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00:04वो अपनी बड़ी बड़ी लाल आखो से उन लोगों को घोर्णे लगी
00:08यह क्या बला है भागो यहां से
00:12जैसे ही मनदेब ने उन लोगों को भागने को कहा
00:16वो नं धुआं बंकर वायो हो गई
00:19अब यह कहा गई
00:20अब ये कहा गई रोशन और मंदेप उसे इधर उधर डोणने लगे तभी अजानक उन्होंने देखा कि जतिन जमिन पर रेंग रहा था उसकी आखे नन की तरह ही लाल थी चहरा पूरा सफेद और हाथ पैरों की चमणी जलीवी