00:00ये कहानी कालपनी खेतता महिला सलशक्तिकरण और समानता पर आधारित है।
00:30इस कहानी के सभी पात्र कहानी की पंक्तियां समवात, कथांग, घटनाएं और द्रिश्य पूरी तरह से कालपनिक है।
01:00ये कहानी की पंक्तिकरण और आधारित है।
01:02ये कहानी की पंक्तिकरण और आधारित है।
01:05ये कहानी की पंक्तिकरण और आधारित है।
01:15ये कहानी की पंक्तिकरण और आधारित है।
01:27ये कहानी पंक्तिकरण पंक्तिकरण पंक्तिकरणन और आधारित
01:34युँआ है।
01:42यू अरी आधाद।
01:46अरे
01:50राहिल आपा देख लें कि क्या करें
01:58राहिल आपा
02:16राहिल आपा
02:46राहिल आपा
02:56राहिल आपा
03:02राहिल आपा
03:12राहिल आपा
03:22राहिल आपा
03:24राहिल आपा
03:26राहिल आपा
03:36राहिल आपा
03:38राहिल आपा
03:56राहिल आपा
04:06राहिल आपा
04:16राहिल का फोन आया था
04:19आपका फैसला जानना चाहता है
04:23एक बात याद रखना बेटा
04:32जिन से आप प्यार करते हैं
04:37उन्हें पाने के लिए जिन्दगी में
04:41कड़ा इंतिहां देना पड़ता है
04:43कुछ फैसले हमें दर्ज जरूर देते हैं
04:50लेकिन फिर जिन्दगी भर की खुश्यां भी वापिस कर देते हैं
04:55और पलग छपकते ही आपका वो बुरा वक्त बदल जाता है
05:08देखो जो हो गया
05:11उसको बदला तो नहीं जा सकता
05:18लेकिन आपका मुनासिफ फैसला आपकी जिन्दगी में खुशियां वापिस ला सकता है
05:27हम tavतों के छुशियां चंगा है
05:30कर दो कि अवगा है
06:00कर दो कर दो
06:30अबू
06:48राहिल को इकतला कर दीजे
06:57कि मुझे जैद के साथ ने का हलाला मन्सूर है
07:03कि मुझे जैद के साथ ने कर दो
07:12अबू
07:15कर दो कि पहले तला के बिद्दत फिर निकाह लादा अफ्दा ये साथ सिर्फ राहिल और उसके प्यार के लिए कर रही थी
07:40ये कोई नहीं बात नहीं बता रही हैं अब्जेक्शन सस्टेंड मिजामना इजन्ट लाइन्ट के जिनके भी इस तलाक हो गई हो वो अगर दुबारा निकाह करना चाहते हैं तो उस औरत के निकाहला के बाद ही वो वापसा सकते हैं कुरान पाक के सुभा अल-बक्रा में भी �
08:10सरा अल-बक्रा की आयत 2-230 में इसी बात का जिकर है लेकिन कुछ लोग उसे तोड़ मरड कर औरत की इज़त के साथ खिलवाड कर रहे हैं
08:20इमाम सहाब कुरान पाक में कुछ ऐसा लिखा गया है कि एक औरत को दूसरे आदमी से निकाह करना होगा अगर उसे उसके शोहर ने तलाग दे दिया है तो
08:32या फिर वो दोनों अपनी जिन्दगी एक साथ गुजाना चाहते हैं लेकिन ये कहीं नहीं लिखा गया है कि निकाह से पहले हलाला के नाम पर तलाग की देड़ डिसाइड करती जाए
08:43अगर उन दोनों का एक दूसरे के साथ निकाह अच्छे से चल रहा है तो जब तक दोनों mutual understanding से तलाग नहीं ले लेते या फिर उस दूसरे हजबन का इंतिकाल नहीं हो जाता है तब तक उस बंधन के इज़द सबको करनी चाहिए
08:57पर यूर्णर आजकर लोग निकाह से पहले ही हलाला के नाम पर तलाग की डेड़ डिसाइड कर लेते हैं
09:06कानून के नाम पर अपनी इच्छा से एक औरत का शोशड फ्री विल हो जाता है
09:18यही शरिया कानून है
09:20और कुछ लोग अगर अपनी खुद्गरजी के लिए इस कानून को तोड़ते मरोडते हैं तो उन चंद लोगों के लिए कानून तो नहीं बदला जा सकता यह अरहना
09:32अबजेक्शन यह अणर अबजेक्शन ओवरूल
09:37तो चुकरिया हुआँ आ�ए शचर्ण निकाहलाला के लिए औरोधों पर कभी जबरतस्ति नहीं की जाती
09:44इसे दो सालोंовें फ़्यों emocis के finns जिनमे औरोधों पर कोई जबरतस्ती नहीं की जाती
09:58ko忌ई इंफ्लूएंस नहीं कई कोई कोर्जन नहीं
10:02कि अविडेंसे से ये साफ साबिद होता है कि औरते निकाहला के लिए अपनी मर्जी से तयार होती हैं
10:21Miss Amna, do you have anything to say about this?
