00:00King Kong की दोस्ती शहर के साथ
00:02एक बार की बात है, गहरी जंगल के बीच में King Kong रहता था, एक बड़ा गोरिल्ला जो अपनी शक्ती और जोरदार दहत के लिए मशहूर था, जो पहाडों में गूंजती थी.
00:15सालों टक, Kong अपने आइलेंड पार शान्ती से रहता था, जानवरों और पेडों की रक्षा करता था जो उससे प्यारे थे.
00:25लेकिन एक दिन, कुछ explorers, बेड़ मशीन्स और तेज शोर के साथ आए, कॉंग को पकड़ कर उसके घर से दूर एक शहर ले गए, जहां उंचे बिल्डिंग्स, चमकते लाइट्स और भागने दोडने वाली सडके थी.
00:40शुरू में कॉंग दारा हुआ और परेशान था.
00:45शहर उसके शांत आइलेंड जैसा नहीं था.
00:49शोर ज्यादा था, लोग तेजी से चलते थे, और उंचे बिल्डिंग्स उससे छोटा मेहसूस करवटे थे, बड़ा नहीं.
00:58उससे शहर के जू में एक बेड एंक्लोजर में रखा गया, जहां कई लौग अस बेड जानवर को बड़े-बड़े आखों से देखते थे.
01:07लेकिन कुछ अच्छा होने लगा.
01:10तीन बच्चे, मिया, अर्जुन और छोटी जारा, जू आए और कॉंग की उदास आखें देखी.
01:18उन्होंने मेहसूस किया कि कॉंग भले ही दिखने में भयंकर हो, लेकिन उसका दिल बहुत नरम था.
01:25बच्चों ने डिसाइड किया कि वो कॉंग से दोस्ती करेंगे, यूज प्यार और सहारा देंगे ताकि वो अकेला ना मेहसूस करें.
01:33रोजाना, मिया, अरजुन और जारा अपनी पसंदीदा किताबे, रंग बिरंगी तस्वीरे और बनानाज और आपल्स जैसे ट्रीट्स लेकर आते.
01:45वो धीरे से कॉंग से बाते करते, अपनी जिन्दिगी, अपने खेल और अपने सपने बटाते.
01:53शुरू में कॉंग चुपचाप देखता रहा, लेकिन धीरे-धीरे समझने लगा कि ये बच्चे उससे नहीं डरते, बलकि उसके दोस्त बनना चाहते हैं.
02:03एक दिन दोपहर को, मिया ने एक छोटा आइना कॉंग के एंक्लोशर के पास पकदाया.
02:10जब कॉंग ने अपनी परचाई देखी, तो वो हैरा रह गया.
02:15उसने अपने आपको एक बड़े, मजबूत गोरिल्ला के रूप में देखा, लेकिन साथ ही एक ऐसे जीव को भी देखा जो मुस्कुरा सकता था और दोस्ती में हिसूस कर सकता था.
02:27उसने अपना बड़ा हाथ आइने की तरफ बढ़ाया, अपने आपको पहली बार जैसे पहचाना हो.
02:34कुछ हाफटन में कॉंग का व्यावहार बदलने लगा.
02:39वो परेशानी से भागना छोड़ दिया और बच्चों के आने पर खेल कूद के इशारे करने लगा.
02:45वो धीरे से ग्लास को टप करता, अपना बड़ा हाथ हिलता और बच्चों की हसी को अपनी गहरी, गर्जती आवाज में नकल करता.
02:55जू के रक्षक भी हैरा थे की कौउंग का कितना नरम पहलू है, और बच्चों को गर्व में स्यूज हुआ की उन्होंने इतना खास दोस्त बना लिया.
03:06लेकिन जितना प्यार कौउंग को मिला, फिर भी उससे अपना आइलन याद आता था, उचे पेड, ताजी हवा और आजादी जहां वो चाहें जा सके.
03:17मिया, अरजुन और जारा इस बात को अच्छी तरह समझते थे.
03:23उन्होंने डिसाइड किया कि वो अपने बड़े दोस्त की मदद करेंगे, जहां उसका असली घर है वापस जाने में.
03:30बच्चों ने मिलकर शहर के मेर और जू डिरेक्टर को पत्र लिखे, बताया कि कौंग की खुशी सबसे जरूरी है और उसे अपनी प्राकृतिक जगा पार हाई सबसे अच्छा रखा जा सकता है.
03:43उन्होंने रंगीन पोस्टर्स बनाए और कौंग के आईलेंड की तस्वीरे सोशल मीडिया पार शेय की, ताकि शहर वालों में जागरुकता बढ़े.
03:53शहर वालों ने सुना,
03:55बहुत चर्चा के बाद मैंने एक सुरक्षित और नरम योजना बनाई ताकि कौंग को वापस उसके आईलेंड ले जाया जा सके.
04:05साइन्टिस्ट, जानवर के एक्सपर्ट्स और बच्चे खुद मिलकर आईलेंड को कौंग के लिए तयार करने लगे.
04:13आखिरकार, वो दिन आ गया जाप कौंग शहर छोड़ने के लिए तयार था.
04:18बच्चे जू के बाहर इकठा हुए, आंसू और मुस्कान के साथ अलविदा कहा.
04:25कौंग ने उन्हें अपनी आखों में शुक्रिया भरा नजर दिया और एक गहरी, प्यारी दहत दी, जो शुक्रिये का घीत लग रही थी.
04:34जाप कौंग को उसके आईलेंड पा उदाया जा रहा था, बच्चे हैरा होकर देख रहे थे.
04:40उन्हें पता था कि उनकी दोस्ती ने फरक बनाया, सिर्फ कौंग के लिए नहीं, बलकि उन सब के लिए जो दोस्ती, विश्वास और सब जीवों के लिए सम्मान सीख रहे थे.
04:53वापस आईलेंड पा, कौंग ने अपने बाल पर धूप और पेडों में हलकी हवा मेहसूस की.
05:00वो जंगल में भागता हुआ खुश था, आजाद था.
05:04लेकिन अपने शहर के दोस्त कभी नहीं भुला.
05:07कभी कभी जब हवा पैटन में से गुजरती, तो लगता जैसे दोस्ती की हलका सा गरज दूर दूर तक सफर कर रही हो.
05:17क्या आपको खिंग कॉंग की ये दिल छू लेने वाली दोस्ती और दयालुता की कहानी पसंद आई?
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