिशासे तुम्हारा अइसान मानते आए हैं
12:38कि तुमने हमारे जैसी आनास लड़की को पाल पुसकर बढ़ा किया
12:41चलो बेटा चलो बहुक कर लेकर चलो गिले कपड़ों से तभी इतना भी गड़िया है चलो जी चलो
12:50कि आओ जंदा
12:51जंदाब हमें अपसे उसे कि हमने अन जाने भी तुम पशक किया गलती हमारी थी ना हम कुछ छुपाते और नहीं आज
13:05छुपाना थे तुम्हें वाकई नहीं चाहिए था पती पत्ती के प्यार का नाता तो मन के मेल का नाता होता है
13:12आप हमें माफ कर दीजे ए पगली प्यार में माफी नहीं मागा करते एक दूसरी पर विश्वास रखते हैं शुक्रा कि भगवान ने हमें माफ कर दिया हमें तुम्हारी सिंदगी वापस देते
13:24हुआ हुआ हुआ है
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