00:00पुरुष आर्थ, क्राप्ती, क्राप्ती, अर्थे महो, मन, इप्सीत, मनुं का मना, सिद्धी, क्राप्ती, अर्थे हुघ मातमें के समांटाश्वना इंतर मंणी अंदर पूलिदराउद।
00:20घंद दिए गड़ने जो तो बूलना ये थम कोड़ना हुए अस्टय उत्रों टरहिए था कुंत लगती ऐसे राक्ति आरथे मंगलवुर्थी जेव ताइए
00:40Ăज हो लिए तैमस्तोरे गवेधिय लात्मिया थेते थेतेते हमागो हम्हो हम्हो हम्हो दर्मुद।
00:48तुखेएम सतता कमोधक प्रियं नेविगनन पुरमे देवा सरवकार ये शुश्रुदा तुफ़धा गोगवान को पुझंदर आए
00:55उम प्राना यसवाहा अपाना यसवाहा व्याना यस वाहा उदाना यसवाहा संप्छमाना यस वाहा
01:03एक दब ये जलका कमद छोड़ देना है
01:05मज्या आचमनी हम समद प्रयामी है
01:09अरी बगवाल ने बाउती जमाड़ो
01:12अरी बगवाल ने बाउती जमारो
01:33अरी बगवाल ने बाउती जमारो
02:03अरी बगवाल ने बाउती जमारो
02:33अरी बगवाल ने बाउती जमारो
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