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  • 11 months ago
पूकणम, ओणकोड़ी और ओणसद्या - ये हैं ओणम की भावनाओं को गहराई तक पहुंचाने वाली तीन खासियत. दस दिन चलने वाला ओणम केरल के सबसे महत्वपूर्ण त्योहारों में एक है. इसे सभी धर्मों और वर्गों के लोग धूमधाम से मनाते हैं. ओणम फसलों का त्योहार है. इसके साथ एक कहावत भी जुड़ी है. लोककथाओं के मुताबिक ओणम पौराणिक राक्षस राजा महाबली की वापसी का त्योहार है. उनके शासनकाल में सभी सुखी थे और बराबर थे. कहते हैं कि उनकी लोकप्रियता से जलकर देवताओं ने उन्हें पाताल लोक भेजने के लिए भगवान विष्णु की मदद ली. पाताल लोक जाने से पहले महाबली ने विष्णु से वरदान लिया कि वे हर साल तिरुवोणम के दिन अपनी प्रजा से मिलेंगे. ओणम के दौरान, केरल की पारंपरिक और अनूठी कलाओं, समकालिक कलाओं, संगीत-नृत्य के अलावा मार्शल आर्ट का भी प्रदर्शन होता है. पारंपरिक नृत्य शैलियों में तिरुवादिरकली, पुलिकली और कुम्माटिकली शामिल हैं। इनके साथ पारंपरिक ताल वाद्यों का समूह, चेंडा मेलम लय देते हैं. पारंपरिक रूप से लोग सामूहिक तौर पर सभी गतिविधियों में शामिल होते हैं. पूरे दस दिन घरों और दफ्तरों में 'पुक्कलम' या फूलों की सजावट की जाती है. लोग 'ओणसद्या' की भी तैयारी करते हैं। ये एक भव्य शाकाहारी भोज होता है, जिसमें सांभर, अवियल, ओलन, तोरन, इंजिपुड़ी और पायसम मिठाई समेत 20 से ज्यादा पकवान होते हैं. पेड़ों पर रस्सी के झूले लटकाए जाते हैं। लोग नए कपड़े पहनते हैं. परिवार के सदस्यों और दोस्तों को उपहार में 'कसवु' दिया जाता है.

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00:00पूकणम, ओनकोडी और ओनसद्या ये हैं ओनम की भावनाओं को कहराई तक पहुचाने वाली तीन खासियत
00:09तस दिन चलने वाला ओनम केरल के सबसे महतपून त्योहारों में एक है
00:14इसे सभी धर्मों और वर्गों के लोग धूम धाम से मनाते हैं
00:19ओनम फसनों का त्योहार है इसके साथ एक कहवत भी जूरी है
00:23लोग कताओं के मताबिक ओनम पौराणिक राक्षस राजा महाबली की वापसी का त्योहार है
00:29उनके शासनकाल में सभी सुखी थे और बराबर थे
00:33कहते हैं कि उनकी लोग प्रियता से जल कर देवताओं ने उन्हें पाताल लोग भेजने के लिए भगवान विश्णू की मदद ली
00:41पाताल लोग जाने से पहले महाबली ने विश्णू से वर्दान दिया
00:45कि वे हर साथ तिरु ओनम के दिन अपनी प्रजा से मिलेंगे
00:49ओनम के दोरान केरल की पारमपरिक और अनूधी कलाओं, समकालिक कलाओं, संगीत मृत्य के अलावा
00:56मार्शल आर्ट का भी प्रदशन होता है
00:59पारमपरिक मृत्य शैलियों में दिरुवादर कली, पुली कली और कुमाटी कली शामिल है
01:07इनके साथ पारंपरिक दाल वादियों का समूम चेंडा मेलम ले देते हैं
01:12पारंपरिक यूट से लोग सामोहिक तौर पर सर्भी गतिविजियों में शामिल होते हैं
01:18पूरे 10 दिन घरों और दफ्तरों में पुक कलम या पूलों की सजावट की जाती है
01:23This is one of the people who are ready to be ready to be ready to be ready.
01:53इस परंपरा में एक हजार एक रुपिय से भरा थैला होता है जिसे सरकार कोचीन राजघराने के वनशजों को सौपती है।
02:23इसका संदेश सदियों कुराना है जिनके पास है उन्हें उन लोगों को देना चाहिए जिनके पास नहीं है।
02:53राज़े के आधिकारिक उसवों में राज़ानी तिर्वनंत पुरम के 33 जगों पर समारोह आयोजित किये जाएंगे।
02:59वहां हजारों कलाकार सांस्रितिक कारिक्रमों में हिस्सा लेंगे।
03:05तियोहार का एक और आकरशन 5, 6 और 7 सितंबर को चंदरशेकरन नायर और विश्व विद्याले स्टेडियमों के ऊपर ड्रोन लाइट शो होगा।
03:15इसमें एक हजार ड्रोन के जर्ये केरल की कहानिया दिखाई जाएंगी।
03:20ओणम सिर्फ धार्मिक नहीं बलकि केरल की खेती का सांस्कृतिक उत्सव है।
03:25ये सम्रिध एकता और समानता के मूल्यों पर जोर देता है।
03:29इस दौरान लोग जातिया पंत से ऊपर उठकर खुशी परंपरा और साजा करने की भावना का जश्न बनाते हैं।
03:38इस जए तर दूरा लोग जएपरा लोगं दोरा लोग है।
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