00:00सुरेश खंडलमल जी आप यहां कितने बज़े आये थे लगबग आठ बज़े क्या सपास तो क्या हुआ आपने क्या देखा थोड़ा एक बर बता दीजिए बद हम आये हैं बस इसनी देर में बद मैडम आई हैं अंदर से निकली हैं और वो सबसे मिलने के लिए चंसनवाई क
00:30कुछ नजर नहीं आया वाकिया आठ पांच आठ दसके आसपास का है फिर उसके बाद क्या हुआ है उसके बाद पुलुस बाहर ले गए जब सबसारी घटना करें उसने कुछ बोला कुछ सुना आपने उसके मुह से कुछ शोर में नहीं पता चला है सब बहुत बीड़ थी �
01:00कि वह तो हमने उत्म लेकर साय था कंपलेंडर लेकर सीवर की मेरा नाम सलंदर कुमार है तो यह गेड़ पर आया तो भगदर मच गया कि लेड़ी मुखमंद्री जी के थपन मार दिये यह तो गलत हुआ ना हम लोग आए तो सीवर के सुनवाई करने के लिए
01:15ये डियां वो जंदाधरवार में गयी थी जंदाधरवार में सुनवाई के लिए इंदर उसी में थपल दीया को acuteo जंदाधरवार में जयागis घलत चीज़ ना में मुखमंद्री को
01:29जंदाधरर नाम मंजली नमे स्यू hoping
01:32देखिए पहली बात तो यह बहुत गलत हुआ है जन्ता सुनवाई के सपक का हक है इसमें कोई बहरूपिया अगर आज उनको थपड मार सकता है तो यह बहुत बड़ी बात है
01:46मैं बिल्कुल साथ में नहीं थी तो मेरे को सुनाई नहीं दिया लेकिन हम वहीं थे कि क्या अपनी कोई बात पता रहे थे एकदम बात पता थे वकट वह भी बात ही हो रही थी उन्होंने एकदम दपड मारत है जो की गलत है नहीं और उसको एकदम ही ले गए लोग पुलिस व
02:16सुरेश खंडलवाल जी आप यहां कितने बजे आये थे लगबग आठ बजे क्या असपास तो क्या हुआ आपने क्या देखा थोड़ा एक बर बता दीजिए बद हम आये हैं बस इसनी देर में बस मैडम आई हैं अंदर से निकली हैं और वो सबसे मिलने के लिए चंसुनवा
02:46अजर नहीं आया वाक्या आठ पांच आठ दस क्या असपास का है पिर उसके बाद क्या हुआ पुलुच बाहर ले गई जब सबसारी करना करना करना
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