10:28Yes, Your Honor.
10:28निकाहला के ये कुछ और भी केसिस हैं जिनने शायद इमाम साहब ने इंपॉर्टन नहीं समझा.
10:38मैं चाहती हूँ एक बार आप इन्हें भी देख लीजे.
10:39ये और ये वो औरते हैं जिनका कानून के नाम पर हलाला कराये गया उनके ससुर के साथ, पड़ोसियों के साथ, देवर के साथ, यहां तक की मौलवियों के साथ भी.
10:57शरिया इसलाम को मानने वाले लोगों को जस्तिस देने के लिए है, लेकिन अगर इसी का साथ लेकर एक औरत की इज़त के साथ खिलवार किया जा रहा है, वो सुरक्षित नहीं है, तो इससे बदला भी तो जा सकता है.
11:14मुस्लिम लोगे हिसाब से तो हलाला को आज भी क्या जगों पर हराम माना जाता है, इन फैक्ट यह बहुत बड़ा डिबेटेबल ताबिक है, कि शरिया के हिसाब से हलाला होना चाहिए या नहीं?
11:27अबजेक्शन, यूर हॉनर. अबजेक्शन, ओबरूल.
11:30थैंक्यू, यूर हॉनर. इमाम साम ने बिल्कुल सही कहा, कि ज़्यादर तर मुस्लिम औरते अपनी इच्छा से हलाला को स्विकार करती है, लेकिन इसके पीछे सिर्फ एक ही वज़ा होती है, अपने शोहर के लिए मोहबबत और उसके पास वापिस जाने की तमन्ना.
11:50इसी मोहबबत के चलते, ये अपने शोहर की गलती सुधारने के लिए ब्लाइंट फोल्डिड होकर ये फैसा कर लेती हैं।
12:02अफजा ने भी यही किया, बिना जाने, सब पे भरोसा करके.
12:20किया सकता है, बिल्बक्त कर दोड़ता हैं।
12:40झाल
13:10झाल
13:40झाल
14:10झाल
14:20अदाम
14:22झाल
14:32झाल
14:34झाल
14:44झाल
14:46सुब्हान
15:08आपकी खूबसूरती को देख चांद भी रश खाता होगा
15:16बड़ी फुरसत से बनाएं खुदाने आपको
15:20टेबल पर आपका बादाम दूद रखा है
15:24आपकी आवास की खनक से तो वीरानिया भी आबाद होती होंगी ना
15:30शुक्रिया पी लेते हैं
15:34वाहित हमारी बहुत अच्छे सहली थी
15:49कैसे बूल सकते हैं
15:58सबसे पहले उनी के साथ तो आपको देखा था
16:02पीले सलवार कमीज में गजब ढारी थी आप
16:09और वो छुमके
16:14आपको देखते ही फिदा हो गयते हम
16:23हमने आपको हमेशा वाहिता की शोहर के नाते अपनी भाई की नजर से देखा है
16:31चलिए कोई बात नहीं
16:38लेकिन अब तो हम कानून आपके शोहर हैं और आप हमारी बेगम
16:43वहिदा का नाम तो हमारी सिंदगी से मिच चुका है
16:53हम सिर्फ और सिर्फ दो महीने के लिए आपके साथ हैं
16:55हम सिर्फ और सिर्फ दो महीने के लिए आपके साथ हैं
17:05हम सिर्फ और सिर्फ दो महीने के लिए आपके साथ हैं
17:21हलाला की मुद्द खतम होती हम राहिल के पास चले जाएंगे
17:37इससे जादा आप हमसे कोई उम्मीद मत रखिएगा
17:42आप हमारे जिसमों को तो छूँ सकते हैं पर
17:46हमारी रूपर सिर्फ और सिर्फ राहिल कहा के उसे आप नहीं छूपाएंगे
17:52हम राहिल से महबबत करते हैं
18:06राहिल के प्याद आती आपको समझाये था ना आपको
18:10सिर्फ रृप्र को पुला है पूर्स
18:16आपको पूला ही जोगा
18:19हूँ
18:24हूँ
18:30अच्छ
18:33झाल झाल
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