00:00एक उजली और सुनहरी सुबह में, आरिफ और सारा एक रोमाचक यात्रा पर निकल पड़े, उनका लक्षे था पहाडी पर बने प्राचीन किले की सेर करना।
00:10रोमाच से भरे दिलों के साथ, वे जंगल के रास्ते पर बरते चले गए, यह जाने बिना की आगे कौन सी चुनोती उनका इंतजार कर रही है।
00:40उसकी गूंजती आवाज से पूरा जंगल काम पूठा, सारा डर के मारे काम पने लगी, लेकिन आरिफ अपनी जगह पर मजबूती से खड़ा रहा और अपनी बेहन की धाल बन गया, सारा बुरी तरह डर गई, उसने अपने भाई का हाथ कसकर पकड़ लिया और फुस फुस
01:10अपने भाई का साहस देखकर सारा ने भी पत्थर उठाए और दैते की तरफें के, जिससे वह भटक गया,
01:40आरिफ ने इस मौके का फाइदा उठा कर दैते की टांग पर जोर से वार किया, जिससे वह लड़ खड़ा गया, एक आखिरी कड़ी चोड के साथ, आरिफ ने दैते की पिंडली पर वार किया, जिससे वह जमीन पर धड़ाम से गिर पड़ा, पराजित हो गया, जंगल एक ब
02:10Sara ko Aishas hua ki unki Bahaaduri ne Vijay paai hai.
02:14Raastah saaf ho gya,
02:15aur Arif aur Sara ne apni Yatra phir se shuru ki.
02:19Suraaj ki kirnye peidu ke biect se jhank rahi thi.
02:22Maanoh unki Bahaaduri ki sarahna kar rahi hou.
02:25Lambi Yatra aur Bahaaduri bhari ladaai ke baad,
02:29vhe akhirkar bhavye kilayi teak pehunj gaya.
02:31Uski unchi meenare akash ko chhu rahi thi.
02:34Or doonoh bhai bhhan uski gupt kahaniyo ko jane ke liye utsuk thay.
02:38Kilay ki meenare par khađe ho kar,
02:41Arif aur Sara ne anand kshitij ki ordee kha.
02:44Unhyei pata tha ki vhe hameisha is sahasik yatra ko yad rakhengue.
02:49Eek kahaniy juh sahas,
02:50prem aur vijay ki misal thi.
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